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गौरतलब है कि धनेश्वर महिडा लंबे समय से प्रशिक्षण का काम कर रहे हैं और एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारतीय टीम में प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं वही तीरंदाजी प्रशिक्षक अनिल जोशी वर्ल्ड रैंकिंग, वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारतीय तीरंदाजी टीम के साथ प्रशिक्षक के रूप में काम कर चुके हैं.

गुर्जर ने बताया कि देश के श्रेष्ठ 50 शिक्षकों को पैनल में शामिल किया है जिसमें राजस्थान के 2 प्रशिक्षकों को शामिल करना हम सभी के लिए गर्व की बात है राजस्थान तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष केके जादम ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।


एक रन से जीता जिम्बाब्वे
जिम्बाब्वे ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को एक रन से हरा दिया है। पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी गेंद में तीन रन की जरूरत थी, लेकिन शाहीन अफरीदी एक रन ही बना पाए और पाकिस्तान की टीम यह मैच हार गई। टी20 विश्व कप 2022 में यह पांचवां उलटफेर है। इस मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 131 रन का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम आठ विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी और यह मुकाबला एक रन के करीबी अंतर से हार गई।

जिम्बाब्वे के लिए सबसे ज्यादा 31 रन सीन विलियम्स ने बनाए। उनके अलावा क्रैग इरविन और ब्रैड इवांस ने 19-19 रन बनाए। पाकिस्तान के लिए शादाब खान ने तीन और मोहम्मद वसीम जूनियर ने चार विकेट लिए। वहीं, बल्लेबाजी में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा 44 रन शान मसूद ने बनाए। मोहम्मद नवाज ने 22 और शादाब खान ने 17 रन की पारी खेली। जिम्बाब्वे के लिए सिकंदर रजा ने तीन और ब्रैड इवांस ने दो विकेट लिए।

इस टी20 विश्व कप में इससे पहले वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और श्रीलंका की टीम उलटफेर का शिकार हो चुकी हैं। अब पाकिस्तान भी उलटफेर का शिकार हुआ है।
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वॉर्न के नाम श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 25.41 की गेंदबाज़ी औसत से 708 विकेट लिये। मुरलीधरन ने टेस्ट में 800 विकेट लिए थे। 1993 से 2005 तक उन्होंने 194 वनडे में 293 विकेट लिये। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनका अहम योगदान था।

शेन वॉर्न ने भारत के खिलाफ 1992 में सिडनी टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच जनवरी 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में ही 2007 में खेला था।
शेन वॉर्न ने 4 जून, 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ यह गेंद फेंकी थी, जो क्रिकेट इतिहास की सबसे खतरनाक गेंद में शुमार होती है। पहले टेस्ट के दूसरे दिन जब उन्हें गेंद सौंपी गई तो उनके सामने दिग्गज बल्लेबाज माइक गेटिंग थे। गेटिंग 4 रन बनाकर क्रीज पर थे। वॉर्न की पहली गेंद लेग स्टंप के काफी बाहर पिच हुई और ऐसा लग रहा था कि गेंद वाइड हो सकती है। इसी के चलते गेटिंग ने उसे खेलने का प्रयास नहीं किया। इस बीच, जबरदस्त तेजी से टर्न हुई गेंद गेटिंग को चकमा देते हुए उनके ऑफ स्टंप पर जा लगी, जिसे देखकर सभी हैरान हो गए।

ऑस्ट्रेलिया के इस महान गेंदबाज ने साल 2007 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। शेन वॉर्न विश्व के ऐसे दूसरे गेंदबाज हैं, जिसने टेस्ट और वनडे मैचों को मिलाकर 1000 विकेटों के आंकड़े को छुआ है। इस सूची में पहला नंबर मुथैया मुरलीधरन का है। वॉर्न के नाम टेस्ट में 708 लेने का रिकॉर्ड है, वहीं वनडे में उन्होंने 293 विकेट झटके थे।

वॉर्न ने अपनी गेंदों से दुनिया के लगभग हर बल्लेबाज को खासा परेशान किया था, लेकिन भारत के सचिन तेंदुलकर ने 1998 में शरजाह में उनकी गेंदों की ऐसी पिटाई की थी कि सचिन उनके सपने में नजर आने लगे थे। यह बात उन्होंने खुद बताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा लगता है कि वह (सचिन) उनके सपने में भी छक्के लगा रहे हैं। शरजाह में खेले गए कोका कोला कप में सचिन के शानदार खेल से भारत ने ट्राई सीरीज जीती थी। इसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया के अलावा न्यूजीलैंड की टीम भी थी। फाइनल में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 134 रन की पारी खेली थी।

