संतों ने किया भारतीय नव वर्ष समारोह समिति कार्यालय का उद्घाटन, सुंदरकांड की चौपाइयों से गूंजा पांडाल

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। विक्रम संवत 2083 के चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, दिनांक 19 मार्च 2026 को बीकानेर महानगर में आयोजित होने वाली भव्य हिंदू नव वर्ष धर्मयात्रा की तैयारियों के क्रम में 7 मार्च 2026, शनिवार को गोकुल सर्किल स्थित जसोदा भवन में भारतीय नव वर्ष समारोह समिति के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। संवित् श्री विमर्शानंद गिरि जी महाराज, संत श्री श्यामसुन्दरदास जी महाराज एवं जुगलकिशोर ओझा पुजारी बाबा के सान्निध्य में भगवान श्रीराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यालय का शुभारम्भ किया गया। पंडित संजय व्यास एवं सोनू कलवानी के आचार्यत्व में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक टेकचंद बरडिय़ा, समिति के अध्यक्ष गणेश बोथरा तथा सचिव भंवर पुरोहित द्वारा उपस्थित संतों का पुष्पमालाओं के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में संतों ने अपने उद्बोधन में भारतीय नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा आगामी धर्मयात्रा से संबंधित पेम्पलेट्स एवं स्टीकर्स का भी लोकार्पण किया गया। उद्घाटन सत्र के बाद नरेश पुरोहित के नेतृत्व में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें शहर की पाठी मंडल ने भी सहभागिता निभाई। समिति अध्यक्ष गणेश बोथरा ने बताया कि 19 मार्च 2026 को विक्रम संवत 2083 के प्रथम दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर बीकानेर महानगर में भव्य हिंदू नव वर्ष धर्मयात्रा निकाली जाएगी, जो एम.एम. ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जूनागढ़ पहुंचेगी। अध्यक्ष बोथरा ने बताया कि महानगर में सर्व हिन्दू समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा मातृशक्ति के सहयोग से इस वर्ष भारतीय नव वर्ष को ‘समाजोत्सवÓ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोडऩा, भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना को सशक्त करना है। इसी उद्देश्य से भारतीय नव वर्ष समारोह समिति, बीकानेर महानगर का गठन किया गया है। समिति में समाज के विभिन्न वर्गों, संगठनों और क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है ताकि कार्यक्रमों का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सके।