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Health News – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Wed, 01 Mar 2023 00:35:03 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 इन घरेलू उपायों से कीजिये अपना मोटापा कम, पढ़े यह विशेष आलेख https://vinayexpress.in/2023/03/01/weight-loose-tips-article/ Wed, 01 Mar 2023 00:35:03 +0000 https://vinayexpress.in/?p=58578 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य समाचार, जयपुर। मोटापे को कम करने का अगर आप कोई आसान तरीका ढूंढ रहे हैं तो खानपान में जरूरी बदलाव ही सबसे आसान और असरदार उपाय है। तो आज हम आपको कुछ ऐसे फूड आइटम्स के बारे में बता रहे हैं, जिनके उपयोग से आप तेजी से अपना मोटापा कम कर सकते हैं।

मोटापा कम करने वाले लोगों के लिए एक्सरसाइज़ के लिए टाइम निकालना भी एक बड़ा चैलेंज होता है। अगर किसी तरह टाइम निकाल भी लिया है, तो इसे रेगुलर रख पाने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं, जिसकी वजह से वेट लॉस का सफर बीच में भी खत्म करना पड़ जाता है। तो अगर आप बिना डाइटिंग और एक्सरसाइज के मोटापा कम करना चाहते हैं, तो यहां दिए गए उपाय कर सकते हैं इसमें आपकी काफी मदद।

Exclusive interview of Lokesh Sharma, OSD, CM Rajasthan with Vinay Express

1. नींबू के साथ शहद

विटामिन सी से भरपूर नींबू शरीर के एक्स्ट्रा फैट को कम करने का काम करता है। दूसरी चीज़ है शहद, जिसमें प्राकृतिक मिठास होती है, जो बिना कोलेस्ट्रॉल बढ़ाए वजन कम करने में मदद करता है।

2. पत्तागोभी

पत्तागोभी में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होता है लेकिन कम मात्रा में तो वहीं फाइबर अच्छी-खासी मात्रा में। तो वजन घटाने के लिए आप पत्तेगोभी से बना सूप, सब्जी व सलाद खा सकते हैं।

3. पानी

मोटापा कम करने के लिए शरीर का हाइड्रेट रहना भी बेहद जरूरी है। दिन में 7-8 ग्लास पानी पीने से पेट भरा हुआ सा महसूस होता है जिससे भूख कम लगती है, ओवरईटिंग से बचा जा सकता है, जो मोटापा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।

4. गाजर

गाजर भी लो कैलोरी वाली सब्जी है, जिसे खाकर बढ़ते हुए वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी अच्छी-खासी मात्रा में मौजूद होता है जो मोटापे को कम करने का काम करता है।

5. सौंफ

अतिरिक्त मोटापा घटाने में सौंफ भी बेहद फायदेमंद है। सौंफ फाइबर युक्त होता है जो भूख को नियंत्रित कर वजन घटाने में मदद करती है।

6. ग्रीन टी

बिना मेहनत मोटापा कम करने के उपाय के रूप में आप ग्रीन टी का सेवन भी कर सकते हैं। ग्रीन टी वजन घटाने के साथ ही बॉडी को डिटॉक्स करने का भी काम करती है।

7. खीरा

खीरा कई तरह से वजन घटाने में मदद करता है। यह कम कैलोरी युक्त होता है साथ ही इसमें पानी की मात्रा भी बहुत ज्यादा होती है और पानी शरीर के वजन को नियंत्रित करने का काम करता है।

 

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फार्मा क्षेत्र के वैश्विक नवाचार शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदी : कोरोना काल में स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्ता हुई प्रदर्शित https://vinayexpress.in/2021/11/18/new-delhi-20/ Thu, 18 Nov 2021 14:32:47 +0000 https://vinayexpress.in/?p=19482 विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फार्मा क्षेत्र के पहले वैश्विक नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस विशिष्ट पहल का उद्देश्य भारत में फार्मास्युटिकल्स उद्योग में एक संपन्न नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकताओं पर चर्चा और रणनीति बनाने के लिए सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों, निवेशकों और शोधकर्ताओं के प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को एक मंच पर लाना है। यह भारतीय फार्मा उद्योग में उन अवसरों को भी सामने लाएगा जिनमें विकास की अपार संभावनाएं हैं।