शेन वार्न ने जितना अपने खेल से दुनिया को प्रभावित किया है उतना ही उनके विवादों ने उन्हें क्रिकेट जगत में निराश किया है।1998 में वार्न पर बुकी को जानकारी देने के लिए जुर्माना लगाया था और 2003 के वर्ल्ड कप से कुछ दिन पहले वो प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाए जाने पर एक साल के बैन के साथ क्रिकेट से दूर हुए थे। जाने-अनजाने में डोपिंग का शिकार हुए वार्न ने इन वजहों से बहुत कुछ झेला है। कलाई के जादूगार कहे जाने वाले शेन वॉर्न ने करियर की शुरुआत 1992 में सिडनी टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ की थी, जबकि वनडे क्रिकेट में पदार्पण 1993 में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था। शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के रवि शास्त्री को अपना अपना पहला शिकार बनाया था।

वह अकेले ऐसे गेंदबाज हैं, जिसने किसी एक देश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 100 या 100 से ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 195, न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 130 विकेट चटकाए थे।

विराट कहोली ने एक स्टेटमेंट के जरिए इस बात की जानकारी दी। विराट ने कहा कि मैं हमेशा हर चीज में 120% योगदान देना चाहता हूं, अगर मैं ऐसा नहीं कर पाता हूं तो यह गलत होगा। मैं इस बात को लेकर एकदम स्पष्ट हूं और मैं अपनी टीम के साथ बेइमानी नहीं कर सकता हूं।

विराट कोहली ने कहा, “टीम को सही दिशा में ले जाने के लिए मैंने 7 साल तक हर दिन कठिन परिश्रम किया। मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ किया और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी। हर चीज को किसी न किसी मोड़ पर रुकना ही होता है और टेस्ट टीम के कैप्टन के तौर पर मेरे लिए रुकने का यही समय हैं। इस पूरी यात्रा के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन मेरी कोशिशों और भरोसे में कभी कोई कमी नहीं आई।

मैं इस बात को लेकर एकदम स्पष्ट हूं और मैं अपनी टीम के साथ बेइमानी नहीं कर सकता हूं। मैं बीसीसीआई को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने इतने लंबे समय तक मुझे अपने देश की अगुआई करने का मौका दिया। इसके साथ ही मैं अपने साथियों का भी शुक्रिया करना चाहता हूं जिन्होंने पहले दिन से ही मेरे विजन पर भरोसा किया और किसी भी स्थिति में हथियार नहीं डाले।

आपने मेरे सफर को यादगार और खूबसूरत बना दिया है। रवि भाई और सपोर्ट ग्रुप इस गाड़ी के इंजिन के तौर पर रहे, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट को लगातार ऊंचा उठाया है। आप सबने मेरे विजन को हकीकत में बदलने में अहम भूमिका निभाई है। आखिर में एमएस धोनी को बहुत ज्यादा शुक्रिया, जिन्होंने मुझ पर एक कप्तान के तौर पर बहुत ज्यादा भरोसा किया है। उन्होंने मुझे इस लायक समझा कि मैं भारतीय क्रिकेट को आगे लेकर जा सकता हूं।”



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आयोजन संस्था स्व. मुरली पानवाला सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्रीमान घनश्याम दास जी रंगा एवं सचिव शिवकुमार जी व्यास ने बताया कि प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन भूतपूर्व जिला शहर कांग्रेस के अध्यक्ष जनार्दन कल्ला एवं जिला भाजपा उपाध्यक्ष बीकानेर के गोकुलदास जोशी तथा अर्जुन अवॉर्डी एवं भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान श्रीमान मगन सिंह राजवी एवं

पीबीएम हॉस्पिटल बीकानेर के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर श्रीमान आशीष जोशी ने इस पोस्टर का विमोचन किया तथा इन्होंने अपनी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन कमेटी के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दी तथा उज्जवल भविष्य की कामना की।
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भारतीय टीम ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 66 रन से हराकर टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की. भारत ने मौजूदा टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया. उसके लिए ओपनर केएल राहुल और रोहित शर्मा ने अर्धशतक जड़े और 140 रन की ओपनिंग साझेदारी भी बनाई.

