js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170मुख्य वक्ता बहन बी.के. चंदा ने कहा, “मीडिया समाज का आईना है। सकारात्मक पत्रकारिता समाज में नई चेतना और ऊर्जा का संचार कर सकती है।” उन्होंने मीडिया की कलम की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि यह समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा सकती है।
मीडिया विंग के वाइस चेयरमैन आत्मप्रकाश राजयोगी ने शांति, एकता और विश्वास को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि ये आत्म-चेतना के मूल में हैं। उन्होंने ‘मैं कौन हूं, कहां से आया हूं और मेरा उद्देश्य क्या है’ पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से गहन व्याख्या दी। उन्होंने कहा कि विश्व में विनाश की आशंकाओं और परमाणु हथियारों के भय के बीच, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व शांति और सतयुग की परिकल्पना को साकार करने में जुटा है।
कॉर्डिनेटर और वरिष्ठ कॉलमनिस्ट निकुंज भाई ने बताया कि इस वर्ष की थीम ‘शांति, एकता और विश्वास’ विश्व में बढ़ती अशांति और युद्ध की पृष्ठभूमि में चुनी गई है। उन्होंने कहा, “मानवता को आज स्थिरता और संयम की सबसे अधिक आवश्यकता है। मीडिया को इस दिशा में मार्गदर्शक बनना होगा।”

मधुरवाणी ग्रुप ने भक्ति गीत “वसुंधरा है मगन गा रही… गुंजन है सारा आकाश” की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक वातावरण में भावविभोर कर दिया।
रायपुर (छत्तीसगढ़) से आए वरिष्ठ पत्रकार मधुकर त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकारिता का दायरा अब वैश्विक हो चुका है। 140 देशों में सक्रिय ब्रह्मकुमारी संस्था विश्व शांति का संदेश फैला रही है। उन्होंने कहा, “हम नारद के वंशज हैं, हमारी कलम को लोककल्याण और शांति का संदेश देना चाहिए।”
पब्लिकेशन हिंदी मीडिया के संपादक गंगाधर भाई ने कहा कि ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्म-साक्षात्कार का माध्यम है। “अपने भीतर सत्य की जोत जलाकर ही हम समाज को दिशा दे सकते हैं,” उन्होंने जोड़ा।
राजयोगी रंजन बहन ने कहा कि इस मंच तक वही आत्मा पहुंचती है, जो सात्विक और भाग्यशाली होती है। उन्होंने भागदौड़ भरी जिंदगी में आत्म-चिंतन और मेडिटेशन की आवश्यकता पर बल दिया। “प्रतिस्पर्धा के दौर में ‘मैं कौन हूं’ का बोध हमें शांति और विश्वास की ओर ले जाता है,” उन्होंने कहा।
हेल्थकेयर प्रोजेक्ट डायरेक्टर बनारसी लाल ने समाज में बढ़ते नशे को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मकुमारी के नशा मुक्त भारत अभियान ने 14 राज्यों में 3.45 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया है, और लगभग 10,000 लोग नशा मुक्त हो चुके हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. ईशा अग्रवाल ने कहा कि मीडिया केवल सूचना का साधन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है। उन्होंने कहा, “मेडिटेशन से सकारात्मकता का उदय होता है और समाज में शांति स्थापित होती है। ध्यान को अपनाना आत्मबल और स्थिरता का सर्वोत्तम मार्ग है।”
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विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर /फलोदी. एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी जोधपुर ग्रामीण द्वारा आज कार्यवाही करते हुए डॉ. जितेन्द्र कुमार गौड चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल फलोदी को 7,000 रूपयें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरप्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों की जोधपुर ग्रामीण ईकाई को एक शिकायत इस आशय की मिली कि डॉ. जितेन्द्र कुमार गौड चिकित्सा अधिकारी जिला, अस्पताल फलोदी द्वारा परिवादी के द्वारा पुलिस थाना फलोदी में दर्ज मुकदमे में परिवादी व अन्य व्यक्ति के चोटो की मेडिकल रिपोर्ट उनके पक्ष में तैयार करने की एवज मे 10,000/- रूपये की रिश्वत राशि की मांग करना तथा आरोपी डा. जितेन्द्र कुमार गौड द्वारा 3,000/- रूपये रिश्वती राशि मांग सत्यापन वार्ता से पहले लेना एंवम 7,000/- रूपये रिश्वत राशि की ओर मांग करना पाया गया।
जिस पर श्री भुवन भूषण यादव उप महानिरीक्षक पुलिस एसीबी जोधपुर के सुपरविजन में श्री पारस सोनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों जोधपुर ग्रामीण के नेतृत्व में श्री अनिल कुमार निरीक्षक पुलिस मय ब्यूरों जाब्ता के आज ट्रेप कार्यवाही करतें हुए डॉ. जितेन्द्र कुमार गौड चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल फलोदी को 7,000 रूपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया ।
