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National News – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Thu, 08 May 2025 12:42:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 हमारी सहनशीलता की परीक्षा ली तो मिलेगा करारा जवाब : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी https://vinayexpress.in/2025/05/08/new-delhi-120/ Thu, 08 May 2025 12:41:15 +0000 https://vinayexpress.in/?p=91048

विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भारत की सहनशीलता की परीक्षा ली गई, तो उसे हमारी क्वालिटी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब भारत सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि कार्रवाई में विश्वास करता है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसका ताजा उदाहरण है.

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा, “जो कोई भी भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करेगा, उसे ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए. हमने अपनी सैन्य क्षमताओं और राजनीतिक इच्छाशक्ति को पहले भी साबित किया है और आगे भी करेंगे.

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मौनी अमावस्या के दिन प्रयाग क्षेत्र से प्रत्येक 4 मिनट पर एक ट्रेन : सतीश कुमार https://vinayexpress.in/2025/01/28/new-delhi-118/ Tue, 28 Jan 2025 15:30:42 +0000 https://vinayexpress.in/?p=90059

मौनी अमावस्या के दिन रेलवे चलाएगी 360 से अधिक ट्रेनें : रेलवे बोर्ड चेयरमैन

● मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के लिए भारतीय रेल रिकॉर्ड 360 ट्रेनें चला रही है।

● स्टेशनों पर जरूरतमंदों को

मदद के लिए 24 घंटे RPF और रेल कर्मयोगी तैनात 

● रेलवे स्टेशन के बाहर होल्डिंग एरिया में यात्रियों के ठहरने का व्यापक प्रबंध

विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली: महाकुम्भ 2025 के मौनी अमावस्या के अमृत स्नान को लेकर भारतीय रेल ने व्यापक प्रबंध किया है। मंगलवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने इस संबंध में रेल भवन में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के लिए हम 29 जनवरी को कुल 360 ट्रेनें चला रहे हैं। प्रयाग महाकुंभ के किसी एक दिन के लिए ये भारतीय रेल का ऑल टाइम हाई नंबर है।

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सतीश कुमार ने कहा कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन विशाल जनसमूह पवित्र स्नान के लिए प्रयाग पहुंचता है। इसको ध्यान में रखकर रेलवे अपनी तैयारियों को अगले स्तर पर लेकर गया है। ट्रेन चलाने से लेकर प्लेटफॉर्म तक, हर जगह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। रेगुलर और मेल स्पेशल मिलाकर मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के लिए कुल 360 ट्रेनें चलाई जाएंगी। 29 जनवरी को हर 4 मिनट पर महाकुम्भ के लिए एक ट्रेन चलेगी। 13-14 जनवरी को हमने 130 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं, उसके रिस्पॉन्स को ध्यान में रखकर मौनी अमावस्या के दिन ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों के संचालन की व्यवस्था की गई है।

 यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे तैनात हैं रेल कर्मयोगी

रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के पहुंचने के बाद बुजुर्ग और जरूरतमंदों को रेल सुरक्षा बल के जवान और अन्य रेल कर्मयोगियों द्वारा कंधों और पालकियों पर लेकर पर पहुंचा रहे हैं। ऐसे दृश्य अक्सर प्रयागराज और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर देखे जा रहे हैं। जो सेवा और भक्ति की मिसाल पेश करता है। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे स्टेशन और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए चौबीस घंटे मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रेन के एक स्थान से चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के जवान पूरी तरह सुरक्षा में तैनात हैं।

