js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को एक याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब नगर निगम व नगर परिषद के खिलाफ आवारा पशुओं को लेकर स्थायी लोक अदालत द्वारा पारित मुआवजा उचित रहेगा. कोर्ट ने कहा कि आवारा पशुओं की वजह से राहगीरों की मौत व चोट के मामले में रोकथाम के लिए ऐसे मामलो में मुआवजा सहायक होगा. भविष्य में ऐसी दुर्घटनाए ना हो और अधिकारियों को अपनी जिम्मेवादारी निभाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.जस्टिस विनित कुमार माथुर की एकलपीठ में नगर परिषद बीकानेर की ओर से स्थाई लोक अदालत द्वारा पारित तीन लाख रुपए के अवार्ड के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया. अप्रार्थी की माता जी संतोष देवी 06 अगस्त 2019 को गजनेर जा रही थीं. इस दौरान सड़क पर एक आवारा सांड ने टक्कर मार दी, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. अप्रार्थीगणों ने स्थाई लोक अदालत में इसको लेकर बीकानेर नगर परिषद के खिलाफ वाद पेश किया
पढ़ें :दोनो पांव से विकलांग को नियुक्ति देने का आदेश, कोर्ट ने कहा-विभाग का जवाब हास्यास्पद, एक पांव से और दोनों पांव से विकलांगता से बाहरस्थाई लोक अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए तीन लाख रुपए मुआवजे के तौर पर अदा करने का आदेश दिनांक 02 अगस्त 2023 को पारित किया, जिसको हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. जस्टिस माथुर ने मामले में नगर परिषद बीकानेर की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि स्थाई लोक अदालत द्वारा पारित मुआवजा भविष्य में होने वाले दुर्घटनाओं के लिए सहायक होगा
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विनय एक्सप्रेस समाचार,जोधपुर. जिला कलक्टर श्री गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों से संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान श्री गौरव अग्रवाल ने कहा की समस्त अधिकारी विभागीय योजनाओं और लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों को गति दें। साथ ही, समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करें। बैठक में विभागों की ई-फाइलिंग की प्रगति, संपर्क पोर्टल पर विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, विभिन्न आयोगों में लंबित प्रकरण, कोर्ट केसेज सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से अंतर्विभागीय मुद्दों को निपटाकर कार्य में प्रगति लाना निश्चित करें। उन्होंने कहा कि विभाग में आपसी समन्वय से प्रकरणों का निस्तारण करें। जिन प्रकरणों में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, उन्हें इन साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से हल किया जाए। इस दौरान विभागवार विभिन्न प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान जिला कलक्टर द्वारा गठित जिला पोषण अभिसरण योजना समिति की बैठक भी आयोजित हुई तथा सभी संबंधित अधिकारियों को केंद्रों पर जाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। इस दौरान ज़िला कलेक्टर द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग, परिवहन विभाग, आबकारी विभाग, पंजीयन विभाग, खनिज विभाग के बकाया वसूली के प्रकरणों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
बैठक में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत आगामी 7 अगस्त को ज़िले में मिशन “हरियालो-राजस्थान” को साकार करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने की विस्तार से चर्चा की गई । ज़िला कलेक्टर ने सभी विभाग के अधिकारियो से आपसी समन्वय कर सघन पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. धीरज कुमार सिंह ने बताया कि “हरियालो-राजस्थान” के तहत ज़िला स्तर, ब्लॉक स्तर, नगर पालिका स्तर, ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे । इस दौरान विभागवार वृक्षारोपण कार्यो की संख्यात्मक विवरण पर भी चर्चा की गई ।