आरोपी से पूछताछ व कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामलें में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जायेगा।
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जयपुर, 5 मार्च। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को सभी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने एवं राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न शैक्षिक योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं।
जिला कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को शिक्षा विभाग की जिला निष्पादक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पीएम श्री स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा विद्यालय परिसरों में पेयजल, स्वच्छ एवं उपयोगी शौचालय, पुस्तकालय, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित रहें।
डॉ. सोनी ने विद्यालयों के पुस्तकालयों को अधिक सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकों का विद्यार्थियों के बीच नियमित वितरण किया जाए तथा विद्यार्थियों को पुस्तक अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों में पुस्तकों के संरक्षण एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए भी प्रयास किए जाएं।
बैठक में जिला कलक्टर ने भूमि विहीन विद्यालयों की समस्या पर विशेष ध्यान देते हुए शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालयों के लिए शीघ्र भूखंड उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को राजकीय विद्यालयों में नामांकन वृद्धि के लिए विशेष अभियान चलाने, विद्यार्थियों के जन आधार प्रमाणिकरण एवं आधार प्रमाणिकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुकुल कविया, जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
]]>दो दिवसीय यह राज्य स्तरीय आयोजन 31 जनवरी एवं 1 फरवरी, 2026 को ग्रीन पीपल सोसायटी, जयपुर चैप्टर द्वारा राजस्थान सरकार के वन विभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से आयोजित होगा। आयोजन स्थल कानोता कैंप रिजॉर्ट, जामडोली, जयपुर रहेगा। फेस्टिवल की थीम “Join the Celebration of Wings & Wetlands” रखी गई है, जो आमजन—विशेषकर विद्यार्थियों—को पक्षी संरक्षण और आर्द्रभूमियों के महत्व से जोड़ने का भावनात्मक आह्वान करती है।

ग्रीन पीपल सोसायटी के उपाध्यक्ष एवं जयपुर बर्ड फेस्टिवल के संयोजक विक्रम सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) ने बताया कि यह आयोजन पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय पहचान बना चुके उदयपुर बर्ड फेस्टिवल की सफलता से प्रेरित है। जयपुर में होने वाला यह फेस्टिवल प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक और सशक्त कदम सिद्ध होगा।
शनिवार : शिक्षा, संवेदना और रचनात्मकता का संगम
फेस्टिवल का पहला दिन शनिवार, 31 जनवरी को शिक्षा, रचनात्मकता और पर्यावरणीय जागरूकता को समर्पित रहेगा। इस दिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जयपुर बर्ड फेस्टिवल का मुख्य सत्र आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए नेचर क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिताएं होंगी, जिनका उद्देश्य बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
इसके साथ ही रैप्टर्स प्रदर्शनी, अत्याधुनिक वीआर एक्सपीरियंस, बर्ड फोटोग्राफी एवं पेंटिंग प्रदर्शनी तथा फिलैटली (डाक टिकट) प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी, जो दर्शकों को पक्षियों और उनके आवासों की दुनिया से भावनात्मक रूप से जोड़ेंगी।
प्रशिक्षकों और लेखकों के लिए विशेष कार्यशालाएं भी होंगी, जिनसे पर्यावरण संवाद और संरक्षण लेखन को प्रोत्साहन मिलेगा।

वर्कशॉप और राज्य स्तरीय विमर्श
विक्रम सिंह ने बताया कि फेस्टिवल के अंतर्गत लगभग 30 रिसोर्स पर्सन्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी, ताकि वे अपने-अपने संस्थानों में विद्यार्थियों को पक्षियों और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक कर सकें। वहीं, 15 उभरते लेखकों के लिए आयोजित लेखन कार्यशाला में अनुभवी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। इसी दिन राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें वन, पर्यावरण एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, चयनित एनजीओ, शिक्षाविद् और विशेषज्ञ भाग लेंगे। लगभग 100 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ संरक्षण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा।
