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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय महिला समाधान समिति, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स समिति और सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक समिति की बैठक का आयोजन हुआ। जिला स्तरीय महिला समाधान समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि महिला अधिकारिता विभाग की ओर से जिले की उन सभी कॉलेज में जहां लड़कियां पढ़ रही हैं वहां विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं के सेशन आयोजित किए जाएं ताकि गर्ल्स उन महिलाओं से सीखकर भविष्य में आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
बैठक में सीईओ जिला परिषद श्री सोहनलाल ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि बालिकाएं और महिलाएं सरकारी नौकरी पाने के लिए शादी से पहले भी और शादी के बाद भी 10-10 साल तक पढ़ाई करती रहती हैं। जबकि सरकारी के अलावा विभिन्न प्राइवेट सेक्टर में भी महिलाएं बहुत अच्छा कार्य कर रहीं है। साथ ही वे आत्मनिर्भर होने के साथ साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त हैं। लिहाजा ऐसी सफल महिलाओं के सेशन उन सभी कॉलेज में आयोजित करवाए जाएं जहां लड़कियां पढ़ रही हैं। जिला कलेक्टर ने इस बाबत महिला अधिकारिता विभाग को सफल महिलाओं के सेशन आयोजित करने हेतु निर्देशित किया।
सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने पीबीएम अधीक्षक को सखी वन स्टॉप सेंटर को पीडब्ल्यूडी के जरिए जल्द जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने सखी सेंटर के प्रचार प्रसार को लेकर मिली गाड़ी को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई और रात्रि चौपाल में ले जाने, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर प्रत्येक महीने की 5 और 20 तारीख को होने वाली ग्राम सभा में ले जाने और सखी सेंटर के प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।
विदित है कि जिला मुख्यालय पर पीबीएम अस्पताल परिसर में कैंसर हॉस्पिटल के पास सखी वन स्टॉप सेंटर बना हुआ है जहां कोई भी घरेलू हिंसा से पीड़ित, दुर्घटनाग्रस्त, असहाय महिला या जिसका रहने का कोई आश्रय ना हो वह महिला अधिकतम 5 दिन तक वहां रह सकती हैं। महिला अधिकारिता उपनिदेशक सुश्री अनुराधा सक्सेना ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से संचालित सखी सेंटर पीबीएम अस्पताल के अलावा बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास के प्रयासों से शहर के अंदर सैटेलाइट अस्पताल के पास डिस्पेंसरी नंबर 3 में भी अति शीघ्र खुलने जा रहा है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी सोनोग्राफी सेंटर का बीसीएमओ द्वारा ब्लॉक वाइज औचक निरीक्षण करने और मुखबिर योजना को प्रचारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कहा कि तीसरे से पांचवें महीने के बीच हो रही सोनोग्राफी और उन महिलाओं की सोनोग्राफी पर भी विशेष तौर पर नजर रखी जाए जिनके पहला बच्चा बेटी है।
बैठक में लाडो प्रोत्साहन योजना और जननी सुरक्षा योजना में पीबीएम अस्पताल की प्रोग्रेस लगातार कम होने पर ममता कार्ड देख रहे स्टाफ को चेंज करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर के अलावा सीईओ जिला परिषद श्री सोहनलाल, सीएमएचओ डॉ पुखराज साध, सिकाऊ सीओ श्री सुभाष गोदारा, महिला अधिकारिता उपनिदेशक सुश्री अनुराधा सक्सेना, महिला बाल विकास उपनिदेशक श्री सुभाष बिश्नोई,पीबीएम के उप अधीक्षक डॉ गौरी शंकर, प्रचेता श्रीमती विजय लक्ष्मी जोशी, महिला पर्यवेक्षक श्रीमती ज्योति बिश्नोई समेत महिला सुरक्षा केन्द्र प्रतिनिधि उपस्थित रही।
]]>व्यंग्य में व्यास ने लिखा है कि, “महत्वाकांक्षा दिल में जब सवार हो जाए, दोस्त से भी दुश्मन सा व्यवहार हो जाए। यह वक्त का मामला है जनाब, क्या पता कल अपना भी इम्तिहान हो जाए।” इस व्यंग्य के जरिए मानवेंद्र ने किराडू के बयानों पर करारा प्रहार किया है, जो उनके पिता के प्रति सम्मान और उनके राजनीतिक सफर में मजबूत कदम को दर्शाता है।
