विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर. केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के खिलाफ देशभर में चल रहे आंदोलन के तहत सोमवार को बीकानेर के दवा प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में सौ से अधिक दवा प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर अपना रोष जताया और अंत में जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

राजस्थान मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन की बीकानेर इकाई के जिला सचिव सवाई दान चारण ने बताया कि दवा उद्योग में दवा प्रतिनिधियों के लिए समान एवं वैधानिक सेवा शर्तें लागू करने की मांग वर्षों से लंबित है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। इसके अलावा चार नई श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं, जिसका दवा प्रतिनिधि पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
– तुरंत त्रिपक्षीय समिति की बैठक बुलाकर दवा प्रतिनिधियों के लिए समान वैधानिक सेवा शर्तें लागू करना
– सेल्स प्रोमोशन एम्प्लॉयीज़ एक्ट-1976 को और प्रभावी बनाना
– राजस्थान में चारों श्रम संहिताओं को लागू नहीं करने की मांग
– सरकारी अस्पतालों में दवा प्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटाना
– औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 2(S) में संशोधन कर सेल्स प्रोमोशन कर्मियों को ‘वर्कमैन’ का दर्जा देना
– फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट (11 महीने की नौकरी) का विरोध
– रात्रि पाली में महिला कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी
– दवाओं पर जीरो GST लागू करना
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष कॉमरेड संजय माथुर ने कहा कि नई श्रम संहिताएं मजदूर-विरोधी हैं और इनसे हायर एंड फायर की नीति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
24 से 26 नवंबर तक सभी दवा प्रतिनिधि काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री को ईमेल से भी ज्ञापन भेजा गया है।
कार्यक्रम में संजय माथुर (राज्य उपाध्यक्ष), सवाई दान चारण (राज्य सचिव), सुनील गहलोत (राज्य वर्किंग कमेटी सदस्य), सावन कच्छावा, रेहान अहमद, नावेद सिद्दीकी, जावेद सिद्दीकी, गौतम केवलिया, याकूब खान, आयुष, मनोज गहलोत, केशव, रमेश मोट, वैभव शर्मा सहित सैकड़ों दवा प्रतिनिधि मौजूद रहे।













