विनय एक्सप्रेस समाचार, आबू रोड. आबू रोड स्थित ब्रह्मा कुमारी के मुख्यालय स्थित शांतिवन ऑडिटोरियम में आयोजित नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारम्भ हुआ. कार्यक्रम के स्वागत सत्र में वक्ताओं ने मीडिया की भूमिका को समाज में शांति, एकता और विश्वास स्थापित करने में निर्णायक बताया।
मुख्य वक्ता बहन बी.के. चंदा ने कहा, “मीडिया समाज का आईना है। सकारात्मक पत्रकारिता समाज में नई चेतना और ऊर्जा का संचार कर सकती है।” उन्होंने मीडिया की कलम की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि यह समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा सकती है।
मीडिया विंग के वाइस चेयरमैन आत्मप्रकाश राजयोगी ने शांति, एकता और विश्वास को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि ये आत्म-चेतना के मूल में हैं। उन्होंने ‘मैं कौन हूं, कहां से आया हूं और मेरा उद्देश्य क्या है’ पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से गहन व्याख्या दी। उन्होंने कहा कि विश्व में विनाश की आशंकाओं और परमाणु हथियारों के भय के बीच, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व शांति और सतयुग की परिकल्पना को साकार करने में जुटा है।
कॉर्डिनेटर और वरिष्ठ कॉलमनिस्ट निकुंज भाई ने बताया कि इस वर्ष की थीम ‘शांति, एकता और विश्वास’ विश्व में बढ़ती अशांति और युद्ध की पृष्ठभूमि में चुनी गई है। उन्होंने कहा, “मानवता को आज स्थिरता और संयम की सबसे अधिक आवश्यकता है। मीडिया को इस दिशा में मार्गदर्शक बनना होगा।”

मधुरवाणी ग्रुप ने भक्ति गीत “वसुंधरा है मगन गा रही… गुंजन है सारा आकाश” की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक वातावरण में भावविभोर कर दिया।
रायपुर (छत्तीसगढ़) से आए वरिष्ठ पत्रकार मधुकर त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकारिता का दायरा अब वैश्विक हो चुका है। 140 देशों में सक्रिय ब्रह्मकुमारी संस्था विश्व शांति का संदेश फैला रही है। उन्होंने कहा, “हम नारद के वंशज हैं, हमारी कलम को लोककल्याण और शांति का संदेश देना चाहिए।”
पब्लिकेशन हिंदी मीडिया के संपादक गंगाधर भाई ने कहा कि ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्म-साक्षात्कार का माध्यम है। “अपने भीतर सत्य की जोत जलाकर ही हम समाज को दिशा दे सकते हैं,” उन्होंने जोड़ा।
राजयोगी रंजन बहन ने कहा कि इस मंच तक वही आत्मा पहुंचती है, जो सात्विक और भाग्यशाली होती है। उन्होंने भागदौड़ भरी जिंदगी में आत्म-चिंतन और मेडिटेशन की आवश्यकता पर बल दिया। “प्रतिस्पर्धा के दौर में ‘मैं कौन हूं’ का बोध हमें शांति और विश्वास की ओर ले जाता है,” उन्होंने कहा।
हेल्थकेयर प्रोजेक्ट डायरेक्टर बनारसी लाल ने समाज में बढ़ते नशे को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मकुमारी के नशा मुक्त भारत अभियान ने 14 राज्यों में 3.45 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया है, और लगभग 10,000 लोग नशा मुक्त हो चुके हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. ईशा अग्रवाल ने कहा कि मीडिया केवल सूचना का साधन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है। उन्होंने कहा, “मेडिटेशन से सकारात्मकता का उदय होता है और समाज में शांति स्थापित होती है। ध्यान को अपनाना आत्मबल और स्थिरता का सर्वोत्तम मार्ग है।”