मानवेंद्र की यह पोस्ट न केवल उनकी साहित्यिक प्रतिभा को उजागर करती है, बल्कि उनके पिता के समर्थन में एक सकारात्मक संदेश भी देती है। स्थानीय लोगों ने उनकी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह युवा पीढ़ी का साहस और परिवार के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। राजनीतिक गलियारों में भी इस कविता को लेकर चर्चा जोरों पर है, और मानवेंद्र के इस कदम को उनके पिता के समर्थन में एक मजबूत बयान माना जा रहा है।
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निदेशक, शोध डाॅ. अभिषेक वशिष्ठ से प्राप्त सूचनानुसार विश्वविद्यालय शोध अध्यादेश 101 में उल्लेखित प्रावधानानुसार समस्त सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। डाॅक्टर आऊंफ फिलाॅसफी में प्रवेश हेतु दिनांक 05-07-2025 से 18-07-2025 तक आॅनलाइन माध्यम से आवेदन किये जा सकते है। आॅनलाइन आवेदन के पश्चात् अभ्यर्थी दिनांक 25 जुलाई, 2025 तक आवेदन की हार्ड प्रति विश्वविद्यालय में जमा करा सकेंगे।
मीडिया प्रभारी डाॅ. बिट्ठल दास बिस्सा ने बताया कि पूर्व में वर्ष 2023 में डाॅक्टर आॅफ फिलाॅसफी हेतु प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। सफल अभ्यर्थियों का कोसवर्क कार्य पूर्ण करवाकर पंजीयन की कार्यवाही की जाएंगी।
]]>विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकनेर। रोटरी क्लब बीकानेर रॉयल्स और रोटरी क्लब अपराइज के संयुक्त तत्वावधान में तथा बीकाजी ग्रुप एवं आदित्य कैपिटल के प्रमुख सहयोग से बीकानेर में अब तक का सबसे बड़ा मोटिवेशनल एवं स्पिरिचुअल इवेंट “ड्रीम टू रियलिटी 2.0” आयोजित कल 6 जुलाई को आयोजित होने जा रहा है। आयोजन के मुख्य संयोजक राजेश बवेजा व प्रियंका शंगारी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर देश की सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल वक्ता सुश्री जया किशोरी बीकानेर पधारेंगी और अपने प्रेरक विचारों से युवाओं, छात्रों एवं उद्यमियों को दिशा प्रदान करेंगी। क्लब अध्यक्ष सुनील चमड़िया व रुचि दफ्तरी ने जानकारी देते हुवे बताया की यह कार्यक्रम पूर्व में 11 मई को प्रस्तावित था, परंतु भारत-पाक सीमा तनाव के चलते इसे स्थगित कर कल 6 जुलाई को पुनर्निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम शाम 6 बजे महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। प्रकल्प चेयरमैन डॉ. विकास पारीक ने बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी अवसाद, दिशाहीनता एवं नशे की प्रवृत्तियों से जूझ रही है। ऐसे में यह कार्यक्रम उन्हें नई सोच, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देने का माध्यम बनेगा। वरिष्ठ रोटे भूपेंद्र मिड्ढा ने बताया कि आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से कई प्रायोजक जुड़े हैं, और कार्यक्रम से प्राप्त शेष राशि जनहितार्थ किसी स्थायी सेवा प्रकल्प में खर्च की जाएगी। रोटरी क्लब रॉयल्स के पूर्व अध्यक्ष रोटे गोपाल अग्रवाल ने बताया कि ड्रीम टू रियलिटी का पहला संस्करण गत वर्ष सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था, जिसमें सुप्रसिद्ध वक्ता सोनू शर्मा आमंत्रित थे। उस कार्यक्रम की आय से क्लब ने “रोटरी स्वर्ग रथ” नामक शव वाहन सेवा प्रारंभ की, जो आज आपात स्थिति में लोगों को राहत पहुंचा रही है। क्लब सचिव विपिन लड्ढा ने बताया कि कार्यक्रम में चैरिटी की उद्देश्य के तहत शहर के कई उदार दानदाताओं और प्रतिष्ठानों ने बढ़-चढ़ कर सहभागिता निभाई है। प्रमुख प्रायोजकों में बीकाजी ग्रुप, आदित्य कैपिटल के साथ थेम्स प्लाई, एमएम ग्रुप, कॉन्सेप्ट कोचिंग, वेथोनिक फाइनेंशियल, जीवन रक्षा अस्पताल, स्व. श्रीमती गोमादेवी चैरिटेबल फाउंडेशन सम्मिलित हैं। अन्य सहयोगी प्रायोजकों में रामलाल सूरजदेवी रांका चैरिटेबल ट्रस्ट, मोटिवेशनल स्पीकर गोविंद भादू, बीकानेर प्रोसलिन, श्री बालाजी स्वीट्स, आरका ग्रीनर्जी, केशव गोल्ड, श्री टिंबर एवं प्लाईवुड, झकास पापड़, मरुधर लज़ीज़, एपेक्स हॉस्पिटल, श्रीराम भुजिया एवं पापड़, आरके पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आदित्य बिल्ड डेवलपर, इंडिया सोलर, टाइगर लॉन्गी मिर्च, रिद्धि सिद्धि ज्वेलर्स, राजेश चूरा एंड कंपनी, डीएलएम आर्किटेक्ट्स एवं इंटीरियर्स प्रमुख हैं। मीडिया पार्टनर के रूप में पिंटू राठी, भोज एडवरटाइजिंग, सुरेश पारीक, राम डिजिटल एवं सुंदर टेंट एवं लाइट डेकोरेशन ने सहयोग प्रदान किया है। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु रोटरी क्लब बीकानेर रॉयल्स एवं रोटरी क्लब अपराइज की संयुक्त टीम ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। आयोजन को लेकर दोनों क्लबों के सदस्यों ने पूर्ण समर्पण एवं तालमेल के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। रोटरी क्लब बीकानेर रॉयल्स की ओर से मनोज कुड़ी, जगदीप ओबेरॉय, पियूष शंगारी, ऋषि धामू, विनय बिस्सा, मनीष कालरा, सुरेंद्र सिंह, ज्योति प्रकाश रंगा, विनय हर्ष, सुरेश पारीक, विनोद माली, राजेश खत्री एवं हेमंत असोपा आयोजन समिति में सक्रिय रूप से सम्मिलित हैं। वहीं रोटरी क्लब अपराइज की ओर से चांदनी करनानी, नीलम सिंघी, नेहा ओझा, शिवाली कोठारी, पारुल अग्रवाल, निकिता गुप्ता, दिव्या अरोड़ा, रिया अग्रवाल एवं शिप्रा शंकर इस भव्य आयोजन में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान कर रही हैं। दोनों क्लबों के सदस्यों का यह सामूहिक प्रयास बीकानेर में एक प्रेरणास्पद, गरिमामयी और जनसरोकार से जुड़ा कार्यक्रम प्रस्तुत करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
]]>विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर । मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार एक ऐसी बुराई है जो योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से रोकती है और समाज में असमानता बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त राजस्थान के संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। पुलिस बिना किसी के दबाव में आए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे।
श्री शर्मा मंगलवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 68वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन आवश्यक है। ऐसे में एसीबी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। श्री शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ने, गबन, आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग आदि के मामलों को उजागर करने जैसे सभी क्षेत्रों में एसीबी ने अपनी दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। अपने ही एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करना यह साबित करता है कि एसीबी जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। हमने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया। पुलिस में 10 हजार पदों पर भर्ती, नए 8 जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की स्वीकृति, 3 महिला पुलिस बटालियनों की स्थापना जैसे निर्णय सरकार द्वारा लिए गए हैं। साथ ही, पुलिस के रेस्पोन्स टाइम को बेहतर करने के लिए 22 इंटरसेप्टर, 750 मोटर साइकिल तथा पुलिस मोबाइल यूनिट को 500 पुलिस मोबाइल यूनिट वाहन उपलब्ध कराकर 500 कालिका पेट्रोलिंग टीम का गठन भी किया है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पुलिस आधुनिकीकरण व संबंधित आधारभूत संरचना के लिए पुलिस मॉडर्नाइजेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का गठन, सरदार पटेल सेंटर फोर साइबर कंट्रोल रूम की स्थापना, पुलिस दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र को राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी के रूप में क्रमोन्नत करने जैसे कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वर्दी भत्ते व मैस भत्ते में बढ़ोतरी, राजस्थान रोडवेज की एक्सप्रेस व सेमी डीलक्स बसों में निशुल्क यात्रा, लांगरी पदों का सृजन तथा उनके मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि जैसे निर्णय लेकर विभाग को सक्षम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान हमारी सरकार ने भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत हमने पूर्व अनुमोदन प्रदान करने की प्रक्रिया तेज की है। हाल ही में राज्य सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई, अभियोजन स्वीकृति एवं 17-ए के विचाराधीन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अनाधिकृत अनुपस्थिति के गंभीर मामलों में सेवारत अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने जैसे कठोर निर्णय भी लिए गए हैं। भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध एसीबी के प्रकरणों में त्वरित एवं कठोर कार्यवाही के साथ साथ उनकी पेंशन रोकने जैसी विभागीय