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. धीरज कुमार सिंह, नगर निगम उत्तर आयुक्त श्री अतुल प्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम श्रीमती दीप्ति शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय श्री रतन लाल योगी, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर प्रथम श्री प्रहलाद सहाय नागा, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती सीमा कविया, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती श्वेता कोचर, अतिरिक्त जिला कलक्टर तृतीय डॉ. सुनीता पंकज सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, जोधपुर। जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली ने सोमवार को जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र की सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यालयों के विकास की संभावनाओं को जांचा। शहर विधायक भंसाली ने इस अवसर पर कहा कि उनका लक्ष्य है कि उनके वर्तमान कार्यकाल के प्रथम 2 वर्षों में उनके क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से समस्त सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये और इसी अवधि में उन विद्यालयों को ऐसा उन्नत और परिणामुन्खी बनाया जाये कि निजी विद्यालयों के मकड झाल में फसे समाज के कमजोर और निर्धन वर्ग के बच्चे यहां प्रवेश पाने के लिए लालायित हो। विधायक भंसाली ने रेजिडेन्सी स्कूल, सरदारपुरा स्कूल, बासनी स्टेशन स्कूल, शास्त्री नगर स्थित रामस्वरूप चिल्का स्कूल, सरला देवी गर्ग स्कूल एवं विशिष्ट पूर्व विद्यालय के बाद जालोरी गेट स्कूल का इस अवसर पर निरीक्षण किया।

शहर विधायक भंसाली ने बासनी स्टेशन स्कूल के निरीक्षण के समय कहा कि यहा समाज के सबसे कमजोर एवं वंचित श्रमिक वर्ग के परिवारो के बच्चे पढ़ने आते है इसलिए उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में यह विद्यालय रहेगा। इस विद्यालय में तीनों संकायों की उपलब्धता और उनके लिए पर्याप्त भवन एवं अन्य समस्त संसाधन वे सरकार के सभी स्तर के साथ-साथ विभिन्न सी.एस.आर फण्ड से भी उपलब्ध करवायेंगे। उन्होने मौके पर ही इस सम्बन्ध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य को दिये। इसके बाद विधायक भंसाली ने विशिष्ट पूर्व विद्यालय, रामस्वरूप चिल्का विद्यालय एवं सरला देवी गर्ग विद्यालय जो कि एक साथ जुड़े हुऐ शास्त्री नगर में संचालित है, के तीनों प्रधानाचार्यो और जिला शिक्षा अधिकारी को एक साथ बैठाकर निर्देश दिया कि इन तीनों विद्यालयो को एक समेकित समुचित आदर्श शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव दो कार्यदिवस में उन्हे प्रस्तुत करे जिनको क्रियान्विति कराने के लिए ये अपना सर्वस्व झोंक देंगे।

सरदारपुरा विद्यालय के निरीक्षण के समय उन्होने वहा समस्त सरकारी विद्यालयों के लिए एक आदर्श सर्वसमावेशी शिक्षा का गतिविधियो का आयोजन एवं प्रशिक्षण केन्द बनाने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी एवं जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को दिये। उन्होने कहा कि 100 गुणा 100 वर्गफुट की जमीन पर जी$4 पद्धति से एक समेकित ज्ञान एवं कला केन्द्र यहां बनाया जाये जिसमें विद्यार्थियों को अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर मिले प्रथम तल पर सभी प्रकार के प्रशिक्षण गतिविधियों के संचालन का केन्द्र बने और उसके उपर नवीनतम तकनीकी युक्त ई-लाईब्रेरी, ई-लर्निंग का प्रशिक्षण केन्द्र बने ओर यह एक समुचित स्टेट ऑफ आर्टस एण्ड एजुकेयशन सेन्टर के रूप में विकसित हो। इसके बाद जालोरी गेट स्कूल का निरीक्षण करते समय विधायक अतुल भंसाली ने कहा यह जोधपुर के सर्वाधिक प्रचीन विद्यालयो में से एक है इस विद्यालय का विकास उनकी प्राथमिकता में है उन्होने मौके पर ही उपस्थित प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी को वहां आधा दर्जन कक्षा-कक्षों के निर्माण, शेड निर्माण और बालिकाओं के लिए एक सर्व सुविधायुक्त टॉयलेट ब्लॉक निर्माण के प्रस्ताव अविलम्ब प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये।