चिकित्सा प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य के हर पहलू ने वैश्विक ध्यान को किया आकर्षित

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जीवनशैली, दवाएं, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, टीके और स्वास्थ्य सेवा के हर पहलू ने पिछले दो वर्षों में वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, भारतीय दवा उद्योग भी चुनौती के लिए तैयार हो गया है। भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र द्वारा अर्जित वैश्विक विश्वास ने हाल के दिनों में भारत को “विश्व की फार्मेसी” कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि कल्याण की हमारी परिभाषा भौतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। हम संपूर्ण मानव जाति की भलाई में विश्वास करते हैं और हमने इस भावना को पूरी दुनिया को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान दिखाया है। उन्होंने आगे कहा, हमने महामारी के शुरुआती चरण के दौरान 150 से अधिक देशों को जीवन रक्षक दवाएं और चिकित्सा उपकरण निर्यात किए। हमने इस वर्ष लगभग 100 देशों को कोविड टीकों की 65 मिलियन से अधिक खुराक का निर्यात भी किया है।

ड्रग डिस्कवरी और इनोवेटिव मेडिकल डिवाइसेज में लीडर बनाना लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा विजन इनोवेशन के लिए एक ऐसा इको-सिस्टम बनाना है जो भारत को ड्रग डिस्कवरी और इनोवेटिव मेडिकल डिवाइसेज में लीडर बनाए। सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के आधार पर हमारे नीतिगत हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों का एक बड़ा पूल है, जिसमें उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता है। इस ताकत को “डिस्कवर एंड मेक इन इंडिया” के लिए उपयोग करने की आवश्यकता है। जानकारी के लिए बता दें कि दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में कुल 12 सत्र होंगे और 40 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता नियामक वातावरण, नवाचार के लिए धन, उद्योग-अकादमिक सहयोग और नवाचार बुनियादी ढांचे सहित कई विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसमें घरेलू और वैश्विक फार्मा इंडस्ट्रीज के प्रमुख सदस्यों, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जॉन हॉपकिंस इंस्टीट्यूट, आईआईएम अहमदाबाद और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के अधिकारियों, निवेशकों और शोधकर्ताओं की भागीदारी देखी जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया भी मौजूद रहे।

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डॉ. राजू व्यास ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं महासचिव प्रियंका गांधी से की मुलाकात : गहलोत सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं को बताया लाभदायक https://vinayexpress.in/2021/11/14/new-delhi-19/ Sun, 14 Nov 2021 14:53:36 +0000 https://vinayexpress.in/?p=19101 विनय एक्सप्रेस, समाचार, नई दिल्ली । प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजू व्यास ने कल दिल्ली प्रवास पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की एवं एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से करीब 40 मिनट तक मुलाकात कर चर्चा की। पारिवारिक एवं राजनीतिक मामलों पर हूई चर्चा के दौरान डॉ. राजू व्यास ने श्रीमती सोनिया एवं प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान की राजनीतिक स्थितियों, उप चुनावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की, डॉ. व्यास ने बताया कि श्रीमती प्रियंका गांधी ने यूपी चुनाव के लिए जिम्मेदारी सौंपी है, साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष एवं महासचिव को राजस्थान सरकार योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गहलोत सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति प्राप्त कर रहा है, गहलोत सरकार की जनहितैषी योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, जांच योजना, इंदिरारसोई योजना, इंदिरागांधी मातृ पोषण योजना, सहित अनेक योजनाएं राजस्थान की आम जनता को राहत पहूंचा रही है। व्यास ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहूल गांधी के नेतृत्व में गहलोत सरकार राजस्थान की जनता को पारदर्शी शासन एवं गुड गर्वनेन्स प्रदान कर रही है।

