एग्रो टूरिज्म बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे : जोशी
विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार), खण्ड़ बीकानेर एव मुख्य कार्यकारी अधिकारी (आरओसीएल)राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड़ जयपुर त्रिलोक कमार जोशी द्वारा 25 से 27 फरवरी तक नर्ई दिल्ली में आयोजित
साउथ एशिया ट्रेवल एंड ट्यूरिज़्म एक्सचेंज(SATTE)-2026 में राज्य कृषि विभाग प्रतिनिधि के रूप में भागीदारी की। कषि विभाग ने ट्यूरिज़्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर जयपुर बस्सी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा बीकानेर लुनकरनसर में स्थित जैतून फ़ार्म व रिफाइनरी पर एग्रो-टूरिज्म की संभावनाओं को बढ़ावा देने एवं नए सहयोग अवसरों की खोज विस्तृत पहल की।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) खण्ड बीकानेर बीकानेर एव मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आरओसीएल त्रिलोक कमार जोशी एवं लेखा प्रतिनिधि राकेश मौर्य द्वारा देश विदेश के पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों एवं ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिभागियों के साथ संवाद कर बस्सी जयपुर स्थित सेंटर ऑफ
एक्सीलेंस एवं जैतून फार्म के साथ-साथ लुनकरनसर फ़ार्म व जिला बीकानेर को भी एग्रो टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। एग्रो-टूरिज्म मॉडल का उद्देश्य पर्यटकों को विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों, फूलो की संरक्षित एंव खुली खेती एवं ऑलिव, उत्पादन प्रक्रिया एवं ग्रामीण जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन तथा कृषि क्षेत्र को पर्यटन से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। जोशी ने बताया कि SATTE-2026 में भागीदारी से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश एवं सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा व एग्रो टूरिज्म बढ़ेंगा।













