विनय एक्सप्रेस समाचार, भरतपुर। जिला प्रमुख जगत सिंह की अध्यक्षता में जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
बैठक में जिला प्रमुख जगत सिंह ने कहा कि अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि संवेदनशील प्रकरणों में आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों की समय पर पालना किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने खनि अभियन्ता को निर्देश दिए कि अवैध खनन के विरूद्ध साप्ताहिक संयुक्त विभागीय दलों का गठन कर कार्यवाही करें। उन्होंने सदस्यों के आग्रह पर पांच जिला परिषद के सदस्यों की कमेटी गठित कर उनकी रिपोर्ट
के आधार पर अवैध खनन के विरूद्ध तत्काल प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने खनि अभियन्ता से डीएमएफटी से स्वीकृत राशि का विवरण उपलब्ध कराने तथा रॉयल्टी के टैंडर के एग्रीमंेंट के दस्तावेज उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला परिषद की गठित स्थायी समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश समितियों के अध्यक्षों को दिए। उन्होंने कहा कि गत बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा प्रत्येक वार्ड में 10-10 हैंडपंप स्वीकृत करने का आश्वासन दिया था, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
बैठक में जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि जिला परिषद द्वारा जिले की समस्त ग्राम पंचायतों को पंचम वित्त आयोग की राशि स्वीकृत कर दी गई है जिसमें से 50 प्रतिशत राशि मरम्मत कार्यों पर एवं 50 प्रतिशत राशि पेयजल की उपलब्धता पर व्यय की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गर्मी के मौसम को मध्यनजर रखते हुए जिले में पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50 लाख रुपये की राशि आकस्मिक व्यय प्लान के तहत स्वीकृत की गई है। जिसका उपयोग जिले की पेयजल समस्या ग्रस्त ग्राम पंचायतों में पेयजल की परिवहन व्यवस्था के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल परिवहन सप्लाई हेतु वाहनों के टैंडर कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर तक सरपंच की अध्यक्षता में गठित ग्राम स्तरीय जल एवं स्वच्छता समिति भी कार्य योजना तैयार कर कार्यवाही करें।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीनिधि बी.टी. ने समस्त विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलायन्स कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में सदस्यों द्वारा जल जीवन मिशन के तहत क्षतिग्रस्त सडकों की मरम्मत कराये जाने, चंबल परियोजना के तहत पीएसपी में नल नहीं लगाये जाने, नगला चिम्मन एवं हरनगर स्थित कॉलोनी में पेयजल समस्या के समाधान कराने, हलैना एवं छौकरवाडा में सर्विस रोड पर निजी वाहनों द्वारा अतिक्रमण से दुर्घटनाओं का अंदेशा होने, गोतस्करी के प्रकरण में प्रभावी कार्यवाही करने, सार्वजनिक खेल मैदान, रास्तों व पोखरों पर हुए अतिक्रमणों को हटाने की मांग की तथा मोहना गुर्जर ने ब्रज आंदोलन के कारण डीग एवं कामां क्षेत्र की राजस्व एवं आबादी भूमि वन विभाग को हस्तांतरित हो जाने के कारण पुन सर्वे की मांग की।
बैठक मेें उप जिला प्रमुख प्रियंका गुर्जर, कुम्हेर के पूर्व प्रधान मनोज सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सालुखे, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन रतन कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे।












