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शुक्रवार को पॉजिटिव आए सभी 29 व्यक्तियों को रात तक पीबीएम के कोविड हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया गया। इस दौरान एनटीसीपी प्रभारी महेंद्र जायसवाल, डॉ मुकेश जनागल, डॉ यश मुद्गल आदि मौजूद रहे।

जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कोविड-19 प्रबंधन की जानकारी दी और बताया कि जिले में अब तक 56 कोरोना पॉजिटिव रोगी पाए गए हैं, जिनमें से 3 की मौत हुई एवं 37 लोगांे के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बतासया कि 16 रोगी एडमिट है। जिले में अब तक 4 बार स्क्रीनिंग का कार्य हो चुका है। अब तक 51123 लोगों को होम क्वारेटाइन किया गया है जिनमें से अब 21934 लोगों को होम क्वारेटाइन की अवधि पूर्ण हो गई है, शेष 29189 लोग होम क्वारेटाइन हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 1112 लोगों में से 907 इंस्टिट्यूट तथा 205 स्टेट क्वारेंटाइन है। अब तक कुल 4236 व्यक्तियों के सैंपल लिए जा चुके हैं । उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रवासियों श्रमिकों हेतु जिले में 4 माइग्रेशन शिविर हैं, जिनमें 131 श्रमिक है। जिले में आए प्रवासी 32445 हैं एवं जाने वाले प्रवासी की संख्या 4344 है। उन्होंने बताया कि कोतवाली और कोटगेट थाना क्षेत्र के आंश्ेिाक क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में नाल, जामसर तथा गजनेर थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हुआ है।
रसद वितरण की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 18 मई तक 236.391 मै.टन दाल का वितरण हो चुका है तथा शेष चने की दाल का वितरण जारी है। उन्होंने बताया कि श्रमिक एवं जरूरमंद परिवारों के कुल 122838 परिवारों को 2500 रूपये सीधे ही खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बारे में भी जानकारी दी।
राज्य सरकार से 871.19 लाख रूपये कोविड-19 के बचाव व उपचार हेतु मिले- गौतम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) में लाॅकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजनध्राशन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है। आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के दानदाताओं द्वारा प्रधानमंत्री केयर फण्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष एवं जिला प्रशासन को दिनांक 18.मई 2020 तक 2 करोड़ 10 लाख 85 हजार रू. के चेक प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि 31 दानदाताओं ने प्रधानमंत्री केयर फण्ड में 33.25 लाख रू., मुख्यमंत्री केयर फण्ड के लिए 114 दानदाताओं द्वारा 51.65 लाख रू. प्राप्त हुए जिसे संबंधित कोष में जमा करवाए गए तथा जिला प्रशासन को 67 दानदाताओं ने 124.18 लाख रू. एवं नगर विकास न्यास, बीकानेर को 47 दानदाताओं द्वारा राशि रूपये 1.74 लाख प्राप्त हुए। जिला प्रशासन एवं नगर विकास न्यास को प्राप्त कुल रू. 125.91 लाख को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया गया।
जिला प्रशासन को कोविड-19 महामारी से बचाव व उपचार के लिए राज्य सरकार से कुल 871.19 लाख रू. प्राप्त हुए। जिनमें से राज्य आपदा मोचन निधी में 380.00 लाख रू. मुख्यमंत्री राहत कोष से 124.18 लाख रू., अनटाइड फण्ड में 30.00 लाख रू. तथा स्थानीय विधायक निधी मद में 337.01 लाख रू. प्राप्त हुए है।
गौतम ने बताया कि राज्य आपदा मोचन निधी (एसडीआरएफ) में 380.00 लाख रू में से अब तक क्वारेंटाइन कैम्प में प्रवासित लोगों को भोजन, आवास व अन्य व्यवस्था पर 19.43 लाख रू. व्यय किए जा चुके है तथा इस मद में 10.00 लाख रू. के दायित्व बकाया हैं। इसके अलावा इस मद में 22.56 लाख रू. सेनेटाइजर, मास्क, पीपीई किट, मेडिकल, पेरा मेडिकल स्टाफ, जिला पुलिस व नगर निगम कार्मिकों को उपलब्ध करवाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से व्यय की गई है। इसी मद में 2.50 लाख रू. जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित वाहनों में पेट्रोल व डीजल पर खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में भामाशाहों से प्राप्त 124.18 लाख रू. में से नगर निगम द्वारा चिन्हीत गरीब, असहाय व्यक्तियों को सूखी राशन सामग्री किट वितरण हेतु 88.65 लाख रू.व्यय किए गए 35.53 लाख शेष हैं। खर्च राशि से 19796 राशन किट वितरित किए गए। प्रत्येक राशन किट में आटा, खाद्य तेल, दाल, चावल, नमक मय केरी बैग जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाया गया है।
