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बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा पुष्करणा ओलंपिक सावे में 108 वधुओं को सामूहिक भेंट देने की पहल

विनय थानवी||अपडेट: 8 जून 2026|2 मिनट पढ़ें
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा पुष्करणा ओलंपिक सावे में 108 वधुओं को सामूहिक भेंट देने की पहल
विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर. बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने सामाजिक समरसता और मातृशक्ति के सम्मान की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए पुष्करणा ओलंपिक सावे (सामूहिक विवाह) के अवसर पर 108 वधुओं को सामूहिक रूप से उपयोगी घरेलू सामग्री और भेंट प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम 10 फरवरी 2026 को होने वाले पुष्करणा ओलंपिक सावे के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। भेंट वितरण का मुख्य कार्यक्रम 9 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ममतांचल, बी.के. स्कूल के पास, जस्सूसर गेट के अंदर, बीकानेर में आयोजित होगा। इस अवसर पर वधु पक्ष की 108 बेटियों को विभिन्न प्रकार की उपयोगी सामग्री भेंट की जाएगी। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा वधुओं को साड़ी प्रदान की जाएगी। बीकाजी समूह की ओर से प्रत्येक वधु को 2100 रुपये नकद और बीकाजी मिठाई-नमकीन का गिफ्ट हैम्पर दिया जाएगा। कमल जी कल्ला द्वारा कारपेट, जाखड़ ऑयल मिल द्वारा मूंगफली तेल का डब्बा तथा त्रिशूल समूह द्वारा डिटर्जेंट पाउडर और साबुन भेंट में शामिल होंगे। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि इस तरह के सामूहिक विवाह आयोजनों में भागीदारी करके समाज में समरसता, सेवा भावना और महिलाओं के सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। राजस्थान वूल इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष कमल कल्ला ने कहा कि पुष्करणा ओलंपिक सावे जैसे कार्यक्रम समाज में एकता, संस्कार और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। व्यापारिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से ऐसे सामाजिक कार्यों को नई ऊर्जा और व्यापक समर्थन मिलता है। मंडल के सचिव संजय जैन सांड ने बताया कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने सामाजिक उत्तरदायित्व और परस्पर प्रेम-सौहार्द के भाव से वधुओं को सामूहिक भेंट देने की इस पहल को शुरू किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नवाचार आने वाले समय में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और अन्य संगठनों को भी ऐसे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करेगी, बल्कि समाज में सामूहिक विवाह की परंपरा को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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