रविवार : आर्द्रभूमियों के बीच प्रकृति से सीधा संवाद
फेस्टिवल के दूसरे दिन रविवार, 1 फरवरी को प्रतिभागियों के लिए जयपुर एवं आसपास स्थित प्रमुख आर्द्रभूमियों और वन्यजीव क्षेत्रों का फील्ड विजिट आयोजित किया जाएगा।
इसके अंतर्गत सांभर साल्ट लेक, बरखेड़ा–चंदलाई–मुहाना क्षेत्र, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर), तालछापर अभयारण्य (चूरू) तथा रणथम्भौर अथवा सरिस्का टाइगर रिजर्व जैसे स्थलों का भ्रमण प्रस्तावित है।
देश–प्रदेश के पक्षी विशेषज्ञ रहेंगे मौजूद
जयपुर बर्ड फेस्टिवल में भाग लेने के लिए देश–प्रदेश के प्रख्यात पक्षी विशेषज्ञ, वन्यजीव फोटोग्राफर और पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि जयपुर पहुंचेंगे। इनमें बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के पूर्व निदेशक एवं वरिष्ठ पक्षीविद् असद रहमानी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सीईओ रवि सिंह, पद्मश्री से सम्मानित फोटोग्राफर अनूप शाह, आउल एक्सपर्ट डॉ. प्राची मेहता, रैप्टर एक्सपर्ट रातुल साहा सहित अनेक बर्डवॉचर्स, पक्षीप्रेमी और पर्यावरणप्रेमी शामिल होंगे। उदयपुर से ग्रीन पीपल सोसायटी की टीम अध्यक्ष एवं एनसीटीए के सदस्य राहुल भटनागर, पक्षीविद् वीरेन्द्रसिंह बेड़सा आदि के नेतृत्व में शुक्रवार को पहुंच चुकी है।
]]>*पूछताछ में खुला राज: रद्द परीक्षा के बाद भी नहीं रुका पेपर माफिया*
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री विशाल बंसल के अनुसार दिसंबर 2020 में हुई JE भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले (सांगानेर थाना FIR 540/2020) की जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने जब आरोपियों से पूछा कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद वे दोबारा सफल कैसे हुए, तो उन्होंने कबूल किया कि 12 सितंबर 2021 को दोबारा आयोजित परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पूर्व ही आउट कर दिया गया था।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एसओजी ने 19 जनवरी 2026 को एक नया मामला दर्ज किया है। जांच के केंद्र में कुख्यात पेपर माफिया जगदीश विश्नोई पुत्र हरिराम निवासी डांटा सांचौर है, से पूछताछ में सामने आया है कि जगदीश ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र मुहैया कराए थे।
जांच में सबसे गंभीर तथ्य गणपतलाल विश्नोई की संलिप्तता का आया है। गणपतलाल ने अवैध तरीके से पेपर हासिल कर परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में 12वां स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में आरोपी बाड़मेर के सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर तैनात था और प्रमोशन भी पा चुका था।
एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उसकी नियुक्ति और पदोन्नति को निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसओजी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह वही संगठित गिरोह था जिसने 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच हुई सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर भी लीक किए थे। यानी महज तीन दिनों के अंतराल में इस गिरोह ने दो बड़ी प्रदेश स्तरीय परीक्षाओं की शुचिता को पूरी तरह भंग कर दिया था।
“एसओजी इस पूरे नेटवर्क की पहचान कर रही है। हमारा लक्ष्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि अनुचित लाभ लेकर सिस्टम में घुसे ऐसे फर्जी अधिकारियों को बाहर निकालना भी है।
– विशाल बंसल, एडीजी एसओजी, जयपुर
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विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंट के 298 पद और उपलब्ध होंगे। यह कदम राजस्थान की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा, जिससे भविष्य में अधिक योग्य चिकित्सक तैयार होंगे। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य सरकार की ‘‘स्वास्थ्य सबके लिए‘‘ नीति को बल मिलेगा।