रेजिडेन्सी विद्यालय को उन्होने निजी विद्यालयो के प्रतिस्पर्धी विद्यालय के रूप में विकसित करने हेतु प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। विधायक अतुल भंसाली ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्ष वे 7 से 8 करोड़ रूपये इन शिक्षा केन्द्रों के विकास के लिए व्यय करने की योजना पर कार्य कर रहे है। इसके लिए वे स्वयं के विधायक कोष से. क्षेत्रीय सांसद निधि से, जोधपुर विकास प्राधिकरण के मद से और स्वयं के प्रयासो से विभिन्न सी.एस.आर फण्डस से राशि जुटायेंगे और उनका लक्ष्य है कि ये सभी विद्यालय ऐसे बने ताकि भविष्य में निजी विद्यालय भी इनको देखकर ईर्ष्या का अनुभव करे और समाज का सबसे कमजोर औरवंचित वर्ग के बालक यहा आकर गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त कर सके।

इस अवसर पर जोधपुर विधायक अतुल भंसाली के साथ में जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधीक्षण अभियन्ता ज्ञानेश्वर व्यास, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक पुरुषोतम राजपुरोहित एवं रिपेश अग्रवाल व अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता सहित प्रबुध शिक्षा विद गणमान्य नागरिक साथ रहे।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, जोधपुर। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन, प्रसारण एवं वितरण तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया है और कहा कि इस दिशा में भरसक प्रयास निरन्तर जारी हैं।
ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने सोमवार शाम जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय सभागार में संभागस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने जोधपुर संभाग में जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से संबंधित तमाम गतिविधियों, योजनाओं, बिजली प्रबन्धन एवं वितरण, भीषण गर्मी के दौर में व्याप्त चुनौतियों के बीच बेहतर कार्य संपादन और बिजली समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए निर्धारित प्रयासों आदि की विस्तार से समीक्षा की और डिस्कॉम अधिकारियों एवं अभियन्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में संसदीय कार्य विभाग, विधि एवं विधिक कार्य, विधि परामर्शी कार्यालय एवं न्याय विभाग मंत्री श्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं युवा एवं खेल राज्यमंत्री श्री के के बिश्नोई, शहर विधायक श्री अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक श्री देवेंद्र जोशी, बिलाडा विधायक श्री अर्जुन लाल गर्ग, फलोदी विधायक श्री पब्बाराम, शेरगढ़ विधायक श्री बाबू सिंह राठौड ओसियां विधायक श्री भैराराम सियोल, पूर्व जेडीए अध्यक्ष प्रो. महेंद्र सिंह राठौड सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जोधपुर डिस्कॉम की निदेशक (वित्त) श्रीमती कीर्ति कच्छवाहा, निदेशक (तकनीकी) डॉ. संजय वाजपेयी, मुख्य लेखा नियंत्रक श्री एस.के. गोयल, कंपनी सचिव श्री आर. के. सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार, संभागीय मुख्य अभियंता (जोधपुर संभाग) श्री पी एस चौधरी, संभागीय मुख्य अभियंता प्रसारण निगम श्री सुधीर जैन, अधीक्षण अभियंता प्रसारण निगम श्री कुरैशी एवं श्री सोनी सहित डिस्कॉम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
दूरदर्शी कार्ययोजना बनाएं
उन्होंने आगामी समय में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए विद्युत तंत्र को सुदृढ़ बनाते हुए व्यापक उपादेय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इसके लिए डिस्कॉम के अधिकारीगण भविष्य के अनुरूप दूरदर्शी सोच को सामने रखकर कार्ययोजना बनाएं ताकि उपभोक्ताओं की आशाओं और अपेक्षाओं को अच्छी तरह पूरा किया जा सके।
बिजली तंत्र की बेहतरी और सुदृढ़ता पर ध्यान दें
उन्हांने कहा कि इसके लिए बिजली तंत्र से संबंधित संरचनात्मक विकास, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समूचे तंत्र को बेहतर बनाने पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए अधिकारी भावी आवश्यकताओं का समुचित आकलन करते हुए नए सब स्टेशनों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करें और इनसे संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं।
लापरवाह संवेदकों के खिलाफ कार्यवाही करें
