js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनय एक्सप्रेस समाचार,चूरू। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा है कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी से ही पर्याप्त प्रबंधन किए जाएं ताकि इस तरह की स्थिति पैदा होने पर भी स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके और लोगों को पर्याप्त उपचार मिल सके।
प्रभारी मंत्री शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में कोविड-19 प्रबंधन एवं बिजली-पानी आपूर्ति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से बचाव के लिए जरूरी है कि अभी से ही हम पूरी सावधानी रखें और जागरुक रहें। जिन स्थानों पर कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं, वहां से समुचित ढंग से कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग कराते हुए पर्याप्त लोगों की सैंपलिंग कराएं। उन्होंने कहा कि 45 से अधिक आयु वर्ग के वैक्सीनेशन में तेजी लाएं और सभी ब्लॉक्स में वैक्सीन का समान वितरण करें। 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का भी वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार तत्काल वैक्सीनेशन करवाएं। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के केसेज की समुचित मॉनीटरिंग करें।
सरकार और भामाशाहों की ओर से जो संसाधन मुहैया कराए गए हैं, उनका समुचित रखरखाव करते हुए विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरत के अनुसार वितरण करवाएं। हमारे अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हों, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने यूटीबी भर्ती सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और कहा कि लॉकडाऊन में मिली छूट के बावजूद कोविड प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद राज्य सरकार ने बेहतरीन प्रबंधन किया। उन्होंने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों सहित विभिन्न कार्मिकों, भामाशाहों, संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी के बेहतरीन प्रबंधन, सहयोग से स्थिति नियंत्रण में है। अब जिले में अनेक स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं तथा अन्य संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने जयपुर रोड स्थित आरओबी के संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। 
जिला कलक्टर साँवर मल वर्मा ने जिले में कोविड-19 प्रबंधन, ऑक्सीजन प्लांट, रोगियों की स्थिति, सैंपलिंग, वैक्सीनेशन सहित जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों एवं कार्यों की जानकारी दी तथा प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाव के लिए समुचित प्रयास किए जा रहे हैं, लोगों को जागरुक किया जा रहा है।
इस दौरान एडीएम पीआर मीना, सीईओ सत्तार खान, एसीईओ डॉ नरेंद्र चौधरी, सीएमएचओ डॉ मनोज शर्मा, पीएमओ डॉ एफ एच गौरी, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ गजेंद्र सक्सेना, डिस्कॉम एसई के के कस्वां, जलदाय एसई जे आर नायक, सानिवि एसई, डीआईओ लक्ष्मण सिंह चौधरी सहित अधिकारीगण मौजूद थे।
विधायक कोष के कार्य शीघ्रता से कराएं
उन्होंने कहा कि विधायक कोष से कोविड-19 प्रबंधन के लिए स्वीकृत कार्य तत्काल पूर्ण कराएं। जिनमें अभिशंषा के बाद स्वीकृति शेष है, उन मामलों में स्वीकृति निकलवाएं। विधायक कोष से कोविड-19 प्रबंधन के लिए जो राशि दी गई है, उसका जितना जल्दी उपयोग हो, उतना ही बेहतर है ताकि लोगों को राज्य सरकार की मंशा के अनुसार इसका लाभ मिले। डोर टू डोर सर्वे को अधिक प्रभावी बनाएं और यह देखें कि आईएलआई लक्षणों वाले मरीजों के लिए मेडिकल किट की समुचित उपलब्धता रहे। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर सर्वे में पूरे राजस्थान में बेहतर काम हुआ है, इसे मेंटेन किए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में जिनका निःशुल्क पंजीयन होना है, ऎसे शत-प्रतिशत लोगों का पंजीयन कराएं तथा पैसे देकर होने वाले पंजीयन की भी संख्या बढाएं। उन्होंने कहा कि महज 850 रुपए में पूरे परिवार का स्वास्थ्य बीमा अपने आप में लाभ की योजना है।