अनटाइड फण्ड में प्राप्त 30.00 लाख रू में से जिले में प्रवासित श्रमिकों को जिले से बाहर भिजवाने तथा जिले में लाने हेतु यात्रा, भोजन आदि व्यवस्थाओं पर अब तक 13.96 लाख रू. का भुगतान किया जा चुका है तथा इस मद में 29.03 लाख रू के दायित्व बकाया है।
स्थानीय विधायक निधी कोष – इस मद में 337.01 लाख रू. की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें विधानसभा नोखा में 150.00 लाख के विरूद्ध 85.50 लाख, श्रीडूंगरगढ में 1.01 लाख, के विरूद्ध 0.51 लाख, खाजूवाला में 40.00 लाख, के विरूद्ध 17.20 लाख, कोलायत में 70.00 लाख, के विरूद्ध 45.25 लाख, बीकानेर पूर्व मंे 51.00 लाख, के विरूद्ध 41.00 लाख एवं विधानसभा पश्चिम में 25.00 लाख, के विरूद्ध 25.00 लाख रू कोविड-19 से बचाव एवं उपचार के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारियों द्वारा असहाय व निर्धन लोगों को सूखी राशन सामग्री किट, भोजन किट, मास्क व सेनेटाइजर एवं बेसहारा गौवंश को चारा उपलब्ध करवाने पर व्यय किया गया है।
गौतम ने अन्र्रराज्य प्रवासी व श्रमिक मूवमेन्ट के बारे में बताया कि देश के 18 राज्यों से जिले में 1737 लोग आएं है। साथ ही निजी वाहनों से 4245 लोग पहंुचे है। उन्होंने बताया कि गुजरात से 330, महाराष्ट्र से 401, हरियाणा से 70, कर्नाटक से 120, दिल्ली से 61, मध्य प्रदेश से 13, पंजाब से 10, उत्तर प्रदेश से 24, पश्चिम बंगाल से 42, तमिलानाडू से 121, तेलगांना से 41 तथा शेष अन्य राज्यों से लोग आएं है।
टिड्डी वर्तमान में जिले में नहीं- जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना की स्थिति में जिला व बाल ब्लॉक स्तर पर तत्काल टेडी नियंत्रण कक्ष की स्थापना की चुकी है। मुस्तैदी से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी की इसकी सूचना तत्काल दिने के निर्देश दिए जा चुके है। जिले में तहसील नोखा तहसील के पांचू ( नागौर जिले की सीमा पर), कोलायत की सियासर, दासुडी, छतरगढ़ के लालावाली, शेरपुरा, कृष्ण नगर व खारबारा, तथा लूणकनसर के महाजन फिल्ड फायरिंग रैंज व शेखसर ग्राम (आरडी 232 ) क्षेत्रों में टिड्डी ने प्रवेश किया था। वर्तमान में जिले में टिड्डी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुल 10 राजस्व गांव में यह आई थी।
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने लाॅक डाउन और कफ्र्यू के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव,जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, राजस्थान प्रशासननिक सेवा के अधिकारी शैलेन्द्र देवड़ा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना आदि उपस्थित थे।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, जन अभाव अभियोग निराकरण, एवं जिले के प्रभारी मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो तथा विद्युत कनेक्शन के अभाव में जलापूर्ति बाधित न हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। प्रभारी मंत्री ने मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में कोविड-19 महामारी, लॉक डाउन और निषेधाज्ञा आदेश की पालना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन जयपुर से जुड़े थे। जिले के समस्त अधिकारी जिला मुख्यालय पर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र से जुड़े हुए थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब तक जो प्रयास किए गए हैं, वह बहुत ही सार्थक रहे, इसी के कारण बीमारी का फैैैलाव नहीं हुआ।यहां का प्रशासन और चिकित्सा विभाग सहित स्थानीय लोग विशेषकर भामाशाह और स्वयंसेवी संस्थाओं ने लॉक डाउन के दौरान जो सहयोग दिया, वह भी पूरे राज्य में एक मिसाल बनी है। उन्होंने कहा कि अब नई परिस्थिति में प्रशासन को चाहिए कि जो लोग जिले और प्रदेश के बाहर से आ रहे हैं, उन सबके लिए होम क्वाॅरेन्टाईन में रहने की पुख्ता व्यवस्था करें। जिन मकानों में बाहर से आए व्यक्ति रहते हैं, उनके स्वास्थ्य का परीक्षण समय समय पर होता रहे तथा उनके घर के बाहर एक स्टीकर चिपका दिया जाए, जिस पर यह लिखा हो कि यहां प्रवासी रहा है और अगर वह होम क्वाॅरेन्टाईन की एडवाइजरी की पालना नहीं करें तो जिला प्रशासन को सूचित किया जाए साथ ही प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से जब जिले के चेक पोस्ट पर बंधपत्र भरवाते हैं, उसी समय यह बेहतर तरीके से समझा देें कि वह किसी भी स्थिति में होम को क्वाॅरेन्टाईन को नहीं तोडेंगे।
