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विनय एक्सप्रेस दैनिक पंचांग, पंडित डॉ. आलोक व्यास। पंचांग भारतीय कैलेंडर पर आधारित ज्योतिषीय दैनिक कैलेंडर है। दैनिक पंचांग सबसे अधिक मांग वाली वैदिक ज्योतिष अवधारणाओं में से एक है, जो शुभ तिथियों, समय, त्योहारों, व्रतों आदि को निर्धारित करने के लिए दिन की ग्रह स्थिति की अवधारणा करता है। इस जानकारी का उपयोग करके कोई व्यक्ति यह चुन सकता है कि उसके बाद किसी विशेष कार्य को शुरू करना है या नहीं। विशेष कार्य पर शासन करने वाले ग्रहों की अनुकूलता या प्रतिकूलता का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। लोगों में यह धारणा है कि आज के पंचांग समय के अनुसार एक या दो काम करने से सौभाग्य आता है और कार्यों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती है।

विनय एक्सप्रेस अपने सुधि पाठको के लिए बीकानेर जिले के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य एवं पंडित डॉक्टर आलोक व्यास के माध्यम से आपको दैनिक पंचांग तथा दैनिक राशिफल की नियमित जानकारी उपलब्ध करवा रहा है। दैनिक पंचांग दिन के विभिन्न ज्योतिषीय तत्वों का विवरण देता है और उसी के आधार पर शुभ और अशुभ का स्तर तय किया जाता है। आज के सूर्योदय के समय से लेकर आज के सूर्यास्त के समय तक, पंचांग आपको सभी प्रकार की जानकारी प्रदान करता हैं।
मुख्य रूप से पंचांग का उपयोग पांच पहलुओं का विवरण प्राप्त करने के लिए किया जाता है। ये पांच पहलू हैं – सप्ताह का दिन (वार); तिथि या चंद्र दिवस; नक्षत्र या नक्षत्र; योग; और करण। समय और तारीख में बदलाव के साथ पंचांग बनाने वाले ये सभी पहलुओं में भी बदल आ जाते हैं। और इस प्रकार आपको खुद को सभी पहलुओं पर जागरूक करना चाहिए।

दिन- शनिवार
तिथि- पंचमी सुबह 9:08 तक तत्पश्चात षष्ठी
माह: कार्तिक शुक्लपक्ष
विक्रम संवत 2080
नक्षत्र- उत्तरा आषाढ़
योग- गण्ड
करण- बालव सुबह 9:18 तक तत्पश्चात कौलव रात्रि 8:21 तक तत्पश्चात तैतिल
चंद्र राशि : धनु प्रातः 7 बजे तक तत्पश्चात मकर
सूर्य राशि: वृश्चिक
सूर्य नक्षत्र: विशाखा
सूर्य उदय: प्रातः 7:00 पर
सूर्य अस्त: साँय 5:43 पर
चंद्र उदय: सुबह11:49पर
चंद्र अस्त: रात्रि 10:18पर
विशेष योग- रवि योग
राहुकाल: सुबह 9:41 से 11:01 तक।
ब्रह्म मुहर्त – प्रातः 5:14 से 6:07 तक
दिशा शूल- पूर्व
दिन के चौघड़िया
सुबह
7: 01 से 8:21- काल
8:21 से 9:41- शुभ
9:41 से 11:02 – रोग
11:02 से 12:22-उद्वेग
दोपहर
12:22 से 13:42-चर
13:42 से 15:02-लाभ
15:02 से 16:23-अमृत
16:23 से 17:43-काल
साँय
17:43 से 19:23-लाभ
19:23 से 21:03- उद्वेग
9:03 से 22:42-शुभ

