विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। राजस्थान पुलिस के गौरवशाली अतीत से हमें जोड़े रखने वाली कड़ी आज टूट गई। राज्य पुलिस के यशस्वी प्रमुख रहे विजयकृष्ण थानवी आज देह त्याग गए। वे 1959 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे जिस पर यह महकमा आज भी गर्व कर सकता है। पुलिस का काम कठोर होता है। मगर कठोर काम में रत्ती भर भी छूट दिए बगैर उनके व्यक्तित्व में अनूठी सौम्यता थी जिसे उन्होंने अपने जीवन के अंत तक बनाए रखा।

उन्होंने जोधपुर विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र् विषय में एमए किया था जिसमें उन्हें स्वर्ण पदक मिला था। अपने बेदाग सेवाकाल में तथा सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका पढ़ने का शगल कभी छोड़ा नहीं।
वे उस काल के चमकते सितारे थे जब पुलिस प्रमुख राजनीति में कूदने के लिए तत्पर नहीं बैठे रहते थे और राजनेताओं की कठपुतलियां नहीं होते थे।
कुल 34 वर्ष के शानदार सेवाकाल के बाद वे 1993 में रिटायर हुए। लेकिन उसके करीब 30 साल गुजर जाने के बाद भी उनकी उनके सेवाकाल की याद धुंधली नहीं पड़ी।











