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विनय एक्सप्रेस समाचार,अहमदाबाद। नरेंद्र मोदी स्टेडियम आज इतिहास का गवाह बना। **टीम इंडिया** ने ICC Men’s T20 World Cup 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को **96 रनों** से करारी शिकस्त देकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। यह जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का सुनहरा अध्याय है –
– पहली टीम जिसने T20 विश्व कप का खिताब डिफेंड किया
– घरेलू मैदान पर पहली बार T20 WC जीता
– कुल तीन T20 विश्व कप जीतकर रिकॉर्ड बनाया
मैच का रोमांचक सारांश
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें धूल चटा दी। भारत ने 20 ओवर में 255/5 का विशाल स्कोर बनाया – T20 विश्व कप फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर
भारतीय बल्लेबाजों का तूफान:
– संजू सैमसन की 46 गेंदों पर 89 रनों की विस्फोटक पारी (फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर)
– अभिषेक शर्मा ने महज 18 गेंदों में अर्धशतक ठोककर टूर्नामेंट का सबसे तेज फिफ्टी बनाया
– ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन बनाकर आग लगाई
– शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने अंत में तेज कैमियो खेलकर स्कोर को 250+ पहुंचाया
जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 256 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 159 पर ही ढेर हो गई।
भारत के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया:
– जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट झटके – उनकी यॉर्कर और स्लोअर गेंदों ने NZ को तोड़ दिया
– अक्षर पटेल ने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए
– मिचेल सैंटनर (43) NZ के टॉप स्कोरर रहे, लेकिन भारत की घातक गेंदबाजी के आगे कोई नहीं टिका
अंतिम विकेट अभिषेक शर्मा ने लिया – जैकब डफी को तिलक वर्मा ने लॉन्ग-ऑन पर शानदार कैच पकड़ा। इसी पल स्टेडियम में 1 लाख+ दर्शकों ने “भारत माता की जय” के नारे लगाए और पूरे देश में जश्न का माहौल छा गया। 2023 के वनडे WC फाइनल का बदला पूरा हो गया!
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा: “यह टीम का जज्बा है। फैंस का प्यार, सपोर्ट और विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा। हमने हर चुनौती को जीत में बदला। भारत चैंपियन है”
एमएस धोनी और रोहित शर्मा ने ट्रॉफी पेश की, और अब सूर्या के हाथों में तीसरी बार चमक रही है। यह जीत 140 करोड़ भारतीयों का सपना साकार करती है!










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विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा के युवा नेता इशांत राठौर ने आज दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के OSD श्री भूपेंद्र गोठवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के दौरान इशांत राठौर ने मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से OSD को अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी, जैसे साफ-सफाई, जल निकासी, सड़कें और अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। राठौर ने कहा कि मुस्तफाबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान जरूरी है और भाजपा सरकार इन मुद्दों को प्राथमिकता देगी।
OSD भूपेंद्र गोठवाल ने इन मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इन समस्याओं के निराकरण के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
यह मुलाकात भाजपा की दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इशांत राठौर जैसे युवा नेताओं की सक्रियता से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश आया है।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली : दिल्ली में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने शपथ ले ली है. अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि किस मंत्री को कौनसा मंत्रालय दिया जाएगा. इससे पहले मंत्रियों के विभाग की संभावित लिस्ट सामने आई है, सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि इसी के अनुसार मंत्रियों के विभाग का बंटवारा हो सकता है.

1.रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री) – गृह, वित्त, सेवा, सतर्कता, योजना
2.प्रवेश वर्मा – शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, परिवहन
3.मनजिंदर सिंह सिरसा – स्वास्थ्य, शहरी विकास, उद्योग
4.रवींद्र कुमार इंद्राज – समाज कल्याण, एससी/एसटी मामले, श्रम
5.कपिल मिश्रा – जल, पर्यटन, संस्कृति
6.आशीष सूद – राजस्व, पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
7.पंकज कुमार सिंह – कानून, विधायी मामले, आवास
बता दें गुरुवार (20 फरवरी) को बीजेपी की विधायक रेखा गुप्ता ने यहां सचिवालय में दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया और कहा कि उनकी पार्टी की ओर से चुनाव में किए गए हर वादे को सरकार पूरा करेगी.

