बीकानेर में श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में धूमधाम से मनाई गई **फूलों की होली** – कृष्ण-राधा ने खेली गुलाबी होली, मयूर नृत्य ने मोह लिया सबका मन!

 

बीकानेर, 27 फरवरी 2026 – होली के रंगों से सराबोर बीकानेर शहर में आज एक अनोखा और दिव्य आयोजन हुआ। **श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति** (शीतला गेट के अंदर) के तत्वावधान में **ठाकुर जी संग महारास** एवं **फूलों की होली** का भव्य कार्यक्रम श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम बीकानेर की पारंपरिक होली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना, जहां फूलों की वर्षा और भक्ति के रंगों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

समिति के सचिव **सीताराम कच्छावा** ने बताया कि **बीकानेर विकास प्राधिकरण**, **राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर** तथा **बाफना स्कूल** के सहयोग से आयोजित इस उत्सव में **श्री गिरिराज लोक कला संस्थान गोवर्धन (मथुरा)** के **दीपक शर्मा एंड पार्टी** ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसमें ठाकुर जी संग महारास, फूलों की होली, बरसाने की लठ्ठमार होली, मयूर नृत्य, डांडिया रास, दान लीला जैसे रंगारंग कार्यक्रम शामिल थे।

 

बीकानेर के **सखीज ग्रुप** की कलाकारों – दीपिका प्रजापत, जया, निकिता, अक्षरा तथा दिशा ने भजनों से माहौल को भक्ति से भर दिया। उन्होंने “ऐसो चटक मटक को ठाकुर तीनों लोकों में ना”, “पीछे से आयो नंदलाल मोहे रंग डाल गयो”, “शहर बीकाणो लागे सुहानो” जैसे लोकप्रिय भजन गाकर सबका मन मोह लिया।

 

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी रही, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष **सत्य प्रकाश आचार्य**, भाजपा शहर महासचिव **मोहन जी सुराणा**, सीओ सिटी **अनुज डाल**, बाफना स्कूल के वाइस प्रिंसिपल **जीतेंद्र शर्मा**, पर्यटन अधिकारी **पवन शर्मा**, गोसेवी **भगवान अग्रवाल**, कोतवाली थानाधिकारी **सुनीता डाल**, शिक्षा विद **शिवाजी आचार्य**, **नीलम शर्मा**, पार्षद **किशोर आचार्य** आदि शामिल थे।

अतिथियों का स्वागत समिति के सदस्यों – शिवचंद तिवारी, अशोक सोनी, विनोद महात्मा, अनिल सोनी, आजाद पुरोहित, बजरंग लाल व्यास, मगन सोनी, चंद्रपाल, मुकेश जोशी, कैलाश चंद्र छिपा, शशिमोहन दरगड़, धीरज जैन, हरि प्रकाश सोनी, महेंद्र सोनी, शिव प्रकाश सोनी, प्रकाश सोनी ने किया।

यह कार्यक्रम बीकानेर की सांस्कृतिक धरोहर और भक्ति परंपरा को जीवंत रखने का एक सुंदर उदाहरण साबित हुआ, जहां फूलों से खेली गई होली ने न केवल रंग बिखेरे बल्कि भक्ति और एकता का संदेश भी दिया।