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विनय एक्सप्रेस समाचार, चूरू । चूरू लोकसभा सीट के नतीजे सामने आ गए हैं. इस चुनाव में बीजेपी की ओर से देवेन्द्र झाझड़िया और कांग्रेस की तरफ से राहुल कस्वां मैदान में थे. दोनों के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही थी.
चूरू लोकसभा सीट के नतीजे सामने आ गए हैं. राहुल कस्वां ने बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र झाझरिया को 72 हजार 737 वोट से हरा दिया है. कांग्रेस के राहुल कस्वां को 7 लाख 28 हजार 211 और भाजपा के देवेंद्र झाझरिया को 6 लाख 55 हजार 474 वोट मिले हैं. बता दें कि इस सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल कस्वां ने कांग्रेस के प्रत्याशी रफीक मंडेलिया को 3 लाख 34 हजार 402 वोट से हराया था. इस चुनाव में बीजेपी की ओर से देवेन्द्र झाझड़िया और कांग्रेस की तरफ से राहुल कस्वां मैदान में थे. दोनों के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही थी. लेकिन परिणाम कांग्रेस के विपरीत आए हैं.
ये रहे थे 2019 लोकसभा के परिणाम
लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम में चुरु सीट से बीजेपी के प्रत्याशी राहुल कस्वां ने कांग्रेस के प्रत्याशी रफीक मंडेलिया को 3 लाख 34 हजार 402 वोट से हराया था. जो बहुत बड़ा मार्जिन था. राहुल कस्वां को 7,92999 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के रफीक मंडेलिया को 4,58597 वोट मिले थे. 2014 में राहुल कस्वां ने यहां पर बसपा प्रत्याशी अभिनेष महर्षि को हराया था.







विनय एक्सप्रेस समाचार, चूरू। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर और मरूदेश संस्थान, सुजानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में छापर के कालू कल्याण केन्द्र में आयोजित जिला स्तरीय राजस्थानी साहित्यकार सम्मेलन रविवार को राजस्थानी भाषा की मान्यता और राजस्थानी मंे अधिकाधिक सृजन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
रविवार को आयोजित समापन सत्रा में कल्याण मित्रा जुगराज नाहटा को स्मरण किया गया। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार से सम्मानित लेखक एवं सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) कुमार अजय ने कहा कि राजस्थानी हमारी पहचान है और राजस्थानी भाषा की मान्यता यहां के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार व अस्मिता का सवाल है। हमारी संस्कृति के संरक्षण हेतु भाषा के उत्थान की नितांत जरूरत है। भाषा के बिना आजादी अधूरी है।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार व लोहिया कालेज के इतिहास व्याख्याता डॉ सुरेंद्र डी. सोनी ने कहा कि भाषा हमारी अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि छापर जैसे ऐतिहासिक कस्बे में राजस्थानी भाषा का साहित्यकार सम्मेलन होने का अर्थ है कि यहां के लोग अपनी मातृभाषा और मातृभूमि से जुड़े हैं। राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार भंवरसिंह सामौर के सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में विशिष्ट अतिथि सरदारशहर के कवि अशोक अनुराग, चूरू के आशीष गौतम व छापर के चंचल दुधोड़िया ने भी विचार प्रकट किए। आभार व्यक्त करते हुए छापर नगर पालिका अध्यक्ष श्रवण माली ने प्रति वर्ष राजस्थानी कवि सम्मेलन करवाने की घोषणा की। समारोह के संयोजक कन्हैयालाल स्वामी का सफल आयोजन हेतु अकादमी की ओर से सम्मान किया गया। समाहार वक्तव्य नितिन मिश्रा ने दिया और सत्रा का संचालन शंकरलाल सारस्वत ने किया। मरूदेश संस्थान के अध्यक्ष डॉ घनश्याम नाथ कच्छावा ने आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व शनिवार रात्रि को आयोजित काव्य गोष्ठी में राजस्थानी कवियों की कविताओं पर श्रोताओं ने खूब दाद दी। छापर के कवि फतेहखां मोहिल को समर्पित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता बजरंगलाल सूंठवाल ने की। छापर के वरिष्ठ कवि गौरीशंकर भावुक के सान्निध्य में आयोजित काव्य संध्या के मुख्य अतिथि सरदारशहर के वरिष्ठ कवि छगनलाल सेवदा थे। काव्य गोष्ठी का प्रारंभ तारानगर के कवि देवकरण जोशी की मायड़ वंदना से हुआ। इसके बाद सुजानगढ़ के मदनलाल गुर्जर सरल, रतनगढ़ के अजीत कुमार चारण, तारानगर के परमेश्वर प्रजापति, श्रेणीदान चारण, आबसर के बाबूलाल स्वामी, चूरू के मंगल व्यास भारती , सरदारशहर के रफ़ी अहमद रफ़ी, सुजानगढ़ के अरविंद विश्वेंद्रा, कुमार भारती, बलदेव ढाका, कपिल आर्य, भंवरलाल महरिया भंवरो, छापर के धन्नाराम प्रजापत, आबसर के भागीरथ सुथार, किशोर कुमार निर्वाण , रतनगढ़ के मनोज कुमार चारण आदि ने अपनी प्रतिनिधि कविताएं सुनाकर मंत्रामुग्ध कर दिया। मरूदेश संस्थान के अध्यक्ष डॉ घनश्याम नाथ कच्छावा ने आभार व्यक्त किया। संचालन कवि हरिराम गोपालपुरा ने किया।
