js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर ने बजट घोषणा अनुरुप विभिन्न योजनाओं एवं भूमि आवंटन के कार्यों में प्रगति लाने तथा संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का तीव्रता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, प्रशिक्षु आईएएस मृदुल सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल मीणा, सहायक कलेक्टर रामजस बिश्नोई, नागौर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया, नगर परिषद सचिव अनिता बिरड़ा, डीओआईटी के कुम्भाराम रेलावत सहित जिले के सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जुड़े रहें।

मरुस्थ्लीय जिले में दूर-दराज के 50 उप स्वास्थ्य केन्द्र जहां पर पब्लिक यातायात के साधनो के अभाव के कारण व दूर-दराज के क्षैत्ऱ में फेले होने के कारण इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की एएनएम द्वारा अपने परिक्षेत्र में एमसीएचएन सर्विस प्रदान करने में कठिनाई महसूस की जा रही थी, इस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए इन 50 उप स्वास्थ्य केन्द्रों की एएनएम के लिये 65 लाख की लागत से स्कूटी की स्वीकृति नीति आयोग द्वारा प्रदान की गई है।
इस सम्बन्ध में दूर-दराज के क्षेत्रों के लिये प्रत्येक स्वास्थ्य ब्लॉक के लिये 02-02 मोबाईल क्लिनिक कुल 06 मोबाईल क्लिनिक जो रूट चार्ट के अनुसार संबंधित सीएचसी व पीएचसी के गांवों में स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करेगी, के लिये कुल राशि 90 लाख 70 हजार की स्वीकृति नीति आयोग द्वारा प्रदान की गई है।
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विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर। नागौर से जोधपुर रोड पर जयश्री कृष्णा होटल के पास शनिवार सुबह नौ बजे लोक परिवहन बस और एक कार की भिड़त हो गई। इस सड़क दुर्घटना में कार में सवार सात लोगों में से पांच की मौत हो गई और दो घायल हो गए। हालांकि उक्त सड़क दुर्घटना में मौके पर चार लोगों की मौत हुई और एक ने जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में दम तोड़ दिया.

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी जेएलएन अस्तपाल पहुंचे और उन्होंने मोर्चरी रूम के पास आवश्यक कार्यवाही कर रहे उपखण्ड अधिकारी नागौर सुनील पंवार से सड़क दुर्घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों और घायलों के निवास स्थान के बारे में भी पूरी जानकारी ली। उपखण्ड अधिकारी नागौर सुनील पंवार ने जिला कलक्टर डॉ. सोनी को बताया कि इस सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए पांच लोगों में से चार सीता, संजू, राहुल व अजय जोधपुर जिले के सोयला गांव के तथा एक मृतक नागौर के ओलादन गांव का निवासी भालीराम पुत्र गुलाबराम राव सामिल है। उन्होंने बताया कि इस सड़क दुर्घटना में मौके पर चार लोगों ने दम तोड़ दिया वहीं गंभीर रूप एक घायल 13 वर्शीय बालक अजय पुत्र दयालराम निवासी सोयला ने जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में दम तोड़ दिया।

जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारी पंवार को निर्देष दिए कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करावकर उन्हें निवास स्थान के लिए रवाना करवाया जाए। किसी मृतक के परिजन सरकार के स्तर पर एम्बुलेंस की सुविधा चाहें तो उन्हें यह तत्काल प्रभाव से मुहैया करवाई जाए। जिला कलक्टर ने घायलों के उपचार के बारे में भी रिपोर्ट ली।

वहीं इससे पूर्व सड़क दुर्घटना का समाचार मिलने पर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी व पुलिस अधीक्षक अभिजीतसिंह ने उपखण्ड अधिकारी नागौर सुनील पंवार व उप पुलिस अधीक्षक विनोद सीपा को मौके पर भेज दिया। दुर्घटना में घायलों को नागौर के पंडित जेएलएन अस्पताल भेजा गेया, जहां से उन्हें आवष्यक चिकित्सा सुविधाओं के साथ एएलएस एम्बुलेंस में जोधपुर स्थित राजकीय एमडीएम अस्तपाल रैफर कर दिया गया।


विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने शनिवार को प्रादेशिक परिवहन कार्यालय और रोडवेज बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। रोडवेज कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति देखकर जिला कलेक्टर ने नाराजगी जताई तथा आगामी तीन दिनों में स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने प्रतीक्षा हॉल सहित विभिन्न कक्षों और बरामदे का अवलोकन भी किया तथा यहां भी सफाई की व्यवस्था माकूल नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि तीन दिनों बाद इसका पुनः निरीक्षण करवाया जाएगा तथा यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मदारी तय की जाएगी। जिला कलक्टर ने यहां से प्रतिदिन जाने वाली बसों, विभिन्न डीपो से आने वाली बसों, उनके रुट तथा यात्री भार के बारे में जानकारी ली। साथ ही कहा कि बसों के संचालन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल की पालना की जाए। बसों के रूट, समय और किराए से सम्बंधित सूचना पट्ट नियमित अपडेट करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य प्रबंधक इंदिरा गोदारा मौजूद रही।

जिला कलेक्टर ने प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेक का अवलोकन किया। निकट भविष्य में परमानेंट लाइसेंस अप्लाई करने वालों की ट्रायल इसी ट्रैक पर होगी। मेहता ने टच स्क्रीन कियोस्क पर लर्निंग लाइसेंस के लिए दिए जाने वाले टेस्ट सहित लाइसेंस प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने फोटो एवं परीक्षा कक्ष, सर्वर रूम तथा परीक्षण कक्ष सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन बनने वाले लाइसेंस की जानकारी भी ली। जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर ने बताया कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेक के माध्यम से ट्रायल कार्य अगले महीने शुरू होगा। उन्होंने कार्यालय की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा तथा परिवहन निरीक्षक जयनारायण पूनिया भी मौजूद रहे।

जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक को निर्देश दिए कि राजस्थान राज्य के प्रतिभावान अभ्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे संघ लोक सेवा आयोग एवं आरपीएससी की सिविल सेवा में सफल होने पर राज्य सरकार द्वारा आगामी परीक्षा की तैयारी हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। जिले के युवा जिन्होनें संघ लोक सेवा आयोग व आरपीएससी की सिविल सेवा में प्रारम्भिक परीक्षा अथवा मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार स्तर पर चयन हुआ हैं ऐसे अभ्यर्थियों को राज्य सरकार की अनुप्रति योजना की जानकारी दी जाए ताकि इस योजना के पात्र अभ्यर्थी ज्यादा-से-ज्यादा इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके। साथ ही सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि अनुप्रति योजना के अन्र्तगत आवेदन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन कर सकते है। इसके साथ ही भामाशाहों के सहयोग से समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचाालित छात्रावासों में विकास कार्य करवाने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने सोमवार की समीक्षात्मक बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जेएलएन चिकित्सालय के पीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय स्थित जेएलएन चिकित्सालय तथा खण्ड़ एवं उपखण्ड़ स्तर के चिकित्सालयों में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है, वहां गाइडलाइन के अनुसार वेंटिलेटर का उपयोग करे। इसके अलावा दिव्यांग परिवार के ऐसे बच्चे जिनके दिल में छेद में है उनकी सूची बनाकर प्राथमिकता से इलाज करने, साथ ही महिला एवं पुरूष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना बनाकर लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कृषि विभाग के उपनिदेशक को मिट्टी की उर्वरता की अधिक-से-अधिक जांच करवाने और इसके लिए जिलें में बंद पड़े मृदा जांच केन्द्रों को पुनः सुचारू रूप से संचालित करवाने के लिए निर्देश दिए ताकि जिले के किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच करवा सके। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक को जिले में नन्दीशालाओं की स्थिति और मेला मैदान में चार-दीवारी के निमार्णकार्य की रूपरेखा शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने आयुर्वेद विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी को क्षार-सूत्र पर काम करने और क्षार-सूत्र शिविर मार्च में आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चैधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.मेहराम महिया, पीएमओ डाॅ. शंकरलाल, जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग डाॅ. जगदीश प्रसाद बरवड़ तथा संयुक्त निदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग योगेश कुमार, एस.ई. सा.नि.वि. चांदकरण बंसल, एस.ई. पी.एच.ई.डी. अजय शर्मा, रोडवेज डिपो की मुख्य प्रबंधक उषा चौधरी, रीको क्षेत्रिय प्रबंधक विपोन मेहता, सहायक निदेशक आयुर्वेद डाॅ. गोपाल शर्मा, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामदयाल मांजू तथा सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी हेमन्त छीपा आदि अधिकारीगण मौजूद थे।




विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय अस्पताल स्थित नवनिर्मित भवन में विकसित किए गए कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर में गुरूवार को सुबह करीब 11 बजे जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी प्रवेश करते हैं, जहां तैनात सुरक्षा कर्मी ने उनके हाथों को सेनेटाइज किया।
इसके बाद जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने पंजीयन कक्ष में प्रवेश किया और कोरोना वैक्सीनेशन की दूसरी डोज से संबंधित रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी दी। यहां टीकाकरण कक्ष में प्रशिक्षित एएनएम रजिया ने उनकी बाएँ बाजू पर राहत के मंगल टीके की दूसरी डोज (कोविड-19 वैक्सीनेशन) लगाई और इसके बाद उन्हें निगरानी कक्ष में भेज दिया गया। नागौर जिले में कोरोना को मात देने के लिए चलाए जा रहे कोविड-19 कोरोना टीकाकरण महाअभियान में गुरूवार को जेएलएन अस्पताल के कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर पर गुरूवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया की साक्षी में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी सहित जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के अधिकारियों व कार्मिकों ने टीकाकरण करवाया।
इस मौके पर जेएलएन अस्पताल के पीएमओ डाॅ. शंकरलाल, एनएचएम के डीपीएम राजीव सोनी, एपीडेमोलाॅजिस्ट साकिर खान व जिला आईईसी समन्वयक हेमन्त उज्जवल आदि स्टाॅफ भी मौजूद रहा।


विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
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गौतम ने बुधवार को अपने कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सूरसागर तक बरसात और नालों का पानी ना पहुंचे इसके लिए पीडब्ल्यूडी और आरयूआईडीपी के अभियंताओं की मदद से जल्द से जल्द एक प्लान तैयार कर उसके अनुसार कार्य प्रारम्भ किया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि पानी की चोरी रोकने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेंडम आधार पर निरीक्षण की कार्यवाही करें। यदि कहीं भी मोटर, बूस्टर आदि के जरिए पानी चोरी पकड़ी जाए तो मोटर सीज करते हुए सम्बंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पानी से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लेकर सम्बंधित को राहत प्रदान की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी स्थान पर पेयजल आपूर्ति की किल्लत की सूचना मिले तो तुरंत प्रभाव से टैंकरों द्वारा सप्लाई सुनिश्चित करवाएं। पानी की टंकी के आसपास सुरक्षा इंतजाम रखें ताकि कोई उपर ना चढ़ सके और ऐसे क्षेत्रों में सम्बंधित कनिष्ठ या सहायक अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाए।
गौतम ने कहा कि आंधियों के मददेनजर बिजली आदि के तार टूटने की संभावना रहती है, बिजली तारों के कारण दुर्घटनाएं ना हो इसके निवारण के लिए सूचना तंत्र विकसित किया जाए। ब्लाॅक लेवल पर भी पोल, ट्रांसफार्मर आदि की उपलब्धता हो,जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 30 जून तक के लिए छूट दी गई है। अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों पर बिल जमा कराने के लिए अनावश्यक दबाव ना हो। 30 जून तक कोई कनेक्शन ना कटे यह भी सुनिश्चित किया जाए।
समस्त सीएचसी, पीएचसी के निरीक्षण का निर्देश
जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले की समस्त सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करने के लिए वन डे प्लान तैयार करें और इस निरीक्षण के दौरान इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा, शुद्ध पेयजल सहित समस्त आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सम्बंध में जांच हो। टीकाकरण, संस्थागत प्रसव सहित सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू चले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अतिरिक्त प्रयास प्रारम्भ करें। कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को रैफर करते हुए ध्यान रखें कि मरीज के साथ पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। यदि ऐसे लक्षणों का मरीज सीएचसी या पीएचसी पर आता है तो उसे तुरंत रैफर कर उसकी सेम्पलिंग सुनिश्चित करें।
गौतम ने कहा कि सभी अधिकारी अपने स्तर पर रोजाना सम्पर्क पोर्टल पर निस्तारित हो रहे प्रकरणों की समीक्षा करें और देखें कि निस्तारण में संतुष्टि स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए। छह माह से पुरानी एक भी शिकायत पेंडिंग ना रहे। अधिकारी अपने स्तर पर सम्पर्क प्रकरणों के निस्तारण की माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में समस्त अधिकारी प्रकरणों के निस्तारण में की गई कार्यवाही के सम्बंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
उचित मूल्य दुकानों में 9 जून तक हो जाए राशन वितरण
जिला कलक्टर ने कहा कि उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले राशन का वितरण की व्यवस्था में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वितरण के समय कोरोना एडवाइजरी की पालना होनी चाहिए। अधिक लोग एक ही समय पर उचित मूल्य की दूकान पर ना आए इसके लिए उचित मूल्य दुकानदार संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखेंगे तथा दुकान पर पानी, साबुन और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जिला रसद अधिकारी से कहा कि 9 जून मंगलवार तक सभी को राशन सामग्री मिल जाए इसके लिए सभी प्रवर्तन निरीक्षक और अन्य अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोरोना संकट के बीच सभी विभाग अपने नियमित कामों को जल्द से जल्द सुचारू स्थिति में लाएं। गौतम ने सोमवार को नगर विकास न्यास सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। गौतम ने कहा कि पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, कृषि, पीडब्ल्यूडी, रसद और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग नियमित योजनाओं के काम चालू करें जिससे आमजन को लाभान्वित किया जा सके।
गौतम ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग रिर्पोटिंग सिस्टम जनरेट करें। इसके तहत विभाग के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से डेली बेसिस पर बात कर समस्याओं का पता लगाएं और खराब पड़े ट्यूबेल, हैंडपंप आदि की सूचना मिलने पर इन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक करवाने की कार्रवाई की जाए।

