विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर।आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब हर व्यक्ति का आभा आईडी के रूप में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाया जा रहा है जिसमें डिजिटल रूप में व्यक्ति का स्वास्थ्य रेकॉर्ड उपलब्ध होगा। आभा आईडी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पोर्टल के अलावा चिकित्सा विभाग के एनसीडी, टीबी, वायरल हेपेटाइटिस व अन्य पोर्टल के माध्यम से भी बनाई जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ABHA स्वास्थ्य कार्ड में 14 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है जिसे आभा आईडी कहा जाता है। इस डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी है जो उपचार इतिहास और चिकित्सा डेटा तक त्वरित और आसानी से पहुंच संभव बनाती है। जिसमें संबंधित व्यक्ति आभा एप के माध्यम से अपने चिकित्सा से संबंधित समस्त रेकॉर्ड, लैब रिपोर्ट, डॉक्टर का लिखा दवा का पर्चा, डॉक्टर नोट्स, इमेज, वैक्सीन आदि डिजिटल प्लेटफार्म पर सुरक्षित रख सकेंगे एवं आवश्यकता पडने पर अपने रेकॉर्ड को डॉक्टर से शेयर कर सकते है। डॉ गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा आभा आईडी बनाई जा रही है। लाभार्थी स्वयं भी अपनी आभा आईडी बना सकता है।
डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि आभा कार्ड आयुष्मान कार्ड से अलग है। आयुष्मान कार्ड पूरे परिवार का स्वास्थ्य बीमा कवर हेतु उपयोग किया जा रहा है जबकि आभा आईडी प्रत्येक व्यक्ति का हेल्थ रिकॉर्ड है। आभा आईडी में पुराना रेकॉर्ड उपलब्ध रहेगा जिससे डॉक्टर को बीमारी तलाशने में बड़ी मदद मिलेगी। हेल्थकेयर प्रोफेशनल से टेली परामर्श किया जा सकता है, इससे समय की बचत होगी। इसी प्रकार कतार में खड़े होने से आजादी मिलेगी क्योंकि भविष्य में ऑनलाइन अपाइंटमेंट बुक किया जा सकेगा। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 104 और 108 पर संपर्क किया जा सकता है।
