js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170
शिविरों के दौरान प्राप्त सभी प्रकरण निस्तारित हों, ऐसे प्रयास किए जाएं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की तथा कहा कि शिविरों के दौरान विभागीय योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी तथा इनके निस्तारण के लिए निर्देशित किया। शिविर प्रभारी अधिकारी तथा शिक्षा निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक रचना भाटिया, उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार विश्नोई, विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एलडी पंवार आदि मौजूद रहे।



प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत आयोजित शिविर आमजन के लिए लाभदायक रहा। जिला कलक्टर ने मालासर में उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए भूमि का पट्टा किया। वहीं राजकीय बालिका प्राथमिक विद्यालय में शिविर के दौरान विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया। शिविर की प्रभारी अधिकारी रचना भाटिया ने बल्ब जलाकर इस सुविधा को आरम्भ किया। वहीं स्थानीय भामाशाह द्वारा स्कूल के लिए पंखा भी भेंट किया गया।

प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत मंगलवार को बीकानेर के हुसंगसर, लूणकरणसर के सुंई, श्रीडूंगरगढ़ के धीरदेसर चोटियान तथा कुंतासर, पूगल के पहलवान का बेरा, नोखा के जयसिंहदेसर मगरा तथा बंधाला में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।


जिला कलक्टर ने राजस्थान पथ परिवहन निगम के नागौर आगार मुख्य प्रबंधक को निर्देश दिए कि बसों का निर्धारित बस स्टैण्ड पर स्टोपेज सुनिश्चित हो ताकि स्कूली व काॅलेज छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं पड़े। डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने उप वन संरक्षक को वनारक्षित क्षेत्रों में वन विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और विभिन्न तरह के वानिकी कार्यों से जुड़े लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन्हें तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक पशुपालन ने पशु मेला मैदान की चारदीवारी और नंदीशाला से जुड़ी कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्हें पशुओं के कृ़ित्रम गर्भाधान प्रक्रिया का पूरा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।

जिला कलक्टर ने रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक को निर्देश दिए कि एनएफएसए में अपात्र लोगों के नाम हटाने के साथ-साथ सरकारी गेहूं का दुरूपयोग करने वालों से 10 अप्रेल तक पूर्ण वसूली करने के निर्देश दिए। डाॅ. सोनी ने टांकला गांव में हथकरघा उद्योग की दरियों का सोशल मीडिया के जरिए पूर्ण प्रचार-प्रसार जारी रखने के निर्देश दिए और इससे संबंधित अब तक की प्रगति रिपोर्ट भी ली।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बिजली, पेयजल आपूर्ति, परिवहन, सार्वजनिक निर्माण सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया, अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता आर.बी.सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचंद्र व्यास सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।


इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक ने कहा कि आमजन में कोविड वैक्सीनेशन के प्रति किसी भी तरह की कोई भ्रांति ना रहे तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति वैक्सीनेशन करवाए, इसके लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार रखते हुए प्रत्येक कार्मिक अपने परिजनों और परिचितों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, इसको ध्यान में रखते हुए प्रत्येक व्यक्ति मास्क लगाए तथा कोरोना एडवाइजरी की पालना करे।

जागरूकता अभियान समन्वयक राजेंद्र जोशी ने बताया कि 5 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत जागरूकता की सघन गतिविधियां चलाई जाएंगी। जागरूकता अभियान के कारण जिले में वैक्सीनेशन की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सभी मिलकर प्रयास करें कि जिले में शत प्रतिशत पात्र व्यक्तियांे का वैक्सीनेशन हो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुकुमार कश्यप ने वैक्सीनेशन के लिए पंजीयन प्रक्रिया तथा इसके लिए चिन्हित संस्थानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रातः 9 से सायं 5 तक निशुल्क वैक्सीनेशन तथा शहर के 6 निजी अस्पताल में अधिकतम 250 रुपए प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीनेशन किया जा रहा है।
उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा ने कार्मिकों का आभार व्यक्त किया तथा सभी कार्मिकों को अपने आस-पास के लोगों को विभिन्न माध्यमों से वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय अधीक्षक भंवर सिंह तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी अशोक रंगा सहित सभी कार्मिक मौजूद रहे।