सालेह मोहम्मद ने कहा कि लॉक डाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार की समस्या है तथा वर्तमान में गांव में किसानों द्वारा खेत में बहुत अधिक काम करने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मनरेगा के तहत प्रत्येक राजस्व गांव में कार्य स्वीकृत किया जाए। पूर्व में जो लोग जॉब कार्ड धारक हैं, उनके साथ साथ ऐसी व्यवस्था भी करें कि अन्य लोगों को भी मनरेगा के माध्यम से रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि टिड्डी आगमन की संभवना को देखते हुए भी बचाव के सभी पुख्ता उपाय किए जाएं। दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध रहे तथा काश्तकारों से अभी से ही बातचीत कर, उन्हें समझाइश करें कि जिला प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि रसद विभाग द्वारा सभी पात्र व्यक्तियों को समय पर राशन उपलब्ध करवाने के लिए भी बेहतर व्यवस्था रखें। समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण करें और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लोगों से बातचीत कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें अप्रैल और मई माह का राशन मिल गया है। साथ ही पोस मशीन से वितरण में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए तकनीकी अधिकारियों से समय-समय पर पोस मशीन की जांच करवाते रहें, अगर मशीन खराब हो या कोई अन्य कोई अड़चन हो तो जरूरतमंद को राशन वितरण की कार्रवाई न रोकी जाए। पात्र लोगों को तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण से राशन ना मिले यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जब जिले की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा प्रभारी मंत्री कर रहे थे तो उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बीकानेर में कोरोना से बचाव तथा इलाज सहित बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए जो त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी, वह बहुत बेहतर और शानदार थी। इसके लिए जिला प्रशासन चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग सहित इस कार्य से लगे सभी लोग साधुवाद के पात्र हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा बैठक में जयपुर से जुड़े जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि सरकार द्वारा मालवाहक ट्रक आदि के यातायात पर रोक नहीं लगाई है। मगर सभी अधिकारियों को चाहिए कि वह इतना अवश्य निरीक्षण करें कि ट्रक के माध्यम से केवल खाद्य सामग्री या अन्य अनुमति सामान ही परिवहन हो रहा है। सामान परिवहन करने के बहाने कोई व्यक्ति, कोई ट्रक चालक या अन्य किसी के द्वारा आमजन को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने का कार्य तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्थित सभी निजी चिकित्सालय भी निर्धारित समय में खोलें जाएं और उनमें जरूरतमंद लोगों का इलाज हो, इसके लिए भी जिला प्रशासन समय-समय पर निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखें।
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वाॅरेन्टाईन किया गया है। साथ ही ग्राम स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया गया है तथा मेडिकल टीम द्वारा ऐसे लोगों पर कड़ी पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से वर्तमान में 65 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा रखा है। बीकानेर जिले में सभी अनुमत उद्योग इकाइयों ने काम प्रारंभ कर दिया है। जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन पास ही जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना में लॉक डाउन के दौरान खाद्य आधारित आटा, मसाला, दालें, पापड़, भुजिया, मैदा, बेसन आदि इकाइयां कार्य कर रही हैं। जिले में पीने के पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है तथा और जरूरत पड़ने पर कंटीजेंसी प्लान भी तैयार है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दीपक बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीणा, नीलम प्रताप सिंह, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर, उपनिदेशक आईटी सत्येंद्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि बाहर से जो भी व्यक्ति आया है उसके स्वास्थ्य का परीक्षण आवश्यक रूप से हो जाए, इसके लिए जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी स्तर पर नियुक्त चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए कि वह अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहर के जिले से आए प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का परीक्षण हो गया है और 14 दिन तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाए। जो भी व्यक्ति बाहर आता है उसकी सूचना चिकित्सक द्वारा संकलित की जाए और संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक सीएमएचओ को आवश्यक रूप से दी जाए ।
कुमार ने गुरुवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले 2 दिनों से नोखा में महाराष्ट्र, चेन्नई और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में प्रवासी आए हैं इन सभी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए और इनको होम क्वॉरेंटाइन में रखने के लिए भी समय-समय पर चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामसेवक, पटवारी और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भ्रमण कर सुनिश्चित करते रहें कि ये सभी लोग होम क्वॉरेंटाइन में ही है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक सीएमएचओ द्वारा सारी सूचना एकत्रित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिदिन उपलब्ध करवाई जाए और जिला स्तर पर इस संबंध में पूरी सूचना का संकलन कर तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिले की नोखा और श्रीडूंगरगढ़ के एंट्री पॉइंट पर जो चेक पोस्ट स्थापित किया हुआ है यहां पर आने वाले सभी लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए, साथ ही सभी से होम क्वॉरेंटाइन में रहने का बंध पत्र भी भरवाए जाए।

बाहर से आने वालों के लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन की भी व्यवस्था हो
जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन लोगों को होम क्वॉरेंटाइन ना करके स्टेट क्वॉरेंटाइन करना हो उनके लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन के लिए कुछ और अतिरिक्त भवनों का चयन किया जाये। भवन की चिन्हिकरण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वहां कमरे अधिक हो तथा कमरों में हवा और रोशनी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
500 जांचे प्रतिदिन की जाए
जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान में बाहर से आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग इस तरह की कार्य प्रणाली अपनाए, कि प्रतिदिन 500 लोगों का कोराना का परीक्षण हो जाए। बीकानेर मेडिकल कॉलेज में 500 जांच प्रतिदिन हो सकती है और इसकी रिपोर्ट 8 घंटे में आ जाती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा जांचे हों।
समन्वित प्रयासों से जिले को कम्युनिटी स्प्रेड से बचाएं
गौतम ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में बीकानेर अब तक काफी हद तक सफल रहा है। रेड जोन से और ओरेंज जोन में बदलने में संदिग्ध के संपर्क की ट्रेसिंग और संदिग्धों की अधिकाधिक जांच और स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने से संक्रमण की रोकथाम में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी स्प्रेड के खतरे से बीकानेर को बचाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित प्रयास करने होंगे तभी इस खतरे को कम किया जा सकता है और लोगों को सुरक्षित रखा जा सकता है। गौतम ने कहा कि स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने के दौरान लोगों की आधारभूत सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाए, गर्मी के मौसम को देखते हुए जो भी आवश्यक सुविधाएं जरूरी हो उपलब्ध करवाई जाए।
बैठक मैं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सौरभ स्वामी, आयुक्त नगर निगम खुशाल यादव, उपखण्ड अधिकारी रिया केजरीवाल, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा सहित में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।