कार्यवाही भी प्रभावी रूप से की जा रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि रिश्वत लेना अपराध है और इस अपराध को रोकने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी भ्रष्टाचार होता दिखे, तो बिना किसी डर के 1064 पर सूचित करें। जनता की भागीदारी ही इस लड़ाई को और मजबूत बनाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता एवं शुचिता के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने सुशासन स्थापित करने के लिए तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया है। ई-फाइलिंग, नियम व प्रक्रियाओं का सरलीकरण, आउटरीच प्रोग्राम जैसे नवाचारों से सिस्टम में जवाबदेहिता को बढ़ावा मिला है।
महानिदेशक पुलिस,श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को बिना दबाव के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
इस अवसर पर महानिदेशक पुलिस, राजस्थान ने कहा कि जिस प्रकार कि स्वतन्त्रता राज्य सरकार ने ए सी बी को दी है उसपर राजस्थान ए सी बी पूरी तरह से खरी उतरी हैं बिना किसी भेदभाव के तत्परता से प्रदेश में करवाइयां कि जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब ब्यूरो कि तारीफ कि जाती है तो वहीं उसे और अपनी उचाईयों पर बने रहने कि चुनौती भी रहती है। मेरा विश्वास हैं कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और सक्रियता से कार्रवाईयां करता रहेगा। इससे राज्य कि प्रशासनिक छवि पारदर्शी और मजबूत बनती हैं जिससे प्रदेश में निवेश के अवसर भी सुगम व सशक्त हो जाते हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह श्री भास्कर ए. सावंत ने कहा कि एसीबी कि कार्यशेली एकदम अलग है इसलिए ब्यूरो के सभी लोग न्यायपूर्ण तरीके से कार्य करते रहें तो बड़ा बदलाव ला सकते है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान के स्थापना दिवस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव ने कहा कि इस वर्ष ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अनेक प्रभावी व उल्लेखनीय कार्यवाहियाँ की गई हैं। कई महत्त्वपूर्ण प्रकरण ब्यूरो की आसूचना के आधार पर दर्ज हुए हैं। आंतरिक सतर्कता प्रणाली को और अधिक सशक्त किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम देशभर में देखने को मिले हैं।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के बाद सबसे अधिक कार्रवाइयाँ राजस्थान में एसीबी द्वारा की गई हैं। हमारी कार्यप्रणाली की सराहना अन्य राज्यों द्वारा की जा रही है।
एसीबी कि अतिरिक्त महानिदेशक ने बताया कि ब्यूरो ने अनुसंधान अधिकारियों व लोक अभियोजकों की पहली बार संयुक्त कार्यशाला आयोजित की, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता व सजायाबी प्रतिशत में सुधार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि ‘एसीबी आपके द्वार’, सजग ग्राम योजना और जनसंवाद जैसे अभियानों से आमजन तक सीधी पहुँच बनाई गई है। हेल्पलाइन 1064और व्हाट्सएप नंबर 9413502834 के माध्यम से लगातार गोपनीय सूचनाएँ और शिकायते प्राप्त हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा “Zero Tolerance” की नीति को लागू करते हुए पारदर्शिता व जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर नवसृजित 08 जिलों में एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की स्वीकृति के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री महोदय का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इससे परिवादियों को स्थानीय स्तर पर सुगमता से सुविधा मिल रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें डूंगर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेन्द्र कुमार पुरोहित, प्रधान कार्यालय, नई दिल्ली से उप महाप्रबंधक श्री विष्णु लाल बाना, मंडल प्रमुख श्री राजेन्द्र मोहन शर्मा एवं उप मंडल प्रमुख श्री श्याम नारायण पांडे मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मंडल प्रमुख श्री राजेन्द्र मोहन शर्मा ने कहा कि बैंक आज रिटेल, कृषि, एमएसएमई और कॉर्पोरेट ऋण जैसे सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि गत सप्ताह आयोजित एग्री आउटरीच प्रोग्राम की सफलता के बाद अब बैंक रिटेल ऋण योजनाओं को लेकर देशभर में यह अभियान चला रहा है ताकि गृह ऋण, वाहन ऋण, शिक्षा ऋण एवं व्यक्तिगत ऋण जैसी योजनाओं की जानकारी सीधे आम नागरिकों तक पहुँचे।