श्री नागर ने विद्युत तंत्र विकास एवं विस्तार गतिविधियों को पूर्ण करने में निर्धारित समय का पूरा-पूरा ध्यान रखने का आह्वान करते हुए स्वीकृतिशुदा ग्रिड सब स्टेशनों के कार्य में विलम्ब को गंभीर बताया और कहा कि समय पर कार्य संपादन में अक्षम रहने वाले संवेदकों को ब्लेक लिस्टेड किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर कार्य पूरे नहीं करने वाले संवेदकों को चिह्नित कर ब्लेक लिस्टेड करने की कार्यवाही की आए और ऐसे संवेदकों को नए टेण्डरों में भाग लेने से वंचित किया जाए।
शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान हो
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार अधिकारी विद्युत उत्पादन, प्रसारण व वितरण तंत्र में सुधार लाते हुए आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है और इसे दृष्टिगत रखते हुए आम बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों एवं समस्याओं का हर स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने आरडीएसएस योजना में सेग्रीगेशन कर नए फीडर प्रस्तावित करने तथा पूर्व से स्वीकृत जीएसएस के कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने दिए।
पूरी-पूरी जवाबदेही दर्शाएं
ऊर्जा मंत्री ने आमजन के लिए बिजली को बुनियादी जरूरत बताया और कहा कि विद्युत सेवाओं और सुविधाओं की आपूर्ति के प्रति अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से दायित्वों को निभाएं तथा इसके लिए जनप्रतिनिधियों और आमजन से सतत संवाद कायम रखते हुए अपनी सेवाओं को आदर्श स्वरूप प्रदान करें।
ठोस निर्देश दिए
श्री नागर ने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने, स्वीकृत परियेजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने, पूरी जिम्मेदारी से काम करने, पुराने हो चुके फीडरों को चिह्नित कर लोड बढ़ाने के लिए आवश्यक उपाय करने, नवीन स्वीकृत जीएसएस के साथ-साथ वर्तमान में लोड के अनुसार फिजिबिलिटी चेक कर उत्पादन क्षमता बढ़ाने आदि के लिए स्पष्ट निर्देश प्रदान किए।
गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दें
श्री नागर ने नई विद्युत लाइन स्थापित करते समय बिजली के खंभों की गुणवत्ता की जांच के लिए समय-समय पर टीम भेजकर जांच करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पोल अथवा विद्युत लाइन की कमी के कारण फाल्ट नहीं आना चाहिए तथा क्षेत्र में दुर्घटना नहीं होनी चाहिए।
समन्वय के साथ बेहतर कार्य संपादन हो
उन्होंने कहा कि विद्युत से संबंधित तीनों निगम पारस्परिक समन्वय के साथ कंट्रेटर्स के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करे और कार्यों की पूर्णता में समय तथा बेहतर गुणवत्ता का पूरा-पूरा ध्यान रखें।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा दें, अधिकाधिक लोगों को जोड़ें
ऊर्जा मंत्री ने सौर ऊर्जा को प्रदेशवासियों के लिए बेहतर एवं श्रेष्ठ विकल्प बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में अधिकाधिक लोगों को जोड़कर लाभान्वित करने के पूरे और पक्के प्रयासों में जुटी हुई है। डिस्कॉम अधिकारियों का दायित्व है कि किसानों और आमजन को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति शिक्षित एवं प्रेरित करते हुए लाभान्वित करने में सहभागिता निभाएं।
व्यापक प्रचार-प्रसार करें
उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना में किए गए सरलीकरण के बारे में आम जनता को बताएं तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के हरसंभव माध्यम का उपयोग करते हुए इस योजना को राजस्थान में आशातीत सफल बनाएं। सोलर पर विद्युत सब स्टेशन निर्भर रहेंगे तो आने वाले समय में किसानों एवं उपभोक्ताओं को दिन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति अच्छी तरह हो सकेगी।
हर स्तर पर हो प्रभावी कार्य
ऊर्जा मंत्री ने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की जांच कराने, कृषि एवं घरेलू बिजली कनेक्शन्स के लंबित प्रकरणों का त्वरित गति से निस्तारण करने, डिस्कॉम के पोल्स से अनधिकृत तौर पर लिए जा रहे कनेक्शन्स के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने, अभियान चलाकर सर्वे करवाकर सुरक्षा की दृष्टि से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में झूलते तारों, एलटी लाइन, टेढ़े-मेढे पोल्स आदि को दुरुस्त करने तथा अभियानों में दर्ज किए गए बिजली कनेक्शन के प्रकरणों को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने, ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर को सर्वे करवा कर बदलने तथा स्वीकृतिशुदा ट्रांसफार्मर्स का कार्य तत्काल आरंभ कराने आदि के लिए निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आरडीएसएस योजना अंतर्गत जीएसएस के लिए सीएस एक्सटेन्शन की समस्या का संज्ञान लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने जनसंख्या एवं लोड को बढ़ती डिमांड को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नवीन जीएसएस, अपग्रेडेड जीएसएस की आवश्यकता के मद्देनजर डिस्कॉम द्वारा समुचित सर्वे करवाकर कार्य योजना बनाने और भावी पॉवर सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि ऐसी पॉलिसी बनाई जाएगी जहां कॉलोनियों के प्लानिंग में ट्रांसफॉर्मर्स के लिए स्थान चिह्नित होगा।
जनप्रतिनिधियों ने दिये अहम् सुझाव
विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते लोढ के दृष्टिगत नए जीएसएस बनावाए जाए।
बैठक में फलोदी विधायक श्री पब्बाराम बिश्नोई, ने विद्युत तंत्र के विकास एवं विस्तार तथा संसाधनों एवं संरचनाओं की उपलब्धता के साथ ही बिजली से संबंधित तमाम समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अभियान के तौर पर कार्य संपादन पर बल दिया।
शेरगढ़ विधायक श्री बाबू सिंह राठौड़ ने अपने क्षेत्र की बिजली से संबंधित जरूरतों के बारे में आवश्यक सुझावों से अवगत कराया। उन्होनें पुरानी बिजली लाइनों को रबी सीजन से पहले हर हाल में दुरुस्त करने पर बल दिया और कहा कि मरम्मत योग्य ट्रांसफार्मर में आवश्यक सुधार के बाद संबंधित फर्म की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए जिससे की ट्रांसफार्मर बार-बार खराब होने की समस्या सामने न आए।
शहर विधायक श्री अतुल भंसाली ने शहर में झूलते तारों के जाल से निजात दिलाने के लिए अंडरगाउंड केबलिंग का सुझाव दिया। सूरसागर विधायक श्री देवेंद्र जोशी ने इंडस्ट्रीज के लिए संपूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सुझाव दिए।
बिलाड़ा विधायक श्री अर्जुन लाल गर्ग ने अपने क्षेत्र में कृषि कनेक्शन्स को गति देने का सुझाव दिया और कहा कि इन कार्यों को अभियान के रूप में लेकर गति प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने अपने क्षेत्र में 132 केवी जीएसएस बनाने हेतु सुझाव दिया।
ओसिया विधायक श्री भैराराम सियोल ने अपने क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति हेतु अतिरिक्त जीएसएस बनवाने के सुझाव दिए।
समीक्षा बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों की समस्याओं के निराकरण, किसानों को बिजली कनेक्शन मुहैया कराने आदि पर गहन चर्चा करते हुए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। क्षति कम कर राजस्व प्राप्ति के लिए सार्थक एवं व्यापक प्रयासों के निर्देश भी दिए गए।
दी प्रगति की जानकारी
जोधपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकि) डॉ. संजय वाजपेयी ने पीपीटी के माध्यम से कुसुम सी कंपोनेंट, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस आदि योजनाओं को प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा जानकारी दी गई कि नियमित समीक्षा व जानकारी के अभाव में विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ता स्वयं लिफ्टर व लोडर का कार्य कर रहे है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री के सख्त निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी टेंडर के नियमों के अंतर्गत लिफ्टर व लोडर पर कार्यवाही कर पेनल्टी लगाएं। सभी जनप्रतिनिधियों अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए ग्रिड सब स्टेशन की मांग की।
ऊर्जा मंत्री श्री नागर ने संभी संबंधितों को बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना करने के निर्देश दिए एवं उन्होंने कहा शीघ्र ही इन कार्यों की प्रगति के लिए एक समीक्षा बैठक ली जाएगी।








