js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170उदयपुर में कन्हैया लाल की बरेहमी से हत्या के मामले में NIA की चार्जशीट बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि हत्या का आरोपी गौस मोहम्मद पाकिस्तान में बैठे सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था. इसी ने रियाज अत्तारी का ब्रेनवॉश कर अपने साथ मिलाया था. कराची के रहने वाले दोनों आरोपियों को NIA ने अपनी चार्जशीट में नामजद किया है. सलमान हैदर ने ही गौस मोहम्मद को कट्टरपंथी बनाने के लिए ट्रेनिंग दी थी. वहीं, अबू इब्राहिम आतंकी गतिविधियों में शामिल है. सलमान हैदर ने इब्राहिम से गौस मोहम्मद का संपर्क कराया था. गौस मोहम्मद के घर से जाकिर नाइक के भाषण भी मिले हैं. NIA ने इसकी जानकारी अपनी चार्जशीट में पेश की है.
NIA चार्जशीट के मुताबिक मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले ग्रुप दावत-ए-इस्लाम के सम्पर्क में कई वर्षो से थे. इसी ग्रुप ने रियाज की शादी कराई थी. दावत-ए-इस्लाम के मौलाना ने मोहम्मद रियाज का पूरी तरीके से ब्रेनवॉश और रेडिकल एक्टिविटी में शामिल किया.
रियाज और मोहम्मद गौस पाकिस्तान दावत-ए-इस्लामी के साथ साथ पाकिस्तान के दल तहरीक-ए-लब्बैक के भी सम्पर्क में थे. सलमान और अबू इब्राहिम जिनको NIA ने अपनी चार्जशीट में शामिल किया है उनसे गौस और रियाज़ लगातार सम्पर्क में थे. दोनों पाकिस्तानी सलमान और अबू इब्राहिम भी दावते-ए-इस्लाम संगठन से जुड़े थे.
इस हत्याकांड में पहले धानमंडी पुलिस ने केस दर्ज किया था. इसके बाद 29 जून को एनआईए ने एक अलग केस दर्ज कर पूरे मामले की गहनता से जांच की. NIA की चार्जशीट में बताया गया है कि दोनों हत्यारों में रियाज ज्यादा क्रूर था और घटना का वीडियो धार्मिक आधार के टकराव के उद्देश्य से पोस्ट किया गया था.
आपको बता दें कि 28 जून 2022 को उदयपुर में 48 वर्षीय कन्हैयालाल की दो लोगों ने उनकी टेलर की दुकान में ग्राहक बनकर धारदार हथियार से हत्या कर दी थी. इसके बाद दोनों आरोपियों ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था. जिसके कारण राजस्थान सरकार ने धार्मिक भावनाओं के देखते हुए पूरे राजस्थान में करीब 5 दिनों तक नेटबंदी की थी.
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