विश्व विटलिगो दिवस : जागरूकता और इलाज की जरूरत – डॉ. राधेश्याम नाई

विनय एक्सप्रेस समाचार बीकानेर, आलेख डॉ. राधेश्याम नाई। 25 जून  को विश्व विटलिगो दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राधे श्याम नाई ने एक महत्वपूर्ण लेख लिखा है, जिसमें विटलिगो से संबंधित जानकारी और उपचार के तरीकों पर प्रकाश डाला गया है।

विटलिगो क्या है ?

डॉ. नाई के अनुसार, विटलिगो एक त्वचा रोग है जिसमें त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग सफेद पड़ जाता है। यह मेलानोसाइट्स (त्वचा के रंगद्रव्य कोशिकाओं) के नष्ट होने के कारण होता है। यह बीमारी किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है, लेकिन ज्यादातर 10 से 30 साल की उम्र के बीच देखी जाती है।

जोखिम कारक

आनुवंशिक कारण

ऑटोइम्यून विकार

तनाव और मानसिक दबाव

उपचार के विकल्प

डॉ. नाई ने बताया कि विटलिगो का इलाज संभव है। इसके लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:

फोटोथेरेपी: यूवी किरणों से त्वचा का इलाज।

टॉपिकल क्रीम: डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल।

सर्जिकल विकल्प: गंभीर मामलों में त्वचा प्रत्यारोपण।

जागरूकता की जरूरत

डॉ. नाई ने जोर देकर कहा कि समाज में इस बीमारी को लेकर भ्रांतियां हैं। इन्हें दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस बीमारी से पीड़ित लोगों का समर्थन करें और उन्हें हिम्मत दें।

विटलिगो सिर्फ एक त्वचा रोग नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। इसलिए, समय रहते इलाज और सहानुभूति दोनों ही जरूरी हैं।