अगर योग साधक हठ योग आसनों का और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करे तो वह महामारी रोग जेसे कोरोना, स्वाइन फ्लू ,और चिकनगुनिया मैं भी खतरे से बाहर रहेगा और सही जीवनशेली रखने व नियमित योग अभ्यास उसे आन्ददायक व दवाईमुक्त जीवन मिलेगा.
E.mail: vinayexpressindia@gmail.comयोग से दे अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को ब्रह्मकवच : गणेश कुमार हर्ष

विनयएक्सप्रेस फिटनेस आलेख, बीकानेर। इसमें किसी प्रकार का भी संदेह नहीं हैं की योग अभ्यास करने से हमारा शरीर स्वस्थ और ताकतवर बनता हैं साथ ही योग करने से हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती हैं
योग अभ्यास करने से योग साधक की प्रतिरक्षा प्रणाली को ब्रह्म-कवच मिलता हैं जिससे सभी प्रकार की जीवाणु बीमारियो (Bacterial Diseases ) और विषाणु बीमारियो ( Virus Diseases) से हमारा शरीर लड़ने मैं सक्षम हो जाता हैं, और यही लम्बा और स्वस्थ जीवन जीने का तरीका हैं, बढ़ी हुई प्रतिरोधक क्षमता ना केवल सामान्य जुकाम बल्कि गंभीर बीमारी कैंसर तक को शरीर मैं आने और बढ़ने से रोक देती हैं, योग साधक अपनी पूरी ज़िन्दगी मैं बहुत मुश्किल से ही सामान्य बुखार या कोई संक्रामक रोग में फसते हैं
अगर योग साधक हठ योग आसनों का और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करे तो वह महामारी रोग जेसे कोरोना, स्वाइन फ्लू ,और चिकनगुनिया मैं भी खतरे से बाहर रहेगा और सही जीवनशेली रखने व नियमित योग अभ्यास उसे आन्ददायक व दवाईमुक्त जीवन मिलेगा.
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अगर योग साधक हठ योग आसनों का और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करे तो वह महामारी रोग जेसे कोरोना, स्वाइन फ्लू ,और चिकनगुनिया मैं भी खतरे से बाहर रहेगा और सही जीवनशेली रखने व नियमित योग अभ्यास उसे आन्ददायक व दवाईमुक्त जीवन मिलेगा.
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