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प्रसूति, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीती राजपुरोहित ने गंभीर डेंगू रोग से पीडीत प्रसूता का कराया सफल प्रसव : जाने गर्भवती महिलाएं कैसे रखें डेंगू बीमारी में अपने स्वास्थ्य का ख्याल https://vinayexpress.in/2021/11/09/dr-priti-rajpurohit-news/ Tue, 09 Nov 2021 17:19:28 +0000 https://vinayexpress.in/?p=18662 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य समाचार, बीकानेर। मानसून के बाद कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है जो इस वर्ष काफी अधिक फैल रही है। ऐसे ही एक बेहद गंभीर एवं जटिल केस का सफल उपचार बीकानेर की प्रतिष्ठित प्रसूति,स्त्री रोग, फीटल मेडिसिन एवं इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ, लप्रोस्कोपिक एवं कैंसर सर्जन  डॉ. प्रीती राजपुरोहित ने पीबीएम अस्पताल के सामने स्थित श्रीराम वुमन एवं चाइल्ड हॉस्पिटल में किया।

डॉ. प्रीती राजपुरोहित : प्रसूति,स्त्री रोग, फीटल मेडिसिन एवं इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ, लप्रोस्कोपिक एवं कैंसर सर्जन 

डॉ. प्रीती ने बताया कि एक 32 वर्षीया महिला गर्भावस्था के नौवें महीने में डेंगू से पीड़ित गंभीर अवस्था में चिकित्सालय आयीं। महिला बीकानेर के  कई अस्पतालों में गयी थी परंतु महिला की गंभीर अवस्था को देखते हुए इलाज़ नहीं हो पाया था। समय बीतने के साथ महिला की स्थिति और गंभीर होती जा रही थी जिससे जच्चा और बच्चा दोनों को जोखिम बढ़ता जा रहा था।

महिला में प्लेटलेट्स 4 लाख से गिरकर 20 हज़ार से कम रह गए थे। गर्भ के अंदर पानी स्तर 8 के बजाय निम्नतम स्तर से भी कम 2 पर आ गया था, जिससे बेहद अधिक जटिलता उत्पन्न हो गयी थी।

गर्भ के अंदर बेहद कम पानी होने से बच्चे को खतरा था और गंभीर डेंगू अवस्था एवं बेहद कम प्लेटलेट्स के कारण ऑपरेशन करने में महिला को अत्यधिक जोखिम था।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी देते हुए राजपुरोहित ने बाताया कि डेंगू संक्रमित गर्भवती महिला का उपचार बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। केस की जटिलता को समझते हुए गर्भवती महिला की विस्तृत जांच और चिकित्सा प्रबंधन किया गया एवं सभी सावधानियों के साथ सामान्य प्रसव कराया गया।

नोर्मल डीलवरी करवाने के बात डॉ. प्रीती राजपुरोहित ने माँ और बच्चे दोनों के पूर्ण स्वस्थ रहने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए परिजनों को के समक्ष उनके अच्छे स्वास्थ्य की सदैव कामना की।

जाने गर्भवती महिलाएं कैसे रखें डेंगू बीमारी में अपने स्वास्थ्य का ख्याल

डेंगू मच्छरों से होने वाली एक बेहद गंभीर बीमारी है जिसमें तेज बुखार, त्वचा पर दाने, मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द होता है। पेट में गंभीर दर्द, लगातार उल्टी आना, मूत्र-मल या उल्टी से खून आना जैसे लक्षण डेंगू की गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।

डेंगू होने पर रोगी को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। लक्षणों के आधार पर दवाईयां दी जाती हैं। कुछ रोगियों के रक्त में प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है, जिसके लिए विशिष्ट उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

इम्युनिटी यानी बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता अच्छी हो तो कोई भी बीमारी आसानी से गंभीर अवस्था में नहीं पहुँचती। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अच्छा खान पान रखें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध-दही आदि खूब लें।

डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव सबसे बेहतर उपाय है। मच्छरों से बचने का प्रयास करे, डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक काटते हैं। पूरी आस्तीन वाले कपड़ें पहनें।

 

डेंगू के मच्छर आम तौर पर स्थिर और साफ पानी में प्रजनन करते हैं,इसलिए मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए अपने घर ऑफिस के आस पास पानी एकत्रित न होने दें।