 होल्डिंग एरिया में व्यापक व्यवस्था

इस भव्य आयोजन में विशाल जनसमूह को संभालने के लिए होल्डिंग एरिया बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। रेलवे स्टेशनों के बाहर जो कलर कोडिंग होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, वहां यात्रियों को हर तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। स्नान के बाद स्टेशन आ रहे यात्रियों को अगली ट्रेन तक के लिए रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन हमारे रेल कर्मयोगी दिन रात श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं, जिसकी वजह से इतना बड़ा आयोजन इतनी सुगमता से सफलता की ओर बढ़ रहा है। यात्रियों का भी हमें पूरा सहयोग मिल रहा है। रेलवे परिसर में लगाए गए लगभग 1200 सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा और दूसरी ज़रूरी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। प्रयागराज जंक्शन के पास स्थित खुसरो बाग के होल्डिंग एरिया में 1 लाख से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से श्रद्धालुओं और यात्रियों को फूड पैकेट एवं कई दूसरी जरूरी की चीज भी होल्डिंग एरिया में दी जा रही हैं। भारतीय रेल ने अपनी सेवा और सुरक्षा के जरिए करोड़ों श्रद्धालुओं के सफर को आसान बनाने के साथ, उन्हें यह अहसास दिलाया कि भारतीय रेल हर यात्रा में उनका सच्चा साथी है। इस वर्ष के दिव्या एवं भव्य महाकुम्भ में भारतीय रेल यात्रियों की सेवा को अपना ध्येय बनाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहायता हेतु संकल्पित है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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2025 में भारत की ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा 6.5% रहेगी:IMF का पाकिस्तान के लिए 3% का अनुमान, दुनिया की विकास दर 3.3% रहेगी! https://vinayexpress.in/2025/01/21/delhi-3/ Tue, 21 Jan 2025 03:03:21 +0000 https://vinayexpress.in/?p=89973 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर।IMF के मुताबिक भारत में इंडस्ट्रिलय एक्टिविटी में गिरावट की वजह से 2023 के मुकाबले विकास दर में गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2025 और 2026 में दुनिया भर के देशों की विकास दर को लेकर अपना पूर्वानुमान पेश किया है। IMF का अनुमान है कि 2025 और 2026 में दुनिया की ग्रोथ रेट 3.3% रहेगी। बड़े देशों में भारत 6.5% की ग्रोथ रेट के साथ सबसे तेजी से विकास करेगा।

पाकिस्तान विकास दर 2025 में 3% और 2026 में 4% रहने का अनुमान है, जबकि 2024 में यह 3.2% थी। IMF की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ ने सोशल मीडिया X पर वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक ग्रोथ का अनुमान पोस्ट किया।

 

अपस्टॉक्स के मुताबिक IMF का कहना है कि भारत में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी में उम्मीद से ज्यादा गिरावट देखी गई है। इस वजह से 2023 के मुकाबले ग्रोथ रेट भी उम्मीद से ज्यादा धीमी रही। 2023 में भारत की ग्रोथ रेट 8.2% थी, जो 2024 में घटकर 6.5% रह गई। इसके 2025 और 2026 में भी इतना ही रहने का अनुमान है।

 

*अमेरिका की ग्रोथ दर 2025 में 2.7% रहेगी*

 

अनुमान के मुताबिक अमेरिका की विकास दर 2024 के मुकाबले मामूली तौर पर 0.1% घटकर 2025 में 2.7% रहेगी, जबकि 2026 में यह 2.1% पर पहुंच जाएगी। IMF का कहना है कि अमेरिका के घरेलू मार्केट में मांग बनी हुई है, क्योंकि US फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) ने मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को घटाया है। इससे लोगों को लोन मिलने में आसानी हुई है।

 

चीन की विकास दर 2025 में 4.6% और 2026 में 4.5% रहने का अनुमान है। 2024 में चीन की ग्रोथ रेट 4.8% रही थी। IMF के मुताबिक चीन को अपनी विकास रफ्तार बढ़ाने के लिए घरेलू मार्केट में मांग पैदा करनी होगी।

IMF के मुताबिक अमेरिका में ब्याज सस्ता होने से लोगों को लोन मिलने में आसानी हुई है, जिससे घरेलू मांग बढ़ी है।

दुनिया भर में घटेगी महंगाई दर

 