पहली बार शालीमार बाग से विधायक निर्वाचित हुईं रेखा को आज उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने रामलीला मैदान में आयोजित भव्य समारोह में पद की शपथ दिलाई। दिल्ली सरकार के नए मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की. शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद रेखा गुप्ता दिल्ली सचिवालय पहुंचीं और दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में कामकाज संभाल लिया. उनके साथ बीजेपी के दिल्ली प्रभारी बैजयंत पांडा और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत अन्य पार्टी नेता थे.
कार्यभार संभालने के बाद गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार विकसित दिल्ली के मिशन को साकार करने में एक भी दिन बर्बाद नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुवार को उनके नए मंत्रिमंडल की बैठक होगी और वह अपने मंत्रियों के साथ शाम को यमुना घाट पर आरती में भी शामिल होंगी. रेखा गुप्ता के साथ शपथ लेने वाले नए मंत्री प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, पंकज सिंह, आशीष सूद और रवींद्र इंद्राज भी उनके साथ दिल्ली सचिवालय में मौजूद थे.

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विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला, वह दिल्ली की चौथी और भाजपा की दूसरी महिला मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज सचिवालय आकर मुख्यमंत्री कार्यालय में हमने चार्ज संभाल लिया है. आज शाम कैबिनेट मीटिंग रखी गई है. हमारा विकसित दिल्ली का लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार काम किया जाएगा.हम दिल्ली से किए गए एक-एक वादे को पूरा करेंगे. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने कैबिनेट मंत्रियों परवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंदर इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह के साथ आज कार्यभार संभालते हुए विक्ट्री साइन दिखाती हुई दिखीं.
आपको बता दें कि रेखा गुप्ता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने रामलीला मैदान में पद की शपथ ली. LG विनय सक्सेना ने सीएम पद की शपथ दिलवाई. यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि बीजेपी 27 साल बाद राजधानी में सत्ता में वापस लौटी है.रेखा गुप्ता ने दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की बंदना कुमारी को हराया था. रेखा गुप्ता इस सीट से 29000 से ज्यादा वोटों से जीती थीं.

प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली. भाजपा के आशीष सूद ने दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली. भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली. भाजपा के कपिल मिश्रा ने दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. भाजपा के रविन्द्र इंद्राज सिंह ने दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. भाजपा के पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली।


विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर.बीकानेर (पश्चिम) विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि मुरलीधर व्यास कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

विधायक व्यास ने बुधवार देर रात शांतिनाथ आंगन में आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि मुरलीधर व्यास कॉलोनी और इसके आसपास की अन्य पूर्ण कॉलोनियां विकसित हों, इसके लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जाएगा। इसमें किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, सड़क तथा सफाई की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित विभाग को पाबंद किया जाएगा। इस दौरान मुरलीधर व्यास कॉलोनी तथा आस पास के क्षेत्र के नागरिकों ने सीवरेज, रोड लाइट तथा पानी के प्रेशर संबंधित समस्याओं से विधायक व्यास को अवगत करवाया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने विधायक व्यास को माला एवं शाल पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
इस दौरान सुरेंद्र सिंह शेखावत, जितेंद्र गहलोत, विनोद बोथरा, जय प्रकाश व्यास, मोतीलाल हर्ष, लवीश पारीक जितेंद्र सुराणा, अशोक बोथरा, शंकर बोथरा, दिलीप बोथरा, मुकेश ओझा, घनश्याम लोहिया, विजय उपाध्याय, जितेंद्र गहलोत, मोटूलाल हर्ष, भंवर पुरोहित, पार्षद प्रदीप उपाध्याय, गिरिराज हर्ष, पीयूष पुरोहित, आनंद जोशी मौजूद रहे।
]]>Mr. B. S. Mubarak, Consul General, Consulate General of India, Frankfurt, Germany along with the other official visited the EPCH pavilion and interacted with participants and was highly delighted with the large variety of Indian handicrafts products display in Ambiente’24.