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजीडेंट के नए पदों के सृजन का प्रस्ताव भिजवाया था, जिसे वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने के साथ ही रोगियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इन नए पदों से चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़े अस्पतालों में चिकित्सकीय स्टाफ की संख्या बढ़ेगी। विशेष रूप से अधिक रोगीभार वाले विभागों में अतिरिक्त सीनियर रेजिडेंट्स की उपलब्धता से ऑपरेशन, इमरजेंसी सेवाएं और विशेषज्ञ उपचार अधिक कुशलता से संचालित हो सकेंगे। इससे अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी और राज्य स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि 10 चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजिडेंट के 298 नए पदों के सृजन को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान की है। यह फैसला नीट पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी बैच-2022 के प्रवेशित छात्रों को बॉण्ड के तहत 2 वर्षीय सीनियर रेजिडेंसी (एसआरशिप) प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि नीट पीजी बैच 2022 के छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि बॉण्ड के तहत 2 वर्षीय एसआरशिप अनिवार्य है। नए पदों से अधिक छात्रों को प्लेसमेंट मिलेगा, जिससे वे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे, विशेषज्ञता विकसित कर सकेंगे और करियर में आगे बढ़ सकेंगे। इससे चिकित्सकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और युवा डॉक्टरों को राज्य में ही सेवा करने का मौका मिलेगा।

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जयपुर के 82, जोधपुर के लिए 78, बीकानेर के लिए 27, कोटा के लिए 23, अजमेर के लिए 7, उदयपुर के लिए 58, झालावाड़ के लिए 11, भरतपुर के लिए 4, पाली के लिए 6 एवं डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 2 नए पदों का सृजन किया गया है। ये नए पद विभिन्न विभागों में वितरित किए जाएंगे।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर: सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में 05 अक्टूबर 2025 को लगी भीषण आग ने कई मरीजों की जान ले ली, जिससे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरी संवेदना व्यक्त की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आदेश पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो आग के कारणों, अग्निशमन व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की जांच करेगी। समिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी, अग्निशमन विशेषज्ञ और अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मानव जीवन सर्वोपरि है, किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई होगी और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।” राज्य सरकार घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दे रही है।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, देवरिया बालाजी-भीलवाड़ा : प्रेम प्रसंग ने रविवार सुबह संजय कॉलोनी निवासी गोविंद माली नामक युवक के एक अनोखे प्रदर्शन से देवरिया बालाजी इलाके को चर्चा का केंद्र बना दिया। सुबह 5 बजे गोविंद अपनी प्रेमिका से बात कराने की मांग को लेकर एक ऊंचे टॉवर पर चढ़ गया, जिसके बाद हाई-वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत हो गई। टॉवर के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई, जबकि पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
गोविंद अपनी जिद्द पर अड़ा रहा और पुलिस की समझाइश को नजरअंदाज करते हुए कहा, “मेरी लड़की से बात करा दो, मैं दो मिनट में नीचे उतर जाऊंगा।” इस दौरान उसने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि लड़की के परिवार वाले उसकी नाबालिग प्रेमिका की जबरदस्ती शादी कराने की साजिश रच रहे हैं। उसने साफ कहा कि जब तक उसकी मांग पूरी नहीं होती, वह टॉवर से नीचे नहीं उतरेगा।
सूचना मिलते ही सुभाष नगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को शांत करने की कोशिशें शुरू कीं, लेकिन गोविंद नहीं माना। पुलिस बीच-बीच में उससे बातचीत कर रही है और सुरक्षित उतारने का प्रयास कर रही है, लेकिन युवक का भावनात्मक रुख सभी को असमंजस में डाल रहा है।
इस बीच, टॉवर के नीचे जमा भीड़ इस अनोखे ड्रामे को उत्सुकता से देख रही है और मजे ले रही है। प्रशासन अब इस स्थिति को संभालने और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास में जुटा हुआ है.

