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उन्होंने कहा कि जल मिषन कार्यक्रम के तहत घर घर पेयजल कनेक्शन देने के साथ ही डीएपी खाद की शीघ्र आपूर्ति की जाएगी। जिला कलक्टर ने कहा कि भाकरीवाला में स्कूल भवन में दो कमरे बनाने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जिन विद्यालयों में स्कूल स्टॉफ की कमी है वहां अध्यापक लगाने की कार्यवाही होगी।

उन्होंने बिजली के डिपी पर सुरक्षा व्यवस्था व तारबंदी करने, घरों से बिजली के तार हटाने, खारे पानी से निजात दिलाने पर संबंधित अधिकारियों को निर्देष दिए। उन्होंने जिला परिषद की योजना के तहत सड़क के किनारे खडी बबूल की झांडियों की कटिंग करने के भी निर्देष दिए। उन्होंने म्यूटेशन भरने, ट्राईसाईकिल उपलब्ध कराने की मांग पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से अधिक से अधिक परिवारों को जोडा जाए एवं झीतडा में दुर्घटना से महिला मृत्यु के मामले में चिरंजीवी योजना से क्लेम जल्द उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रस्ताव पास कर कार्य करने की बात कहीं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में फसल खराब से हुए नुकसाल के मुआवजे के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए इसका भी शीघ्र निराकरण करवाया जाएगा।

भाकरीवाला में सरपंच अमराराम बेनिवाल व ग्रामवासियों ने चार आंगनवाडी भवन की सुविधा प्रदान करने, ग्राम पंचायत में 60-70 परिवार सरदार समन्द फार्म की भूमि पर निवास कर रहे है उनको राहत प्रदान करने, डीएपी खाद का आवंटन, झीतडा रोहट सड़क पेचवर्क कार्य आदि क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया। बिष्नोई ढाणी के प्राथमिक विद्यालय में नामांकन बढ़ाने एवं स्कूल भवन में कमरे बनाने की मांग रखी। झींतडा में सरपंच दिलदार खान व ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने, सड़क किनारे कंटिली झांडिया हटाने, जेजेएम के तहत घर घर तक नल कनेक्षन की मांग रखी। उन्होंने बिष्नोई ढाणी के अंतिम छोर तक पेयजल की आपूर्ति करने एवं बिजली की डीपी सुरक्षा प्रबंध करने की मांग रखी। सांवलता कला में सरपंच ढलकी देवी ने वाटरषेड योजना काम पूरा करने, घरों के उपर से निकलने वाली विद्युत लाईनों को हटाने, नदी पर रपट बनाने की मांग रखी।

इस मौके पर उपखण्ड अधिकारी शक्तिसिंह भाटी, तहसीलदार प्रवीण चौधरी, विकास अधिकारी हरमन सभी विभागों के जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि व ग्रामीणजन मौजूद रहे।

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। नोखा शहर में आरयूआईडीपी के तहत 126.81 करोड़ रूपये की लागत से सीवरेज तथा पेयजल आपूर्ति के कार्यों के प्रस्ताव एशियन विकास बैंक को ऋण स्वीकृति तथा तकनीकी अनुमोदन के लिए भिजवाने के संबंध में जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिला कलक्टर नमित मेहता ने नोखा विधायक बिहारी लाल विश्नोई, नगर पालिका नोखा के अध्यक्ष नारायण झंवर, उपाध्यक्ष निर्मल भूरा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता डी. पी.सोनी तथा आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियन्ता अनुराग शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों से परियोजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के बाद इसमें आंशिक सुझावों को शामिल करने के पश्चात परियोजना का अनुमोदन किया।
जिला कलक्टर मेहता ने आरयूआईडीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोखा शहर में सीवरेज कार्य के दौरान सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त होने चाहिए। शहर में आवागमन सुचारू रहे इसके लिए सीवरेज के लिए खोदे गए गड्ढों को भरने तथा कटी गई सड़को के संधारण का काम साथ-साथ होना चाहिए। साथ कार्य के लिए खोदे गए खड्डो की सीटयुक्त बैरीकेट्स की जाए। उन्होंने कहा कि सीवरेज के इस परियोजना में सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को परियोजना के खर्च में शामिल किया जाए।