उप महाप्रबंधक श्री विष्णु लाल बाना ने बैंक की रिटेल योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बैंक ग्राहकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न ऋण योजनाएं सरल प्रक्रिया, न्यूनतम दस्तावेज और उचित ब्याज दरों पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इसे आम नागरिक के जीवनस्तर को बेहतर बनाने में सहायक बताया।
मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. राजेन्द्र पुरोहित ने अपने वक्तव्य में कहा कि पंजाब नेशनल बैंक द्वारा समय-समय पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम वित्तीय साक्षरता एवं सशक्तिकरण की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बैंक की ग्राहक-केन्द्रित नीतियों की सराहना करते हुए इसे समाज के हित में आवश्यक बताया।
इस अवसर पर उप मंडल प्रमुख श्री एस.एन. पांडे और मिड कॉरपोरेट ब्रांच बीकानेर से श्री नीरज गर्ग ने भी अपने विचार साझा किए और कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शाखा प्रबंधकों एवं आमंत्रित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन जूही कश्यप द्वारा किया गया और कार्यक्रम में मंडल कार्यालय बीकानेर के प्रमुख अधिकारी गिरधारी लाल मीणा, विक्रम मीणा, दीपक चौधरी, रोहिताश चौधरी, रामपाल जाट, विक्रम सिंह पुनिया, राम प्रताप गोदारा, चंद्रकांत व्यास, दीपक हर्ष, वासुदेव खत्री, अरविंद भारद्वाज, अमित धवल, ममता कुमारी – सहित बीकानेर मंडल की सभी शाखाओं के शाखा प्रबंधकगण उपस्थित रहे।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, जोधपुर एम्स के माइक्रोबायोलॉजी एवं जनरल मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ऋद्धि सिद्धि रिजॉर्ट में मेलियोइडोसिस एक दिवसीय जागरूकता सह-सीएमई का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से विशेषज्ञ डॉक्टर और वैज्ञानिक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की साइंटिस्ट-जी डॉ. हरप्रीत कौर ने मेलियोइडोसिस की गंभीरता, लक्षण, पहचान और रोकथाम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेलियोइडोसिस, बर्कहोल्डरिया स्यूडोमालेईनामक जीवाणु से होने वाला एक गंभीर रोग है, लेकिन प्रायः उपेक्षित संक्रमण है, जो मिट्टी और पानी से फैलता है तथा डायबिटीज़, लिवर/किडनी रोग और कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों में घातक हो सकता है।
डॉ. कौर ने कहा कि आईसीएमआर द्वारा इस बीमारी की रोकथाम और जागरूकता हेतु देश के 15 राज्यों में नेटवर्क सेंटर स्थापित किए गए हैं। एम्स जोधपुर को पश्चिम भारत की एक महत्वपूर्ण साइट के रूप में चयनित किया गया है, जहाँ मेलियोइडोसिस के कई मामलों का सफल निदान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में, इस बीमारी के तेजी से फैलने की संभावना है।
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल के प्रोफेसर एवं प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. चिरंजय मुखोपाध्याय जो कि इस बीमारी पर पिछले 20 वर्षों से अनुसंधान कर रहे हैं तथा इस बीमारी के विषय से देश के प्रमुख वैज्ञानिक है उन्होंने भारत में मेलियोइडोसिस की स्थिति के बारे में बताया, एम्स जोधपुर के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी ने संक्रामक रोगों के उचित उपचार के बारे में अपना व्याख्यान दिया।जोधपुर एम्स के मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष गोपाल कृष्ण बोहरा एवं एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन विभाग डॉ. दीपक कुमार ने जोधपुर एम्स में आने वाले रोगियों एवं उनके केस स्टडी की जानकारी दी। जोधपुर एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विभोर टाक ने मेलियोइडोसिस की जांच प्रक्रिया के बारे में बताया।
एसपीएमसी माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ तरुणा स्वामी ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया सीएमई में डॉ. संजय कोचर , डॉ. दीपशिखर आचार्य, डॉ. प्रवीण प्रजापत, डॉ. दिनेश गर्ग, रिसर्च साइंटिस्ट मीनाक्षी पारीक शैलेन्द्र प्रजापत रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं अन्य रिसर्च स्टूडेंट्स उपस्थित रहे.