विनय एक्सप्रेस समामचार, आबूरोड़। भारतीय सनातन संस्कृति विश्व की पहली संस्कृति है जिसकों खंडित करने के लिए अनेक प्रयास हुए और आज भी ऐसे प्रयास कुछ लोगो द्वारा जारी है, लेकिन संस्कृति की जड़े इतनी गहरी रही की सनातन संस्कृति को आज तक कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन अब समय आ गया है कि यदि कोई सनातन संस्कृति को खंडित करने का प्रयास करे ऐसे लोगो को छोड़़ना नही चाहिए ये बात राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज के शांतिवन स्थित कांफ्रेस हॉल में चल रहे राष्ट्रीय मीडिया सम्मलेन 2025 के उद्गाटन सत्र के दौरान कहे। बागड़े ने मीडियाकर्मीयों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र की नींव को सींचने और मजबूत करने का कार्य कर रहा है। सत्य और नैतिकता से परिपूर्ण पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि आज जब सूचना का प्रसार तेजी से हो रहा है, तब मीडिया की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह समाज तक शुद्ध, निष्पक्ष और सटीक जानकारी पहुंचाए।
नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय दशकों से समाज में शांति, शिक्षा और आध्यात्मिकता का संचार कर रहा है। इस संस्था ने ग्रामीण भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों, बाल विवाह उन्मूलन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि गुलाम भारत के दौर में अंग्रेजों ने हमारी संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन ब्रह्माकुमारीज विश्वविद्यालय ने भारतीय परंपराओं को पुनर्जनन देने में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में जब कुछ ताकतें हमारी आंतरिक शांति को भंग करने की साजिश रच रही हैं, तब हमें आत्म-जागरूकता और विवेक के साथ कदम उठाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में मीडियाकर्मियों को मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन करते हुए केवल सत्य और सकारात्मकता का प्रसार करना चाहिए।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज की प्रमुख मोहिनी देवी ने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली ने लोगों की खुशी छीन ली है। उन्होंने कहा, “शांति और आध्यात्मिकता मनुष्य का मूल स्वभाव है।” उन्होंने सभी से रोजाना कम से कम 10 मिनट ध्यान करने का आग्रह किया, क्योंकि शांति मन से शुरू होकर कर्मों में प्रकट होती है।
बीके कुमार ने कहा, “मीडिया केवल समाचार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला प्रकाशस्तंभ है।” उन्होंने बताया कि पहले नकारात्मक खबरों को पत्रकारिता की कसौटी माना जाता था, लेकिन आज नई पीढ़ी सकारात्मकता की ओर बढ़ रही है।
प्रोफेसर मान सिंह ने कहा कि शांति, एकता और विश्वास आज aकी सबसे बड़ी जरूरतें हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल सहित कई देशों में सोशल मीडिया और युवाओं की ताकत ने नई क्रांतियों को जन्म दिया है। मीडिया की सच्चाई ने कई आंदोलनों को प्रेरित किया और शांति के दीप जलाए।
शांति हम सबका स्वधर्म है: राजयोगी मोहिनी दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने कहा कि मुझे जर्नलिस्ट ब्रह्माकुमारी चाहिए तो मैं पढ़ने के लिए गई। मीडिया का एक मतलब प्रमोशन होता है। बाबा की इच्छा थी सबको ये संदेश मिले। करीब 60-70 देशों में जाना हुआ। हमारा उद्देश्य प्रचार करना नहीं था, हम चाहते थे आपके मन को शांति मिले। हिंसा, स्वार्थ बढ़ रहा है। होनी तो ‘पीस’ चाहिए पर अब ‘पीसेस’ हो रहे हैं। हमारी भावना पत्रकारों को शांति, ज्ञान, सुख दें। मैं कई देशों में बड़े-बड़े पत्रकारों