गर्भवती महिलाओं को आम लोगों की अपेक्षा डेंगू संक्रमण से अधिक खतरा होता है। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण डेंगू संक्रमण से महिला स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि गर्भवती महिलाएं डेंगू से बचाव में अधिक सावधानी बरतें।

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प्रधानमंत्री 25 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर जायेंगे और प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएमएएसबीवाई) का शुभारंभ करेंगे https://vinayexpress.in/2021/10/24/delhi-2/ Sun, 24 Oct 2021 13:31:23 +0000 https://vinayexpress.in/?p=17703 विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 25 अक्टूबर, 2021 को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर जायेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 10.30 बजे सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1.15 बजे वाराणसी में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का शुभारंभ करेंगे। वे वाराणसी के लिए 5200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएमएएसबीवाई) पूरे भारत की स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना को मज़बूत करने संबंधी देश की सबसे बड़ी योजनाओं में एक होगी। यह योजना,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगी।

पीएमएएसबीवाई का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेषकर गहन चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) सुविधाओं तथा प्राथमिक देखभाल संबंधी सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना में मौजूद कमियों को दूर करना है। यह योजना विशेष रूप से चिन्हित 10 राज्यों के 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को समर्थन प्रदान करेगी। इसके अलावा, सभी राज्यों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

5 लाख से अधिक आबादी वाले देश के सभी जिलों में एक्सक्लूसिव क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के माध्यम से गहन चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जबकि शेष जिलों को रेफरल सेवाओं के माध्यम से कवर किया जाएगा।

देश भर में प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में नैदानिक ​​सेवाओं की एक पूरी श्रृंखला की सुविधा मिलेगी। सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

पीएमएएसबीवाईके तहत, नेशनल इंस्टिट्यूशन ऑफ वन हेल्थ, 4 नए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, डब्लूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफार्म, 9 जैव सुरक्षा स्तर III प्रयोगशालाएँ तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में 5 नए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

पीएमएएसबीवाई का लक्ष्य ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क विकसित करके एक आईटी सक्षम रोग निगरानी प्रणाली का निर्माण करना है। सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को जोड़ने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का विस्तार सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा।

पीएमएएसबीवाईका उद्देश्य 17 नई सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों का संचालन करना और प्रवेश-बिंदुओं पर 33 मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूत करना है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों तथा रोग के प्रकोपों ​​​​का प्रभावी ढंग से पता लगाया जा सके, जांचव रोकथाम की जा सके और मुकाबला किया जा सके। यह किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अग्रिम पंक्ति के प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने की दिशा में भी कार्य करेगा।

उद्घाटन किए जाने वाले नौ मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जिलों में स्थित हैं। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत “जिला/रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना” के लिए 8 मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं और जौनपुर में एक मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों के माध्यम से स्थापित किया गया है तथा इसका संचालन भी शुरू हो गया है।

केंद्र प्रायोजित योजना के तहत पिछड़े और आकांक्षी जिलों के साथ-साथ उन जिलों को वरीयता दी जाती है, जहां सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता में वृद्धि करना, मेडिकल कॉलेजों के वितरण में मौजूदा भौगोलिक असंतुलन में सुधार करना और जिला अस्पतालों की मौजूदा अवसंरचना का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है। योजना के तीन चरणों के अंतर्गत, देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेज मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 63 मेडिकल कॉलेजों का पहले से ही संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम में यूपी की राज्यपाल और मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।

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शारीरिक शिक्षिका मनोज कंवर राठौड़ राजस्थान कुंग फू वुशु एसोसिएशन, जैसलमेर की जनरल सैक्रेटरी नियुक्त https://vinayexpress.in/2021/08/05/jaisalmar-3/ Thu, 05 Aug 2021 14:45:35 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11986 विनय एक्सप्रेस समाचार, जैसलमेर। राजकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ोडा गांव की शारीरिक शिक्षिका मनोज कंवर राठौड़ को राजस्थान कुंग फू वुशु एसोसिएशन, जैसलमेर के जनरल सैक्रेटरी पद पर नियुक्त किया गया है। इस आशय का नियुक्ति पत्र एसोसिएशन की प्रदेश महासचिव मंजु छीपा द्वारा जारी किया गया है।