विनय एक्सप्रेस समाचार, जोधपुर.मातृभाषा से ही संस्कृति संरक्षित होती है। अगर मातृभाषा खत्म हो गई तो संस्कृति नष्ट हो जायेगी। संस्कृति मानव के अन्तर्मन को परिवर्तित और सुपोषित करती है क्योकि संस्कृति मानव चित्त की खेती है । यह विचार प्रोफेसर ( डाॅ.) अर्जुनदेव चारण ने साहित्य अकादेमी अर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभाग द्वारा आयोजित ‘ राजस्थानी भासा-साहित्य में भणाई : दसा अर दिसा ‘ विषयक राष्ट्रीय राजस्थानी परिसंवाद में व्यक्त किये किए। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिक्षाआनुष्ठानिक कर्म नहीं है । शिक्षक का यह कर्तव्य है कि वो विद्यार्थी के चरित्र का निर्माण करे क्योंकि चरित्र विहीन शिक्षा से अच्छे समाज और राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती है ।
राजस्थानी परिसंवाद के संयोजक डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित ने बताया कि उदघाटन सत्र में प्रोफेसर (डाॅ.) कल्याणसिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थानी भाषा संवैधानिक मान्यता की हकदार है मगर अभी राजस्थानी भाषा संवैधानिक संकट के दौर से गुजर रही है क्योंकि नई शिक्षा नीति के तहत राजस्थान में अभी तक राजस्थानी भाषा को यहां की मातृभाषा का दर्जा नहीं है, जिसका खामियाजा प्रदेश के दस करोड़ प्रदेशवासी भुगत रहे है । उन्होंने कहा जिस राजस्थानी भाषा को अमेरिका और नेपाल जैसे देशों में मान्यता है मगर राजनैतिक उदासीनता के कारण हमारे देश में अभी तक राजस्थानी को संवैधानिक मान्यता नहीं मिल सकी । राष्ट्रीय राजस्थानी परिसंवाद संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित ने सभी अतिथियों का स्वागत कर स्वागत उदबोधन दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण कर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया । गीतकार अनूप पुरोहित ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की ।
तकनीकि सत्र – परिसंवाद के विभिन्न तकनीकि सत्रों में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभागाध्यक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सालवी एवं जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभागाध्यक्ष डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित की अध्यक्षता में डाॅ. इन्द्रदान चारण, डाॅ.रामरतन लटियाल, डाॅ. जितेन्द्रसिंह साठिका, डाॅ.अमित गहलोत आलोचनात्मक शोध पत्र प्रस्तुत किया ।
प्रथम दिन का समापन समारोह – प्रथम दिन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थानी भाषा के प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. देव कोठारी ने कहा कि राजस्थानी भाषा हमारे प्रदेश की अस्मिता से जुड़ी हुई है । यह हमारी संस्कृति का मूल आधार है, इसका विशाल साहित्य भंडार है । उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की कि वर्तमान नई शिक्षा नीति के तहत राजस्थानी भाषा को प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा में अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए। समारोह के अध्यक्ष एवं राजस्थानी रचनाकार डाॅ. प्रकाश अमरावत ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि प्रदेश के विद्यार्थी राजस्थानी भाषा-साहित्य में अध्ययन करना चाहते है मगर दुर्भाग्य से विद्यालयों में समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वो अपनी मातृभाषा राजस्थानी में शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते है ।
ये रहे मौजूद – इस अवसर पर प्रोफेसर के.एल. रैगर, प्रोफेसर के. एन. उपाध्याय, प्रतिष्ठित रचनाकार मधु आचार्य आशावादी, माधव हाडा, मीठेश निर्मोही, भंवरलाल सुथार, चांदकौर जोशी, बसंती पंवार, लक्ष्मणदान कविया, डाॅ. मंगत बादल, डाॅ. किरण बादल, प्रगती गुप्ता, डाॅ. धनंजया अमरावत, डाॅ मीनाक्षी बोराणा, संतोष चौधरी, किरण राजपुरोहित, सुशील कुमार, महेश माथुर, चनणसिंह इंदा, एस. आर. जाखड़, भवानी सिंह पातावत, सुखदेव राव, अशोक गहलोत, डाॅ.भींवसिंह राठौड, डाॅ.कप्तान बोरावड़, सवाईसिंह चारण, राम किशोर फिड़ोदा, अनिरुद्ध सिंह आसिया, कप्तान बोरावड़, कैलाशदान लालस, राजेन्द्र बारहट, शंकरदान, श्रवण दान, डॉ.रामस्वरूप बिश्नोई, विष्णु शंकर, जगदीश मेघवाल, नीतू राजपुरोहित, वर्षा सेजू, माधो सिंह, आरती भार्गव, मीनाक्षी रावल सहित अनेक प्रतिष्ठित रचनाकार, शिक्षक, शोध-छात्र एवं मातृभाषा प्रेमी मौजूद रहे ।
