7 से 12 अगस्त, सितम्बर में 11 से 16 एवं अक्टूबर माह में 9 से 14 तक छूटे व वंचित 5 वर्ष तक के बच्चों को लगेंगे निर्धारित टीके
सत्रों का आयोजन कर बच्चों को लगाएंगे टीके, 11 तरह की बीमारियों से होगा बचाव : गर्भवती महिलाओं का भी होगा वैक्सीनेशन
विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। बच्चे देश का भावी भविष्य है, उनके जीवन को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सतरंगी यानी खुशहाल बनाने के लिए सबसे पहले बीमारियों से बचाव का सुरक्षा चक्र बनाना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है सबसे पहले उनकी टीकाकरण।
बच्चों के सुनहरे भविष्य और स्वस्थ जीवन की संकल्पना को साकार करने के लिएक केन्द्र एवं राज्य सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन के तकनीकी सहयोग से भारत में राष्ट्रव्यापी सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान संचालित कर रहा है। पूर्व में जहां इस अभियान के तहत 0 से 2 साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाता था, वहीं अब इस मुहिम में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को शामिल कर लिया गया है। इसलिए इस अभियान को सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 नाम दिया गया हैं।
राजस्थान में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रासिंह, विशिष्ट शासन सचिव डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी तथा अतिरिक्त मिशन निदेशक प्रियंका गोस्वामी तथा निदेशक आरसीएच के मार्गदर्शन में सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इस अभियान को लेकर राज्य के प्रत्येक जिले में अलग-अलग माइक्रोप्लानिंग बनाई गई है जिसमें 5 वर्ष तक के छूटे व वंचित बच्चों को टीकाकरण के लिए विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जिन्हें प्रतिरोधक टीके लगाए जाएंगे। सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 टीकाकरण अभियान का तीन फेज में संचालन कर निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण किया जाएगा। विशेष बात यह है कि नन्हें-मुन्नों के इस टीकाकरण अभियान में गर्भवती महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिन्हें गर्भावस्था के दौरान लगने वाले टीके लगाए जाएंगे।
पांच साल मे सात बार लगते हैं टीके
बच्चों को नियमित टीकाकरण के जरिए पांच साल में क्षय, हेपेटाइटिस, पोलियो, गलघोटूं, कालीखांसी, टिटनेस, इनफ्लुएंजा, रोटा डायरिया, निमोनिया, मिजल्स व रूबेला जैसे टीके सात बार लगाए जाते हैं। बच्चे के जन्म के समय, डेढ माह पर, ढाई माह पर, साढे तीन माह पर, 9 माह पर, डेढ साल पर व 5 साल पर टीके लगाए जाते हैं। इन टीकों से वंचित बच्चों को टीकाकृत करने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान का आयोजन कया जा रहा है।
हैड काउंट सर्वे हुआ, अब लगाएंगे टीके, यूविन सॉफ्टवेयर में एंट्री
सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 टीकाकरण अभियान में 0 से 5 साल तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का हैड काउंट सर्वे करवा कर उन्हें चिन्हित किया गया है। अभियान के तहत टीकाकृत किए गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के कवरेज की एंट्री यूविन सॉफ्टवेयर में की जाएगी। सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही प्रदेश के लाभार्थी गर्भवती महिला व बच्चों को टीके देश में कहीं भी लगाए जा सकेंगे और उनकी एंट्री यूविन सॉफ्टवेयर में हो सकेगी।
अभियान तीन चरणों में होगा आयोजित
मिशन इंद्रघनुष अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण 7 अगस्त से 12 अगस्त तक, द्वितीय चरण 11 से 16 सितंबर तक और तृतीय चरण 09 से 14 अक्टूबर 2023 तक आयोजित किया जाएगा।
यूविन पोर्टल से होंगे ये लाभ
कोविन पोर्टल की तर्ज पर बनाए गए यूविन पोर्टल के जरिए अब जच्चा बच्चा को लगने वाले टीकों के टीकाकरण कार्ड को अब संभालकर रखने की आवश्कता नहीं रहेगी। अब टीकाकरण कहां, कब लगा और अगला टीका कब लगना है जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का रिकॉर्ड न केवल चिकित्सा विभाग के पास उपलब्ध रहेगी बल्कि लाभार्थी के स्वयं के मोबाइल पर भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही अलर्ट मैसेज भी आऐंगे। लाभार्थी को लगाए गए टीकों का प्रमाण पत्र कम्प्यूटर के जरिए ऑनलाइन निकाला जा सकेगा।
नागौर में पंडित जेएलएन अस्पताल से होगा आगाज
नागौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 टीकाकरण अभियान की जिला स्तरीय शुरूआत पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय अस्पताल से की जाएगी। अभियान का आगाज नगर परिषद की सभापति पायल गहलोत के मुख्य आतिथ्य में सोमवार, 07 अगस्त को सुबह नौ बजे किया जाएगा। यहां बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों की मौजदूगी में पैरामेडिकल स्टॉफ की ओर से टीकाकृत किया जाएगा। नागौर के जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक अहमद ने बताया कि जिले में टीकाकरण से वंचित बच्चों का हैण्ड काउंट सर्वे करवा लिया गया है। अब इनकी ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शनिवार शाम तक पूर्ण दे दिया जाएगा। हैण्ड काउंट सर्वे के साथ-साथ टीकाकरण सत्रों का भी निर्धारण ब्लॉकवार किया जा रहा है, यह कार्य भी अंतिम चरण में है।