विनय एक्सप्रेस समाचार,नई दिल्ली. टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को अबु धाबी में खेले गए सुपर-12 चरण के मुकाबले में अफगानिस्तान को 66 रन से हराया. इस तरह विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की. भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 210 रन का विशाल स्कोर बनाया जो मौजूदा टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर भी है. इसके बाद अफगानिस्तान टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 144 रन ही बना पाई. रोहित शर्मा प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए जिन्होंने टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 74 रन बनाए.

अब भारतीय टीम ग्रुप-2 में 2 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है. टॉप पर पाकिस्तान के 8 अंक हैं जबकि दूसरे नंबर पर मौजूद अफगानिस्तान के 4 अंक हैं. तीसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के भी 4 अंक हैं लेकिन नेट रन रेट के मामले में वह अफगानिस्तान से पीछे है.

भारत के लिए ओपनर रोहित शर्मा और केएल राहुल ने दमदार अंदाज में बल्लेबाजी की. दोनों ने अर्धशतक जड़े और 140 रन की ओपनिंग साझेदारी की. रोहित ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 74 रन बनाए. उन्होने 47 गेंदों की अपनी पारी में 8 चौके और 3 छक्के जड़े. वहीं, राहुल ने 48 गेंदों पर 6 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत 69 रन का योगदान दिया. ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की और तीसरे विकेट के लिए 63 रन की अविजित साझेदारी भी की. पंत ने 13 गेंदों पर 1 चौके और 3 छक्कों की मदद से 27 जबकि पंड्या ने 4 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत 35 रन बनाए.

211 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तानी टीम की शुरुआत खराब रही और उसके 2 विकेट 13 रन के स्कोर तक गिर गए. मोहम्मद शहजाद (0) को पेसर मोहम्मद शमी ने रविचंद्रन अश्विन के हाथों कैच कराया जबकि हजरतुल्लाह जजई (13) को जसप्रीत बुमराह की गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने कैच किया. रहमानुल्लाह गुरबाज (19) को रवींद्र जडेजा ने शिकार बनाया. फिर गुलबदीन नायब (18) को अश्विन ने पैवेलियन भेजा. नजीबुल्लाह जादरान (11) को अश्विन ने बोल्ड कर टीम का स्कोर 5 विकेट पर 69 रन कर दिया.

कप्तान मोहम्मद नबी और करीब जनत ने संभलकर बल्लेबाजी की और छठे विकेट के लिए 57 रन जोड़े. नबी को 35 के निजी स्कोर पर आउट कर शमी ने इस साझेदारी को तोड़ा. उन्होंने 32 गेंदों पर 2 चौके और 1 छक्का लगाया. करीब जनत 22 गेंदों पर 42 रन बनाकर नाबाद लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 2 छक्के लगाए. भारत के लिए पेसर मोहम्मद शमी ने 32 रन देकर 3 विकेट झटके जबकि अश्विन ने मात्र 14 रन देकर 2 विकेट लिए. बुमराह और जडेजा ने 1-1 विकेट अपने नाम किया.

इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. रोहित शर्मा और लोकेश राहुल ने दमदार साझेदारी की जिससे देखते ही देखते स्कोर 10 ओवर में 85 रन हो गया. दोनों ने 140 रन की ओपनिंग साझेदारी की. रोहित को करीम जनत ने पारी के 15वें ओवर में आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. फिर राहुल को 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर गुलबदीन ने बोल्ड किया. हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत ने तीसरे विकेट के लिए 3.3 ओवर में 63 रन की तेजतर्रार साझेदारी की जिससे भारत ने अंतिम 9 ओवर में 119 रन बटोरे.