रविवार सवेरे वीरांगना कोडम दे सत्रा में राजस्थानी के महिला लेखन पर चर्चा हुई। सत्रा की अध्यक्षता करते हुए सरदारशहर की डॉ. मोनिका सैनी ने कहा कि राजस्थानी भाषा के संरक्षण हेतु समाज को सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय की सह आचार्य डॉ. गीता सामौर ने कहा कि स्त्राी का जीवन बहुत कठिन है। उन्होंने उक्ति ‘स्त्राी जन्म कांई दियो महेश’ सुनाते हुए कहा कि साहित्य में जल्दबाजी करनी उचित नहीं है। साहित्य अधीर लोगों का खेल नहीं, यह धीर लोगों का रचाव है। डॉ सामौर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला रचनाकारों को प्रोत्साहन मिलता है। सत्रा में चूरू की इंदिरा सिंह राजपूत ने राजस्थानी साहित्य में महिला लेखन विषय पर पत्रावाचन किया। छापर की वरिष्ठ लेखिका सुमित्रा प्रजापति के सान्निध्य में आयोजित इस सत्रा की विशिष्ट अतिथि सुजानगढ़ की सुशीला भामा थी। कार्यक्रम में छापर की बेटी व बीआरकेजीबी शाखा प्रबंधक शिल्पा यादव का सम्मान किया गया। सफल संचालन डॉ. शर्मिला सोनी ने किया।
कार्यक्रम में पार्थ सोनी, मुकेश धानका, नेमलता प्रजापत, पारूल सोनी, मंजू सारस्वत, विनोद नाहटा, तेजकरण उपाध्याय, बंटी रांकावत, सुमन नाहटा, सरोज भंसाली, शोभा डोसी, ओम प्रकाश टाक, हेमंत तंवर, लक्ष्य सारस्वत आदि ने अतिथियों एवं रचनाकारों का सम्मान किया।
इस दौरान समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये साहित्यकारों के अलावा सहायक जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार, नानकराम तापड़िया, मरूदेश संस्थान के सचिव कमल नयन तोषनीवाल, किशोर सैन, रतनलाल सैन, बृजदान सामौर, एडवोकेट सूर्य प्रकाश स्वामी, प्रदीप सुराणा, ओंकार पारीक, घमंडी खान मोहिल, श्रीकांत आत्रोय , राजेंद्र सिंह शेखावत, महेंद्र सिंह चारण आदि उपस्थित रहे।
विनय एक्सप्रेस समाचार, चूरू। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) सिद्धार्थ सिहाग के निर्देशानुसार शुक्रवार को आगामी विधानसभा आम चुनाव को लेकर गठित निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के जिला स्तरीय नोडल एवं उप नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी सुजानगढ़ अतिरिक्ति जिला कलक्टर भागीरथ साख ने कहा कि चुनाव के दौरान धन बल का दुरुपयोग रोकने के लिए विभिन्न विभागों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी सजगता, सतर्कता एवं सक्रियता के साथ अपने दायित्वों को अंजाम दें। चुनाव के दौरान सभी गतिविधियों पर नजर रखते हुए सतर्कता से काम करें।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग सामंजस्य बनाते हुए काम करें और आने वाली उलझनों को सुलझाते जाएं। किसी भी प्रकार की शंका समाधान के लिए विचार विमर्श करते हुए सहयोगी भावना से काम करें।
अतिरिक्त नोडल अधिकारी एवं कोषाधिकारी देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि संबंधित अधिकारी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में तथा अवैध हथियार, मादक पदार्थों व वाहनों के विरूद्ध सहित निर्धारित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान शराब की अवैध तथा अप्रत्याशित बिक्री, बैंकों में अधिक तथा अप्रत्याशित लेन-देन, अवैध नकदी, सोना, नकली नोट, अधिक निकासी व नकद लेन-देन पर निगरानी रखें। इसी के साथ रेल्वे, आयकर एवं वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी भी समुचित कार्रवाई करें और गतिविधियों पर सतर्कता रखें।
जिला मास्टर ट्रेनर सहायक लेखाधिकारी गुगनराम ने सभी को पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान डीएफओ सविता दहिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयसिंह तंवर, जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी, वाणिज्यिक कर अधिकारी शकुंतला शेखावत, नारकोटिक्स कन्टोल ब्यूरो के इन्टेलीजेन्स ऑफिसर पुलकित सैनी, एलडीएम अमर सिंह, डीटीओ ओमसिंह शेखावत, सीजीएसटी निरीक्षक कमलेश कुमार, आईटीओ शीशराम सुमन, पुलिस निरीक्षक भवानी सिंह राठौड़ सहित अन्य उपस्थित रहे।