IMF के अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचस ने कहा दुनिया में महंगाई दर 2025 में 4.2% और 2026 में 3.5% रहेगी। जबकि 2024 में यह 5.9% थी। गौरिंचस के मुताबिक ग्लोबल महंगाई दर के घटने से हाल के सालों में हुई वैश्विक उथल पुथल (कोरोना की महामारी और यूक्रेन युद्ध) को कम करने में मदद मिलेगी।

IMF का कहना है कि दुनिया भर की बिजनेस पॉलिसीज को व्यापार संगठन के कानूनी ढांचे के मुताबिक स्पष्ट होना चाहिए। इससे बाजार में अनिश्चितता और अस्थिरता कम होगी।

 

 

 

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सुप्रीम कोर्ट में NEET-UG परीक्षा से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कल https://vinayexpress.in/2024/07/07/neet-ug-news/ Sun, 07 Jul 2024 12:31:07 +0000 https://vinayexpress.in/?p=86376

विनय एक्सप्रेस समाचार,नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने समेत उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित कॉज लिस्ट के अनुसार, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी. केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था. साथ ही कहा था कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन लाखों ईमानदार स्टूडेंट को नुकसान होगा, जिन्होंने इस वर्ष 5 मई को आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया, “अखिल भारतीय परीक्षा में किसी बड़ी गड़बड़ी के सबूत के अभाव में पूरी परीक्षा और पहले से घोषित परिणाम को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा. बड़ी संख्या में छात्रों के हितों को भी खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी कथित अनुचित साधन को अपनाए परीक्षा दी है.” हलफनामे में कहा गया है कि धोखाधड़ी और कदाचार समेत अनियमितताओं के कथित मामलों के संबंध में सीबीआई जांच कर रही है. सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को अपने हाथ में ले लिया है. केंद्र ने कहा कि वह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है. यदि कुछ आपराधिक तत्वों के इशारे पर प्रतियोगी परीक्षा की गोपनीयता भंग की गई है, तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए. केंद्र सरकार ने कहा, “सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए संसद ने 12 फरवरी 2024 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 पारित किया. यह अधिनियम 21 जून 2024 को लागू किया गया है. अधिनियम के तहत पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) नियम, 2024 को भी 23 जून को अधिसूचित किया गया है.” हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक कोचिंग संस्थान की ओर से नीट-यूजी परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिट याचिका दायर करने पर आपत्ति जताई थी.

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एम्बिएंट’24 मेस फ्रैंकफर्ट जर्मनी में ईपीसीएच इंडिया पैवेलियन का हुआ उद्घाटन https://vinayexpress.in/2024/01/26/epch-india-pavilion-inaugurated-in-germany/ Fri, 26 Jan 2024 17:12:17 +0000 https://vinayexpress.in/?p=80550 विनय एक्सप्रेस समाचार, दिल्ली. आज फ्रैंकफर्ट में शुरू हुआ एम्बिएंट, 2024 आने वाले 30 जनवरी 2024 को समाप्त होगा। इस एम्बिएंट फेयर, 2024 में इंडिया पवेलियन का उद्घाटन फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में भारत के महावाणिज्य दूतावास के काउंसल जनरल श्री बी.एस. मुबारक द्वारा किया गया। इस अवसर पर हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन श्री दिलीप बैद; ईपीसीएच के हालिया पूर्व अध्यक्ष श्री राज कुमार मल्होत्रा; ईपीसीएच के प्रशासनिक समिति के सदस्य श्री प्रिंस मलिक और श्री राजेश के. जैन; श्री राजेश रावत, अतिरिक्त. कार्यकारी निदेशक – ईपीसीएच और महाप्रबंधक श्री विंस्टन परेरा की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने सूचित किया कि 26 जनवरी 2024 को  मेसी फ्रैंकफर्ट में बड़ी संख्या में सदस्य निर्यातकों और आगंतुकों भी मौजूद रहे।

फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में भारत के महावाणिज्य दूतावास के काउंसल जनरल श्री बी.एस. मुबारक ने अन्य अधिकारियों के साथ ईपीसीएच मंडप का दौरा किया और प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। इस दौरान वे एम्बिएंट’24 में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की विशाल विविधता के प्रदर्शन से बेहद प्रसन्न दिखे।

