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cm ashok gehlot – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Mon, 15 Aug 2022 13:28:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह : अहिंसा के रास्ते भारत बढ़ रहा है आगे, 75 साल से मजबूती के साथ लहरा रहा है हमारा राष्ट्रीय ध्वज: मुख्यमंत्री https://vinayexpress.in/2022/08/15/state-level-independence-day-celebrations/ Mon, 15 Aug 2022 13:28:00 +0000 https://vinayexpress.in/?p=41218  हर प्रदेशवासी की सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार का मुख्य ध्येय

मुख्यमंत्री ने समाज में भेदभाव खत्म करने के लिए की अपील

विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन देश की आजादी के लिए चली लंबी लड़ाई में ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की रहनुमाई में अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए भारत आगे बढ़ा है। इसीलिए विश्व में भारत का मान-सम्मान अलग पहचान रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मजबूत लोकतंत्र की पहचान को कायम रखने की हम सभी की बड़ी जिम्मेदारी है। भारतीय संविधान की मूल भावनाओं में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने लोकतंत्र में समाजवाद, सर्वधर्म सद्भाव की जो बात रखी, उसी ने 75 वर्षों में हमें एकजुट और अखंड बनाए रखा है और हमारा राष्ट्रीय ध्वज मजबूती से लहरा रहा है।
श्री गहलोत सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्टेडियम में ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से पूर्व स्वतंत्रता दिलाने और आजादी के बाद भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए बलिदानों को हम कभी भूल नहीं सकते। इन्हीं की वजह से भारत हमेशा एकजुट रहा, जबकि कई देशों के टुकड़े हो गए। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपील की है कि हमें मिलकर आदिवासियों, दलितों के साथ भेदभाव को खत्म करना होगा। राज्य सरकार की मूल भावना भी सभी को समान अधिकार प्रदान करने की है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राजस्थान अग्रणी राज्य 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में निःशुल्क ओपीडी, आईपीडी, निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट का खर्च भी सरकार स्वयं वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी राजस्थान मॉडल अपनाकर देशवासियों को निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध करानी चाहिए।

शिक्षा क्षेत्र में स्थापित किए कीर्तिमान

श्री गहलोत ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में राजस्थान नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी का सफल परिणाम है कि आज उच्च शिक्षा में लड़कों से ज्यादा लड़कियां प्रवेश ले रही हैं। प्रदेश में राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल कर अभिनव प्रयोग किया गया है। यहां बच्चे प्राइमरी से अंग्रेजी पढ़ना, लिखना और बोलना सीख रहे हैं। सरकार जल्द ही 1.33 करोड़ महिलाओं को स्मार्टफोन देगी, जिससे वे बातचीत के साथ राजकीय योजनाओं के बारे में जानकारी ले सकेंगी और उनके बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे।

सामाजिक सुरक्षा हमारा मुख्य ध्येय

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राजस्थान हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हर प्रदेशवासी की सामाजिक सुरक्षा हमारा मुख्य ध्येय है। वर्तमान में लगभग 1 करोड़ लोगों को पेंशन मिल रही है। जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कर स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, सामाजिक सुरक्षा सहित आधारभूत ढांचे का विस्तार और विकास किया जा रहा हैै।

मुख्यमंत्री ने किया युवाओं से आह्वान

श्री गहलोत ने युवाओं से आह्वान किया कि उन्होंने राष्ट्र और मानवता के जो सपने देखे हैं, उन्हें कृतसंकल्पित होकर पूरा करें। सरकार युवाओं की भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। प्रदेश का अगला बजट युवाओं और विद्यार्थियों को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी को जाति, धर्म से हटकर प्रदेश की तरक्की में एकजुट होकर भागीदारी निभानी चाहिए।

प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। राज्य के 30 जिलों में मेडिकल कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार किया गया है और सड़कों का जाल बिछाया गया है। निःशक्त और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राशन की होम डिलीवरी की सुविधा, जयपुर और जोधपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ई-मित्र एट होम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिफाइनरी का जो सपना देखा था, वह पूरा हो रहा है। प्रदेश के 13 जिलों में पानी की उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करनी चाहिए, ताकि पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।

लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां

श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1.29 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। एक लाख प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें परीक्षाएं, साक्षात्कार सहित अन्य प्रक्रिया चल रही है। वहीं, आने वाले समय में एक लाख नौकरियां और दी जाएंगी। राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रीको द्वारा हर ब्लॉक में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

45 लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 45 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। वर्ष 2022-23 के बजट में कृषि बजट अलग से पेश करने वाला राजस्थान पूरे देश में पहला राज्य बना गया है। कृषि बजट में मिशन मोड के जरिए किसानों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है।

इन्वेस्ट राजस्थान के लिए 10 लाख करोड़ रूपये के एमओयू

श्री गहलोत ने कहा कि विदेशी कंपनियों में राज्य में निवेश को लेकर काफी उत्साह है। अक्टूबर में इंवेस्ट राजस्थान का आयोजन होगा। इसके लिए अभी 10 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हो चुके हैं। अपने संबोधन में श्री गहलोत ने कोरोनाकाल में जनसहयोग करने के लिए प्रदेशवासियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने इस अवसर पर पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा 14 अगस्त 1947 की रात 12 बजे देश के नाम दिए गए संबोधन के कुछ अंश भी पढ़कर सुनाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं आमजन संविधान की मूलभावना के अनुरूप आचरण करने और संविधान में प्रदत्त कर्तव्यों की पालना करने का संकल्प लें।
इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों, लोक कलाकारों ने लोकगीतांे, नृत्य, बैंड वादन के जरिए देशभक्ति और लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। समारोह में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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कृषि उपज मण्डी में 400 पदों पर होगी भर्ती, 60 हजार बिजली कर्मियों को मिलेगा बोनस https://vinayexpress.in/2021/11/04/raj-govt-news-jaipur/ Thu, 04 Nov 2021 11:29:40 +0000 https://vinayexpress.in/?p=18493 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने बड़ा दिवाली धमाका  किया है. दिवाली की पूर्व संध्या पर सीएम अशोक गहलोत  ने कई बड़े ऐलान किए हैं. इसके तहत कृषि उपज मण्डी  समितियों में 400 कनिष्ठ सहायकों की होगी भर्ती के आदेश दिए गए हैं. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड  के माध्यम से इन पदों पर भर्ती होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भर्ती की मंजूरी दे दी है. पूर्व में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ कॉपरेटिव एजुकेशन एण्ड मैनेजमेंट के माध्यम से भर्ती प्रस्तावित थी. लेकिन अब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से इन पदों पर भर्ती होगी. भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र सम्पादित किए जाने के निर्णय लिए गए हैं. सीएम ने कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती की स्वीकृति दी है.

ashok gehlot

सीएम अशोक गहलोत ने राज्य के पांच विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों को भी दिवाली गिफ्ट दिया है. कर्मचारियों को बोनस, एक्स-ग्रेशिया का भुगतान किया जाएगा. विद्युत विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का सीएम गहलोत ने अनुमोदन कर दिया है. इसके तहत विपरीत प्रतिनियुक्ति पर पद स्थापित कार्मिकों को भी देय लाभ होगा. मैट्रिक्स लेवल-12 अथवा ग्रेड पे- 4800 और इससे नीचे के लेवल का वेतन ले रहे विद्युत कम्पनियों के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. प्रत्येक कार्मिक को अधिकतम 6 हजार 774 रुपए तदर्थ बोनस मिलेगा. विद्युत कम्पनियों के करीब 60 हजार 700 कर्मचारियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा. हालांकि कहा जा रहा है कि इससे करीब 40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार सरकार पर आएगा

दीपावली पर रोडवेजकर्मियों की चांदी


दीपावली पर राजस्थान के रोडवेज कर्मियों की भी बल्ले-बल्ले हो गई है. पहले बोनस और अब बढ़ा डीए
7 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. रोडवेज कर्मियों का महंगाई भत्ता 189 प्रतिशत से बढ़कर 196 प्रतिशत कर दिया गया है. रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. इसके अलावा राज्य के कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए भी अच्छी खबर है. पांचवें एवं छठे वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को मिलेगा. कार्मिकों को जुलाई से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा. वित्त विभाग के प्रस्ताव का सीएम गहलोत ने अनुमोदन कर दिया है. अब क्रमशः 196 प्रतिशत और 368 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा.

 

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा विभाग की बैठक में की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं : 60 हजार पदों पर शीघ्र होगी भर्ती,  626 विद्यालय क्रमोन्नत https://vinayexpress.in/2021/11/02/cm-news-rajasthan-3/ Tue, 02 Nov 2021 14:56:24 +0000 https://vinayexpress.in/?p=18397 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जो इस प्रकार हैं-
File Photo
• स्कूल शिक्षा में 60 हजार विभिन्न पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। इनमें अध्यापक के 31 हजार, बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक के 9862, वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के 295, व्याख्याता के 6000, द्वितीय श्रेणी अध्यापक के 10 हजार, अध्यापक (विशेष शिक्षा) के 1000, पुस्तकालय ग्रेड-द्वितीय के 460, शारीरिक शिक्षक ग्रेड-द्वितीय के 461, शारीरिक शिक्षक ग्रेड-तृतीय के 461 तथा प्रयोगशाला सहायक के 461 पद शामिल हैं।
• पीटीआई ग्रेड-तृतीय भर्ती-2011 के 193 पदों तथा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2016 के 444 पदों की प्रतीक्षा सूची शीघ्र जारी की जाएगी। साथ ही, व्याख्याता भर्ती-2018 की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
• शहरों में अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी विद्यालयों के प्रति लोगों का उत्साह देखते हुए इन विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के लिए सर्वे करवाया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां अंग्रेजी माध्यम के स्कूल और खोले जाएंगे।
• उच्च एवं स्कूल शिक्षा के निजी शिक्षण संस्थानों में फीस निर्धारण एवं अन्य समस्याओं के लिए राजस्थान राज्य शिक्षा नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण राज्य सरकार, शिक्षण संस्थान के प्रबंधन तथा अभिभावक सहित अन्य सभी स्टेक होल्डर के हितों के संबंध में चर्चा कर उचित निर्णय लेगा।
• खिलाडियों एवं एनसीसी की तरह ही स्काउट गाइड एवं एनएसएस के विद्यार्थियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दिए जाने हेतु पृथक से नियम बनाने की कार्यवाही की जाएगी।
• उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तृतीय भाषा के 10 विद्यार्थी होने पर मांग के अनुरूप तृतीय भाषा यथा संस्कृत, उर्दू, सिंधी, पंजाबी आदि भाषाओं के अध्ययन के लिए सम्बन्धित भाषा के शिक्षक के पद का आवंटन किया जाएगा।
• खेलों को प्रोत्साहन देने एवं बच्चों में शारीरिक शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए शारीरिक शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही, सरकारी एवं निजी क्षेत्र दोनों में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
श्री गहलोत ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्कूल शिक्षा की उत्कृष्टता की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन अब तक का उच्चतम 98 लाख से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा की दिशा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को टाइम बाउण्ड पूरा करे। इसमें किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती जाए।
शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश की स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को काफी तेजी से पूरा किया जा रहा है। दिसम्बर, 2018 से अब तक विभाग में 61,123 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं और 23,720 पदोन्नतियां की गई हैंं। करीब 60 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। प्रदेश के 481 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को माध्यमिक विद्यालयों में तथा 145 माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत करने के लिए आदेश जारी कर दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में की गई बजट घोषणाओं को तत्परता के साथ पूरा किया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री पवन कुमार गोयल ने बताया कि राजस्थान में स्कूल शिक्षा में विद्यार्थी शिक्षक अनुपात राष्ट्रीय औसत के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षा में आरटीई नियमों के तहत विद्यार्थी शिक्षक अनुपात 30ः1 है, जबकि प्रदेश में यह 28ः1 है। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक शिक्षा में आरटीई नियमों के अनुसार अनुपात 35ः1 है, जबकि प्रदेश में विद्यार्थी शिक्षक अनुपात 19ः1 है।
Akhil Arora
Akhil Arora : Principal Secretary, Medical & Health Department Rajasthan
बैठक में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री कानाराम, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्री भंवर लाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने की उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा : डीएपी आपूर्ति में सुधार के लिए राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत-मुख्यमंत्री https://vinayexpress.in/2021/10/18/cm-news-rajasthan-2/ Mon, 18 Oct 2021 18:18:10 +0000 https://vinayexpress.in/?p=17289 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे देश में डीएपी उर्वरक की कमी है। डीएपी की आपूर्ति सिर्फ भारत सरकार द्वारा की जाती है। ऎसे में राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय उर्वरक मंत्रालय से लगातार संपर्क कर अक्टूबर माह में एक लाख दस हजार मैट्रिक टन डीएपी राजस्थान को उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर महीने में प्रदेश की 1.50 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरूद्ध केन्द्र सरकार द्वारा 68 हजार मैट्रिक टन डीएपी स्वीकृत किया गया है। उसमें से भी अभी तक 60 हजार मैट्रिक टन डीएपी प्राप्त हुआ है। इससे डीएपी आपूर्ति में कमी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपूर्ति में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है।
श्री गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनकी ओर से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ध्यान प्रदेश में डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति एवं किसानों को हो रही कठिनाईयों की ओर दिलाया गया। साथ ही केन्द्रीय उर्वरक मंत्री से भी फोन पर बात कर उनसे डीएपी आपूर्ति बढाने की मांग की गई है।
किसानों को एसएसपी के उपयोग के लिए करें जागरूक
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कृषि अधिकारी किसानों के बीच जाकर उन्हें डीएपी के वैकल्पिक उर्वरकों के बारे में जानकारी दें। किसानों को बताया जाए कि डीएपी की उपलब्धता नहीं होने पर सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) को डीएपी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिए अन्य उर्वरकों की अपेक्षा लाभदायक है। इससे फसल उत्पादन में किसी तरह की कमी नहीं आएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को एसएसपी एवं एनपीके जैसे उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करें और उन्हें बतायें कि डीएपी के विकल्प के रूप में दोनों कारगर उर्वरक हैं।
बैठक में कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि केन्द्रीय उर्वरक मंत्री से उन्होंने डीएपी आपूर्ति बढाने के संबंध में चर्चा की है। इस संबंध में पत्र भी लिखा गया है। केन्द्रीय उर्वरक मंत्री ने राजस्थान को पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने के संबंध में आश्वासन दिया है। कुछ अन्य केन्द्रीय मंत्रियों से भी इस संबंध में बात की गई है, ताकि प्रदेश को अक्टूबर माह में जरूरत के अनुसार डीएपी की आपूर्ति मिल सके। कृषि राज्य मंत्री श्री भजन लाल जाटव ने सरसों की जल्दी बुवाई के कारण भरतपुर में डीएपी की बढ रही मांग को देखते हुए वहां आपूर्ति बढाने का सुझाव दिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि भरतपुर को एक रैक डीएपी एवं एक रैक एसएसपी भेज दी गई है। अन्य जिलों में भी दोनों उर्वरकों की रैक भेजी जा रही हैं।
केन्द्रीय अधिकारियों से निरन्तर संपर्क
प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री दिनेश कुमार ने बताया कि केन्द्रीय उर्वरक सचिव एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर राजस्थान को डीएपी की आपूर्ति बढाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान को पिछले 6 दिन में डीएपी की 6 रैक एवं एनपीके की 3.5 रैक मिली है। इससे किसानों को आंशिक राहत मिली है। प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण डीएपी की मांग में फिर से वृद्धि हो रही है।
राजस्थान को मांग के विरूद्ध कम आपूर्ति
बैठक में आयुक्त कृषि श्री ओमप्रकाश ने डीएपी आपूर्ति में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस साल अप्रेल से सितंबर माह के दौरान 4.50 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग के विरूद्ध राजस्थान को 3.07 लाख मैट्रिक टन की ही आपूर्ति की है। अक्टूबर माह में 1.5 लाख मैट्रिक टन मांग के विरूद्ध 68 हजार मैट्रिक टन डीएपी स्वीकृत किया गया इसमें से अभी 60 हजार मैट्रिक टन की ही आपूर्ति की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से 40 हजार मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
कृषि आयुक्त ने बताया कि डीएपी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। साथ ही, गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को एसएसपी के उपयोग के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेे।
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मुख्यमंत्री गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का किया अनावरण : बापू के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ https://vinayexpress.in/2021/10/04/cm-gehlot-news-rajasthan/ Mon, 04 Oct 2021 10:34:01 +0000 https://vinayexpress.in/?p=16126 विनय एक्सप्रेस समाचार,जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सोमवार को राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा जवाहर कला केंद्र में बापू के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
श्री गहलोत जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड परिसर पहुंचे तथा वहां गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने यहां खादी उत्पादों की प्रदर्शनी को देखा। उन्होंने कतिनों एवं बुनकरों से खादी उत्पादों के बारे में जानकारी ली तथा उनका उत्साहवद्र्धन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जवाहर कला केंद्र की कला दीर्घा में बापू के कृतित्व तथा अहिंसा के दूत के रूप में उनकी लंबी संघर्ष यात्रा को दर्शाती चित्र प्रदर्शनी ‘मोहनदास से महात्मा’ का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी चित्रों का गहनता से अवलोकन किया।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीणा, शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा, राज्यसभा सांसद श्री नीरज डांगी, विधायक श्री प्रशांत बैरवा तथा बड़ी संख्या में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, गांधीवादी चिंतक, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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जोधपुर में चार नए पुलिस थाना और तीन नई चौकियों को मंजूरी : मुख्यमंत्री ने दी प्रस्ताव को मंजूरी https://vinayexpress.in/2021/09/15/jodhpur-42/ Wed, 15 Sep 2021 04:23:59 +0000 https://vinayexpress.in/?p=14684 विनय एक्सप्रेस समाचार, जोधपुर। मुख्यमंत्री अषोक गहलोत ने जोधपुर में चार नवीन पुलिस थाना खोलने एवं तीन नई पुलिस चौकियां खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन थानों के लिए 233 नवीन पदो ंके सृजन, 50.38 लाख रूपये की राषि संसाधन उपलब्ध कराने एवं साथ ही, जिन थानों के लिए भवन उपलब्ध नहीं है उनमें भवन निर्माण के लिए 7 करोड़ 30 लाख रूपये की राषि की स्वीकृति भी दी है।


प्रस्ताव के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में नवीन पुलिस िाना माता का थान खुलेगा। साथ ही, पुलिस चौकी एयफोस्र, पुलिस चौकी भगत की कोठी एवं पुलिस चौकी प्रतापनगर थाने में क्रमोन्नत होगी। इसके अलीवा पुलिस थाना माता का थान के अन्तर्गत कीर्ति नगर, पुलिस थाना राजीव गांधी नगर के अन्तर्गत कायलाना झील तथा पुलिस थाना सूरसागर के अन्तर्गत कालीबेरी नई पुलिस चौकी खोलने के गृह विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है।
उल्लेखनीय है कि अषोक गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में इस संबंध में घोषणा की थी।

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कोविड स्वास्थ्य सहायकों की सेवा अवधि बढ़ाने की मांग लेकर जिला कलक्टर को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन https://vinayexpress.in/2021/07/26/cha-news-bkn/ Mon, 26 Jul 2021 13:35:37 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11741 विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन सी एच ए के तत्वाधान में बीकानेर जिला संयोजक  रवि आचार्य के नेतृत्व में आज  मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कोविड स्वास्थ्य सहायक की भर्ती की समय अवधि को बढ़ाने के लिए ज्ञापन दिया गया । इस दोरान बड़ी संख्या में बीकानेर जिले के सी एच ए कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए गांधीवादी तरीके से अपनी बात मुख्यमंत्री  तक पहुंचाई गई इसमें उवेश भाटी लेख चंद वीरेंद्र सिंह दिलीप गहलोत राजेश गॉड मदन लाल निखिल मंजू व्यास गंगा जोशी संतोष सरोज आफरीन खालिदा प्रवीण आदि सभी सी एच ए उपस्थित रहे।

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ऊर्जा विभाग की योजना एवं विकास कार्यां का शुभारंभ समारोह – किसान मित्र ऊर्जा योजना कृषि क्षेत्र को बड़ा संबल प्रदान करेगी : मुख्यमंत्री https://vinayexpress.in/2021/07/17/cm-ashok-gehlot-news-jaipur/ Sat, 17 Jul 2021 16:42:55 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11548 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील रही है। कोरोना महामारी के संकट के समय वित्तीय वर्ष 2020-21 में जहां पूरी अर्थव्यवस्था में गिरावट दर्ज की गई, तब कृषि क्षेत्र ने विपरीत परिस्थितियों में देश की अर्थव्यवस्था को संबल दिया है। इस दौर में देश के किसानों ने अपनी मेहनत से सकल घरेलू उत्पाद की दर को सहारा प्रदान किया है। ऐसे में, केन्द्र एवं राज्य सरकारों का दायित्व है कि कृषि क्षेत्र के लिए राहत के उपाय करें।
श्री गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ’मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना’ के शुभारंभ तथा विद्युत भवन एनेक्सी सहित अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ’मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना’ का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना ही है। इस योजना पर सालाना 1450 करोड़ रूपए का अतिरिक्त व्यय होगा। इसमें कृषि उपभोक्ताओं को बिजली दरों पर प्रति माह 1 हजार रूपए अथवा अधिकतम 12 हजार रूपए प्रतिवर्ष अनुदान मिलेगा। इस योजना के शुरू होने पर प्रदेश में लघु एवं मध्यम वर्ग के किसानों के लिए कृषि बिजली लगभग निःशुल्क हो जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि विद्युत की दर 5 रूपए 55 पैसे प्रति यूनिट होने के बावजूद किसानों को 90 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। शेष 4 रूपए 65 पैसे प्रति यूनिट का अनुदान राज्य सरकार वहन कर रही है। कृषि विद्युत दरों पर अनुदान के कारण राज्य सरकार पर 16 हजार करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का आर्थिक भार आ रहा है। अब किसानों के कल्याण के लिए 1450 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भार भी वहन किया जाएगा।
श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अच्छी गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। इसलिए हम बिजली के वितरण के साथ-साथ उत्पादन और प्रसारण पर भी फोकस कर रहे हैं। पूरे राजस्थान में बिजली के नये ग्रिड, लाइनें तथा सब-स्टेशन विकसित कर इसके नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए नई कम्पनी का गठन इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। इसके माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली देने का लक्ष्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा नीति 2019 एवं पवन ऊर्जा नीति 2019 के माध्यम से अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025 तक 30 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य की दिशा में हम लगातार प्रयासरत हैं। कुसुम योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत खेतों में सोलर पैनल लगाने पर लागत का 30 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार, 30 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन करने तथा शेष 40 प्रतिशत के लिए किसान को ऋण दिलवाने का प्रावधान है। किसान उत्पादित ऊर्जा के उपयोग के बाद शेष ऊर्जा सरकार को बेचकर ऋण की किस्तें चुका सकता है। अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ लेना चाहिए।


ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। किसान मित्र ऊर्जा योजना इसका सजीव उदाहरण है। इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को 1,000 रूपए प्रतिमाह तक के बिजली बिल होने पर कोई भी राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। किसानों के लिए द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था लागू होगी तथा किसी भी माह में बिल राशि 1,000 रूपए से कम होने पर अनुदान की शेष राशि का लाभ उसी वित्तीय वर्ष के आगामी माह में दिया जाएगा।
डॉ. कल्ला ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में 132 केवी एवं 33 केवी के ग्रिड सब-स्टेशन बनाकर विद्युत तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। आज कुल 74 करोड़ रूपए की लागत से बाड़मेर, जालोर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर एवं बारां जिले में 132 केवी के ग्रिड सब-स्टेशनों का लोकार्पण तथा 45 करोड़ रूपए की लागत के बीकानेर एवं जालोर में 132 केवी जीएसएस का शिलान्यास हुआ है। इन स्टेशनों के निर्माण से विद्युत वितरण तंत्र में मजबूती आएगी, उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी तथा बिजली छीजत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जयपुर में 132 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले जिस विद्युत भवन एनेक्सी का शिलान्यास किया है, उससे विभिन्न विद्युत निगमों के कार्मिकों कार्य संचालन के लिए बेहतरीन कार्यस्थल उपलब्ध होगा और उनके काम की गुणवत्ता बढ़ेगी।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए तथा किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए बेहतर योजनाएं बनाने के लिए सभी हितधारकों से समय-समय पर चर्चा करती है। बीते ढाई वर्ष में 70 लाख किसानों को कृषि ऋण माफ कर राहत दी गई है तथा विभिन्न फसलों के लिए 40 लाख क्विंटल बीज वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष में 50 हजार ट्यूबवेल पर सोलर पैनल लगाने के लक्ष्य पर तेज गति से काम चल रहा है।
शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मित्र मानकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री की हमेशा यह सोच रहती है कि कृषि कार्यों में लगी राजस्थान की खेती से जुड़ी 70 प्रतिशत जनसंख्या को कोई परेशानी नहीं हो। इस क्रम में सरकार ने कृषि कनेक्शनों के वीसीआर के प्रकरणों में राहत देने का निर्णय लिया है तथा कृषि के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए लागू की जा रही किसान मित्र ऊर्जा योजना भी प्रदेशभर के किसानों को बड़ा संबल प्रदान करेगी।
कृषि राज्यमंत्री श्री भजन लाल जाटव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री गहलोत हमेशा किसानों के कल्याण के प्रति चिंतनशील रहते हैं। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार लगातार किसानों ने हित में निर्णय ले रही है। कार्यकाल की शुरूआत में ही ऋण माफी योजना के बाद सरकार ने 2 हजार करोड़ रूपये की लागत से कृषक साथी योजना शुरू की। सरकार का लगातार यह प्रयास है कि प्रदेश में कृषि उत्पादन क्षमता बढ़े तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री दिनेश कुमार ने नई योजना तथा कृषि उपभोक्ताओं को दिए जा रहे अनुदान के साथ-साथ विद्युत विभाग के विभिन्न विकास कार्यों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान विद्युत भवन परिसर के पीछे की भूमि पर लगभग 132 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत भवन एनेक्सी के प्रस्तावित भवन में विभिन्न निगमों के लगभग 900 अधिकारियों और कार्मिकों को बैठने की व्यवस्था होगी। यह भवन इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग कॉउन्सिल मानक पर आधारित होगा। इस भवन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रबंधन, जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा।
इस उद्घाटन समारोह में मंत्रीगण, विभिन्न जिलों से विधायक, सभी कलेक्टर तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम का फेसबुक, यूट्यूब आदि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारण किया गया, जिसको बड़ी संख्या में प्रदेशवासियों ने लाइव देखा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री भास्कर ए. सावंत, जेवीवीएनएल के एमडी श्री नवीन अरोरा, आरआरवीयूएनएल के सीएमडी श्री आरके शर्मा, आरवीयूएनएल के एमडी श्री रोहित गुप्ता, संयुक्त सचिव ऊर्जा श्रीमती अनुपमा जोरवाल, जिला एवं संभाग मुख्यालयों पर नगर निगम मेयर, परिषद सभापति, जिला प्रमुख, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर एवं ऊर्जा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ऊर्जा विभाग के शिलान्यास एवं लोकार्पण :-
– वर्तमान विद्युत भवन परिसर के पीछे की भूमि पर लगभग 132 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत भवन एनेक्सी के प्रस्तावित भवन का शिलान्यास।
– जोधपुर में विद्युत निगम के 4.19 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित विश्राम गृह तथा अजमेर में विद्युत वितरण निगम के 2.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मुख्य अभियन्ता कार्यालय भवन का लोकार्पण।
– विद्युत प्रसारण निगम के करीब 74 करोड़ रुपये लागत से निर्मित 132 केवी क्षमता के 5 जीएसएसः जोधपुर डिस्कॉम में चौहटन (बाडमेर) और जेरण (जालोर); अजमेर डिस्कॉम में कुवां खेड़ा (चित्तौडगढ़); और जयपुर डिस्कॉम में बालेर (सवाई माधोपुर) तथा नाहरगढ़ (बारां) का लोकार्पण।
– विद्युत प्रसारण निगम के करीब 45 करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित 132 केवी क्षमता के दो जीएसएसः मुरलीधर व्यास नगर (बीकानेर) और सुराणा (जालोर) का शिलान्यास।
– जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगमों के करीब 42 करोड़ रुपये लागत के 33/11 केवी क्षमता के 26 सब-स्टेशनों का लोकार्पण तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम के 9 करोड़ रुपये लागत के 33/11 केवी क्षमता के 7 ग्रिड सब-स्टेशनों का शिलान्यास।

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मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण निर्णय : क्रीड़ा पदक विजेता 83 अभ्यर्थियों का लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पद पर आउट ऑफ टर्न चयन https://vinayexpress.in/2021/07/09/jaipur-270/ Fri, 09 Jul 2021 14:55:57 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11400 विभाग आवंटन के लिए प्रस्ताव को मंजूरी

विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। राजस्थान क्रीड़ा पदक विजेता 83 अभ्यर्थियों का लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पद पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए चयन के बाद मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इन्हें विभाग आवंटन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

प्रस्ताव के अनुसार, इन क्रीड़ा पदक विजेताओं को विभाग आवंटन में सामान्य प्रक्रिया नहीं अपनाते हुए राजस्थान आउट ऑफ टर्न अपॉइंटमेंट टू स्पोट्र्स मैडल विनर रूल्स-2017 के तहत जिलों की प्राथमिकता एवं विभागों में उपलब्ध कुल रिक्तियों को आधार मानते हुए आनुपातिक रूप से विभागों का आवंटन किया गया है।
मुख्यमंत्री की इस मंजूरी से क्रीड़ा पदक विजेताओं को उनके द्वारा दी गई वरीयता के अनुरूप इच्छित स्थानों पर पदस्थापन मिल सकेगा, जिससे उन्हें अपनी खेल गतिविधियाें को सुचारू रूप से जारी रखने में आसानी होगी।
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11 जिलों में आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू के शिलान्यास – चिकित्सा के क्षेत्र में पायनियर बनकर उभर रहा राजस्थान: मुख्यमंत्री https://vinayexpress.in/2021/07/09/jaipur-cm-news-2/ Fri, 09 Jul 2021 11:10:56 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11330 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के निरन्तर प्रयासों से राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पायनियर बनकर उभर रहा है। देश के दूसरे राज्यों के लोग भी हमारी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने राजस्थान आ रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और भी बेहतर हों, इसके लिए राजधानी से लेकर गांव-ढाणी तक मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
श्री गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो काॅन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश के 11 जिलों के 17 चिकित्सालयों मेें आईसीयू, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू), शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) तथा मदर केयर यूनिट के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब 94 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से होने वाले इन कार्यों के पूरा होने से 531 बैड की बढ़ोतरी होगी। इसमें आईसीयू के 270, एनआईसीयू के 208, पीआईसीयू के 33 बैड तथा मदर केयर यूनिट के 20 बैड शामिल है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज के सभी वर्गाें को साथ लेकर कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर का मुकाबला किया। हमारे भीलवाड़ा और रामगंज माॅडल को देश-दुनिया में पहचान मिली और दूसरे राज्यों ने भी इसे अपनाया। दूसरी घातक लहर में आॅक्सीजन एवं दवाओं की आपूर्ति तथा बैड्स को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सबक लेते हुए हमारी सरकार मेडिकल काॅलेजों से लेकर सीएचसी-पीएचसी स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रही है ताकि तीसरी लहर आए तो हमें इस महामारी के मुकाबले में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। आज हुए शिलान्यासों से इन जिलों में चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होगी।