29 मार्च को आयोजित होने वाले राजस्थानी परिसंवाद में ‘ मध्यकालीन राजस्थानी साहित्य : इतिहास अर साहित्य का अंतरसंबंध ‘ पर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय परिसर स्थित बृहस्पति सभागार में प्रातः 10 : 30 बजे से शाम 05 : 00 सम्पन होगा I इस परिसंवाद में उद्घाटन समारोह राजस्थानी भाषा-साहित्य के ख्यातनाम कवि-आलोचक प्रोफेसर ( डाॅ.) अर्जुनदेव चारण की अध्यक्षता एवं प्रतिष्ठित कवि-आलोचक प्रोफेसर (डाॅ.) माधव हाडा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा। इस परिसंवाद के विभिन्न तकनीकि सत्रों में साहित्य अकादेमी से पुरस्कृत प्रतिष्ठित रचनाकार डाॅ.मंगत बादल एवं मधु आचार्य आशावादी की अध्यक्षता में डाॅ. धनंजया अमरावत, डाॅ. दिनेश चारण, डाॅ. मीनाक्षी बोराणा एवं डाॅ. प्रकाश दान चारण आलोचनात्मक शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे । समापन समारोह राजस्थानी भाषा के प्रतिष्ठित विद्वान डॉ.भंवरसिंह सामौर के मुख्य आतिथ्य एवं राजस्थानी के मूर्धन्य विद्वान प्रोफेसर (डाॅ.) सोहनदान चारण की अध्यक्षता में सम्पन्न होगा।

विनय एक्सप्रेस समाचार, जोधपुर । लोकसभा चुनाव -2024 में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को अपने विरुद्ध आपराधिक मामलों के लिए शपथ पत्र के साथ ही तीन अलग अलग अवसरो पर समाचार पत्र व न्यूज़ चैनल के माध्यम से जानकारी देनी होगी ।
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) श्री गौरव अग्रवाल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक उम्मीदवार को उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलो की जानकारी तीन बार अलग-अलग समय में समाचार पत्रों व टीवी चैनल के माध्यम से देनी होगी। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों को भी अपने उम्मीदवारों के लिए इस की अनुपालना करवानी होगी। उन्होंने बताया कि सभी राजनीतिक दलों को जिनके द्वारा आपराधिक पूर्वावृत रखने वाले अभ्यर्थियों को उम्मीदवार बनाया उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित नवीन प्रारूप सी 7 में ऐसे उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर यह प्रकाशित करना होगा कि उनके द्वारा आपराधिक पूर्वावृत रखने वाले व्यक्ति को ही उम्मीदवार क्यों चुना गया है। इस प्रकाशन की सूचना ऐसे राजनीतिक दलों को प्रारूप सी 8 में 72 घंटे के भीतर भारत निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित किया जाना आवश्यक होगा | राजनीतिक दलों में अभ्यर्थियों के आपराधिक मामलों के प्रचार प्रसार के लिए उन्हें फॉर्म – सी 1व सी 2 के द्वारा राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर के समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में प्रसारित करवाना होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को नामांकित करने वाली मान्यता प्राप्त पार्टियों व पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त पार्टियो को अपना आपराधिक मामलों की जानकारी तीन निर्धारित अवसरों पर देनी होगी ताकि मतदाताओं को जानकारी प्राप्त हो सके। उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख के अगले दिन से कम से कम तीन अलग-अलग तारीखों पर और मतदान के समापन के 48 घंटे पहले तक निर्धारित प्रारूप में प्रकाशित की जानी होगी ।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभ्यार्थियों व राजनीतिक दलों द्वारा इसका अनुपालन नहीं करने पर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा व संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी अनिवार्य रूप से देनी होगी ताकि मतदाता उनकी वेबसाइट पर भी जाकर जानकारी प्राप्त कर सके।
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम व उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दीप्ति शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र जिनकी प्रसार संख्या 75 हजार प्रतिदिन व स्थानीय स्तर के समाचार पत्र जिनकी प्रतिदिन 25 हजार प्रतिया प्रकाशित हो, यह जानकारी सी 1 व सी 2 प्रारूप में प्रकाशित करवानी होगी ।इसी प्रकार टीवी चैनल में भी इनका प्रचार प्रसार होगा जिनकी समय अवधि प्रातः 8 से रात्रि 10:00 बजे के बीच न्यूनतम 7 सेकंड के लिए की जानी आवश्यक होगी ।
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