ईपीसीएच के अध्यक्ष श्री दिलीप बैद ने कहा कि एंबिएंट जर्मनी में आयोजित सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मेलों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदार अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आते हैं और मेले में भारतीय निर्यातकों की भागीदारी से विदेशी बाजारों में देश के निर्यात बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि एम्बिएंट 2024 में प्रतिभागी लिविंग, डाइनिंग, गिविंग सेक्शन में उत्तम उपहार, सजावटी सामान, क्रिसमस सजावट, फैशन आभूषण, लकड़ी के हस्तशिल्प आइटम, कपड़ा साज-सज्जा, चमड़े के उत्पाद, लैंप और प्रकाश व्यवस्था, चीनी मिट्टी की चीज़ें, धूप, बैग और बाथरूम एसेसरीज उत्पादों को तीन खंडों में प्रदर्शित कर रहे हैं।  श्री बैद ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि जर्मनी में भारतीय मिशन द्वारा दिया गया सहयोग सराहनीय है, क्योंकि यह हर साल हमारी भागीदारी को काफी  सुविधाजनक बनाता है।

श्री राज कुमार मल्होत्रा, तत्काल पूर्व अध्यक्ष-ईपीसीएच ने कहा कि एम्बिएंट’24 में भारत की भागीदारी मेले की जीवंतता और विविधता को बढ़ाएगी और वैश्विक निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और ब्रांडों को भारतीय गृह सज्जा, उपहार और उपभोक्ता उत्पाद उद्योग में मजबूत उद्यमिता से परिचित कराएगी और भारत से सोर्सिंग के अवसर खुलेंगे।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के वर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 में  एम्बिएंट 2024 में भाग लेने वाले सबसे बड़े देशों में से भारत एक होगा। तीन मेले एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं यानी एम्बिएंट, क्रिसमस वर्ल्ड और क्रिएटिव वर्ल्ड। उन्होंने कहा कि मैसी फ्रैंकफर्ट के इन मेलों में भारत की लगभग 600 कंपनियां प्रतिभाग करेंगी।  उन्होंने आगे बताया कि मेले में 61 निर्यातकों के साथ परिषद की भागीदारी दुनिया भर से आगंतुकों को आकर्षित कर रही है।

ईपीसीएच दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में  विदेशों में भारत की छवि और होम,जीवनशैली,कपड़ा, फर्नीचर और फैशन आभूषण और सहायक उपकरण के उत्पादन में लगे क्राफ्ट क्लस्टर के लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड इमेज बनाने के लिए जिम्मेदार एक नोडल संस्थान है। इस अवसर पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर के वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान जर्मनी में हस्तशिल्प निर्यात 1428.06 करोड़ रुपये (177.37 मिलियन डॉलर) रहा।

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संस्कृति मंत्रालय द्वारा पराक्रम दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस पर केंद्रित प्रदर्शनी का आयोजन https://vinayexpress.in/2024/01/24/new-delhi-news-7/ Wed, 24 Jan 2024 16:27:53 +0000 https://vinayexpress.in/?p=80447 साहित्य अकादेमी ने लगाई नेताजी पर प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी

विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली.  नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 127 वीं जयंती के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय द्वारा लाल किले में नेताजी पर केंद्रित प्रोजेक्शन मैपिंग शो एवं विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। पराक्रम दिवस के अवसर पर 23-31 जनवरी 2024 तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर साहित्य अकादेमी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशित लगभग 170 पुस्तकों की प्रदर्शनी का आयोजन किया है। पुस्तकों की प्रदर्शनी के साथ ही उन पुस्तकों के प्रमुख अंश के 24 पैनल भी बनाए गए हैं, जिन्हें सुरुचिपूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया गया है। कल साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने माननीय प्रधानमंत्री को इन पैनलों एवं पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन कराया। इन पैनलों में सुभाषचंद्र बोस के जीवन के विभिन्न पड़ावों जैसे उनकी शिक्षा-दीक्षा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रवेश, सशस्त्र क्रांति की वकालत, कांग्रेस अध्यक्ष बनने, गाँधी और नेहरू से उनके मतभेद, आजाद हिंद फौज के निर्माण और अंग्रेजों से युद्ध आदि के बारे में बताया गया है। इन सभी पैनलों के आधार पर हम समझ पाते हैं कि सुभाषचंद्र बोस किस तरह महान देशभक्त, विद्वान, संघर्षशील नेता, दार्शनिक एवं अध्यात्म में गहरी रुचि लेने वाले महान व्यक्तित्व बने।