राजस्थान कुंग फू वुशु एसोसिएशन अध्यक्ष गुलजार अहमद ने हाल ही बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षिका मनोज कंवर राठौड़ को नियुक्ति पत्र सौंपा तथा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। मनोज कंवर अब जैसलमेर जिले में कुंग फू वुशु को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास करेंगी।

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सेटेलाइट अस्पताल में सोनोग्राफी जांच शुरू : सोनोलॉजिस्ट डॉ अमित अरोड़ा ने किया कार्यभार ग्रहण https://vinayexpress.in/2021/06/08/setelite-hospital-news/ Tue, 08 Jun 2021 09:59:26 +0000 https://vinayexpress.in/?p=9849 विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। लंबे समय से जिला राजकीय अस्पताल में सोनोग्राफी नहीं होने की शिकायत का आज से निवारण हो गया है,  एस डी एम राजकीय जिला अस्पताल, बीकानेर मे मंगलवार सुुबह सोनोलॉजिस्ट डॉ. अमित अरोड़ा सोनोलॉजिस्ट ने स्थानांतरण पश्चात एक बार फिर इस चिकित्सालय में अपनी सेवाएं देेने हेतु कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

डॉ. अमित अरोड़ा : सोनोलॉजिस्ट- जिला राजकीय चिकित्सालय बीकानेर

डॉक्टर अरोड़ा जिला चिकित्सालय बीकानेर में सोनोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत रह चुके हैं जिला चिकित्सालय बीकानेर में सोनोग्राफी का कार्य पिछले लंबे समय से बंद पड़ा था । मंगलवार को डॉक्टर अरोड़ा के पुनः ज्वाइन करने के पश्चात जिला चिकित्सालय बीकानेर में पुनः सोनोग्राफी का कार्य यथावत प्रारंभ कर दिया गया है जिसमें मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत आने वाले मरीजों गर्भवती महिलाओं इत्यादि की  नियमित सोनोग्राफी होने से राहत मिलेगी।

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जानिए क्या है ब्लैक फंगस ? और क्यूं है घातक ? कोविड रोगियों पर स्टेराॅयड्स ड्रग्स का असर क्या है , जानिए डाॅ. सुनिल तेतरवाल से https://vinayexpress.in/2021/06/07/health-article-on-black-fungus/ Mon, 07 Jun 2021 06:59:34 +0000 https://vinayexpress.in/?p=9754 विनय एक्सप्रेस समाचार, स्वास्थ्य आलेख। ब्लैक फंगस और उसके लक्षणों व दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने, कोविड रोगीयों पर स्टेराॅयड्स दवाओं के पड़ने वाले असर विषय पर बीकानेर जिले में कोलायत तहसिल के कोविड़ केयर इंचार्ज एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गड़ियाला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत डाॅ. सुनिल बिश्नोई तेतरवाल द्वारा विनय एक्सप्रेस के सुधि पाठकों की जागरूकता हेतु एक आलेख प्रस्तुत किया जा रहा है जो प्रस्तुत है।

क्या हैं ब्लैक फंगस बीमारी ओर क्यूं कोविड रोगियों में ये देखी जाती हैं ? ओर ये बीमारी इतनी घातक क्यू हैं ?

 

Dr. Sunil Tetarwal : Medical Officer CHC- Gadiyala

ओर क्या हैं कोविड रोगियों पे ज़्यादा स्टेराॅयड्स दवाओं का असर –

क्यूं steroid prednisone दवा मुँह से इंजेक्शन से शुगर के रोगी को डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए ओर क्यूं शुगर के पेशंट को निरंतर रक्त में शुगर की जाँच ओर बॉडी का शुगर कितना कंट्रोल हैं (Hb1Ac Investigation) महत्वपूर्ण हो जाती हैं, जिन कोविड पेशंट को पहले से शुगर diabetes की बीमारी हैं वो अपना HbA1c or blood sugar चेक करवाते रहे. क्यूँकि शुगर पेशंट को यदि बहुत ज्यादा steroids दिए जाते हैं तो उनका शुगर लेवल ओर बढ़ जाता हैं जिससे ब्लैक फंगस नाम की बीमारी होने लग जाती जो की ज्यादातर आपके आँखो की मेन सेंट्रल रेटिनल आर्टरी  (CRAO) को ब्लॉक कर देती हैं ओर ये मुकोर नाम का फ़ंगल बहुत जल्दी फैलता हैं जिस से समय रहते पता नहीं चलता हैं तो आपके आँखे की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती हैं

