js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170जिला कलक्टर श्री मेहता को यह अवार्ड जैसलमेर जिला कलक्टर के पद पर रहते हुए डिजास्टर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के बेहतर डेवलपमेंट व क्रियान्विति को लेकर किये गए प्रयासों के लिए दिया जाएगा ।
श्री मेहता को यह अवार्ड जयपुर में 19-20 अगस्त को आयोजित हो रहे ‘राजस्थान डिजीफेस्ट’ में 20 अगस्त शनिवार को दिया जाएगा ।
]]>
जिला कलक्टर ने बताया कि एमसीएच विंग में 50 आईसीयू बैड के अलावा बच्चों के लिए आॅक्सीजन युक्त 100 बैड भी विकसित किए जाएंगे। इन वार्डों के लिए वेंटीलेटर, बाईपेप, पल्स आॅक्सीमीटर, विशेष मास्क सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों तथा आॅक्सीजन सप्लाई से संबंधित चर्चा की गई। उन्होंने पीबीएम अधीक्षक को समूची व्यवस्थाओं की माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर्स की प्रभावी भूमिका के मद्देनजर जिले में दूसरी लहर पर प्रभावी अंकुश लग पाया है। अब तीसरी संभावित लहर को देखते हुए ‘टीम भावना’ के साथ काम किया जाए।

जिला कलक्टर ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में विभिन्न मदों से बनने वाले आॅक्सीजन जनरेशन प्लांट का निर्माण एक महीने में करवाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड अस्पताल में वर्तमान में भर्ती मरीजों तथा उनकी स्थिति के बारे में जाना। इस दौरान नगर निगम आयुक्त एएच गौरी, मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. मुकेश चंद्र आर्य, पीबीएम अधीक्षक डाॅ. परमिंदर सिरोही, डाॅ. बी. के. गुप्ता, डाॅ. सुरेन्द्र वर्मा, मुकेश बेनीवाल, डाॅ. सोनाली, डाॅ. शंकर जाखड़, डाॅ. जीएस तंवर आदि मोजूद रहे।

मेहता मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 तथा पल्स पोलियो की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल में अन्य रोगियों के उपचार की स्थिति भी सामान्य बन जाए तथा कोरोना गाइडलाइन की पालना भी होती रहे। जिला कलक्टर ने कहा कि संक्रमितों की संख्या गत 4 दिनों में बहुत कम है, ऐसे में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में उन सभी रोगियों को भी भर्ती किया जाएं, जिस कंसेप्ट को लेकर इस भवन का निर्माण तथा उपकरण आदि लगाए गए। उन्होंने कहा कि एमसीएच विंग को कोरोना रोगियों के लिए आरक्षित रखा जाए तथा यहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी राउंड द क्लॉक रखी जाए, साथ ही करोना की जांच का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ होना चाहिए।
मेहता ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह भी सुनिश्चित कर लें कि विदेश से जो व्यक्ति बीकानेर आता है तो उसके स्वास्थ्य का परीक्षण आवश्यक रूप से हो जाना चाहिए। मेहता ने कहा कि इसके लिए जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ब्लॉक सीएमओ अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि विदेश से आया एक भी व्यक्ति जांच से ना छूटे। इसके लिए जिला मुख्यालय पर तथा ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का सूचना तंत्र विकसित किया जाए कि जैसे ही किसी भी व्यक्ति के विदेश से आने की सूचना मिले उसे चिन्हित कर उसकी कोविड-19 और नए स्ट्रेन की जांच हो सके।

जिला कलक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को कहा कि जिले में जितने भी कुक्कुट फॉर्म है वहां पर उचित प्रबंधन किया जाए और टीकाकरण किया जाए। साथ ही फाॅर्म के संचालक को यह बताए कि वह स्वच्छता रखे तथा उन्हें बताया जाए कि कीटाणुनाशन की प्रक्रिया ही बचाव का तरीका है। मेहता ने कहा कि अगर कहीं ऐसा लगता है कि इस क्षेत्र में बर्ड फ्लू फैल सकता है तो वहां सोडियम हाइड्रोक्साइड का घोल रखें। उन्होंने कहा कि फाॅर्म के मुख्य द्वार के मार्ग को कीटाणु रहित करने के पश्चात ही परिसर में प्रवेश किया जाए और फाॅर्म में छिड़काव करने वाले ग्लब्ज व डिस्पोजेबल बूट, कपड़े व मास्क आदि पहन कर कार्य करें तथा कार्य करने वाले व्यक्ति जब फाॅर्म से बाहर जाए तो लाल दवा अथवा साबुन से हाथ धोकर ही अन्य कार्य करें।
मेहता ने संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में अपने विभाग के द्वारा कुक्कुट पालन करने वालों को अभियान चलाकर कुक्कुट फॉर्म के प्रबंधकों को इस बारे में समझाइश करें, साथ ही फाॅर्म संचालक को यह भी बताएं कि अगर कहीं बर्ड फ्लू होने की संभावना हो तो उस फाॅर्म से पक्षी, अंडे आदि की बिक्री तत्काल रोक दी जाए और उन्हें नष्ट कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि फ्लू की संभावना को देखते हुए अगर संभव हो तो पक्षियों को भी क्वारंटीन किया जाए तथा ऐसे स्थानों पर आम आदमी के आवागमन पर भी रोक लगा दी जाए।