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो सभी जिलों में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अधिकाधिक मेडिकल काॅलेजों की स्थापना के लिए यूपीए सरकार के समय योजना बनी थी। राजस्थान ने इस दिशा में पूरी तैयारी के साथ आवश्यक शर्ताें को पूरा किया, जिसके चलते 30 जिलों में सरकारी क्षेत्र में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की ओर हमारे कदम बढ़ सके। शेष तीन जिलों में भी सरकारी मेडिकल काॅलेज स्वीकृत कराने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से जान गंवाने वाले परिवारों को सम्बल देने के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना लागू की है। इससे अनाथ बच्चों एवं विधवा महिलाओं के जीवन की राह आसान हो सकेगी। इसके साथ ही प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। सभी जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, एनजीओ आदि हर पात्र परिवार को इस योजना से जोड़ने में अपनी भागीदारी निभाएं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि दूसरी लहर के कटु अनुभवों से सबक लेते हुए हमारी सरकार ऑक्सीजन उत्पादन एवं शिशु चिकित्सा इकाइयों में बढ़ोतरी की योजना पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में एक हजार मेट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता हासिल करने की दिशा में हम अग्रसर हैं।
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में प्रदेश में ऑक्सीजन बैड 5,448 थे। इनकी संख्या बढ़ाकर 13 हजार की जा रही है। साथ ही, आईसीयू के 1125 बैड थे, जिनकी संख्या अब 2622 हो जाएगी। इसी तरह एनआईसीयू बैड की संख्या 475 से बढ़ाकर 1554, पीआईसीयू बैड की 164 से 1048 और एसएनसीयू बैड की संख्या 222 से बढ़ाकर 308 की जा रही है।

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चिकित्सा राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने पूरे समर्पण भाव और मुस्तैदी के साथ कोरोना का प्रबंधन किया है। उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1.50 लाख कोविड टेस्ट करने की क्षमता विकसित कर ली गई है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा प्रारम्भ हो गई है। विभिन्न मेडिकल काॅलेजों और सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा होना संभावित है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवांगी स्वर्णकार ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के सांसद-विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा श्री अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा श्री सिद्धार्थ महाजन, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, मेडिकल काॅलेजों के प्राचार्य एवं अधीक्षक सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

ये हुए शिलान्यास:-
जोधपुर:– उम्मेद अस्पताल में 460 लाख से 30 बैड एनआईसीयू, मथुरादास माथुर अस्पताल में 650 लाख से 30 बैड आईसीयू एवं 920 लाख से 60 बैड एनआईसीयूए महात्मा गांधी अस्पताल में 650 लाख सेे 30 बैड आईसीयू
अजमेर:- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में 750 लाख से 50 बैड आईसीयू
झालावाड़:– एसआरजी अस्पताल में 450 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 307 लाख से 20 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 23 बैड पीआईसीयू
कोटा:– जेके लोन अस्पताल में 579 लाख से 36 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 20 बैड मदर केयर यूनिट
चूरू:– डी.बी.एच. अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
बाड़मेर:– जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
सीकर:- एस.के. जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ शिशु अस्पताल में 200 लाख से 12 बैड एनआईसीयू
भीलवाड़ा:– महात्मा गांधी जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ-शिशु अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
डूंगरपुर:- हरिदेव जोशी अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
पाली:- राजकीय बांगड़ अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
भरतपुर:– राजबहादुर मेमोरियल अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड पीआईसीयू

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