सीएमई के सफल आयोजन हेतु एसपीएमसी प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी एवं पीबीएम अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रयासों को सराहना की।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, जोधपुर एम्स के माइक्रोबायोलॉजी एवं जनरल मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ऋद्धि सिद्धि रिजॉर्ट में मेलियोइडोसिस एक दिवसीय जागरूकता सह-सीएमई का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से विशेषज्ञ डॉक्टर और वैज्ञानिक शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की साइंटिस्ट-जी डॉ. हरप्रीत कौर ने मेलियोइडोसिस की गंभीरता, लक्षण, पहचान और रोकथाम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेलियोइडोसिस, बर्कहोल्डरिया स्यूडोमालेईनामक जीवाणु से होने वाला एक गंभीर रोग है, लेकिन प्रायः उपेक्षित संक्रमण है, जो मिट्टी और पानी से फैलता है तथा डायबिटीज़, लिवर/किडनी रोग और कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों में घातक हो सकता है।
डॉ. कौर ने कहा कि आईसीएमआर द्वारा इस बीमारी की रोकथाम और जागरूकता हेतु देश के 15 राज्यों में नेटवर्क सेंटर स्थापित किए गए हैं। एम्स जोधपुर को पश्चिम भारत की एक महत्वपूर्ण साइट के रूप में चयनित किया गया है, जहाँ मेलियोइडोसिस के कई मामलों का सफल निदान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में, इस बीमारी के तेजी से फैलने की संभावना है।
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल के प्रोफेसर एवं प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. चिरंजय मुखोपाध्याय जो कि इस बीमारी पर पिछले 20 वर्षों से अनुसंधान कर रहे हैं तथा इस बीमारी के विषय से देश के प्रमुख वैज्ञानिक है उन्होंने भारत में मेलियोइडोसिस की स्थिति के बारे में बताया, एम्स जोधपुर के अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी ने संक्रामक रोगों के उचित उपचार के बारे में अपना व्याख्यान दिया।जोधपुर एम्स के मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष गोपाल कृष्ण बोहरा एवं एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन विभाग डॉ. दीपक कुमार ने जोधपुर एम्स में आने वाले रोगियों एवं उनके केस स्टडी की जानकारी दी। जोधपुर एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विभोर टाक ने मेलियोइडोसिस की जांच प्रक्रिया के बारे में बताया।
एसपीएमसी माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ तरुणा स्वामी ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया सीएमई में डॉ. संजय कोचर , डॉ. दीपशिखर आचार्य, डॉ. प्रवीण प्रजापत, डॉ. दिनेश गर्ग, रिसर्च साइंटिस्ट मीनाक्षी पारीक शैलेन्द्र प्रजापत रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं अन्य रिसर्च स्टूडेंट्स उपस्थित रहे.
सीएमई के सफल आयोजन हेतु एसपीएमसी प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी एवं पीबीएम अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रयासों को सराहना की।
]]>यह पुरस्कार डॉ. छाया को मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान की समीक्षा के लिए दिया गया है । राजस्थान की अभाकाम संस्था की ओर से उन्हें पुरस्कार के तहत प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं 7101 रुपए की राशि प्रदान की गई । गोदान समीक्षा राष्ट्रीय प्रतियोगिता के तहत देश के 23 राज्यों के बड़ी संख्या में साहित्यकारों ने भाग लिया जिसमें पांच श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए । यह पुरस्कार जयपुर के सियाम ऑडिटोरियम, दुर्गापुरा में मुंशी प्रेमचंद साहित्य रत्न सम्मान समारोह 2025 के अवसर पर दिया गया।
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