विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने स्वयंसेवी संस्थाओं को सहायता अनुदान प्रदान करने के लिए प्रस्तावित नवीन दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी है। वर्तमान में स्वैच्छिक संस्थानों के लिए सहायता अनुदान नियम 1972 प्रभावी है। इनमें समय-समय पर हुए संशोधनों के बावजूद मूल अनुदान नियम अपरिवर्तित रहे, इस कारण इनका सरलीकरण किया जाना प्रस्तावित था।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021-22 के बजट में जयपुर में विशेष योग्यजन विद्यार्थियों के लिए दो नवीन महाविद्यालय बनाने की घोषणा की थी। इसकी अनुपालना में स्वैच्छिक संस्थाओं के अनुदान हेतु पंजीकरण एवं अनुदान भुगतान की प्रक्रिया को सरलीकृत किया गया था।

विशेष योग्यजन महाविद्यालय दिशा-निर्देश 2021 के प्रावधानों के अनुरूप ही स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित पुनर्वास गृहों, मानसिक विमंदित गृह, विशेष योग्यजन आवासीय/गैर आवासीय विद्यालय, छात्रावास, कुष्ठ गृह के लिए अनुदान भुगतान प्रक्रिया को सरलीकृत किया गया है। साथ ही सहायता अनुदान नियम 1972 एवं इसके तहत समय-समय पर जारी प्रशासनिक आदेशों का अधिक्रमण कर नवीन एकीकृत दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी गई है।

