से मिली। एक तो मुस्कुराना भूल गया था। ब्रह्माकुमारीज़ में हर कोई मुस्कुराता नज़र आता हैं। शांति हम सबका स्वधर्म है। शांति के सागर हमारे पिता हैं। हमें इसका अभ्यास करना है, ये हमारा स्वभाव बन जाएगा। शांति अपने मन से शुरू होती है। समाज, परिवार और विश्व में शांति हो।
भारत को देखने की आंखें आप ही हैं-
मप्र भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार सामाजिक, सांस्कृतिक चेतना के वाहक हैं। आप दैनिक इतिहास लिख रहे हैं। भारत को देखने की आंखें आप ही हैं। ये कोशिश है कि जनसंवाद से जुड़े लोग मिलें, विचार करें। हम डिजिटल समय में हैं, जहां रोज नया कंटेंट रचा जा रहा है। आज सामान्य व्यक्ति को भी अभिव्यक्ति का मंच मिला हुआ है। लेकिन ये लोगों तक मिली पहुंच बहुत बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। नकारात्मक, फेक व ट्रोलिंग के दौर में आपका कंटेंट रचनात्मक होना चाहिए। सोशल मीडिाय से आप लाउड स्पीकर, कंटेंट क्रियेटर और कंटेंट रिफॉर्मर बन सकते हैं।
ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों को पूरे विश्व में फैलाएं-
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि आज विश्व को शांति की जरूरत है, शांति से एकता होती है और विश्वास जन्म लेता है। हमारे वेदों, शास्त्रों में भी यही शिक्षा दी गई है। हम तो शांति के दूत हैं। पूरे विश्व को शांति का संदेश देने वाले लोग हैं। भारत के संविधान की प्रस्तावना को देखेंगे तो पाएंगे हमारे यहां शांति, एकता विश्वास को जगह दी गई है। शांति का दीपक भी मीडिया के माध्यम से जलता है। ब्रह्माकुमारीज़ के जितने भी मीडिया महासम्मेलन हुए हैं, उनमें पारित प्रस्ताव हुए हैं, अच्छी पत्रकारिता के लिए उससे अच्छी आचार संहिता हो ही नहीं सकती। हमें उसे सरकार को सौंपना चाहिए। हमें चाहिए कि समाज आगे बढ़े, देश विश्वगुरु बने, ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों को पूरे विश्व में फैलाएं।
इन्होंने भी किया संबोधित-
– ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया विंग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि हम वर्ष में दो बार मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं। हमारा उद्देश्य प्रचार नहीं बल्कि हर मानव को आनंद का अनुभव हो, इसलिए आयोजन करते हैं। मैंने स्वयं 26 वर्ष मीडिया में काम किया है। मोबाइल हर हाथ में होने के कारण न्यूज़ तो हवा के जैसे चल रही है। एक समय
आध्यात्मिक खबरें प्रकाशित करने का निवेदन करते थे, आज हम देखते हैं कि अच्छी, आध्यात्मिक खबरें भी छपती हैं।
– हैदराबाद से आईं मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने कहा कि स्वयं भगवान इस कॉन्फ्रेंस के स्त्रोत हैं। हमने ब्रह्माकुमारीज़ की इस वर्ष की थीम शांति, एकता और विश्वास को बढ़ावा देने पर मंथन रखा है। इस दुनिया में सभी का कॉमन उद्देश्य होता है कि हम सब सुख-शांति से जीएं और आनंद से रहें।
– मीडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु भाई ने कहा कि देशभर से 1500 से अधिक पत्रकार आए हैं। जो प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यम में सेवाएं देते हैं। ये हमारा परिवार बन गया है, हमारे बुलाने से सदा ही आबू पहुंच जाते हैं। मीडिया में विश्वसनीयता पैदा हो तो समाज में एकता भी हो जाएगी। मीडिया विंग की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी।
– कॉन्फ्रेंस में डॉ. सोहिनी शास्त्री, राष्ट्रपति पदक प्राप्त ज्योतिषी और लाइफ कोच कोलकाता और दिल्ली से आए डॉ. अजित पाठक, पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी संबोधित किया।
– आगरा से आईं कत्थक और लोक नृत्य कलाकार श्वेता सागर ने स्वागत नृत्य से चार चांद लगा दिए। रायपुर से पहुंची गायिका सारदा नाथ ने स्वागत गीत से सबका मन मोह लिया। जयपुर की जोनल कोऑर्डिनेटर बीके चन्द्रकला दीदी ने संचालन किया।