माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में दिया ज्ञापन
विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर : शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा),राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर राजस्थान में निदेशक के नाम ज्ञापन देकर हाल ही में जारी शिविरा पंचाग में की गई अवकाश कटौती का विरोध किया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि शिक्षा संकुल जयपुर में 6 मार्च में दिनांक को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षक संगठनों द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश में प्रस्तावित कटौती का विरोध दर्ज कराया गया था, बावजूद इसके विभाग द्वारा एकतरफा निर्णय लेते हुए अवकाशों में कटौती लागू कर दी गई है, जो अत्यंत खेदजनक है। इस संदर्भ में संघ प्रतिनिधियों द्वारा शासन सचिव स्कूल शिक्षा एवं भाषा एवं पुस्तकालय विभाग एवं पंचायती राज (प्रारंभिक शिक्षा) विभाग राजस्थान सरकार जयपुर को ज्ञापन सौंपा था।लेकिन इसे नजर अंदाज किया गया। राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा 20 जून से विद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव शिक्षकों के निर्धारित ग्रीष्मावकाश को कम करता है,जो सेवा नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन प्रतीत होता है।इसलिए संगठन की मांग है कि शिक्षकों के अवकाश में किसी प्रकार की कटौती न की जाए एवं संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश में भी टौती की गई है। जबकि अन्य राजकीय कार्यालयों में 2 दिवस का ऐच्छिक अवकाश दिया जाता है। उक्त कटौती शिक्षकों के नौसर्गिक न्याय के विरूद्ध है।
यदि प्रशासनिक कारणों से तिथि परिवर्तन आवश्यक हो, तो समायोजित अवकाश या वैकल्पिक प्रतिपूरक अवकाश दिया जाए।शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन और मध्यावधि अवकाश के एवज में उपार्जित अवकाश में कटौती गई हैं अत सेवा नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। अगर राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग को लगता है कि शिक्षकों को देय अवकाश अन्य विभागों की तुलना में अधिक है तो समस्त राजकीय विद्यालयों में भी सभी राजकीय कार्यालयों के समान अवकाश रखें एवं शैक्षणिक कार्मिकों को मंत्रालयिक कार्मिकों के समान उपार्जित अवकाश दिए जाए। इस अवसर पर शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद,प्रदेश कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर विश्नोई,प्रदेश महामंत्री नवल सिंह मीना आदि उपस्थित रहें।















