





डॉ. नीरज के. पवन ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर शिविर की महिला प्रतिभागियों ने सेंसेई सोनिका सैन के निर्देशन में मार्शल आर्ट की विभिन्न तकनीकों को हाथों और पैरों की सहायता से थप्पड़ मारने की स्थिति, दुपट्टा खींचने, चैन स्नेचिंग, गला दबाने व हाथ पकड़ने जैसी स्थितियों में अपना बचाव करने का प्रदर्शन किया।
टैक्निकल डायरेक्टर रेन्शी प्रीतम सैन ने बताया कि यह पहला अवसर था, जब कामकाजी महिलाओं के लिये आत्मरक्षा के वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों की महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
शिविर के दौरान महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिये पुलिस विभाग की शक्ति टीम की सक्रियता तथा साईबर सैल की टीम ने साईबर क्राईम से बचने के बारे में बताया।
इस अवसर पर डॉ. नीरज के. पवन ने कहा कि महिलाएं भी अपनी आवाज को बुलन्द करें। आपकी आवाज आपका पहला सैल्फ डिफेन्स है। उन्होंने कहा कि वे मार्शल आर्ट का नियमित अभ्यास करें। किसी तरह की अप्रिय घटना पर यह साबित करें कि, आप कमजोर नहीं हैं।
महिलाओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के बारे में अपने अनुभवों को साझा किया।