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राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि प्रोत्साहन नीति, 2019, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना एवं ई-नाम जैसी योजनाओं के संचालन के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी की जानकारी रखने वाले कार्मिकों की आवश्यकता है। इसे देखते हुए श्री गहलोत ने कृषि उपज मण्डी समितियों में सूचना सहायकों के 253 नए पद सृजित करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसके साथ ही कनिष्ठ लिपिक के 511 रिक्त पदों पर भर्ती होने से मण्डी समितियों में कार्य सम्पादन में आसानी होगी।

गहलोत ने विशिष्ट न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत सृजित विशेष न्यायालय संख्या 4 जयपुर एवं विशिष्ट न्यायालय संख्या 1 जोधपुर में अभियोजन पैरवी के लिए 6 विभिन्न पदों के सृजन को मंजूरी दी है। नवसृजित पदों में सहायक निदेशक अभियोजन के 2, कनिष्ठ सहायक के 2 तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 2 पद शामिल हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवाएं सेवानिवृत्तध्रेक्सको के माध्यम से ली जाएगी। नए पदों के सृजन से इन न्यायालयों में भ्रष्टाचार के प्रकरणों में प्रभावी अभियोजन पैरवी में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जैसलमेर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा एवं बालोतरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालयों के लिए एक-एक कुल 5 वाहन चालक के पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की है।
गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांस्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ जायेगी ऎसे में निर्बाध पेयजल आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता में है और हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि इन गर्मियों में कोई प्यासा नहीं रहे।
टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की तैयारी रखी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की तैयारी रखी जाए। हैडपंप एवं ट्यूबवैल की जहां जरूरत हो वहां स्वीकृति जारी की जाए और मरम्मत के कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएं। जल संरक्षण के साथ जल संचय पर भी जोर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान काफी संख्या में श्रमिक बेरोजगार हुए हैं। ऎसे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन एवं ऊर्जा विभाग के तहत चल रही परियोजनाओं में इन्हें नरेगा के तहत काम दिये जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
विभाग के स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक हो
गहलोत ने कहा कि पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने के लिए जिला कलक्टर एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव के स्तर पर साप्ताहिक एवं राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल से संबंधित शिकायतों का समय पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने हाल ही में आये आंधी-तूफान से जिन बिजली आपूर्ति लाइनों को नुकसान पहुंचा है उनकी मरम्मत कर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही आवश्यतानुसार जगह चिन्हित कर आरओ प्लांटस लगाने के भी निर्देश दिए।
50-50 लाख की आकस्मिक स्वीकृति के लिए कलक्टर्स अधिकृत
वीडियो कांस्फ्रेसिंग के दौरान जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी माह में ही 65 करोड़ रूपये का कंटीन्जेंसी प्लान मंजूर कर सभी जिला कलक्टर्स को 50-50 लाख रूपये की आकस्मिक स्वीकृति के लिए अधिकृत कर दिया है। चार अभावग्रस्त जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर एवं हनुमानगढ़ में एसडीआरएफ के तहत पेयजल परिवहन के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत योजनाओं को भी समय पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रमुख सचिव, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राजेश यादव ने गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार कार्ययोजना तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण की स्थिति के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि नये नलकूप लगाने, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन एवं खराब पंपसेट बदलने के कार्य जिला कलक्टर की अनुशंषा पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 27 शहरों में प्रतिदिन 1962 टैंकर ट्रिप जबकि 757 गांवों एवं ढ़ाणियों में 640 टैंकर ट्रिप प्रतिदिन पेयजल परिवहन किया जा रहा है, जिसे आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। अप्रेल माह में 16,610 हैडपंपों की मरम्मत करवाई गई है। फ्लोराइड प्रभावित गांव एवं ढ़ाणियों में कुल 2229 सौर ऊर्जा आधारित डी-फलोरीडेशन सयंत्र स्थापित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर शहर में पृथ्वीराज नगर योजना के लिए मार्च माह में 295.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस योजना से 2 लाख से ज्यादा की आबादी लाभान्वित होगी।
पंजाब ने करवाया सरहिंद फीडर का जीर्णोद्धार
प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन श्री नवीन महाजन ने बताया कि पंजाब के साथ हुई बैठक के दौरान जिन प्रमुख बिदुंओं पर चर्चा हुई थी उनमें से कुछ पर पंजाब सरकार का सकारात्मक रूख रहा है। पंजाब ने 70 साल में पहली बार सरहिंद फीडर के 20 किलोमीटर के क्षेत्र की नहरों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया है। इस फीडर पर राजस्थान क्षेत्र में भी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया था लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पंजाब से आने वाले प्रदूषित पानी को रोकने के लिए वहां की सरकार ने कार्य योजना बनाकर उस पर काम शुरू कर दिया है, इससे श्रीगंगानगर में नहरों में गंदा पानी आने की समस्या का समाधान भी हो सकेगा।
वीडियो कांस्फ्रेसिंग में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा श्री अजिताभ शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।