]]>उप सरपंच पूर्ण सिंह शेखावत ने कहा कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति सार्वजनिक संपत्ति को अपना मानकर उसके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक समस्याओं का समुचित समाधान सम्भव नहीं है।
इस अवसर पर मौजूद बन्ने खां, मुस्ताक खाँ अखाण, पूर्व पंच यूसुफ खां आदि ने टिन शेड निर्माण के लिए ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी लोगों को साथ लेकर चलने वाला ही सच्चा जनप्रतिनिधि होता है। कायमखानी समाज के प्रतिनिधियों ने कब्रिस्तान के विकास के लिए इंटरलॉक खरंजा निर्माण सहित विभिन्न मांगें दोहराईं।
सामाजिक कार्यकर्ता महावीर नेहरा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचें।
ग्राम सेवा सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष परमेश्वर लाल दर्जी ने कहा कि किसी का विकास कार्य की सार्थकता इसी में है कि बनाई गई सार्वजनिक संपत्ति का रखरखाव ठीक से किया जाये।
इस दौरान आजम खान, असलम खान, महबूब अली, मुस्ताक खान अखाण, मुस्ताक खान जोइया, परवेज खान, इमरान खान, निजामुद्दीन, नजीर खान, यूसुफ खान पहाड़ियान, सेवानिवृत्त फौजी सफी मोहम्मद, रमजान खान, सफी मोहम्मद अखाण, सलीम खान, अहमद अली, हबीब अली, इमरान आजम अली सहित बड़ी संख्या में कायमखानी समाज के लोग मौजूद थे।
]]>टाऊन वेंडिंग कमेटी सदस्य चुनाव के निर्वाचन अधिकारी चूरू एसडीएम सक्षम गोयल ने बताया कि मतदाता सूची का प्रकाशन 20 जुलाई 2023 को किया जाएगा। मतदाता सूची संबंधित दावा या आपत्ति 21 जुलाई तक ली जाएगी। दावे, आपत्ति व पूरक सूची सहित अंतिम सूची 22 जुलाई को जारी की जाएगी। 23 जुलाई को निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी। एक अगस्त 2023 को दोपहर एक बजे तक नाम निर्देशन प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इसी दिन दोपहर एक से दो बजे तक नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। एक अगस्त दोपहर 2 से 3 बजे तक नाम निर्देशन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यक होने पर 2 अगस्त 2023 को सवेरे 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। 2 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे से मतों की गणना की जाएगी।
]]>इनमें अलवर के 9, भरतपुर के 8, बीकानेर के 17, चित्तौड़गढ़, चूरू के 3-3, दौसा के 7, जोधपुर, धौलपुर के 5-5, डूंगरपुर के 2, हनुमानगढ़ के 8, जयपुर के 45, झुंझुनूं के 17, करौली के 8, कोटा के 15, टोंक के 2, नागौर के 7, सवाई माधोपुर के 4, सीकर के 16, उदयपुर के 11 तथा श्रीगंगानगर के 2 विद्यालय रूपान्तरित किए जाएंगे।
महात्मा गांधी विद्यालयों में लगेंगे प्ले एलीमेंट्स
प्रदेश के 966 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों (अंग्रेजी माध्यम) में प्री-स्कूल एजुकेशन के लिए चरणबद्ध रूप से प्ले एलीमेंट्स लगाए जाएंगे। इसके लिए गहलोत ने 7.83 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
इनमें प्रति विद्यालय चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर के 3-3 सैट तथा आउटडोर प्ले मैटेरियल का एक-एक सैट लगाए जाएंगे। इनमें प्लास्टिक टॉप तथा आयरन बेस वाली कुर्सी-टेबल, स्लाइड, सी-सॉ, रॉकर आदि स्थापित किए जाएंगे।
]]>इस उपलब्धि के लिए राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की निदेशक कविता पाठक, अतिरिक्त निदेशक शिवजी गौड़, प्रोफेसर विनोद कुमार शर्मा ने चूरू डाइट द्वारा किए जा रहे प्रशंसनीय कार्य की सराहना की और समस्त राज्य के डाइट प्रधानाचायोर्ं को चूरू प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह राठौड़ की कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
चूरू डाइट प्रधानाचार्य राठौड़ ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने से लगातार चूरू डाइट ने इस उपलब्धि को बरकरार रखने में सफलता हासिल की है। यह समस्त डाइट स्टाफ द्वारा पूर्ण समर्पण एवं टीम भावना से कार्य करने का परिणाम है। डाइट का सौन्दर्यकरण, भामाशाहों के सहयोग, सघन पौधारोपण, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार प्रभावी प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण, शोधकार्य, सकारात्मक शैक्षिक माहौल, डी.एल.एड. के विद्यार्थियों का सत्र 2022-23 में कुल 49 में 21 का सीधा शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयन होना यह सफलता अर्जित करने के पीछे मुख्य कारण रहे। प्राचार्य राठौड़ ने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि इस उपलब्धि को हम बनाये रखें।
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