नवीन जैन: प्रशासनिक कुशलता, सामाजिक सरोकार और नवाचार का अनुपम संगम, पढ़िए विनय एक्सप्रेस व्यक्ति विशेष की श्रृंखला का यह आलेख

विनय एक्सप्रेस, व्यक्ति विशेष आलेख, विनय थानवी.भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में राजस्थान कैडर के वरिष्ठ अधिकारी श्री नवीन जैन वर्तमान में वित्त विभाग के सचिव के रूप में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता, नवाचार के प्रति समर्पण और सामाजिक सरोकारों ने उन्हें एक असाधारण प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। विशेष रूप से, उनके द्वारा शुरू किया गया “स्पर्श अभियान”, चिकित्सा विभाग में लिंगानुपात सुधार के लिए किए गए डिकॉय ऑपरेशन, शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियां, और राजस्थान रोडवेज में नवाचारों ने समाज और प्रशासन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।प्रशासनिक कुशलता और वित्त विभाग में योगदानवित्त विभाग में सचिव के रूप में नवीन जैन ने राजस्थान के आर्थिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उनकी नीतिगत समझ और पारदर्शी प्रशासन ने राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया है। जटिल वित्तीय नीतियों को सरल और प्रभावी ढंग से लागू करने की उनकी क्षमता ने सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मदद की है। उनके नेतृत्व में वित्त विभाग ने संसाधनों के कुशल उपयोग और राजस्व प्रबंधन में सुधार के लिए कई नवाचारी पहल की हैं।

स्पर्श अभियान: सामाजिक जागरूकता का अनुपम प्रयास

नवीन जैन द्वारा शुरू किया गया “स्पर्श अभियान” बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक करने का एक अनूठा प्रयास है। इस अभियान की शुरुआत 2018 में केवल 5 बच्चों के साथ हुई थी, लेकिन यह आज 5 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच चुका है। यह अभियान राजस्थान के 21 जिलों में फैल चुका है और 2,000 से अधिक स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया गया है।
स्पर्श अभियान के तहत बच्चों को “No, Go & Tell” का मंत्र सिखाया जाता है, जिसके माध्यम से वे अनुचित स्पर्श के खिलाफ आवाज उठाना और अपने अभिभावकों को सूचित करना सीखते हैं। इस अभियान में 600 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हैं, जो बिना किसी सरकारी फंडिंग के सोशल मीडिया और ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से संगठित हुए। यह अभियान बच्चों, विशेष रूप से पहली से आठवीं कक्षा की बालिकाओं, को यौन शोषण से बचाने और जागरूकता फैलाने में प्रभावी साबित हुआ है।
उदाहरण के लिए, टोंक जिले के अहमदपुरा चौकी और हरचंदेड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रमों में डॉ. सौरभ जैन (सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर) ने बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी दी, जिसे नवीन जैन की प्रेरणा से आयोजित किया गया था। श्रीगंगानगर में भी इस अभियान के तहत बच्चों को सोशल मीडिया के खतरों और अनुचित व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। यह अभियान समाज में एक जन-आंदोलन बन चुका है।

चिकित्सा विभाग में योगदान: लिंगानुपात सुधार और डिकॉय ऑपरेशन –

नवीन जैन ने जब चिकित्सा विभाग में मिशन डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के रूप में कार्य किया, तब उन्होंने लिंगानुपात सुधार के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। उनके कार्यकाल में राजस्थान में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान का लिंगानुपात (0-6 वर्ष आयु वर्ग) 888 था, जो राष्ट्रीय औसत 914 से कम था। नवीन जैन के नेतृत्व में, डिकॉय ऑपरेशन जैसे सख्त कदमों के माध्यम से अवैध लिंग निर्धारण और गर्भपात पर नकेल कसी गई।
उनके कार्यकाल में सैकड़ों डिकॉय ऑपरेशन किए गए, जिसके परिणामस्वरूप कई अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद किए गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन प्रयासों से 2019 तक राजस्थान का लिंगानुपात 0-6 वर्ष आयु वर्ग में 900 के पार पहुंचा, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। उनके द्वारा लागू की गई नीतियों और जागरूकता अभियानों ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लिंग संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया। नवीन जैन ने पीसीपीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) को कड़ाई से लागू किया, जिससे लिंग-आधारित भेदभाव को कम करने में मदद मिली। उनके इन प्रयासों ने न केवल आंकड़ों में सुधार किया, बल्कि समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियां

शिक्षा विभाग में सचिव के रूप में नवीन जैन ने कई रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियां हासिल कीं। उनके कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए गए, जिनमें डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना, स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास, और शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता शामिल है। उनके नेतृत्व में राजस्थान में स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी आई और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गईं। उनके कार्यकाल में राजस्थान में शिक्षा विभाग ने रिकॉर्ड समय में हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की, जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाई गई। उनके प्रयासों से राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) के परिणामों में भी सुधार देखा गया, और कई जिलों में 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणामों में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई।

राजस्थान रोडवेज में नवाचार

राजस्थान रोडवेज के क्षेत्र में नवीन जैन ने उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके नेतृत्व में रोडवेज की सेवाओं को और अधिक कुशल और जन-उपयोगी बनाने के लिए डिजिटल टिकटिंग प्रणाली, बसों की समयबद्धता में सुधार, और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया। उनकी पहल पर पर्यावरण-अनुकूल बसों को शामिल करने और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन प्रयासों ने राजस्थान रोडवेज की कार्यक्षमता को बढ़ाया और आम जनता को सस्ती, विश्वसनीय परिवहन सेवाएं प्रदान कीं।

सामाजिक सरोकार और नेतृत्व

नवीन जैन का सामाजिक सरोकार केवल स्पर्श अभियान तक सीमित नहीं है। वे समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों, के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सहयोग किया गया है, जिससे सामाजिक जागरूकता और समावेशिता को बढ़ावा मिला है। उनकी कार्यशैली में सहानुभूति और नवाचार का समन्वय देखने को मिलता है, जो उन्हें एक प्रेरक व्यक्तित्व बनाता है।

नवीन जैन एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व :

नवीन जैन का प्रशासनिक और सामाजिक योगदान राजस्थान के लिए एक मिसाल है। वित्त विभाग में उनकी नीतिगत कुशलता, चिकित्सा विभाग में लिंगानुपात सुधार के लिए डिकॉय ऑपरेशन, शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियां, राजस्थान रोडवेज में नवाचार, और स्पर्श अभियान जैसे सामाजिक प्रयासों ने उन्हें एक असाधारण प्रशासक और समाजसेवी के रूप में स्थापित किया है। स्पर्श अभियान के आंकड़े—5 लाख बच्चों तक पहुंच, 21 जिलों में विस्तार, और 2,000 से अधिक स्कूलों में जागरूकता—उनके सामाजिक प्रभाव को दर्शाते हैं। लिंगानुपात में सुधार (888 से 900+), और शिक्षा विभाग में भर्ती और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में रिकॉर्ड उनके नेतृत्व की मिसाल हैं। नवीन जैन जैसे अधिकारी यह साबित करते हैं कि प्रशासन का असली उद्देश्य जनता की सेवा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।