js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170जिला कलक्टर ने सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिले में भूजल के गिरते स्तर को पुनः कैसे बढ़ाया जा सके, उसके लिए विशेष कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अटल भूजल योजना में जिले की तीन समितियां एवं उनकी ग्राम पंचायते चयनित की गई है, उनमें भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए विशेष कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ ही जिले में जल के हो रहे दोहन को भी कम करने के लिए लाईन डिपार्टमेंट को सहयोग लेकर ठोस कदम उठाने पर बल दिया।
जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी ने विश्व जल दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि जैसलमेर वासियों को पानी के महत्व की बखूबी जानकारी है एवं यहां के लोगों ने पानी को घी से भी अधिक महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नलकूपों से हो रहे जल के दोहन से दिनो-दिन भूजल का स्तर गिर रहा है, जो हम सबके लिए चिन्तनीय है। उन्होंने कार्यशाला में भूजल स्तर बढ़ाने के सम्बन्ध में विशेषज्ञों द्वारा जो जानकारी दी जाएगी, उसको फील्ड में क्रियान्विति कर जल को बढ़ाना है।
उप जिला प्रमुख डॉ. बी.के. बारूपाल ने कहा कि जल ही जीवन है एवं जल के बिना कल नहीं है। उस थीम को ध्यान में रखते हुए हमें जल के उपयोग को समझना होगा एवं इस क्षेत्र में कम से कम पानी का दोहन करना होगा तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए जल को बचा पाएगे। कार्यशाला के प्रारम्भ में अधीक्षण अभियंता जलदाय दिनेश नागौरी ने सभी अतिथियों एवं सम्भागियों का स्वागत किया। भूजल वैज्ञानिक डॉ. एन.डी. ईणखियां ने अटल भूजल योजना के तहत जिले में भूजल स्तर को बढ़ाने के सम्बन्ध में की जाने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डाला तथा अटल भू जल योजना की अब तक की प्रगति के बारे में पावर पॉइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी प्रदान की।
नोडल अधिकारी ने बताया की भू जल विभाग अपने सिमित संसाधनों के साथ योजना की हर गतिविधि को प्रभावी ढंग से पूरा करने का प्रयास कर रहा है। योजना के तहत जिले के 41 जल सुरक्षा प्लान तैयार कर राज्य इकाई को प्रेषित किये जा चुके है। कार्यक्रम के अंत में भू जल वैज्ञानिक रिशेंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। संचालन बराई दीन संवारा द्वारा किया गया।
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डॉ.अमित कुमार व्यास ने शिविर में रोगियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि होमियोपैथी में सर्वसुलभ इलाज है मग़र ध्यान रखने की बात यह है कि दवा का सेवन करने से पहले मुंह को अच्छी तरह से साफ करलें, फिर दवा का सेवन करें तत्पश्चात आधे घण्टे किसी भी चीज का सेवन न करें, इससे दवा शीघ्र असर करेगी ।

डॉ. व्यास ने रोगियों को स्वास्थ्य परामर्श देते हुए निशुल्क दवाएं प्रदान की । मोहनलाल सोनी और सूरजरतन सोनी ने सहयोग किया ।
इससे पहले संस्था अध्यक्ष सुंदरलाल सोनी और डॉ.अमितकुमार व्यास ने मां सरस्वती के आगे माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए । रोगियों के पंजीकरण में सोसायटी सदस्यों प्रेमप्रकाश सोनी, ब्रजरतन सोनार, जुगराज सोनी, केसरी सोनी , ब्रजगोपाल सोनी के साथ शंकरलाल सोनी और टीकमचंद सोनी ने सहयोग किया ।