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camel research center bikaenr – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Mon, 06 Dec 2021 16:08:57 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र की अनुसंधान गतिविधियों का लिया जायजा https://vinayexpress.in/2021/12/06/bkn-2197/ Mon, 06 Dec 2021 16:08:57 +0000 https://vinayexpress.in/?p=20581 विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर।जिला कलेक्टर नमित मेहता ने सोमवार को भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र की अनुसंधान व प्रचार-प्रसार गतिविधियों का अवलोकन किया। जिला कलक्टर ने केंद्र में उष्ट्र के विभिन्न पहलुओं पर चल रही शोध परियोजनाओं, ऊँट पालकों, किसानों एवं आमजन के लिए केन्द्र की उपयोगिता संबंधी जानकारी ली। इस दौरान मेहता ने उष्ट्र संग्रहालय, मिल्क पार्लर, उष्ट्र डेयरी व उष्ट्र बाड़ों आदि का अवलोकन किया। साथ ही केन्द्र द्वारा इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से तैयार कैमल रेस ट्रेक, फोटोग्राफी आदि स्थलों को देखा। उन्होंने प्रदेश में उष्ट्र प्रजाति के महत्व एवं इसकी विभिन्न नस्लों, केन्द्र की पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।जिला कलक्टर मेहता द्वारा निदेशक डॉ.साहू से ऊँटों के विभिन्न पहलुओं के सम्बन्ध में चर्चा की।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक भी इस दौरान मौजूद रहे।

केन्द्र निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने उष्ट्र प्रजाति के विकास व संरक्षण के संबंध में केन्द्र द्वारा प्राप्त अनुसंधान उपलब्धियों, भावी अनुसंधान विकास कार्यक्रमों एवं पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाओं आदि के बारे में जानकारी दी। डॉ.साहू ने बताया कि ऊँट पालकों व किसानों के लिए केन्द्र तथा नजदीकी गांवों में स्वास्थ्य शिविरों, प्रशिक्षण, गोष्ठियों आदि का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों द्वारा ऊँट व इसके पालकों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है, जिससे वे उष्ट्र पालन के व्यवसाय से लाभान्वित हो सके। डॉ.साहू ने ऊँटनी के दूध व इससे निर्मित दुग्ध उत्पादों की महत्ता बताते हुए कहा कि केन्द्र द्वारा ऊँटनी के दूध की लोकप्रियता व इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केन्द्र में ऊँटनी के दूध पर अनुसंधान परीक्षण द्वारा यह स्पष्ट हो चुका है कि किसी भी अन्य पशु के दूध के स्वाद व गुणवत्ता की तुलना में यह दूध कम नहीं आंका जा सकता। इससे निर्मित उत्पादों की आमजन, सैलानियों आदि में स्वीकार्यता आदि को देखते हुए ऊँटनी के दूध को डेयरी व्यवसाय के रूप में अपनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। यदि मूल्य संवर्धन के तौर पर इसे अपनाया जाए तो यह ऊँट पालकों व किसानों को आर्थिक संबलता प्रदान करने में पूर्णतया सक्षम है।

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