विनय एक्सप्रेस दैनिक पंचांग, पंडित डॉ. आलोक व्यास । आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। साथ ही आज मार्गशीर्ष संक्रांति भी है। साथ ही गणपति व्रत भी है। आइए जानते हैं आज शुभ मुहूर्त और योग कब से कब तक रहेगा।
दिन– गुरुवार
तिथि- तृतीया दोपहर 12ः34 तक तत्पश्चात चतुर्थी
माहः कार्तिक शुक्लपक्ष
विक्रम संवत 2080
नक्षत्र- मूला
योग- सुकर्मा सुबह 10 बजे तक तत्पश्चात धृति
करण- गर दोपहर 12ः34 तक तत्पश्चात वणिज
चंद्र राशि : धनु
सूर्य राशिः तुला
सूर्य उदयः प्रातः 6ः59 पर
सूर्य अस्तः साँय 5ः44 पर
राहुकालः दोपहर 1ः42 से 3ः03 तक।
ब्रह्म मुहर्त – प्रातः 5ः13 से 6ः06
दिशा शूल- दक्षिण
दिन के चौघड़िया
सुबह
6ः59 से 8ः19-शुभ
8ः19 से 9ः40- रोग
9ः40 से 11ः01 – उद्वेग
11ः01 से 12ः21-चर
दोपहर
12ः21 से 13ः42-लाभ
13ः42 से 15ः03-अमृत
15ः03 से 16ः23-काल
16ः23 से 17ः44-शुभ
साँय
17ः44 से 19ः24-अमृत
19ः23 से 21ः03- चर
9ः03 से 22ः42-रोग





विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। विनय एक्सप्रेस के सुधि पाठकों हेतु बीकानेर के प्रतिष्ठित ज्योतिष आचार्य डॉक्टर आलोक व्यास दैनिक ज्योतिष कॉलम लिख रहे हैं साथ ही दैनिक पंचाग की जानकारी भी उपलब्ध करवा रहें हैं, आपको यह आलेख कैसा लग रहा है आपकी प्रतिक्रिया हमे +91 869635 2873 नम्बर पर व्हाट्सएप के माध्यम से दे सकते हैं।

दिनांक 14 नवंबर 2023
दिन– मंगलवार
तिथि– प्रतिपदा दोपहर 2:36 तक तत्पश्चात द्वितीया
माह: कार्तिक शुक्लपक्ष विक्रम संवत 2080
नक्षत्र– अनुराधा
चंद्र राशि : वृश्चिक
सूर्य राशि: तुला
राहुकाल: दोपहर 3:03 से 4:24 तक।
आज का दिन: गोवर्धन पूजा, नेहरू जयंती, बाल दिवस
मेष : मन में भय या आशंका, नकारात्मक मानसिकता, भूमिगत वस्तुओं के प्रति रुझान, तंत्र मंत्र या गुप्त विधा में रुचि, ससुराल से असंतोष
वृषभ: नव साझेदारी के योग, जीवन साथी या मित्रों का सहयोग, विवाह अथवा सगाई के अवसर, पत्नी संबंधी पीड़ा।
मिथुन: दैनिक क्रियाकलाप से असंतोष, अनावश्यक तर्क वितर्क, रोग,ऋण या शत्रु बाधा, निकट संबंधों में परेशानी।
कर्क: रचनात्मक कार्य में रुझान, शेयर बाजार से लाभ, सट्टेबाजी की ओर झुकाव, प्रेम प्रसंग के अवसर, संतान संबंधी पीड़ा।
सिंह: गृहस्थान पर नवाचार, भूमि मकान वाहन के क्रय विक्रय के योग, मन में बेचैनी, माता संबंधित पीड़ा।
कन्या: संप्रेषण कला से लाभ, कार्य हेतु यात्रा, छोटे भाई-बहन अथवा अधीनस्थ का सहयोग, कार्य का नेतृत्व।
तुला: पारिवारिक जिम्मेदारी या पारिवारिक आयोजन, स्थाई परिसंपत्ति के निर्माण हेतु प्रसास, वाणी अथवा नेत्र दोष।
वृश्चिक: आत्मछवि से असंतोष, एकांतवास या स्वाध्याय, मानसिक पीड़ा, आर्थिक प्रतिकूलता।
धनु: आय और व्यय में असंतुलन, व्यापार में हानि, लंबी दूरी की यात्रा के योग, विदेशी संपर्क सूत्रों में बढ़ोतरी।
मकर:संपर्क सूत्रों में बढ़ोतरी, आय में वृद्धि हेतु प्रयास, बड़े भाई बहनों का सहयोग, आर्थिक अनुकूलता।
कुंभ: रोजगार अथवा नौकरी हेतु प्रयास, उच्च अधिकारियों या पिता से मतभेद, सामाजिक प्रतिष्ठा से असंतोष, कार्यक्षेत्र में अधिक ऊर्जा।
मीन: धार्मिक क्रियाकलाप या धार्मिक अनुष्ठान, गुरुजनों का आशीर्वाद, उच्च अध्ययन के अवसर,नवसंस्कृति से संपर्क।