 

कैसे पहचाने  फ़ंगल इन्फ़ेक्शन के क्या लक्षण ओर संकेत होते हैं ?

चहरे पे सूजन आना स्टार्ट हो जाना आँखो से दिखाई कम देना चहरे पे सूनापन महसूस होना सर दर्द होना चहरे पर दर्द होना पाया जाता हैं. समय रहते इसका ईलाज नहीं होता तो आँखो खोने के साथ ये रुधिर वाहिनियों से आपके ब्रेन तक पहुँच सकता हैं जिस से आपको सर दर्द आपका दिमाग़ का बर्ताव में बदलाव इसका प्रभाव आपके स्वसन तंत्र पे पड़ता हैं जिस से बुख़ार ओर ख़ासी के साथ रक्त का आना ओर आपके पाचन तंत्र पे प्रभाव पेट में दर्द होना खून से साथ उल्टी होना देखने को मिलती हैं पर इसका सबसे जय्दा पहले ओर घातक प्रभाव आँखो पे पड़ता हैं. इसके इलाज के लिए लिपोसोमल amphoteracin इंजेक्शन ओर ज्यादा फैलने पर आँखो का ऑपरेशन किया जाता हैं ताकि इस फ़ंगल से ख़राब हुए जगह को बाहर निकल सके ओर आगे फ़ेलने से रोके ओर ये सर्जरी एक जटिल सर्जरी में आती हैं पार्य ड्रग जिनके side effect mucormycosis के तोर पे जय्दा देखने को मिलते हैं उनमे से सबसे महत्वपूर्ण दो drugs 1- prednisone steroid ओर 2-deferoxamine जो iron toxicity को कम करने के लिए ली जाती हैं

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कोरोना महामारी के दौर में जानिये प्लाज्मा और प्लाज्मा डोनेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां युवा डॉक्टर सुनील तेतरवाल के साथ https://vinayexpress.in/2021/05/10/health-article-3/ Mon, 10 May 2021 09:39:02 +0000 https://vinayexpress.in/?p=7889 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य आलेख, बीकानेर। वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ती प्लाज्मा और प्लाज्मा डोनेशन के बारे युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से गड़ियाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के युवा चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील तेतरवाल ने विनय एक्सप्रेस के सुधि पाठकों हेतु आलेख प्रेषित किया है जो इस प्रकार है :


प्लाज़्मा डोनेट करना कितना महत्वपूर्ण हैं ओर लोगों में इसको लेके डर क्यू हैं क्या हैं वास्ततिकता इनसे जुड़े सवालों के जवाब पे चर्चा
सबसे पहला सवाल प्लाज़्मा हैं क्या
प्लाज़्मा खून का ही भाग हैं एक
सामान्यतया खून में दो चीज होती हैं एक प्लाज़्मा ओर एक कोशिका जेसे RBC WBC platlets  ओर दूसरा प्लाज़्मा जो तरल भाग होता हैं जेसे बॉडी में कोई सँक्रमण होता हैं तो बॉडी उस सूक्ष्मजीव के ख़िलाफ़ ऐंटीबाडी बनाना सुरू कर देता हैं
यही बात कोविड की हैं जेसे इसका सँक्रमण होता है शरीर मेे इसके ख़िलाफ़ ऐंटीबाडी बन जाती हैं ये ऐंटीबाडी कोविड वाइरस से लड़ने में मदद करती हैं

