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प्रदेश में 5 नवम्बर से : सभी चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण : जांचे जाएंगे इण्डियन पब्लिक हैल्थ स्टेण्डर्ड

विनय थानवी||अपडेट: 8 जून 2026|3 मिनट पढ़ें
प्रदेश में 5 नवम्बर से : सभी चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण : जांचे जाएंगे इण्डियन पब्लिक हैल्थ स्टेण्डर्ड
विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर. मुख्यमंत्री  भजन लाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में चिकित्सा मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर प्रदेशभर में 5 नवम्बर से 7 नवम्बर तक चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा। सघन निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर चिकित्सा संस्थान में इण्डियन पब्लिक हैल्थ स्टेण्डर्ड पूरे हों, जिन संस्थानों में यह स्टेण्डर्ड पूरे नहीं होंगे, वहां मिशन मोड में इन स्टेण्डर्ड को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव  गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंस में इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि 5 से 7 नवम्बर तक सभी संयुक्त निदेशक जोन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ब्लाॅक मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर मानक पूरे नहीं करने वाले चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।

टीकाकरण में पिछड़ने वाले आरसीएचओ को नोटिस

प्रमुख शासन सचिव ने विभिन्न स्वास्थ्य मानकों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिले हर हाल में टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहने वाले सभी आरसीएचओ को 17 सीसीए के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

एम्बुलेंस सेवाओं का करें नियमित निरीक्षण, कमियां पाई जाने पर 2 करोड़ से ज्यादा पैनल्टी लगाई

श्रीमती राठौड़ ने कहा कि प्रदेशभर में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं का भी सघन निरीक्षण किया जाए, जहां भी एम्बुलेंस संचालन में कमियां पाई जा रही हैं, वहां नियमानुसार पैनल्टी लगाने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित हो कि एम्बुलेंस संचालन योग्य हों, उनमें सभी जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध हों और क्रियाशील स्थिति में हों। उन्होंने बताया कि अप्रेल माह से अगस्त माह तक एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन में कमियां पाई जाने पर 2 करोड़ रूपए से ज्यादा की पैनल्टी लगाई गई है। बैठक में राज हेल्थ पोर्टल पर नियमित डेटा अपडेट करने, एनसीडी स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने, यूडीआईडी के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ. टी शुभमंगला, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक अराजपत्रित डाॅ. राकेश शर्मा, निदेशक आरसीएच डाॅ. मधु रतेश्वर, अतिरिक्त निदेशक डाॅ. सुशील परमार, डाॅ. नरोत्तम शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी संयुक्त निदेशक जोन, सीएमएचओ, बीसीएमओ, आरसीएचओ, जिला क्षय अधिकारी सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़।  

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