सीखे हुए हुनर को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनें: एडवोकेट मोहता

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। आपने संस्थान के विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से जो हाथ का हुनर सीखा है उसे रोजगार-स्वरोजगार से जोड़े और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। ये उद्बोधन जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर के चेयरमैन एडवोकेट गिरिराज मोहता ने श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में आयोजि प्रमाण पत्र वितरण समारोह में प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करते हुए व्यक्त किए।

एडवोकेट मोहता ने कहा कि समाज को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना ही कौशल विकास कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य है इसलिए बेरोजगारी के विकट दौर में हाथ के हुनर को अपनी आत्मनिर्भरता का आधार बनाएं।

संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित विभिन्न ऋणयोजनाओं और स्वयं सहायता समूह के माध्यम से अपना स्वरोजगार स्थापित करने की जानकारी दी।

सहायक कार्यक्रम अधिकारी उमाशंकर आचार्य ने कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए तैयार उत्पाद की गुणवता बढ़ाने की बात कही।

सफलता की कहानियों की ओर से सुश्री भवानी सुथार, रामप्यारी, माया प्रजापत, मनीष प्रजापत आदि ने संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से काम सीखकर अपना स्वरोजगार स्थापित करने की बात कही।