पर्याप्त संख्या में चलाएं टैंकर
उन्होंने पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए पेयजल अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि गर्मियों के दौरान लोगों को पेयजल की समस्या नहीं रहनी चाहिए। जहां रेगुलर स्रोत से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, वहां टैंकर चलवाएं। टैंकर से पेयजल परिवहन में पारदर्शिता रहे लेकिन लोगों को जरूरत के हिसाब से पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। विभिन्न समस्याओं को लेकर आने वाले जनप्रतिनिधियों के फोन को महत्त्व दें और समस्या के निस्तारण के बाद उन्हें वापस भी सूचित करें ताकि वस्तुस्थिति से आप वाकिफ रह सकें। उन्होंने अधीक्षण अभियंता से कहा कि पानी की चोरी, अवैध रूप से पेयजल स्रोतों या लाइन से टैंकर भरे जाने वाले मामलों पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि घर-घर कनेक्शन के लिए सर्वे ठीक ढंग से किया जाए और कोई घर वंचित नहीं रहे, नहीं तो बाद में कई प्रकार की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
पेयजल स्रोतों के विद्युत कनेक्शन को दें प्राथमिकता
विद्युत आपूर्ति एवं अन्य बिंदुओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को गुणवत्ता युक्त और अधिकतम बिजली मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। पेयजल स्रोतों के विद्युत कनेक्शन प्राथमिकता से करें तथा आंधी के दौरान खराब हुए खंभों, लाइनों को तत्काल ठीक करें। उन्होंने कृषि उपनिदेशक दीपक कपिला से कहा कि किसानों को खरीफ फसल के लिए मिनिकिट वगैरह वितरण करवाएं और इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करें। किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले, यह सुनिश्चित करें।
जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न मसलों पर की चर्चा
सादुलपुर विधायक कृष्णा पूनिया ने सादुलपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पेयजल किल्लत की बात उठाई और कहा कि पेयजल किल्लत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने डोर टू डोर सर्वे को और बेहतर करने की जरूरत बताई और कहा कि अनलॉक के बावजूद हमें सावधानी और जागरुकता बनाए रखनी होगी। उन्होंने सीएमएचओ से कहा कि राजगढ़ क्षेत्र के दूरस्थ गांवों के लिए समुचित ढंग से चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने क्षेत्र की जरूरतों, समस्याओं एवं विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर लगातार काम हो रहा है और क्षेत्र का विकास निरंतर हो रहा है। उन्होंने सुजानगढ़ में कोविड-19 प्रबंधन एवं बिजली-पानी आपूर्ति की चर्चा करते हुए कृषि कनेक्शनों में शीघ्रता किए जाने की बात कही। मेघवाल ने कहा कि दूसरी लहर के बाद हमें जो समय मिल रहा है, उसमें हमें अपने चिकित्सा संस्थानों को सुदृढ करना चाहिए।
विभिन्न समस्याओं के निराकरण के निर्देश
तारानगर प्रधान संजय कस्वां ने तारानगर क्षेत्र के गाजूवास, लूणास, ढाणी भाखरां, ढिंगी, हड़ियाल, राजू की ढाणी, सारायण, पुनरास आदि गांवो की पेयजल समस्या को दूर करने की जरूरत बताई, जिस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि आगामी बैठक से पूर्व इन समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करें। रियाजत खान ने बंद पड़े चिकित्सालय के संचालन की जरूरत बताई, जिस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए कहा। बीसूका समिति के पूर्व सदस्य जमील चौहान ने बिजली बिलों में विलंब शुल्क लिए जाने की बात उठाई, जिस पर प्रभारी मंत्री ने एसई को नियमानुसार छूट देने और गलत ढंग से वसूले गए शुल्क को समायोजित करने के निर्देश दिए। पूर्व जिला परिषद सदस्य उमाशंकर शर्मा ने सात्यूं एवं विभिन्न गांवों की पेयजल समस्या को दूर करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री आम जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही निर्णय ले रहे हैं। उनकी सोच है कि सरकार की योजनाओं का लाभ अन्तिम पक्ति के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचे। इस दौरान उन्होने इन्दिरा रसोई में भोजन कर रहे लाभार्थियों से भी विस्तारपूर्वक चर्चा की। लाभार्थियों ने संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि यहां घर की रसोई जैसा खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने रसोई संचालक से कहा कि यह समय व्यवसाय का नहीं, सेवा भाव का है। अतः सेवा के संकल्प को ध्यान में रखते हुये ही इस कार्य को अन्जाम दें। सभापति पायल सैनी ने प्रभारी मंत्री को बताया कि मुख्यमंत्री के जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन उपलब्ध करवाये जाने के आदेश के बाद तत्काल चूरू नगरपरिषद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के सेवा के इस संकल्प को पूरा करने का बीड़ा उठाया है और भामाशाहों के सहयोग से प्रतिदिन बडी संख्या में कोविड मरीजों, उनके साथ आने वालों तथा हर जरूरतमंद को भोजन के पैकेट उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।
जब तक कोरोना की चैन नहीं टूट जाती, यह कार्यक्रम जारी रहेगा। नगरपरिषद आयुक्त हेमाराम चौधरी ने प्रभारी मंत्री को इन्दिरा रसोइयाें के संचालन, व्यवस्था और किये जा रहे कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सुजानगढ विधायक मनोज मेघवाल, जिला कलक्टर सांवरमल वर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस, उपखण्ड अधिकारी अभिषेक खन्ना, सहायक निदेशक (जन सम्पर्क) कुमार अजय, नगरपरिषद पीआरओ किशन उपाध्याय, जिला परियोजना प्रबंधक अजय सिंह शेखावत, अजय वर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
]]>उनका खौफ अपराधियों में इस कदर था कि अपराधी उनके जिले में तैनात होते ही भाग जाते थे। यही वजह है वह हमेशा से अधिकारियों के चहेते पुलिसकर्मी रहे है।
विष्णु दत्त जी का मानना था- लातों के भूत बातों से नहीं मानते।
विष्णु दत्त जी के बारे में कहा जाता है कि वह जिस जिले में तैनाती पाते हैं वहां से अपराधी या तो बेल तुड़वाकर जेल चले जाते हैं या फिर जिला छोड़ देते हैं।
कई बार डराने की कोशिशों के बाद भी विष्णु दत्त जी का इरादा कमज़ोर नहीं हुआ। कई वाकये हुए जब अपराधियों पर सख्ती के कारण उनका तबादला भी हुआ, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी शैली में बदलाव नहीं किया|
लेकिन अब यह अधिकारी हमारे बीच नहीं है
विष्णु दत्त जी को अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैये के लिए जाना जाता था।
अगर कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ता है तो पूरी व्यवस्था ही उसके खिलाफ हो जाती है।
इनके अलावा भी छोटे-बड़े स्तर पर कितने ही अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की मुखालफत करने का खामियाजा भुगता है, कभी अपनी जान देकर तो कभी सिस्टम से प्रताड़ित होकर।
ऐसे में सवाल उठता है कि एक तरफ तो सरकारें भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती हैं, वहीं दूसरी तरफ भ्रष्टाचारियों को क्षय (Shelter) दी जा रही है ? बहरहाल यदि हमें देश से भ्रष्टाचार को मिटाना है तो ईमानदार अधिकारियों का समर्थन करना होगा और सरकारों पर दबाव बनाना होगा ताकि भ्रष्टाचारियों को राजनैतिक समर्थन ना मिल सके।
उन मामलों का भी पता नहीं चलता जिनके बारे में खुलासा करते हुए ये अफसर जान देते हैं।
एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया है कि अब इस देश में ईमानदारी से काम करना कठिन होता जा रहा है.
दरअसल अब मान लेना चाहिए कि भ्रष्टाचार को लेकर समाज और सियासत का पक्का गठजोड़ है। जब तक इस गठजोड़ को नहीं तोड़ा जाएगा, ईमानदार अफसर मारे जाते रहेंगे।
आज की इस व्यवस्था में ऐसे जांबाज और ईमानदार और तथा सजग और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही हम लोगों ने खो दिया । सरकार से सी बी आई जांच की मांग जिससे वास्तविकता सामने आये|

आशीष नाथ-अधिवक्ता
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