गौतम ने छतरगढ़ में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी घटना के संबंध में संबंधित एइएन को नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी कोई भी स्थिति होने पर सम्बंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए प्रथम दृष्टया आधार पर कार्यवाही अमल में लाई जाए। गौतम ने मानसून से पहले जीएलआर टंकियों की सफाई का काम पूरा कर लेने तथा मांग के अनुसार टैंकर से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नियमित रूप से क्लोरिनेशन, ब्लीचिंग आदि के जरिए पानी को रोगाणु मुक्त कर सप्लाई सुनिश्चित की जाए। गौतम ने कहा कि खराब पानी प्रयुक्त कर बर्फ बनाने की शिकायत मिलते ही स्वास्थ्य विभाग संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करे।
गौतम ने बिजली विभाग के अधिकारी को नियमित कृषि कनेक्शन देने की कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए कहा कि मई जून में जिले में आंधियों आदि की संभावनाओं को देखते हुए टूटे पोल, कम ऊंचाई के खंभे बदलने तथा लटके और ढीले तारों को कसने के काम भी सूचना मिलने के साथ ही प्रभावी रूप से संपादित करवाए जाएं जिससे किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
रेगुलर हेल्थ सेटअप चालू हो
जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेगुलर हेल्थ सेटअप चालू हो जाए। सीएससी, पीएचसी में कूलर, एसी, दवा सहित समस्त आधारभूत सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहे। इन समस्त सुविधाओं के दुरूस्तीकरण के लिए बीसीएमओ को पीएचसी-सीएचसी के निरीक्षण करने के लक्ष्य दें और रिपोर्ट लें। गौतम ने कहा कि ओपीडी, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और पोषण के काम नियमित हो तथा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौतम ने कहा कि कोरोना से बचाव के सम्बंध में आमजन में जागरूकता के कार्य के साथ-साथ मेडिकल स्टाफ यह भी सुनिश्चित करे कि अन्य प्रकार के इलाज दिए जाने में कोई कोताही ना हो। इन केन्द्रों पर चिकित्सक स्वयं डिलीवरी और ओपीडी के प्रकरण देखें तथा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित करें।
जिला कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को जिले में शेष काम शीघ्र चालू करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क किनारे पौधारोपण और श्रमिकों को अधिकाधिक रोजगार मुहैया कराने के लिए बचे हुए काम भी जल्द शुरू करवाए जाएं।

