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cm ashok ghelot – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Wed, 14 Apr 2021 00:40:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कोरोना संक्रमण की समीक्षा  घातक बन रही दूसरी लहर  जनता लॉकडाउन जैसा संयमित व्यवहार करे : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत https://vinayexpress.in/2021/04/14/jaipur-105/ Wed, 14 Apr 2021 00:40:10 +0000 https://vinayexpress.in/?p=6401 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने देश एवं प्रदेश में कोविड-19 के गहराते संक्रमण को देखते हुए प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे लॉकडाउन की तरह संयमित व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी खतरनाक लहर से प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं रखेगी।
श्री गहलोत मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फे्रंस के जरिए प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि देश-प्रदेश में जिस तेजी से संक्रमित रोगियों की संख्या, पॉजिटिविटी रेट और मृत्युदर बढ़ रही है। उसे देखते हुए राज्य में सामाजिक-धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सीमित करने, कफ्र्यू का समय बढ़ाने, विवाह एवं अन्य समारोह में लोगों की संख्या कम करने, कार्यस्थलों पर कार्मिकों की उपस्थिति घटाने, सार्वजनिक परिवहन में यात्री संख्या कम करने सहित लॉकडाउन के समान कड़े एवं प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने इस पर प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार को निर्देश दिए कि वे इन सुझाव के मद्देनजर जरूरी गाइडलाइन तैयार करें। उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है। आमजन को इससे कुछ तकलीफ हो सकती है, लेकिन जीवन रक्षा सर्वाेपरि है।
श्री गहलोत ने कोविड संक्रमित रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए किसी भी स्थिति का आकलन कर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में कोई कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड कोविड केयर अस्पतालों, डे-केयर सेन्टर, पोस्ट कोविड केयर सेन्टर, ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड, दवाओं सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं और बढाई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की यह दूसरी लहर पहले से भी अधिक घातक और खतरनाक बनती जा रही है। लोग इसकी भयावहता को समझें और वैसा ही व्यवहार करें, जैसा उन्होंने पहली बार लगाए गए लॉकडाउन के समय किया था। क्योंकि आंकड़े एवं अध्ययन बता रहे हैं कि दूसरी लहर में वायरस का प्रभाव, संक्रमण की रफ्तार तथा मृत्यु की दर पहले से कई गुना अधिक घातक है।
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में चिकित्सा विभाग अन्य विभागों के साथ पूरी मुस्तैदी से जुटा है। कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, आईसीयू बैड, वेन्टीलेटर सहित अन्य सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। वे इस कठिन दौर में कोविड गाइडलाइन की पालना में किसी तरह की लापरवाही नहीं करें।
शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि पहली लहर के खतरे को भांप कर मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने समयानुकूल कड़े निर्णय लिए थे, इसी का असर रहा कि राजस्थान कोरोना की लड़ाई में सबसे आगे रहा। संक्रमण की विकट परिस्थितियों में हमें और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को भी सीमित करने का सुझाव दिया।
मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने कहा कि हर नागरिक को कोविड अनुशासन के पालन का अपना दायित्व समझना होगा, तभी हम कोरोना की जंग जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, लेकिन आमजन की सतर्कता सबसे अधिक जरूरी है।
प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में 996 माइक्रो कन्टेनमेन्ट जोन चिन्हित किए गए हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर संयुक्त दलों द्वारा 398 परिसरों को सीज किया गया है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन की पालना नहीं करने वाले 63 लोगों को संस्थागत क्वारेंटाइन में भेजा गया है।
शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया ने बताया कि आवश्यकता के अनुरूप प्रदेश के सभी जिलों के कोविड अस्पतालों में अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
सिद्धार्थ महाजन : शासन सचिव – चिकित्सा विभाग राजस्थान
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि जिन रोगियों में गंभीर लक्षण नहीं है, उनके लिए डे केयर सेन्टर बनाए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में बैड आरक्षित रखने की सीमा को बढ़ाया गया है। रेमेडिसिविर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कम्पनियों से लगातार सम्पर्क में हैं। पॉजिटिविटी दर जो करीब तीन सप्ताह पहले 2 प्रतिशत के आस-पास थी, वह अब 7 प्रतिशत से अधिक हो गई है। केस डबलिंग टाइम भी अब केवल 73 दिन ही रह गया है। बीते 12 दिन में 5 लाख 16 हजार सैम्पल लिए गए हैं। सोमवार को एक ही दिन में 59 हजार सैम्पल लिए गए।
शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री भवानी सिंह देथा ने जागरूकता अभियान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मास्क वितरण फिर से शुरू किया गया है। कफ्र्यू क्षेत्रों में जागरूकता पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य चिकित्सकों ने बताया कि यह वायरस युवाओं और बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है। इसके संक्रमण की रफ्तार काफी तेज होने के साथ ही अधिक घातक है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए अधिक सख्त एवं कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर, प्रमुख सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, परिवहन आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
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20 अगस्त से शुरू होगी इंदिरा रसोई योजना : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत https://vinayexpress.in/2020/08/02/indira-rasoi-news/ Sun, 02 Aug 2020 15:54:33 +0000 https://vinayexpress.in/?p=1692 आठ रूपए में जरूरतमंदों को मिलेगा शुद्ध पौष्टिक भोजन