31 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में चित्र एवं पुरालेख प्रदर्शनी, चित्रकला एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी एवं ए आर, वी आर प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

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सेमीफाइनल में न्यूजीलैण्ड को 70 रनों से हराकर भारतीय क्रिकेट टीम 12 वर्ष बाद वर्ल्ड कप फाइनल मे https://vinayexpress.in/2023/11/16/national-new-india-win-semifinal-match/ Thu, 16 Nov 2023 03:44:28 +0000 https://vinayexpress.in/?p=78372 विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। भारत ने चौथी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई है. इससे पहले भारत ने 1983, 2003 और 2011 में भी फाइनल तक का सफर तय किया था, जिसमें से 1983 और 2011 में भारत ने खिताब अपने नाम किया था.
टीम इंडिया ने 12 साल का इंतजार खत्म करते हुए वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में जगह बना ली है. मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में भारत ने पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 70 रनों से हराते हुए शान से फाइनल में एंट्री मारी. टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 397 रन बनाए. उसके लिए विराट कोहली ने रिकॉर्ड 50वां शतक लगाया, जबकि श्रेयस अय्यर ने भी लगातार दूसरे मैच में ताबड़तोड़ शतक जड़ा. इसके बाद न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल के विस्फोटक शतक से टीम इंडिया को मुश्किल में डाला लेकिन मोहम्मद शमी ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 7 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 327 रनों पर निपटा दिया. इसके साथ ही टीम इंडिया 2011 वर्ल्ड कप के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है. साथ ही न्यूजीलैंड से 2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की हार का हिसाब भी बराबर कर लिया.

 

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में बहादुर जवानों के साथ मनाई दिवाली https://vinayexpress.in/2023/11/12/prime-minister-narendra-modi-celebrated-diwali-with-brave-soldiers/ Sun, 12 Nov 2023 15:11:48 +0000 https://vinayexpress.in/?p=78237

जहां जवान तैनात हैं, वह जगह मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। आप जहां भी हैं, मेरा त्योहार वहीं है : प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिवाली के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में बहादुर जवानों को किया संबोधित 

विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। जवानों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाली के त्योहार और जवानों के साहस की प्रशंसा का मेल देश के प्रत्येक नागरिक के लिए ज्ञान का एक क्षण है। उन्होंने भारत के सीमावर्ती इलाके पर स्थितदेश के आखिरी गांव, जिसे अब पहला गांव माना गया है, में तैनात जवानों के साथ देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।

अपने अनुभवों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सव वहीं होता है जहां परिवार रहता है। उन्होंने सीमा की सुरक्षा के लिए त्योहार के दिन अपने परिवार से दूर रहने की स्थिति को कर्तव्यों के प्रति समर्पण की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानने की भावना सुरक्षाकर्मियों के उद्देश्यों को सार्थकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “देश इसके लिए आपका आभारी और ऋणी है। इसीलिए हर घर में आपकी सुरक्षा के लिए एक ‘दीया’ जलाया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां जवान तैनात हैं वह जगह मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। आप जहां भी हैं, मेरा त्योहार वहीं है। ऐसा शायद 30-35 वर्षों से चल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने जवानों और सशस्त्र बलों की बलिदान की परंपरा को नमन किया। उन्होंने कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने खुद को सीमा पर सबसे मजबूत दीवार के रूप में साबित किया है।” प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने हार के जबड़े से जीत को छीनकर हमेशा नागरिकों का दिल जीता है।” उन्होंने भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशनों का भी उल्लेख किया जहां सशस्त्र बलों ने अनेक लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा, “सशस्त्र बलों ने भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।” प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिकों के लिए एक स्मारक हॉल के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम विश्व स्तर पर शांति स्थापित करने में शांति सैनिकों के योगदान को अमर बना देगा।