दूसरा सवाल प्लाज़्मा डोनेट केसे किया जाता हैं
प्लाज़्मा डोनेट अलग से नहीं बल्कि जेसे आप रक्त दान करते हो वैसे ही आपसे रक्त लिया जाता हैं उसके बाद लैब में रक्त के भाग को अलग कर लिया जाता जिसने एक भाग कोशिका का होता ओर दूसरा भाग प्लाज़्मा ओर साथ मैं बनी ऐंटीबाडी का होता ये दूसरा भाग कोविड रोगी का ब्लड ग्रूप मैच करके मैचिंग वाले ब्लड ग्रूप डोनर का प्लाज़्मा रोगी को चढ़ा दिया जाता हैं जिस से उसका जीवन बच सकता हैं
तीसरा सवाल कोण प्लाज़्मा ओर रक्त दान कर सकता हैं

कोविड में वो हर कोई ब्लड प्लाज़्मा दान कर सकता हैं जो कोविड से सँक्रमित होके ठीक हो हुआ हैं ओर ठीक होने से लेके 28 दिन तक की अवधि तक मतलब ठीक होने के बाद 28 दिन तक वो डोनेट कर सकता हैं
चोथा सवाल क्या प्लाज़्मा डोनेशन से शरीर में थकावट ओर दूसरी समस्या रहती हैं

जवाब बिल्कुल नहीं

पाँचवा सवाल कौन डोनेट नहीं कर सकता प्लाज़्मा

यदि सँक्रमित हो रखा  डोनर 28 दिन के बाद प्लाज़्मा डोनेट नहीं कर सकता ओर वो भी नहीं कर सकते हैं जिनको लम्बे टाइम से बीमारियाँ चली आ रही आनुवंशिक बीमारी हो लम्बे समय से कोई नशा करता हो दारू अफ़ीम जेसे या फेर जो 50kg से कम भार का हो या जिसके खून कमी से जुड़ी कुछ बीमारी हो

आख़िर में डॉक्टर तेतरवाल बताते है कि हमें icu वेंटिलेटर या ऑक्सिजन के मात्रा काम हो एसी परिस्थिति पैदा नहीं करे खुली कोविड का सबसे आसान तरीक़ा उसका रोकथाम हैं जो की मास्क लगाए रखना शारीरिक दूरी बनाए रखना ओर बिना काम बाहर ना जाए घर पे रहे सुरक्षित रहे क्यूँकि जेसे हमें पता हैं सड़क पे दुर्घटना होने से नए हॉस्पिटल नहीं बनाए जाते बल्कि गाड़ी वाहन को सुरक्षा हेलमेट के साथ चलाये जाते हैं कुछ ऐसा ही इस कोविड महामारी का ही इलाज हैं

क्यू ज़रूरी हैं अभी रक्तदान भी

plasma therapy
अभी कोविड के अलावा वो भी सभी बीमारी वैसे ही हैं जेसे पहले थे जैसे पहले खून की ज़रूरत पड़ती थी चाहे जो प्रसव महिला हो जिनको कॉम्प्लिकेशन आ जाते हैं या फेर वो जिनको खून की कमी होने से रक्त की ज़रूरत होती हैं पर अभी कोविड के कारण उतना खून नहीं हैं जितना अभी रोगियों को ज़रूरत हैं तो ब्लड बैंक में खून की बहुत कमी आ रही हैं तो आप सभी से निवेदन हैं की अभी 18-45 उम्र के लोगों के वैक्सीन कोविड की लग रही हैं ओर वही होते हैं जो सबसे पहले खून डोनेट करने में आगे आते है तो आप सभी से निवेदन हैं हाथ जोड़कर वैक्सीन लगाने से पहले ब्लड बैंक या ज़िला अस्पताल या कही भी खून दान का सिविर लगा हो वहाँ जाके अपना रक्त दान कीजिए हो सकता हैं वही रक्त आपके किसी अपने के भी काम आए क्यूँकि हमें आगे की भी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए चलना हैं वैक्सीन की दो डोज लगेगी जिस के बाद आप तीन चार महीने तक खून डोनेट नहीं कर सकते तो घबराये नहीं वैक्सीन लगने से पहले मानवता की मिसाल पेस करते आप रक्त दान कीजिए ।