जिला कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत काम की डिमांड बढ़ने के चलते जिले में अब तक 1 लाख 40 हजार श्रमिकों को इस योजना के तहत नियोजित किया जा चुका है। उन्होंने 20 मई तक श्रमिकों की संख्या दो लाख करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहर से आने वाले जो लोग जॉब कार्ड बनाने के इच्छुक हैं उन्हें मनरेगा के तहत काम देने के लिए जॉब कार्ड बनाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। प्रवासी मजदूरों द्वारा 14 दिन का क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद इन्हें काम पर नियोजित किया जा सके इसके लिए जाॅब कार्ड बनाए। महिला मैट की संख्या बढ़ाए साथ ही कार्य की गुणवत्ता के लिए अधिकारी मनरेगा कार्यों का निरीक्षण करें।
जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के काम के निरीक्षण के लिए विकास अधिकारी प्रतिदिन 2 गांव में कार्यों का निरीक्षण करें। काम मांगो अभियान की तर्ज पर लोगों से बात कर डिमांड कैप्चर करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा में बहुत संभावनाएं हैं, मांग के अनुरूप नए काम प्रस्तावित किए जाएं और इस डिमांड को कैप्चर किया जाए जिससे लोगों को अधिकाधिक रोजगार मिले और उनकी आय में बढ़ोतरी की जा सके।

जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले के जिन राजस्व गांव में मनरेगा के तहत एक भी काम नहीं चल रहा है वहां यदि अगले 3 दिन में कोई काम प्रारंभ नहीं होता है तो संबंधित बीडियो की जवाबदेही तय करते हुए उसे नोटिस जारी किया जाए। जिला कलेक्टर ने बीएडीपी के तहत नई कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न विभागों को काम के प्रस्ताव भिजवाने के भी निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों के खाते में 2500 रुपए नहीं पहुंच पाए हैं उनमें फेल्ड ट्रांजेक्शन की लिस्ट निकलवा कर ऐसे लोगों से संपर्क कर नया खाता जुड़वा कर उनके खाते में राशि दिलवाई जाए और उन्हें राहत प्रदान की जाए।
टिड्डी नियंत्रण के लिए हो रिसोर्स मोबिलाइजेशन
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डी आक्रमण की सूचना मिली है। कृषि विभाग इस खतरे को देखते हुए इंफॉर्मेशन ट्रांसफर के साथ-साथ रिसोर्स मोबिलाइजेशन का काम तेजी से शुरू करवाएं जिससे हमले की सूचना मिलते ही तुरंत प्रभाव से टिड्डी दल को खत्म किए जाने की कार्यवाही की जा सके। बैठक में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण विभाग, रसद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, जन अभाव अभियोग निराकरण, एवं जिले के प्रभारी मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो तथा विद्युत कनेक्शन के अभाव में जलापूर्ति बाधित न हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। प्रभारी मंत्री ने मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में कोविड-19 महामारी, लॉक डाउन और निषेधाज्ञा आदेश की पालना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन जयपुर से जुड़े थे। जिले के समस्त अधिकारी जिला मुख्यालय पर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र से जुड़े हुए थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब तक जो प्रयास किए गए हैं, वह बहुत ही सार्थक रहे, इसी के कारण बीमारी का फैैैलाव नहीं हुआ।यहां का प्रशासन और चिकित्सा विभाग सहित स्थानीय लोग विशेषकर भामाशाह और स्वयंसेवी संस्थाओं ने लॉक डाउन के दौरान जो सहयोग दिया, वह भी पूरे राज्य में एक मिसाल बनी है। उन्होंने कहा कि अब नई परिस्थिति में प्रशासन को चाहिए कि जो लोग जिले और प्रदेश के बाहर से आ रहे हैं, उन सबके लिए होम क्वाॅरेन्टाईन में रहने की पुख्ता व्यवस्था करें। जिन मकानों में बाहर से आए व्यक्ति रहते हैं, उनके स्वास्थ्य का परीक्षण समय समय पर होता रहे तथा उनके घर के बाहर एक स्टीकर चिपका दिया जाए, जिस पर यह लिखा हो कि यहां प्रवासी रहा है और अगर वह होम क्वाॅरेन्टाईन की एडवाइजरी की पालना नहीं करें तो जिला प्रशासन को सूचित किया जाए साथ ही प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से जब जिले के चेक पोस्ट पर बंधपत्र भरवाते हैं, उसी समय यह बेहतर तरीके से समझा देें कि वह किसी भी स्थिति में होम को क्वाॅरेन्टाईन को नहीं तोडेंगे।
सालेह मोहम्मद ने कहा कि लॉक डाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार की समस्या है तथा वर्तमान में गांव में किसानों द्वारा खेत में बहुत अधिक काम करने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मनरेगा के तहत प्रत्येक राजस्व गांव में कार्य स्वीकृत किया जाए। पूर्व में जो लोग जॉब कार्ड धारक हैं, उनके साथ साथ ऐसी व्यवस्था भी करें कि अन्य लोगों को भी मनरेगा के माध्यम से रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि टिड्डी आगमन की संभवना को देखते हुए भी बचाव के सभी पुख्ता उपाय किए जाएं। दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध रहे तथा काश्तकारों से अभी से ही बातचीत कर, उन्हें समझाइश करें कि जिला प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि रसद विभाग द्वारा सभी पात्र व्यक्तियों को समय पर राशन उपलब्ध करवाने के लिए भी बेहतर व्यवस्था रखें। समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण करें और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लोगों से बातचीत कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें अप्रैल और मई माह का राशन मिल गया है। साथ ही पोस मशीन से वितरण में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए तकनीकी अधिकारियों से समय-समय पर पोस मशीन की जांच करवाते रहें, अगर मशीन खराब हो या कोई अन्य कोई अड़चन हो तो जरूरतमंद को राशन वितरण की कार्रवाई न रोकी जाए। पात्र लोगों को तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण से राशन ना मिले यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जब जिले की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा प्रभारी मंत्री कर रहे थे तो उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बीकानेर में कोरोना से बचाव तथा इलाज सहित बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए जो त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी, वह बहुत बेहतर और शानदार थी। इसके लिए जिला प्रशासन चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग सहित इस कार्य से लगे सभी लोग साधुवाद के पात्र हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा बैठक में जयपुर से जुड़े जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि सरकार द्वारा मालवाहक ट्रक आदि के यातायात पर रोक नहीं लगाई है। मगर सभी अधिकारियों को चाहिए कि वह इतना अवश्य निरीक्षण करें कि ट्रक के माध्यम से केवल खाद्य सामग्री या अन्य अनुमति सामान ही परिवहन हो रहा है। सामान परिवहन करने के बहाने कोई व्यक्ति, कोई ट्रक चालक या अन्य किसी के द्वारा आमजन को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने का कार्य तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्थित सभी निजी चिकित्सालय भी निर्धारित समय में खोलें जाएं और उनमें जरूरतमंद लोगों का इलाज हो, इसके लिए भी जिला प्रशासन समय-समय पर निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखें।
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वाॅरेन्टाईन किया गया है। साथ ही ग्राम स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया गया है तथा मेडिकल टीम द्वारा ऐसे लोगों पर कड़ी पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से वर्तमान में 65 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा रखा है। बीकानेर जिले में सभी अनुमत उद्योग इकाइयों ने काम प्रारंभ कर दिया है। जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन पास ही जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना में लॉक डाउन के दौरान खाद्य आधारित आटा, मसाला, दालें, पापड़, भुजिया, मैदा, बेसन आदि इकाइयां कार्य कर रही हैं। जिले में पीने के पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है तथा और जरूरत पड़ने पर कंटीजेंसी प्लान भी तैयार है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दीपक बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीणा, नीलम प्रताप सिंह, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर, उपनिदेशक आईटी सत्येंद्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे