js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170गहलोत ने कहा कि विगत दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। देशभर में गत तीन दिन में 10 हजार कोरोना पॉजिटिव केसेज रिपोर्ट हुए हैं। देश के अन्य राज्यों से भारी संख्या में बिना अनुमति के लोगों के प्रवेश की संभावनाओं के मद्देजनर सीमाएं सील करने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गहलोत ने कहा कि अन्तर्राज्यीय आवागमन की अनुमति केवल भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं शर्तों की कड़ाई से पालना करते हुए ही दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए मुख्य सचिव अन्य सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यह सूचित करें कि राजस्थान में आने के लिए केंद्रीय गृह मत्रांलय के दिशा-निर्देशों में अनुमत श्रेणी के उन्हीं लोगों को आवागमन की अनुमति दी जाएगी, जो इसकी सभी शर्तें पूरी करेंगे तथा राजस्थान की पूर्व सहमति भी प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर की यात्रा के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप पात्रता पूर्ण करने वाले व्यक्ति को जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर स्वीकृति गृह विभाग के स्तर पर जारी की जाएगी। अन्य कोई अधिकारी इसके लिए अनुमति नहीं दे सकेगा। अगर किसी ने अनुमति दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। केवल मेडिकल इमरजेंसी एवं परिवार में मृत्यु के मामलों में राज्य के कलेक्टर ई-पास जारी कर सकेंगे, जिसकी सूचना उसी दिन राज्य के गृह विभाग को देनी होगी। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार की पूर्व अनुमति के पश्चात ही दूसरे राज्य राजस्थान में आने के लिए परमिट जारी करेंगे।
गहलोत ने निर्देश दिए कि विदेश से आने वाले व्यक्ति जहां भी लैण्ड करेंगे, उन्हें वहीं पर संस्थागत 14 दिन क्वारेंटीन किया जाएगा तथा इसके बाद उनका आवश्यक रूप से कोविड टेस्ट किया जाएगा। होम क्वारेंटीन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को आवश्यक रूप से सरकारी संस्थागत क्वारेंटीन में रखा जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा श्री रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।