‘करो या मरो’ के इस मुकाबले में अफगानिस्तान का कोई भी गेंदबाज भारत के बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पाया. रोहित ने कप्तान नबी के पहले ओवर में चौका जड़ने के बाद बायें हाथ के स्पिनर शराफुद्दीन अशरफ पर भी चौका मारा. राहुल ने भी शराफुद्दीन की लगातार गेंदों पर छक्का और चौका जड़ा. रोहित ने 5वें ओवर में तेज गेंदबाज नवीन उल हक पर दो चौकों और एक छक्के से 17 रन बटोरे और टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया. भारत ने पावर प्ले में बिना विकेट खोए 53 रन बनाए जो टूर्नामेंट में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

रोहित और राहुल को बीच के ओवरों में भी स्ट्राइक रोटेट करने में कोई परेशानी नहीं हुई और दोनों ने खराब गेंद को सबक सिखाने में भी कोई कोताही नहीं बरती. रोहित ने 12वें ओवर में नवीन पर चौके के साथ 37 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. राहुल ने इसी ओवर में छक्के के साथ टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया. इस ओवर में 16 रन बने. राहुल ने अगले ओवर में गुलबदीन पर चौके से 35 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. रोहित ने 14वें ओवर में स्टार लेग स्पिनर राशिद पर लगातार दो छक्के जड़े.

नबी ने इस साझेदारी को तोड़ने के लिए 15वें ओवर में गेंद करीम जनत (सात रन पर एक विकेट) को थमाई. राहुल ने इस तेज गेंदबाज का स्वागत चौके के साथ किया लेकिन रोहित ने एक्स्ट्रा कवर पर नबी को कैच थमा दिया. गुलबदीन (39 रन पर एक विकेट) ने इसके बाद राहुल को बोल्ड करके भारत को दूसरा झटका दिया. ऋषभ पंत ने इसी ओवर में लगातार दो छक्के के साथ तेवर दिखाए जबकि हार्दिक पंड्या ने हामिद पर तीन चौके जड़े.

नवीन के अगले ओवर में नजीबुल्लाह जादरान ने पंड्या का कैच टपकाया. पंड्या ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए नवीन पर दो छक्के से 19 रन बटोरे. इस तेज गेंदबाज ने चार ओवर में 59 रन लुटाए. ऋषभ पंत ने अंतिम ओवर में हामिद की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया.



जिला सॉफ्टबॉल संघ के संरक्षक श्री करण प्रताप सिंह सिसोदिया केपसा और श्री बालकिशन शर्मा ने प्रतियोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि फेडरेशन कप का आयोजन बीकानेर में पहली बार हो रहा है, इसमें कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भाग लेंगे तथा भारतीय सॉफ्टबॉल संघ राजस्थान सॉफ्टबॉल संघ के पदाधिकारी भी इस प्रतियोगिता के दौरान मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से संबंधित तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है, बीकानेर आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अन्य ऑफिशियल की आवास, परिवहन एवं भोजन की व्यवस्था जिला सॉफ्टबॉल संघ एवं बीकानेर के भामाशाहों की मदद से की जाएगी।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु कार्यकारिणी की बैठक में प्रतियोगिता के सफल आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध करने तथा विभिन्न समितियां बनाकर प्रतियोगिता की ऐतिहासिक सफलता का आह्वान किया गया।
यह जानकारी जिला सॉफ्टबॉल संघ के मानद सचिव सुबोध मिश्रा द्वारा दी गई।


आयोजन प्रभारी तोलाराम सियाग ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पैरा ओलम्पिक टोक्यो में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले तीरंदाज श्याम सुन्दर स्वामी थे। प्रतियोगिता में कम्पाउंड महिला वर्ग में माया प्रथम, कविता द्वितीय, मुनिया माली तृतीय रही।

वहीं कम्पाउंड पुरूष वर्ग में पीयूष प्रथम, राधे द्वितीय, अजय तृतीय स्थान पर रहे। सब जूनियर कम्पाउंड में युवराज प्रथम व बजरंग द्वितीय रहे। रिकर्व पुरूष वर्ग में बन्टी प्रथम, राम द्वितीय, विकास तृतीय रहे। सब जूनियर रिकर्व पुरूष वर्ग में कृष्णा प्रथम व विशाल द्वितीय रहे। प्रतियोगिता के समापन में सभी खिलाड़ियों द्वारा केक काटकर खेल मंत्री श्री अशोक चांदना को जन्मदिन की बधाई दी। इस दौरान कोच अर्जुन, रोहित बाना, अजहरुद्दीन टावरी, महेन्द्र डूडी, मनोज पंचारिया, नवीन गोदारा, भैरू प्रजापत, सुरेन्द्र सुथार, भागीरथ सहीत कई गणमान्य शामिल हुए।