]]>

जिला कलक्टर ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जागरूकता की वजह से कोविड-19 रोगियों में कमी आई है, जिसे बनाया रखना हैं। बीकानेर शहर में जांच के सैम्पल की संख्या प्रतिदिन लगभग 1500 की जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन 400 से 500 जांच के लिए सैम्पल लिए जाएं। उन्होनें निर्देश दिए कि प्रत्येक बीसीएमओ को 50 से 60 सैम्पल लेने का लक्ष्य दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वैन से कोविड-19 जांच के सैम्पल संग्रहण की व्यवस्था की जाए। घर-घर सर्वे कर, ओक्सोमीटर से स्वास्थ्य कर्मी आमजन की जांच करेंगे, इसका प्रबंध किया जाए।
मेहता ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार कंटेनमेंट जोन 31 दिसम्बर तक रहेगा। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन का प्रभावी सीमांकन, संक्रमण के ट्रांसमिशन की श्रृखंला को तोड़ने और वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय है। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधिया ही अनुमत होगी तथा आवश्यकतानुसार सघन सम्पर्क ट्रेंसिंग, घर-घर निगरानी और आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सकीय गतिविधियां अमल में लायी जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो कोविड पाॅजिटिव पाये गये हैं, उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की सूची बनाई जाकर उनकी ट्रैकिंग, 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाये।

मेहता ने निर्देश दिए कि कोविड से ग्रसित रोगियों का इलाज सुविधा स्थलों पर व उनके घरों में गाईडलाईन की पालना करते हुए तुरन्त आईसोलेट किया जाए। चिकित्सा विभाग हर दिन सभी सकारात्मक मामलों की सूची संबंधित थानाधिकारी के साथ बीट कांस्टेबल द्वारा निगरानी प्रयोजन हेतु साझा करेंगे। बीट कांस्टेबल सकारात्मक मामलों की निगरानी के लिए ’राज कोवडिइनफो ऐप डाउनलोड करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि मरीज घर में ही रहता है और मरीज के फोन में भी यह एप डाउनलोड करायेगा।
नाइट कर्फ्यू को कड़ाई से लागू करवाएं– जिला कलक्टर ने बैठक में शादियों में भीड-भाड़ के संबंध में नियुक्त मजिस्ट्रेट से जानकारी ली और कहा कि सभी मजिस्ट्रेट नियमों की अवहेलना पर संबंधित थानाधिकारी का साथ लेकर चालान काटेंगे। उन्होंने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक से कहा कि रात सात बजे नाइट कर्फ्यू की पालना करवाने के लिए मार्केट को बंद करवाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय के बाद अगर बेवजह कोई बाहर घूमता मिले या फिर दुकान खुली मिले तो संबंधित का चालान कटवाना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद नाइट कर्फ्यू की पालना होनी ही चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चौधरी, सहायक कलक्टर (प्रशिक्षु आईएएस) कनिष्क कटारिया, सचिव यूआईटी मेघराज सिंह मीना, रजिस्ट्रार मुद्रांक एवं स्टाम्प ऋषिबाला श्रीमाली, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ.एसएस राठौड़, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डाॅ. परमेन्द्र सिरोही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना, डाॅ.संजय कोचर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर व न्यास अध्यक्ष नमित मेहता ने रविवार को शहर के नालों की मरम्मत व साफ-सफाई आदि कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों की सफाई का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने शहर में जल भराव की समस्या के समाधान हेतु गठित विभागीय समन्वय समिति के सदस्यों के साथ नालों की सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
मेहता ने कहा कि नालों की सफाई कार्य लिए अगर संसाधन और मेन पावर बढ़ाना हो तो बढ़ाया जाए। साथ ही जहां सफाई हो रही है अथवा नालों की खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां सुरक्षा के सभी बंदोबस्त रखे जाएं। कार्य के दौरान सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षा के बंदोबस्त होने चाहिए। नगर निगम और नगर विकास न्यास के अधिकारी की इसमें किसी भी स्तर पर खामी ही नहीं रखे।
मेहता ने नगर विकास न्यास व नगर निगम की ओर से सर्किट हाउस के पास चल रहे कार्यों को देखा। यहां नाले की सफाई का कार्य पोकलेन मशीन और जेसीबी से सिल्ट निकालने का कार्य चल रहा है। इस कार्य पर 6 जेसीबी मशीन, दो पोकलेन मशीन तथा ट्रैक्टर आदि के माध्यम से बडे़ स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा जाए ताकि संभावित वर्षा के दौरान किसी तरह के जानमाल की हानि न हो और बरसात का पानी सड़कों पर ज्यादा समय तक इकट्ठा ना रह सके । इसके लिए सभी प्रयास होने चाहिए। अगर यहां पोकलेन मशीन की और जरूरत हो तो बताया जाए ताकि मशीनें बढ़ाकर कार्य शीघ्रता से पूर्ण करवाया जा सके।