न केवल भारतीयों बल्कि विदेशी नागरिकों के निकासी अभियानों में भी भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने सूडान में उथल-पुथल के दौरान संपन्न की गई सफल निकासी और तुर्किये में भूकंप के बाद बचाव अभियान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “युद्ध क्षेत्र से लेकर बचाव अभियान तक, भारतीय सशस्त्र बल जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक देश की सशस्त्र सेनाओं पर गर्व महसूस करता है।

वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत से होने वाली वैश्विक अपेक्षाओं की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश में सुरक्षित सीमा, शांति और स्थिरता के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा, “भारत सुरक्षित है क्योंकि इसकी सीमाओं की सुरक्षा हिमालय जैसी दृढ़ता रखने वाले बहादुर जवानों द्वारा की जाती है।”

प्रधानमंत्री ने पिछली दिवाली के बाद से पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल की गई विभिन्न उपलब्धियों के बारे में बताया और चंद्रयान लैंडिंग, आदित्य एल1, गगनयान से जुड़े परीक्षण, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, तुमकुर हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, वाइब्रेंट विलेज अभियान और खेलों से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल हुई विभिन्न वैश्विक एवं लोकतांत्रिक उपलब्धियों को आगे गिनाते हुए, प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन, नारीशक्ति वंदन अधिनियम, जी-20, जैव ईंधन गठबंधन, दुनिया भर में वास्तविक समय में भुगतान संबंधी सुविधा के उत्कर्ष, निर्यात के क्षेत्र में 400 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 5जी की शुरुआत करने की दिशा में आगे बढ़ने के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “पिछला वर्ष राष्ट्र निर्माण के मामले में एक उपलब्धि-भरा वर्ष रहा।” उन्होंने कहा कि भारत ने बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में काफी प्रगति की है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा, रैपिड रेल सेवा नमो भारत, 34 नए मार्गों पर वंदे भारत, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर, दिल्ली में दो विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर- भारत मंडपम और यशोभूमि- वाला देश बन गया है। भारत सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला देश बन गया। धोरडो गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला और शांति निकेतन एवं होयसल मंदिर परिसर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक इस देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी,  यह देश बेहतर भविष्य की दिशा में प्रयास करता रहेगा। उन्होंने भारत के विकास का श्रेय सशस्त्र बलों की शक्ति, संकल्प और बलिदान को दिया।

इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि भारत ने अपने संघर्षों से संभावनाएं पैदा की हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब आत्मनिर्भर भारत बनने की राह पर अग्रसर हो चुका है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत के अभूतपूर्व विकास और एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सेनाओं व सुरक्षा बलों की शक्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे देश पहले अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहता था, जबकि आज वह मित्र देशों की जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2016 में प्रधानमंत्री के इस क्षेत्र के दौरे के बाद से भारत के रक्षा निर्यात में आठ गुना से अधिक की वृद्धि हो गई है। उन्होंने कहा, “देश में आज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का रक्षा उत्पादन हो रहा है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।”