Mr. Dileep Baid, Chairman EPCH said that Ambiente being one of the most important international fairs held in Germany where large number of international buyers visit to source their requirements and with such participation of Indian exporters at the fair increases the possibility of exports growth to the overseas markets. He added that the participants are displaying exquisite Gifts, Decoratives, Christmas Decoration, Fashion jewellery, wooden handicrafts items, textiles furnishing, leather products, lamps & lighting, ceramics, Incenses, bags and bathroom accessories in 3 sections – Living, Dining, Giving Sections at Ambiente 2024. Shri Baid further said that the cooperation extended by the Indian mission in Germany is commendable, as it greatly facilitates our participation every year.
Mr. Raj Kumar Malhotra, Immediate Past Chairman-EPCH said India’s participation in Ambiente’24 will add to the vibrancy and diversity of the fair and familiarize global manufacturers, retailers and brands with the robust entrepreneurship in Indian Home Decore, Gifts & consumer products industry and will open up opportunities for sourcing from India.
Mr. R. K. Verma, Executive Director–EPCH informed that Ambiente 2024 – world famous Consumer Goods Fair showcases around 3000 exhibitors worldwide. India will be the one of largest participating country in Ambiente 2024. Three fairs are being held concurrently i.e Ambiente, Christmas world and Creative world. Around 600 companies from India are exhibiting in the fairs at Messe Frankfurt. He further informed Council’s participation with 61 exporters at the fair is attracting visitors from across the globe.
Export Promotion Council for Handicrafts is a nodal agency for promotion of exports of handicrafts from the Country and create brand image of magic of the gifted hands of millions of artisans and crafts persons engaged in production of home, lifestyle, textiles, furniture and fashion jewellery & accessories products in different craft clusters of the Country. The overall Handicrafts exports during the year 2022-23 was Rs. 30,019.24 Crores (US $ 3,728.47 Million). The exports of handicrafts items to Germany during the year 2022-23 was Rs. 1428.06 Crores (US $ 177.37 Million) informed Mr. R. K. Verma, Executive Director, EPCH.
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विनय एक्सप्रेस समाचार, मुंबई. सहारा परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय को लेकर दुखद खबर सामने आई है। सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार देर रात मुंबई के कोकिला बेन हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर समाजवादी पार्टी समेत दूसरे राजनीतकि दलों ने शोक जताया है। सुब्रत रॉय सहारा इंडयि परिवार के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष थे। वे ’सहाराश्री’ के नाम से भी जाने जाते थे। उन्होंने 1978 में सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की थी।
सहारा इंडिया की तरफ से बताया गया कि सहाराश्री एक प्रेरणादायक नेता और दूरदर्शी शख्सयित थे,। मेटास्टैटिक स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पैदा हुई समस्याओं के साथ एक लंबी लड़ाई के बाद कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण 14 नवंबर 2023 को रात 10.30 बजे उनका निधन हो गया। बताया गया कि सहाराश्री को स्वास्थ्य में गिरावट के बाद 12 नवंबर को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था।
कौन थे सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय
बिहार के अररिया जिले के रहने वाले सुब्रत रॉय का पढ़ने में कुछ खास मन नहीं लगता। शुरूआती पढ़ाई-लिखाई कोलकाता में हुई और फिर वो गोरखपुर पहुंच गए। साल 1978 में सुब्रत रॉय ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर स्कूटर पर बिस्कुट और नमकीन बेचने का काम शुरू किया। एक कमरे में दो कुर्सी और एक स्कूटर के साथ उन्होंने दो लाख करोड़ रुपये तक का सफर तय कर किया। दोस्त के साथ मिलकर उन्होंने चिट फंड कंपनी शुरू की। उन्होंने पैरा बैंकिंग की शुरूआत की। गरीब और मध्यम वर्ग को टारगेट किया।
कैसे शुरू की कंपनी
