ज्योतिष आचार्य पंडित अनिल पुरोहित का देशवासियों के नाम दीपावली बधाई संदेश: खुल जायेगा समृद्धि और सुख का नया द्वार

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर.  पावन दीपावली के अवसर पर प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित अनिल पुरोहित ने देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वेदों और ज्योतिष शास्त्रों के गहन ज्ञाता पंडित जी, जो वर्षों से कुंडली विश्लेषण, ग्रह दोष निवारण और वैदिक कर्मकांडों के माध्यम से हज़ारों लोगों का मार्गदर्शन कर चुके हैं, ने इस अवसर पर एक विशेष संदेश जारी किया है। उनका मानना है कि इस दीपावली धनतेरस से भाई दूज तक का पर्व हमें न केवल प्रकाश का महत्व सिखाता है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय नई शुरुआतों और समृद्धि के द्वार खोलने का है।

पंडित अनिल पुरोहित ने अपने संदेश में कहा, “प्रिय देशवासियो, दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय कार्तिक मास की अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन से ग्रहों की विशेष युति होती है, जो धन-धान्य, सुख-समृद्धि और पारिवारिक एकता को बढ़ावा देती है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि इस दीपोत्सव में न केवल दीप जलाएं, बल्कि अपने जीवन के अंधकार को भी दूर करने के लिए वैदिक उपाय अपनाएं। धनतेरस पर स्वास्थ्य रक्षा के लिए चांदी या सिक्का खरीदें, और लक्ष्मी पूजन के दौरान ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें। यह न केवल आर्थिक उन्नति लाएगा, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करेगा।”

ज्योतिष आचार्य अनिल जी ने आगे कहा कि, “वर्तमान ज्योतिषीय स्थिति में शनि और गुरु की दृष्टि सकारात्मक है, जो आने वाले वर्ष में सभी राशियों के लिए उन्नति का संकेत दे रही है। लेकिन याद रखें, सच्ची समृद्धि तो नैतिकता और दान-पुण्य से ही प्राप्त होती है। इस दीपावली पर गरीबों को भोजन दान करें और पर्यावरण की रक्षा के लिए पटाखों का कम उपयोग करें। यह त्योहार हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है।”

पंडित अनिल पुरोहित, जो उज्जैन जैसे पवित्र तीर्थस्थलों से जुड़े वैदिक विद्वानों की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, ने अपने अनुयायियों को व्यक्तिगत कुंडली परामर्श के लिए भी आमंत्रित किया। उनके अनुसार, इस दीपावली पर ग्रह शांति पूजन करने से कालसर्प दोष जैसी बाधाएं दूर हो सकती हैं।

दीपावली 2025 का यह पर्व 20 अक्टूबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज शामिल हैं। पंडित जी की शुभकामनाओं के साथ, सभी देशवासी इस त्योहार को खुशी-खुशी मनाएं।