प्रधानमंत्री ने उच्च-तकनीक पर आधारित प्रौद्योगिकी एवं सीडीएस जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों के समन्वय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना लगातार और अधिक आधुनिक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत को अब निकट भविष्य में जरूरत के समय दूसरे देशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। प्रौद्योगिकी के इस बढ़ते प्रसार के बीच, श्री मोदी ने सशस्त्र बलों से प्रौद्योगिकी के उपयोग के क्रम में मानवीय समझ को हमेशा सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी को कभी भी मानवीय संवेदनाओं पर हावी नहीं होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज स्वदेशी संसाधन और उच्च श्रेणी का सीमा संबंधी बुनियादी ढांचा भी हमारी ताकत बन रहे हैं। और मुझे ख़ुशी है कि नारीशक्ति भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है।” उन्होंने पिछले वर्ष के दौरान 500 महिला अधिकारियों की कमीशनिंग, राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों और युद्धपोतों पर महिला अधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया। सशस्त्र बलों की जरूरतों का ख्याल रखने के महत्व के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने अत्यधिक तापमान के लिए उपयुक्त कपड़े, जवानों की बेहतरी एवं सुरक्षा के लिए ड्रोन और ‘वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का उल्लेख किया।

एक दोहे के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों का हर कदम इतिहास की दिशा निर्धारित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र बल इसी दृढ़ संकल्प के साथ भारत माता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “आपके सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। हम मिलकर देश के हर संकल्प को पूरा करेंगे।”

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 11 से 13 जून, 2023 तक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जी20 विकास मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे https://vinayexpress.in/2023/06/10/foreign-minister-dr-s-jaishankar-to-chair-the-g20-development-ministers-meeting-in-varanasi/ Sat, 10 Jun 2023 15:33:03 +0000 https://vinayexpress.in/?p=66579

 

विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जी20 विकास मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, यह बैठक 11 से 13 जून, 2023 के बीच वाराणसी में आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, भारत की अध्यक्षता में हो रही जी20 की बैठक के आरंभ में वीडियो कांफ्रेंस के माध्‍यम से सभा को संबोधित करेंगे।

वाराणसी विकास मंत्रियों की बैठक ऐसे समय हो रही है जब विकास से संबंधित चुनौतियां अपने चरम पर हैं, इनमें आर्थिक मंदी, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान, बढ़ती गरीबी और असमानता, खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा, जीवन यापन का लागत संकट, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान, और भू-राजनीतिक संघर्ष और बढता तनाव शामिल हैं।

जी-20 विकास मंत्रिस्तरीय बैठक सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धियों में तेजी लाने और विकास, पर्यावरण और जलवायु एजेंडा के बीच तालमेल को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से सहमत होने का अवसर प्रदान करेगी।

यह बैठक जनवरी, 2023 में भारत द्वारा आयोजित वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन का अनुसरण करती है, और वाराणसी बैठक में लिए गए निर्णय संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्‍य (एसडीजी) शिखर सम्मेलन में भी योगदान देंगे जो सितंबर में न्यूयॉर्क में आयोजित किया जाएगा। विकास मंत्रियों की बैठक से पहले चौथी और अंतिम विकास कार्य समूह (डीडब्ल्यूजी) की बैठक 6 से 9 जून के बीच दिल्ली में आयोजित की गई थी।

वाराणसी बैठक में दो मुख्य सत्र शामिल होंगे, एक “बहुपक्षवाद: सतत विकास लक्ष्‍य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए सामूहिक कार्रवाई” और दूसरा “हरित विकास: ए लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) दृष्टिकोण”।

विकास कार्य बल (डीडब्ल्यूजी) ने पिछले जी20 अध्यक्षों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए, सतत विकास लक्ष्‍यों की दिशा में तेजी लाने और इस संबंध में जी20 दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सुदृढ बनाने के लिए जी20 के योगदान को बढ़ाने के जनादेश को आगे बढ़ाया है। इसमें स्थायी, समावेशी और लचीले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में जी20 प्रयासों को सुदृढ बनाना शामिल है। इस बैठक में 200 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है। प्रतिनिधियों को विश्‍व के सर्वाधिक प्राचीन शहरों में से एक वाराणसी की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक प्रदान करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

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पच्चीस से अधिक ऊंटनी के दूध से निर्मित उत्पाद विकसित, अन्य दुधारु पशु की तुलना में ‘कैमल मिल्क’ का औषधीय महत्व अद्वितीय : डॉ साहू https://vinayexpress.in/2023/05/18/nrcc-bikaner-news/ Thu, 18 May 2023 02:08:31 +0000 https://vinayexpress.in/?p=64507