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देश में मिसाल बने इन्दिरा रसोई योजना  -मुख्यमंत्री

विनयएक्सप्रेस समाचार,जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ’कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए 20 अगस्त से प्रदेश केे नगरीय क्षेत्रों में इंदिरा रसोई योजना की शुरूआत करने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने कहा कि देश की महान नेता स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी का पूरा जीवन गरीब कल्याण को समर्पित रहा। राज्य सरकार ऎसे महान व्यक्तित्व के नाम पर मानव सेवा की ऎसी योजना शुरू करने जा रही है जिसमें गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों को मात्र 8 रूपए में शुद्ध पौष्टिक भोजन मिलेगा।

गहलोत रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक में इस योजना की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना को जनसेवा की भावना, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी के साथ लागू किया जाए ताकि यह पूरे देश में निर्धन वर्ग को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मिसाल बने।

प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए वहन करेगी राज्य सरकार

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस योजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए खर्च करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के संचालन में सेवाभावी संस्थाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द ऎसी संस्थाओं का चयन करें। साथ ही, रसोई के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन भी करें। ऎसी संस्थाओं तथा स्वयंसेवी संगठनों को प्रोत्साहित किया जाए जो निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के क्षेत्र में काम कर रही हों। मुख्यमंत्री ने भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने केे लिए राज्य एवं जिला स्तर पर कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए।

सभी 213 निकायों में 358 रसोइयों का होगा संचालन

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि देश के अन्य राज्य जहां इस प्रकार की योजना चल रही है वहां के अध्ययन एवं अनुभवों को शामिल करते हुए इंदिरा रसोई योजना की शुरूआत की जा रही है। इसमें दोनों समय का भोजन रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार प्रति थाली 12 रूपए अनुदान देगी। प्रदेश के सभी 213 नगरीय निकायों में 358 रसोइयों का संचालन किया जाएगा, जहां जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ बैठाकर भोजन खिलाया जाएगा।

प्रतिवर्ष 4 करोड़ 87 लाख लोगों को मिलेगा भोजन

योजना का प्रस्तुतीकरण देते हुए स्वायत्तशासन विभाग के शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने बताया कि प्रतिवर्ष 4 करोड़ 87 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता के अनुरूप इसे और बढ़ाया जा सकता है। रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, चौखटी आदि ऎसे स्थानों पर रसोइयां खोली जाएंगी जहां लोगों की अधिक उपस्थिति रहती है। भोजन में प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती एवं अचार का मेन्यू निर्धारित किया गया है। स्थानीय आवश्यता के अनुरूप मैन्यू व भोजन के चयन की स्वतंत्रता रहेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए रसोइयों में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। योजना की आईटी आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी। लाभार्थी को कूपन लेते ही मोबाइल पर एसएमएस से सूचना मिल जाएगी। मोबाइल एप एवं सीसीटीवी से रसोईयों की निगरानी की जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, स्वायत्त शासन निदेशक दीपक नंदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

E.mail : vinayexpressindia@gmail.com

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