js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170














सीएम अशोक गहलोत ने राज्य के पांच विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों को भी दिवाली गिफ्ट दिया है. कर्मचारियों को बोनस, एक्स-ग्रेशिया का भुगतान किया जाएगा. विद्युत विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का सीएम गहलोत ने अनुमोदन कर दिया है. इसके तहत विपरीत प्रतिनियुक्ति पर पद स्थापित कार्मिकों को भी देय लाभ होगा. मैट्रिक्स लेवल-12 अथवा ग्रेड पे- 4800 और इससे नीचे के लेवल का वेतन ले रहे विद्युत कम्पनियों के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. प्रत्येक कार्मिक को अधिकतम 6 हजार 774 रुपए तदर्थ बोनस मिलेगा. विद्युत कम्पनियों के करीब 60 हजार 700 कर्मचारियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा. हालांकि कहा जा रहा है कि इससे करीब 40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार सरकार पर आएगा


दीपावली पर राजस्थान के रोडवेज कर्मियों की भी बल्ले-बल्ले हो गई है. पहले बोनस और अब बढ़ा डीए
7 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. रोडवेज कर्मियों का महंगाई भत्ता 189 प्रतिशत से बढ़कर 196 प्रतिशत कर दिया गया है. रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. इसके अलावा राज्य के कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए भी अच्छी खबर है. पांचवें एवं छठे वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को मिलेगा. कार्मिकों को जुलाई से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा. वित्त विभाग के प्रस्ताव का सीएम गहलोत ने अनुमोदन कर दिया है. अब क्रमशः 196 प्रतिशत और 368 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा.



]]>
















प्रस्ताव के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में नवीन पुलिस िाना माता का थान खुलेगा। साथ ही, पुलिस चौकी एयफोस्र, पुलिस चौकी भगत की कोठी एवं पुलिस चौकी प्रतापनगर थाने में क्रमोन्नत होगी। इसके अलीवा पुलिस थाना माता का थान के अन्तर्गत कीर्ति नगर, पुलिस थाना राजीव गांधी नगर के अन्तर्गत कायलाना झील तथा पुलिस थाना सूरसागर के अन्तर्गत कालीबेरी नई पुलिस चौकी खोलने के गृह विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है।
उल्लेखनीय है कि अषोक गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में इस संबंध में घोषणा की थी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि विद्युत की दर 5 रूपए 55 पैसे प्रति यूनिट होने के बावजूद किसानों को 90 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। शेष 4 रूपए 65 पैसे प्रति यूनिट का अनुदान राज्य सरकार वहन कर रही है। कृषि विद्युत दरों पर अनुदान के कारण राज्य सरकार पर 16 हजार करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का आर्थिक भार आ रहा है। अब किसानों के कल्याण के लिए 1450 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भार भी वहन किया जाएगा।
श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अच्छी गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। इसलिए हम बिजली के वितरण के साथ-साथ उत्पादन और प्रसारण पर भी फोकस कर रहे हैं। पूरे राजस्थान में बिजली के नये ग्रिड, लाइनें तथा सब-स्टेशन विकसित कर इसके नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए नई कम्पनी का गठन इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। इसके माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली देने का लक्ष्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा नीति 2019 एवं पवन ऊर्जा नीति 2019 के माध्यम से अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025 तक 30 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य की दिशा में हम लगातार प्रयासरत हैं। कुसुम योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत खेतों में सोलर पैनल लगाने पर लागत का 30 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार, 30 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन करने तथा शेष 40 प्रतिशत के लिए किसान को ऋण दिलवाने का प्रावधान है। किसान उत्पादित ऊर्जा के उपयोग के बाद शेष ऊर्जा सरकार को बेचकर ऋण की किस्तें चुका सकता है। अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ लेना चाहिए।

ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। किसान मित्र ऊर्जा योजना इसका सजीव उदाहरण है। इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को 1,000 रूपए प्रतिमाह तक के बिजली बिल होने पर कोई भी राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। किसानों के लिए द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था लागू होगी तथा किसी भी माह में बिल राशि 1,000 रूपए से कम होने पर अनुदान की शेष राशि का लाभ उसी वित्तीय वर्ष के आगामी माह में दिया जाएगा।
डॉ. कल्ला ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में 132 केवी एवं 33 केवी के ग्रिड सब-स्टेशन बनाकर विद्युत तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। आज कुल 74 करोड़ रूपए की लागत से बाड़मेर, जालोर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर एवं बारां जिले में 132 केवी के ग्रिड सब-स्टेशनों का लोकार्पण तथा 45 करोड़ रूपए की लागत के बीकानेर एवं जालोर में 132 केवी जीएसएस का शिलान्यास हुआ है। इन स्टेशनों के निर्माण से विद्युत वितरण तंत्र में मजबूती आएगी, उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी तथा बिजली छीजत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जयपुर में 132 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले जिस विद्युत भवन एनेक्सी का शिलान्यास किया है, उससे विभिन्न विद्युत निगमों के कार्मिकों कार्य संचालन के लिए बेहतरीन कार्यस्थल उपलब्ध होगा और उनके काम की गुणवत्ता बढ़ेगी।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए तथा किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए बेहतर योजनाएं बनाने के लिए सभी हितधारकों से समय-समय पर चर्चा करती है। बीते ढाई वर्ष में 70 लाख किसानों को कृषि ऋण माफ कर राहत दी गई है तथा विभिन्न फसलों के लिए 40 लाख क्विंटल बीज वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष में 50 हजार ट्यूबवेल पर सोलर पैनल लगाने के लक्ष्य पर तेज गति से काम चल रहा है।
शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मित्र मानकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री की हमेशा यह सोच रहती है कि कृषि कार्यों में लगी राजस्थान की खेती से जुड़ी 70 प्रतिशत जनसंख्या को कोई परेशानी नहीं हो। इस क्रम में सरकार ने कृषि कनेक्शनों के वीसीआर के प्रकरणों में राहत देने का निर्णय लिया है तथा कृषि के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए लागू की जा रही किसान मित्र ऊर्जा योजना भी प्रदेशभर के किसानों को बड़ा संबल प्रदान करेगी।
कृषि राज्यमंत्री श्री भजन लाल जाटव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री गहलोत हमेशा किसानों के कल्याण के प्रति चिंतनशील रहते हैं। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार लगातार किसानों ने हित में निर्णय ले रही है। कार्यकाल की शुरूआत में ही ऋण माफी योजना के बाद सरकार ने 2 हजार करोड़ रूपये की लागत से कृषक साथी योजना शुरू की। सरकार का लगातार यह प्रयास है कि प्रदेश में कृषि उत्पादन क्षमता बढ़े तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री दिनेश कुमार ने नई योजना तथा कृषि उपभोक्ताओं को दिए जा रहे अनुदान के साथ-साथ विद्युत विभाग के विभिन्न विकास कार्यों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान विद्युत भवन परिसर के पीछे की भूमि पर लगभग 132 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत भवन एनेक्सी के प्रस्तावित भवन में विभिन्न निगमों के लगभग 900 अधिकारियों और कार्मिकों को बैठने की व्यवस्था होगी। यह भवन इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग कॉउन्सिल मानक पर आधारित होगा। इस भवन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रबंधन, जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा।
इस उद्घाटन समारोह में मंत्रीगण, विभिन्न जिलों से विधायक, सभी कलेक्टर तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम का फेसबुक, यूट्यूब आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारण किया गया, जिसको बड़ी संख्या में प्रदेशवासियों ने लाइव देखा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री भास्कर ए. सावंत, जेवीवीएनएल के एमडी श्री नवीन अरोरा, आरआरवीयूएनएल के सीएमडी श्री आरके शर्मा, आरवीयूएनएल के एमडी श्री रोहित गुप्ता, संयुक्त सचिव ऊर्जा श्रीमती अनुपमा जोरवाल, जिला एवं संभाग मुख्यालयों पर नगर निगम मेयर, परिषद सभापति, जिला प्रमुख, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर एवं ऊर्जा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ऊर्जा विभाग के शिलान्यास एवं लोकार्पण :-
– वर्तमान विद्युत भवन परिसर के पीछे की भूमि पर लगभग 132 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत भवन एनेक्सी के प्रस्तावित भवन का शिलान्यास।
– जोधपुर में विद्युत निगम के 4.19 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित विश्राम गृह तथा अजमेर में विद्युत वितरण निगम के 2.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मुख्य अभियन्ता कार्यालय भवन का लोकार्पण।
– विद्युत प्रसारण निगम के करीब 74 करोड़ रुपये लागत से निर्मित 132 केवी क्षमता के 5 जीएसएसः जोधपुर डिस्कॉम में चौहटन (बाडमेर) और जेरण (जालोर); अजमेर डिस्कॉम में कुवां खेड़ा (चित्तौडगढ़); और जयपुर डिस्कॉम में बालेर (सवाई माधोपुर) तथा नाहरगढ़ (बारां) का लोकार्पण।
– विद्युत प्रसारण निगम के करीब 45 करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित 132 केवी क्षमता के दो जीएसएसः मुरलीधर व्यास नगर (बीकानेर) और सुराणा (जालोर) का शिलान्यास।
– जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगमों के करीब 42 करोड़ रुपये लागत के 33/11 केवी क्षमता के 26 सब-स्टेशनों का लोकार्पण तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम के 9 करोड़ रुपये लागत के 33/11 केवी क्षमता के 7 ग्रिड सब-स्टेशनों का शिलान्यास।
विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। राजस्थान क्रीड़ा पदक विजेता 83 अभ्यर्थियों का लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पद पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए चयन के बाद मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इन्हें विभाग आवंटन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज के सभी वर्गाें को साथ लेकर कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर का मुकाबला किया। हमारे भीलवाड़ा और रामगंज माॅडल को देश-दुनिया में पहचान मिली और दूसरे राज्यों ने भी इसे अपनाया। दूसरी घातक लहर में आॅक्सीजन एवं दवाओं की आपूर्ति तथा बैड्स को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सबक लेते हुए हमारी सरकार मेडिकल काॅलेजों से लेकर सीएचसी-पीएचसी स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रही है ताकि तीसरी लहर आए तो हमें इस महामारी के मुकाबले में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। आज हुए शिलान्यासों से इन जिलों में चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होगी।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो सभी जिलों में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अधिकाधिक मेडिकल काॅलेजों की स्थापना के लिए यूपीए सरकार के समय योजना बनी थी। राजस्थान ने इस दिशा में पूरी तैयारी के साथ आवश्यक शर्ताें को पूरा किया, जिसके चलते 30 जिलों में सरकारी क्षेत्र में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की ओर हमारे कदम बढ़ सके। शेष तीन जिलों में भी सरकारी मेडिकल काॅलेज स्वीकृत कराने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से जान गंवाने वाले परिवारों को सम्बल देने के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना लागू की है। इससे अनाथ बच्चों एवं विधवा महिलाओं के जीवन की राह आसान हो सकेगी। इसके साथ ही प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। सभी जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, एनजीओ आदि हर पात्र परिवार को इस योजना से जोड़ने में अपनी भागीदारी निभाएं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि दूसरी लहर के कटु अनुभवों से सबक लेते हुए हमारी सरकार ऑक्सीजन उत्पादन एवं शिशु चिकित्सा इकाइयों में बढ़ोतरी की योजना पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में एक हजार मेट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता हासिल करने की दिशा में हम अग्रसर हैं।
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में प्रदेश में ऑक्सीजन बैड 5,448 थे। इनकी संख्या बढ़ाकर 13 हजार की जा रही है। साथ ही, आईसीयू के 1125 बैड थे, जिनकी संख्या अब 2622 हो जाएगी। इसी तरह एनआईसीयू बैड की संख्या 475 से बढ़ाकर 1554, पीआईसीयू बैड की 164 से 1048 और एसएनसीयू बैड की संख्या 222 से बढ़ाकर 308 की जा रही है।

चिकित्सा राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने पूरे समर्पण भाव और मुस्तैदी के साथ कोरोना का प्रबंधन किया है। उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1.50 लाख कोविड टेस्ट करने की क्षमता विकसित कर ली गई है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा प्रारम्भ हो गई है। विभिन्न मेडिकल काॅलेजों और सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा होना संभावित है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवांगी स्वर्णकार ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के सांसद-विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा श्री अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा श्री सिद्धार्थ महाजन, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, मेडिकल काॅलेजों के प्राचार्य एवं अधीक्षक सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।
ये हुए शिलान्यास:-
जोधपुर:– उम्मेद अस्पताल में 460 लाख से 30 बैड एनआईसीयू, मथुरादास माथुर अस्पताल में 650 लाख से 30 बैड आईसीयू एवं 920 लाख से 60 बैड एनआईसीयूए महात्मा गांधी अस्पताल में 650 लाख सेे 30 बैड आईसीयू
अजमेर:- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में 750 लाख से 50 बैड आईसीयू
झालावाड़:– एसआरजी अस्पताल में 450 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 307 लाख से 20 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 23 बैड पीआईसीयू
कोटा:– जेके लोन अस्पताल में 579 लाख से 36 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 20 बैड मदर केयर यूनिट
चूरू:– डी.बी.एच. अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
बाड़मेर:– जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
सीकर:- एस.के. जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ शिशु अस्पताल में 200 लाख से 12 बैड एनआईसीयू
भीलवाड़ा:– महात्मा गांधी जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ-शिशु अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
डूंगरपुर:- हरिदेव जोशी अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
पाली:- राजकीय बांगड़ अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
भरतपुर:– राजबहादुर मेमोरियल अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड पीआईसीयू