मात्र 100 रुपये कमाने वाले लोग भी उनके पास 20 रुपये जमा कराते थे। देश की गलियों-गलियों तक उनकी ये स्कीम मशहूर हो गई। लाखों की संख्या में लोग सहारा के साथ जुड़ते चले गए। हालांकि साल 1980 में सरकार ने इस स्कीम पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन तब तक काफी लोगों ने इसमें निवेश किया था। सभी निवेशकों के पैसे बाद में फंस गए।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। दिलीप सिंह गोहिल को भारत सरकार द्वारा भारतीय खाघ निगम (थ्ब्प्) में सलाहकार समिति सदस्य नियुक्त किया गया इस पर गोहिल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री श्री अमित शाह जी एवं शीर्ष नेतृत्व का हार्दिक आभार जताया। गोहिल को गुजरात से सदस्य नियुक्त किया गया इनके साथ राजस्थान, दिल्ली व तेलांगना से भी सदस्य नियुक्त किए गये हैं।
गोहिल ने आश्वस्त किया हैं की शीर्ष नेतृत्व ने मुझे जो ज़िम्मेदारी दी हैं उसका पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करूँगा। गोहिल ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम का उद्देश्य किसानों से अनाज की सरकारी ख़रीद कर उसे सही तरीक़े से गोदमों में भंडारण करना और खाद्यान योजना में चिह्नित व्यक्तियों के लिए अनाज उपलब्ध करवाना जैसी महत्वपूर्ण ज़िम्मेवारी हैं।







विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। जवानों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाली के त्योहार और जवानों के साहस की प्रशंसा का मेल देश के प्रत्येक नागरिक के लिए ज्ञान का एक क्षण है। उन्होंने भारत के सीमावर्ती इलाके पर स्थितदेश के आखिरी गांव, जिसे अब पहला गांव माना गया है, में तैनात जवानों के साथ देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
अपने अनुभवों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सव वहीं होता है जहां परिवार रहता है। उन्होंने सीमा की सुरक्षा के लिए त्योहार के दिन अपने परिवार से दूर रहने की स्थिति को कर्तव्यों के प्रति समर्पण की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानने की भावना सुरक्षाकर्मियों के उद्देश्यों को सार्थकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “देश इसके लिए आपका आभारी और ऋणी है। इसीलिए हर घर में आपकी सुरक्षा के लिए एक ‘दीया’ जलाया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां जवान तैनात हैं वह जगह मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। आप जहां भी हैं, मेरा त्योहार वहीं है। ऐसा शायद 30-35 वर्षों से चल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने जवानों और सशस्त्र बलों की बलिदान की परंपरा को नमन किया। उन्होंने कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने खुद को सीमा पर सबसे मजबूत दीवार के रूप में साबित किया है।” प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने हार के जबड़े से जीत को छीनकर हमेशा नागरिकों का दिल जीता है।” उन्होंने भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशनों का भी उल्लेख किया जहां सशस्त्र बलों ने अनेक लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा, “सशस्त्र बलों ने भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।” प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिकों के लिए एक स्मारक हॉल के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम विश्व स्तर पर शांति स्थापित करने में शांति सैनिकों के योगदान को अमर बना देगा।
न केवल भारतीयों बल्कि विदेशी नागरिकों के निकासी अभियानों में भी भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने सूडान में उथल-पुथल के दौरान संपन्न की गई सफल निकासी और तुर्किये में भूकंप के बाद बचाव अभियान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “युद्ध क्षेत्र से लेकर बचाव अभियान तक, भारतीय सशस्त्र बल जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक देश की सशस्त्र सेनाओं पर गर्व महसूस करता है।
वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत से होने वाली वैश्विक अपेक्षाओं की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश में सुरक्षित सीमा, शांति और स्थिरता के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा, “भारत सुरक्षित है क्योंकि इसकी सीमाओं की सुरक्षा हिमालय जैसी दृढ़ता रखने वाले बहादुर जवानों द्वारा की जाती है।”
