विनय एक्सप्रेस समाचार,नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने 3 सितम्बर को देशवासियों को ऐतिहासिक दिवाली उपहार देते हुए “नेक्स्ट-जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म” की घोषणा की है। यह कदम न केवल व्यापार जगत, किसानों और उद्योगों के लिए बल्कि आम नागरिक के जीवन को भी आसान बनाने वाला साबित होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हर भारतीय के लिए दिवाली गिफ्ट बताते हुए कहा कि “सामान्य जनता पर लगने वाले टैक्स को काफी कम किया गया है। एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। रोज़मर्रा की ज़िंदगी की ज़रूरी चीजें सस्ती होंगी और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।”
सुधारों की मुख्य बातें
• रोज़मर्रा के सामान सस्ते : हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, ग़ी, नमकीन, बर्तन, बच्चों की नैपी व फ़ीडिंग बोतल जैसे उत्पादों पर टैक्स घटकर अब मात्र 5%।
• किसानों को राहत : ट्रैक्टर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, कृषि मशीनरी और बायो-पेस्टीसाइड्स पर टैक्स में भारी कमी, अब 5%।
• स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार : हेल्थ व लाइफ़ इंश्योरेंस पर जीएसटी शून्य, ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट्स व थर्मामीटर अब बेहद सस्ते।
• शिक्षा सुलभ : मैप्स, चार्ट्स, ग्लोब्स, कॉपियां, पेंसिल व रबर जैसी शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी शून्य।
• ऑटोमोबाइल होंगे किफायती : हाइब्रिड व सीएनजी गाड़ियों पर टैक्स 28% से घटकर 18%।
• इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते : एसी, टीवी, मॉनिटर, डिश वॉशिंग मशीन अब 28% की बजाय 18% पर उपलब्ध।
आर्थिक व सामाजिक प्रभाव
• आमजन की ज़िंदगी आसान – रोज़मर्रा के खर्चों में सीधी बचत।
• किसानों को सहारा – कृषि लागत घटेगी, उत्पादन व आय में वृद्धि होगी।
• स्वास्थ्य सेवा सुलभ – आम आदमी को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएँ।
• शिक्षा को बढ़ावा – बच्चों की पढ़ाई का बोझ घटेगा।
• व्यापार व उद्योग जगत को गति – लागत घटने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए अवसर खुलेंगे।
• राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती – खपत में बढ़ोतरी, रोजगार के अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और मज़बूत होगी।