नोखा विधायक बिहारी लाल विश्नोई और नगर पालिका अध्यक्ष नारायण झंवर ने सुझाव दिया कि परियोजना के संचालन एवं संधारण के खर्च, जो कि कार्य पूर्ण होने के पश्चात नगर पालिका द्वारा वहन किया जाना है, को परियोजना की ऋण राशि में शामिल किया जाए।
बैठक में पॉवर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से अनुराग शर्मा ने बताया कि आरयूआईडीपी के चतुर्थ फेज में नोखा नगर पालिका क्षेत्र में परियोजना के तहत सीवरेज कार्य के लिए दो एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट), एक पम्पिंग स्टेशन, आउटफाल सीवर तथा शोधित जल के उपयोग हेतु पम्पिंग स्टेशन, उच्च जलाशय तथा वितरण की पाइप लाइनों के कार्यों को शामिल किया गया है। नोखा के माडिया व चरकड़ा में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाया जाएगा। नोखा शहर के बाहरी हिस्से, जहां वर्तमान में बसावट कम है, के सीवरेज का कवरेज एफ. एस. एम. (फैकल स्लज मैनेजमेंट) द्वारा किया जाएगा।
इसी प्रकार से पेयजल आपूर्ति कार्यों में पूरे नोखा शहर की पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनों को बदले जाने, नए भू-तल जलाशय के निर्माण तथा डीआई राइजिंग पाइप लाइनों को भी बदला जायेगा। इसके अलावा नोखा शहर के सभी जल उपभोक्ताओं के घरों के जल कनेक्शन बदले जाने का प्रावधान भी परियोजना में शामिल किया गया है। योजना में नोखा शहर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की जानी प्रस्तावित है। शहर को 11 जोन में बांटा गया है। इन 11 जोन में से 6 जोन में उच्च जलाशय से जलापूर्ति तथा शेष 5 जोन में पेयजल आपूर्ति वी.एफ.डी (वेरिएबल फ्रीक्वेसी डिवाइस) के माध्यम से की जायेगी। वी. एफ. डी. सिस्टम में पेयजल जलापूर्ति के दौरान पंप जल मांग के अनुसार अपने-आप चालू-बंद होंगे।
उन्होंने बताया कि उक्त कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए स्काडा मीटरिंग तथा सीवर मैनहोल के डिजिटाइजेशन का कार्य भी किया जाएगा। सभी कार्य पूर्ण होने के बाद 10 वर्षों तक संबंधित संवेदक (ठेकेदार) इनका संचालन एवं संधारण करेगा। आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियन्ता अनुराग शर्मा ने बताया कि परियोजना के तहत उक्त कार्य में निर्माण की राशि 103.53 करोड़ रुपये का व्यय आरयूआईडीपी द्वारा एडीबी द्वारा प्रदत्त लोन राशि तथा संचालन संधारण की राशि 23.28 करोड़ रुपये का व्यय नगर पालिका नोखा द्वारा वहन किया जाएगा तथा निर्माण कार्य मार्च 2022 में प्रारंभ होना संभावित है।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर । जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि बीकानेर से होकर निकलने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे सड़क निर्माण के कार्य निश्चित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो जाए तथा ऐसे स्थान का चिन्हीकरण किया जाए ,जो दुर्घटना संभावित स्थल है। इन स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएं तथा बीकानेर से नागौर तक के सड़क निर्माण का कार्य अगस्त 2022 तक पूर्ण हो जाए इसके लिए संबंधित कार्यकारी एजेंसी और विभाग नियमित रूप से कार्य की प्रगति की समीक्षा करते रहें।
मेहता गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सार्वजनिक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग,राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड सहित वन विभाग के तहत चल रहे विभिन्न सड़क निर्माण योजनाओं तथा सांसद व विधायक कोष से बनाने वाली सड़कें और पेच वर्क कार्यों की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बीकानेर से नागौर तक सड़क का चैड़ीकरण और निर्माण का कार्य अगस्त 2022 तक पूर्ण हो जाए, इस कार्य पर 250 करोड़ रुपए वहन होने हैं और बीकानेर से नागौर के मध्य चार रेलवे ओवर ब्रिज तथा तीन बाईपास का निर्माण होना है, यह कार्य भी निश्चित समय में गुणवत्ता के साथ हो जाए। इसके लिए विभाग के अभियंता निरंतर मॉनिटरिंग करते रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जो भूमि अधिग्रहण का कार्य होना है और अधिग्रहित भूमि होने के पश्चात भूमि मालिक को दिए जाने वाले मुआवजे का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। भूमि का अधिग्रहण समय पर नहीं होने के कारण निर्माण कार्य में विलंब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड के अभियंताओं को निर्देश दिए कि मरुधरा बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण जल्द हो जाए, इसके लिए अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य इस प्रकार से किया जाए कि जितनी धनराशि के कार्य होते हैं उनका उपयोग हो जाए और वहां जितना भी कार्य होता है उसमें पाक की सुविधाएं विकसित कर उपयोग होना प्रारंभ हो जाए,इस बात का ध्यान रखा जाए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता से कहा कि लक्ष्मीनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास जो नया द्वार बन रहा है इस कार्य को भी जल्द से जल्द पूर्ण कर लिया जाए। वर्तमान में कोविड-19 के कारण मंदिरों में आवागमन भी कम रहता है, ऐसे में अगर निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जाए, तो शीघ्रता से पूर्ण हो जाएगा। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग यह भी देखें कि वर्तमान में एडजस्टिंग रोड को चैड़ा करने के जो कार्य प्रारंभ कर रखे हैं वे सभी कार्य 20 सितंबर तक पूर्ण कर लिए जाएं।
जिला कलक्टर मेहता सभी कार्यकारी एजेंसियों को कहा कि सांसद व विधायक निधि से भी जिले की विभिन्न सड़कों का निर्माण करवाने के लिए धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिन विधायकों एवं सांसद द्वारा सड़क निर्माण के लिए राशि जारी की गई है, वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थान पर सड़क निर्माण करना फिजिकल नहीं है तो ऐसी स्थिति में तत्काल संबंधित विधायक को अवगत करवा दिया जाए कि कार्य करना तकनीकी रूप से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी नई सड़क बनानी हो तो इसकी स्वीकृति जारी करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी से भूमि का कोई विवाद नहीं है इसका भी प्रमाण पत्र ले लिया जाए ताकि भूमि के विवाद के कारण निर्माण कार्य बाधित ना हो
जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता को कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम में जो कार्य स्वीकृत हैं, वे सभी कार्य शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। साथ ही जिले में स्वीकृत विकास पथ और आर आई डी एफ नाबार्ड के माध्यम से होने वाले संपूर्ण कार्य भी निश्चित समय अवधि में पूर्ण हो जाए । उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं होने के कारण स्वीकृत राशि से कार्य होने में परेशानी रहती है।
जिला कलक्टर ने कहा कि ओवरलोड वाहन के कारण भी सड़कें क्षतिग्रस्त होती है, ऐसे में ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए प्रथम चरण में वाहन चालकों और मालिकों को समझाया जाएगा। इसके बाद परिवहन, पुलिस और प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन खड़े ना रहे, विशेषकर किसी तरह की फैक्ट्री,कल कारखाना अथवा किसी वेयरहाउस के आसपास वाहनों के खड़े रहने से अगर यातायात बाधित होता है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में संबंधित के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एन एच ए के अधीक्षण अभियन्ता बसंत कुमार आचार्य, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता डीपी सोनी, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुभाष जानू आरएसआरडीसी के सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अभियंता उपस्थित थे।
कोविड-19 की समीक्षा-इससे पूर्व जिला कलक्टर मेहता ने कोरोना की समीक्षा बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि जो भी कोरोना पॉजिटिव रोगी चिन्हित हो जाता है उसके पर्सनल कॉन्टैक्ट में आने वाले सभी व्यक्तियों का कोविड-19 आवश्यक रूप से सैम्पल लिए जाए।

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर व न्यास अध्यक्ष नमित मेहता ने रविवार को शहर के नालों की मरम्मत व साफ-सफाई आदि कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों की सफाई का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने शहर में जल भराव की समस्या के समाधान हेतु गठित विभागीय समन्वय समिति के सदस्यों के साथ नालों की सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
मेहता ने कहा कि नालों की सफाई कार्य लिए अगर संसाधन और मेन पावर बढ़ाना हो तो बढ़ाया जाए। साथ ही जहां सफाई हो रही है अथवा नालों की खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां सुरक्षा के सभी बंदोबस्त रखे जाएं। कार्य के दौरान सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षा के बंदोबस्त होने चाहिए। नगर निगम और नगर विकास न्यास के अधिकारी की इसमें किसी भी स्तर पर खामी ही नहीं रखे।
मेहता ने नगर विकास न्यास व नगर निगम की ओर से सर्किट हाउस के पास चल रहे कार्यों को देखा। यहां नाले की सफाई का कार्य पोकलेन मशीन और जेसीबी से सिल्ट निकालने का कार्य चल रहा है। इस कार्य पर 6 जेसीबी मशीन, दो पोकलेन मशीन तथा ट्रैक्टर आदि के माध्यम से बडे़ स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा जाए ताकि संभावित वर्षा के दौरान किसी तरह के जानमाल की हानि न हो और बरसात का पानी सड़कों पर ज्यादा समय तक इकट्ठा ना रह सके । इसके लिए सभी प्रयास होने चाहिए। अगर यहां पोकलेन मशीन की और जरूरत हो तो बताया जाए ताकि मशीनें बढ़ाकर कार्य शीघ्रता से पूर्ण करवाया जा सके।

जिला कलक्टर ने प्रिंस विजय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल (पीबीएम अस्पताल) के पास नाला सफाई के कार्य को भी देखा और यहां उन्होंने कहा कि वर्तमान में जितने चेंबर बने हुए हैं, भविष्य को ध्यान में रखते हुए और चेंबर का निर्माण करवाया जाए ताकि जब भी निगम व न्यास द्वारा नालों की सफाई की जाती है, तो आसानी से इनकी सफाई हो हो सके। उन्होंने कहा कि चेंबर के लिए ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण जहां पर अगले दो-तीन दिन में चैम्बरों का निर्माण करवाया जा सकता हो। अगर अभी निर्माण करना संभव नहीं हो तो वर्षा का मौसम समाप्त होने के बाद नए चेंबर बनाए जाएं। साथ ही उन्होंने नाले की चारदीवारी का भी निगम अधिकारी निरीक्षण करे। जहां भी नाले टूटे-फूटे नजर आएं उनकी मरम्मत करवाई जाए। उन्होंने कहा कि नाले के किनारे की दीवार को भी ठीक करने का कार्य सफाई कार्य के साथ साथ प्रारंभ किया जाए। नालों की दीवारें भी मजबूत और सुरक्षित होना आवश्यक है। अभियंता यह भी देखें कि अगर नाले के नीचे उतरने के लिए रैंप या अन्य कोई निर्माण कार्य करवाने की जरूरत है, उसका निर्माण करवाया जाए ताकि आने वाले समय में जब भी नाले की सफाई की जाती है, उसमें आसानी से पहुंचा जा सके। अगर संभव हो तो रैंप को अभी बना लिया जाए अन्यथा बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद इसका निर्माण करवाया जाए।
निरीक्षण के दौरान सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीना, नगर निगम के उपायुक्त मंगलाराम पूनिया, नगर विकास न्यास के अभियंता याकूब खां सहित कार्यकारी एजेंसी के अभियंता तथा अन्य लोग उपस्थित थे ।