जिला कलक्टर ने प्रिंस विजय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल (पीबीएम अस्पताल) के पास नाला सफाई के कार्य को भी देखा और यहां उन्होंने कहा कि वर्तमान में जितने चेंबर बने हुए हैं, भविष्य को ध्यान में रखते हुए और चेंबर का निर्माण करवाया जाए ताकि जब भी निगम व न्यास द्वारा नालों की सफाई की जाती है, तो आसानी से इनकी सफाई हो हो सके। उन्होंने कहा कि चेंबर के लिए ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण जहां पर अगले दो-तीन दिन में चैम्बरों का निर्माण करवाया जा सकता हो। अगर अभी निर्माण करना संभव नहीं हो तो वर्षा का मौसम समाप्त होने के बाद नए चेंबर बनाए जाएं। साथ ही उन्होंने नाले की चारदीवारी का भी निगम अधिकारी निरीक्षण करे। जहां भी नाले टूटे-फूटे नजर आएं उनकी मरम्मत करवाई जाए। उन्होंने कहा कि नाले के किनारे की दीवार को भी ठीक करने का कार्य सफाई कार्य के साथ साथ प्रारंभ किया जाए। नालों की दीवारें भी मजबूत और सुरक्षित होना आवश्यक है। अभियंता यह भी देखें कि अगर नाले के नीचे उतरने के लिए रैंप या अन्य कोई निर्माण कार्य करवाने की जरूरत है, उसका निर्माण करवाया जाए ताकि आने वाले समय में जब भी नाले की सफाई की जाती है, उसमें आसानी से पहुंचा जा सके। अगर संभव हो तो रैंप को अभी बना लिया जाए अन्यथा बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद इसका निर्माण करवाया जाए।
निरीक्षण के दौरान सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीना, नगर निगम के उपायुक्त मंगलाराम पूनिया, नगर विकास न्यास के अभियंता याकूब खां सहित कार्यकारी एजेंसी के अभियंता तथा अन्य लोग उपस्थित थे ।
होम आइसोलेट मरीजों का हो डेली चेक अप
जिला कलक्टर ने कहा कि जो भी कोरोना पाॅजिटीव होम आइसोलेट किए गए हैं उनकी प्रतिदिन जांच हो, स्वास्थ्य टीम रोजाना उनके घर विजिट करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी लें। शहर के परकोटे के बाहर स्थित काॅलोनियों में आने वाले गैर लक्ष्ण (एसिम्प्टोमेटिक) मरीजों के घर में सेपरेट टाॅयलेट सहित समस्त व्यवस्थाएं हो तो उन्हें होम आइसोलेट किया जाए। होम आइसोलेट मरीजों के घरों के बाहर सूचना नोटिस चस्पा हो।
ट्रेस काॅन्टेक्ट की हो जांच
मेहता ने कहा कि पाॅजिटीव मरीजों की काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग लिस्ट में शामिल एक भी व्यक्ति जांच से छूट नहीं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से जनाना विंग में कोरोना पेशेंट रखे जाएंगे। इसे देखते हुए सभी व्यवस्थाएं पूरी करवा लें।
भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान हो सेनेटाइज
जिला कलक्टर ने कहा कि शहर के भीड़ भाड़ वाले सभी स्थानों पर सोडियम हाइपोक्लाइट का छिड़काव कर सेनेटाइज किया जाए। निगम और यूआईटी समन्वय करते हुए वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पार्क सहित सभी मुख्य पार्कों, बाजारों, एटीएम सहित भीड़ भाड़ वाले स्थानों का चिन्हीकरण करें और इन्हें सेनेटाइज किए जाने की व्यवस्था करवाएं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए एच गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर)सुनीता चौधरी, बीकानेर उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, यूआईटी सचिव मेघराज सिंह मीना, सीईओ जिला परिषद नरेन्द्र पाल सिंह, सीएमएचओ डाॅ बी एल मीना सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।