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. आर्तबंधु साहू ने मंगलवार को कहा कि ऊंटनी के दूध की लोकप्रियता व उपादेयता को ध्यान में रखते हुए केन्द्र वैज्ञानिकों द्वारा लगभग 25 से अधिक ऊंटनी के दूध एवं इससे निर्मित उत्पाद विकसित किये जा चुके हैं। डेयरी प्रसंस्ककरण इकाई में इस दूध का संग्रहण, प्रसंस्करण कर ये उत्पाद केंद्र केमिल्कर पार्लर के माध्यम से बिक्री किए जाते हैं।

 

डॉ. साहू ने विनय एक्सप्रेस मीडिया ग्रुप के मुख्य संपादक विनय थानवी से विशेष बातचीत करते हुए कहा कि इस दूध की औषधीय महत्व अद्वितीय है जो कि अन्य दुधारू पशुओं के दूध की तुलना में इसे श्रेष्ठता प्रदान करता है। यह दूध, मधुमेह, टीबी, ऑटिज्म आदि जैसे विकारों में कारगर सिद्ध हुआ है, अत:इसे मानव औषधि के रूप में देखा जाना चाहिए। उसी आधार पर इसका बाजार में मूल्य भी आंका या तय किया जाए। दूध की एलर्जी पैदा नहीं करने के गुण को देखते हुए डॉ साहू ने इसे ‘बेबी फूड’ के रूप में उपयोग में लेने पर प्रस्ताव रखा। साथ ही चिकित्सकों द्वारा मानव रोगों में इलाज के रूप में अनुशंसा की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि इंटरनेशनल मिलेट ईयर 2023 में ऊंटनी के दूध पाउडर व मोटे अनाज मिश्रित उत्पाद तैयार कर इन्हें तैयार किया गया है, जिससे इस क्षेत्र के ऊंटपालकों व किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिल सकेगा। उष्ट्र प्रजाति को दुग्ध व्यवसाय के रूप में इसे अपनाए जाने पर क्षेत्र में ऊंटों की संख्या में बढ़ोत्तरी की प्रबल संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही राजस्थान सरकार को सुझाव देते हुए बताया कि सरकार आशा सहयोगिनी, मिड डे मील कार्यक्रम में शामिल करे तो मानव स्वास्थ्य के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकेगा।

डॉ. साहू ने ऊंटनी को एक दुधारु पशु बताते हुए श्रेष्ठ दूध उत्पादन हेतु नस्लों की पहचान करने पर भी जोर दिया क्योंकि भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और इस रोग के प्रबंधन में दूध की कारगरता के कारण जरूरतमंदों की मांग पूर्ति के लिए इस दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। इस दिशा में कुछ संस्थानों के साथ मिलकर चल रहे वैज्ञानिक प्रयासों के बारे में भी चर्चा की जिससे ऊंटनी के दूध मानव स्वास्थ के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध हो सकेगा। दूध में विद्यमान कई गुणों खासकर आयरन की पूर्ति के हिसाब से इसे राजस्थान सरकार के आशा सहयोगिनी कार्यक्रम, मिड डे मील आदि कार्यक्रमों में शामिल किए जाने की मंशा जताई। डॉ साहू ने ऊंट की ऊन व इससे निर्मित उत्पााद, पर्यटन में इसके महत्वआदि पर तथा इस व्यवसाय में अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए इसे व्यावसायिक रूप में भी देखा जा सकता है पर भी चर्चा की। विशेषकर उभरते उद्यमियों जो उष्ट्र दूध व्यवसाय के बारे में प्रशिक्षण लेना चाहते हैं या उस तकनीकी को लेना चाहते हैं वह केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर.के.सावल, उष्ट्र डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई के प्रभारी डॉ. योगेश कुमार भी मौजूद थे। इस मौके पर ऊंटनी के दूध के प्रदर्शित उत्पादों के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।

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