विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर. स्थानीय श्री करणी चारण छात्रावास में महान क्रांतिकारी ठाकुर केसरीसिंह बारहठ की 153.वीं जयन्ती समारोह उत्साह पूर्वक मनाया गया। क्रांतिवीर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीपप्रज्वलन के पश्चात समाजसेवी चिकित्सक डॉ. कुलदीपसिंह बीठू की अध्यक्षता में आयोजित सभा में विभिन्न वक्ताओं ने ठाकुर केसरीसिंह बारहठ को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री जगदीश रतनू दासौडी़ ने केसरीसिंह बारहठ की संपूर्ण पारिवारिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से विश्लेषणात्मक विवेचन प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे दो ही परिवार हुए हैं जिन्होंने देश की आजादी और आन बान शान की रक्षार्थ अपने पूरे परिवार को ही न्योछावर कर दिया। एक गुरू गोविन्दसिंहजी महाराज का परिवार और दूसरा ठाकुर केसरीसिंहजी बारहठ का परिवार। उनके त्याग और बलिदान की भावना का सार्वजनीकरण करने की महत्ती आवश्यकता है।

दिनेश आशिया ने चेतावणी रा चूंटिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके कारण मेवाड़ महाराणा का ह्रदय परिवर्तन हो गया था। एडवोकेट नरपतसिंह बीठू, हिम्मतसिंह बीठू, ओम रतनू ने विचार प्रकट किये। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ. कुलदीपसिंह बीठू ने केसरीसिंह बारहठ की बहुआयामी सेवाओं का कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया। धन्यवाद ज्ञापन मंडलीय चारण महासभा के उपाध्यक्ष श्री छैलसिंह बीठू ने किया। समारोह में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में नवचयनित युवा प्रतिभा हिम्मतसिंह बीठू का सम्मान भी किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में उत्साही युवा भरत चारण,सवाई सिंह रातडिया, खेत दान , अरविंद बिठू आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संयोजन मदन चारण दासौडी़ ने किया। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी मंडलीय चारण महासभा के उपाध्यक्ष श्री छैलसिंह बीठू ने दी।