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कोरोना वैक्सीनेशन का काम प्रगति पर, आमजन को किया जा रहा जागरूक https://vinayexpress.in/2021/03/05/nagaur-44/ Fri, 05 Mar 2021 14:45:59 +0000 https://vinayexpress.in/?p=3892 अतिरिक्त जिला कलक्टर व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताई प्रगति रिपोर्ट

राज्य सरकार की गाइडलाइन व जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा टीकाकरण अभियान

एक मार्च से शुरू हुए तीसरे चरण में अब तक 56 हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण

विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। नागौर के अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार ने बताया कि जिले में राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 16 जनवरी 2021 से कोविड 19 टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें सबसे पहले चिकित्सा विभाग के कार्मिक, आईसीडीएस,आयुर्वेद के लिए उसके बाद फ्रंट लाईन वर्कर का टीकाकरण प्रारम्भ किया गया है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय व राज्य सरकार की गाइडलाइन व जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार कोरोना वैक्सीनेशन के अब तक हुए चरणों में सबसे पहले राजस्व विभाग,पंचायती राज विभाग,शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, सोशियल जस्टिस,पुलिस एवं होम गार्ड, आरपीएफ आदि को कवर किया गया है, जिनको 28 दिन की अवधि पूर्ण होने पर द्वितीय खुराक भी दी जा रही है। उपर्युक्त केटेगरी का निम्नानुसार टीकाकरण किया गया है। इसके बाद अगले चरण में राज्य सरकार के निर्देशानुसार 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा 45 से 59 वर्ष तक के बीमारीग्रस्त लोगों का भी टीकाकरण 1 मार्च 2021 से प्रारम्भ किया गया है जिसके लिए आयु की गणना 1 जनवरी 2022 को आधार मानकर की जा रही है। इसके लिए जिले को 3,89, 816 का लक्ष्य प्राप्त हुआ। उपर्युक्त कैटेगरी में आने वाले सभी लोगों का टीकाकरण जिले के विभिन्न संस्थानो पर प्रतिदिन सेशन लगाकर किया जा रहा है इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी उपखण्ड अधिकारियों को प्रभारी बनाया जाकर क्षेत्र में सभी सम्बन्धित विभागों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाकर आम जनता में जागरूकता लाई जा रही है। उक्त कार्य में बीएलओं तथा आशा सहयोगिनी, आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहयोगिनी, शिक्षा विभाग के कार्मिकों प्रशिक्षण प्रदान कर उपर्युक्त केटेगरी के लोगों को सेशन साईट पर मोबिलाईज करने के लिए निर्देशित किया गया है।


पांच दिन में टीकाकरण का आंकड़ा 56 हजार के पार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया ने बताया कि कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में नई गाइडलाइन के अनुसार समुदाय स्तर पर पांचवें दिन भी निर्धारित चिकित्सा संस्थानों पर वैक्सीनेशन हुआ। इस चरण में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देशानुसार 60 वर्ष से अधिक आयु तथा 45 से 59 वर्ष तक की आयु के ऐसे व्यक्ति, जो कि गाइडलाइन में उल्लेखित बीमारियों से ग्रसित हैं, उन सभी का चयनित टीकाकरण अभियान में चयनित चिकित्सा संस्थानों में टीकाकरण किया जा रहा है। इस चरण में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नवीन गाइडलाइन के मुताबिक 60 वर्ष से अधिक आयु तथा 45 से 59 वर्ष तक की आयु के ऐसे व्यक्ति, जो कि गाइडलाइन में उल्लेखित बीमारियों से ग्रसित हैं, उन सभी का चयनित टीकाकरण अभियान में चयनित चिकित्सा संस्थानों में टीकाकरण किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महिया ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेषन अभियान के तीसरे चरण के पांचवें दिन शुक्रवार को 70 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए, जहां 12 हजार 665 व्यक्तियों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। अभियान के तीसरे चरण में कुल मिलाकर पांच दिनों में 56 हजार से अधिक लोगों के कोरोना से बचाव के टीके लगाए जा चुके हैं।

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