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नागौर के साडोकन मे गोचर भूमि अतिक्रमण हटाने में प्रशासन सख्त, लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में बड़ी राहत

विनय थानवी||अपडेट: 8 जून 2026|2 मिनट पढ़ें
नागौर के साडोकन मे गोचर भूमि अतिक्रमण हटाने में प्रशासन सख्त, लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में बड़ी राहत

विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर/नागौर। जिला नागौर के साडोकन गांव की गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेशों की पालना में लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमणों को हटाकर सार्वजनिक उपयोग की भूमि को पुनः उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा डी.बी. सिविल रिट पिटीशन संख्या 11629/2013 में दिनांक 13.11.2013 को पारित आदेश के तहत साडोकन की चारागाह भूमि, खसरा नंबर 33, 195, 215, 351, 441, 627, 746 एवं 751 पर स्थित अतिक्रमणों को विधिसम्मत प्रक्रिया से हटाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की पालना में तहसीलदार नागौर द्वारा समय-समय पर अतिक्रमणों का चिन्हीकरण कर राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत अतिक्रमियों को नोटिस जारी कर उचित अवसर प्रदान किया गया और नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की गई।

वर्ष 2013 में इस भूमि पर कुल 77 अतिक्रमण दर्ज थे, जिनमें लगभग 53.09 बीघा भूमि पर कच्चे-पक्के निर्माण एवं बाड़बंदी कर कब्जा किया गया था। राजस्व टीम द्वारा दिनांक 25.09.2017 को बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 18.15 बीघा गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इसके बाद दिनांक 09.12.2017 को पुनः कार्रवाई करते हुए शेष अतिक्रमणों को हटाया गया।

आगे की कार्रवाई में दिनांक 09.01.2018 को 12 अतिक्रमियों तथा दिनांक 26.01.2020 को 9 अतिक्रमियों को गोचर भूमि से बेदखल किया गया। इसके अतिरिक्त दिनांक 08.09.2021 को भी राजस्व टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

कुछ अतिक्रमियों द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के लिए माननीय उच्च न्यायालय में एस.बी. सिविल रिट संख्या 10258/2018 एवं 4043/2018 दायर की गई, जिन पर न्यायालय द्वारा क्रमशः दिनांक 22.02.2018 एवं 10.04.2018 को अंतरिम आदेश पारित किए गए हैं। प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में यह मामला जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं पीएलपीसी में भी दर्ज है, जहां न्यायालय के आदेशों की पालना की नियमित समीक्षा की जा रही है। नागौर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोचर एवं अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध बिना किसी शिथिलता के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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