प्रधानमंत्री ने पिछली दिवाली के बाद से पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल की गई विभिन्न उपलब्धियों के बारे में बताया और चंद्रयान लैंडिंग, आदित्य एल1, गगनयान से जुड़े परीक्षण, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, तुमकुर हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, वाइब्रेंट विलेज अभियान और खेलों से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल हुई विभिन्न वैश्विक एवं लोकतांत्रिक उपलब्धियों को आगे गिनाते हुए, प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन, नारीशक्ति वंदन अधिनियम, जी-20, जैव ईंधन गठबंधन, दुनिया भर में वास्तविक समय में भुगतान संबंधी सुविधा के उत्कर्ष, निर्यात के क्षेत्र में 400 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 5जी की शुरुआत करने की दिशा में आगे बढ़ने के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “पिछला वर्ष राष्ट्र निर्माण के मामले में एक उपलब्धि-भरा वर्ष रहा।” उन्होंने कहा कि भारत ने बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में काफी प्रगति की है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा, रैपिड रेल सेवा नमो भारत, 34 नए मार्गों पर वंदे भारत, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर, दिल्ली में दो विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर- भारत मंडपम और यशोभूमि- वाला देश बन गया है। भारत सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला देश बन गया। धोरडो गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला और शांति निकेतन एवं होयसल मंदिर परिसर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक इस देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी, यह देश बेहतर भविष्य की दिशा में प्रयास करता रहेगा। उन्होंने भारत के विकास का श्रेय सशस्त्र बलों की शक्ति, संकल्प और बलिदान को दिया।
इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि भारत ने अपने संघर्षों से संभावनाएं पैदा की हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब आत्मनिर्भर भारत बनने की राह पर अग्रसर हो चुका है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत के अभूतपूर्व विकास और एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सेनाओं व सुरक्षा बलों की शक्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे देश पहले अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहता था, जबकि आज वह मित्र देशों की जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2016 में प्रधानमंत्री के इस क्षेत्र के दौरे के बाद से भारत के रक्षा निर्यात में आठ गुना से अधिक की वृद्धि हो गई है। उन्होंने कहा, “देश में आज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का रक्षा उत्पादन हो रहा है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।”
प्रधानमंत्री ने उच्च-तकनीक पर आधारित प्रौद्योगिकी एवं सीडीएस जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों के समन्वय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना लगातार और अधिक आधुनिक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत को अब निकट भविष्य में जरूरत के समय दूसरे देशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। प्रौद्योगिकी के इस बढ़ते प्रसार के बीच, श्री मोदी ने सशस्त्र बलों से प्रौद्योगिकी के उपयोग के क्रम में मानवीय समझ को हमेशा सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी को कभी भी मानवीय संवेदनाओं पर हावी नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज स्वदेशी संसाधन और उच्च श्रेणी का सीमा संबंधी बुनियादी ढांचा भी हमारी ताकत बन रहे हैं। और मुझे ख़ुशी है कि नारीशक्ति भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है।” उन्होंने पिछले वर्ष के दौरान 500 महिला अधिकारियों की कमीशनिंग, राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों और युद्धपोतों पर महिला अधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया। सशस्त्र बलों की जरूरतों का ख्याल रखने के महत्व के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने अत्यधिक तापमान के लिए उपयुक्त कपड़े, जवानों की बेहतरी एवं सुरक्षा के लिए ड्रोन और ‘वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का उल्लेख किया।
एक दोहे के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों का हर कदम इतिहास की दिशा निर्धारित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र बल इसी दृढ़ संकल्प के साथ भारत माता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “आपके सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। हम मिलकर देश के हर संकल्प को पूरा करेंगे।”
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