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राजस्थान रोडवेज के सीएमडी नवीन जैन ने जोनल मैनेजर की बैठक में निर्देश दिया कि निजी बसें बिना किसी वैध अनुज्ञापत्र के रोड़वेज की समय सारिणी के अनुरूप ऐसा समय तय करते है कि रोड़वेज की बसों के आगे पीछे चले जिससे राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड रहा है। अनुज्ञापत्र वाली बसों को भी समय सारिणी की पालना करना अनिवार्य है। इसलिये मुख्य प्रबन्धक अपने आगार क्षेत्र में बिना अनुज्ञापत्र की अवैध रूप से संचालित और रोड़वेज की बसों को हानि पहुॅचाने वाली बसों पर निगरानी रखने का निर्णय लिया गया हैं। इसके लिये सभी मुख्य प्रबन्धकों को निर्देश जारी किये गये है कि अवैध व समय सारिणी का पालन नही करने वाली बसों की सूचना तैयार कर मुख्यालय भिजवावें। बसों का निरीक्षण करने का अधिकार परिवहन विभाग का है। परन्तु कार्यवाही करवाने के लिये इस प्रकार की सूचना काफी महत्वपूर्ण होती है, जिससे जिला प्रशासन, पुलिस तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों को सहायता के लिये कहा जाये और यह कार्य आगार स्तर पर शीघ्र करवाये जाने की कार्ययोजना बनाई जावें।
यहां यह उल्लेखनीय है कि निजी वाहन संचालक समय सारिणी का पालन करने की बजाय राजस्थान रोड़वेज द्वारा संचालित की जा रही बसों के आगे पीछे अपनी बसों का संचालन करते है जिससें रोड़वेज को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसके साथ ही अनेक लोक परिवहन बसों द्वारा इन दिनों अनुज्ञापत्र सिरेण्डर करने के बाद भी बसों का संचालन किया जा रहा है। इसलिये इन बसों की सूचना एकत्रित कर परिवहन विभाग को अवगत कराया जाना आवश्ययक समझा गया।

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। कोरोना रोगियों का इलाज के लिए गुरूवार से बीकानेर में प्लाज्मा थैरेपी शुरू की जाएगी।। जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि कोरोना के गंभीर रोगियों का इलाज अब प्लाज्मा थैरेपी के जरिए किया जाएगा। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में कोविड 19 की समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिए कोरोना नेगेटिव हो चुके लोगों के प्लाज्मा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक किट मंगवा ली गई है।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कोरोना संक्रमण से ठीक हुआ कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसे ठीक हुए 28 दिन से अधिक हो चुके हो चुके हो, पीबीएम अस्पताल के ब्लड बैंक आकर प्लाज्मा को डोनेट कर सकता है। मेहता ने बताया कि इस थैरेपी के माध्यम से गंभीर बीमारों के इलाज में सहायता मिलेगी। जिला कलक्टर ने बैठक के दौरान जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि सैम्पलिंग कलेक्शन नियमित रखें आौर काॅन्टेक्ट ट्रैसिंग की जांच को प्राथमिकता के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों से भी रेंडम सैम्पल कलेक्शन बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कि किसी औद्योगिक इकाई में पाॅजिटीव मिलने की स्थिति में तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करते हुए इकाई को एक सप्ताह के लिए बंद करवाएं और वहां कार्यरत सभी कार्मिकों की प्राथमिकता से जांच हो।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
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इस आदेश के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव, रोकथाम, इसके संक्रमण की श्रंखला को जांच, उपचार तथा इसके संक्रमण से होने वाली मृत्यु को न्यूनतम किये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी सम्भव प्रयास निरन्तर किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 राजकीय चिकित्सा संस्थानों में कोविड-19 की जांच निःशुल्क की जा रही है तथा एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से अनुमोदित 4 निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड- 19 की जांच की जा रही है ।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि आईसीएमआर के निर्देशों पर निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड की जांच की उच्चतम सीमा 4500 रूपए प्रति जांच निर्धारित की गई थी। देश में ही आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट के विनिर्माण एवं सहज उपलब्धता तथा आमजन को कम कीमतों पर सहज एवं सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेजों, निजी अस्पतालों, निजी जांच प्रयोगशालाओं के प्रतिनिधियों एवं विषय-विशेषज्ञों के साथ विचार – विमर्श के उपरान्त, आरटी-पीसीआर किट एवं अन्य उपभोग्य की दरों तथा अन्य राज्यों द्वारा कोविड की जांच हेतु निर्धारित की गई दरों और राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020 की धारा 4 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य में एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से कोविड- 19 जांच हेतु अनुमोदित निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच की अधिकतम दर 2200 रूपए ( जीएसटीध्सभी कर सहित) निर्धारित की गई है।

मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से कोविड – 19 जांच हेतु अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं द्वारा सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए जांच किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ कल्ला ने बीकानेर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम से बातचीत कर क्वारेंटाइन सेंटर में बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध करवाने को कहा। डॉ कल्ला ने कहा कि क्वारेंटाइन में लोगों को रहने-खाने, दवा सहित किसी भी प्रकार की कोइ तकलीफ ना हो। लोगों की हर सुविधा का ध्यान रखा जाए। जिला कलक्टर इस सम्बंध में नियमित रूप से अधिकारियों से फीडबैक लेते रहें और जो भी आवश्यक कार्यवाही हो तुरंत प्रभाव से अमल में लाई जाए। जिला कलक्टर रेंडम रूप से सेंटर में लोगों में बात करें और यदि कोई समस्या आती है तो तुरंत समाधान किया जाए।
डॉ कल्ला ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शहर के जिन भी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू हो रही है, उन सभी क्षेत्रों में असहाय जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क राशन किट उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि इन क्षेत्रों में राशन बिक्री के लिए गाड़ी नियमित रूप से आए। यदि आवश्यकता हो तो तैयार भोजन भी वितरित करवाएं। दूध और सब्जी की गाड़ियां भी नियमित रूप से इन क्षेत्रों में जाएं। लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए दिक्कत ना हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।

कर्मचारी नेता पुरोहित ने उनको बताया कि सामाजिक संगठन विप्र फाउंडेशन के जरिये मास्क वितरण, पक्षियों के लिए चुग्गा, राशन किट आदि के काम किए गए हैं। पूनिया ने कर्मचारी वर्ग को सेवा कार्य करने के लिए जुटे रहने की अपील की।

शहर भाजपा उपाध्यक्ष बोबरवाल ने उनको सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल के नेतृत्त्व में चल रहे राम रसोई के संबंध में की जानकारी दी। प्रवासी मजदूरों के लिए शहर भाजपा की ओर से किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी। पूनिया ने उनको लगातार सेवा में जुड़े रहने का निर्देश दिया।

जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कोविड-19 प्रबंधन की जानकारी दी और बताया कि जिले में अब तक 56 कोरोना पॉजिटिव रोगी पाए गए हैं, जिनमें से 3 की मौत हुई एवं 37 लोगांे के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बतासया कि 16 रोगी एडमिट है। जिले में अब तक 4 बार स्क्रीनिंग का कार्य हो चुका है। अब तक 51123 लोगों को होम क्वारेटाइन किया गया है जिनमें से अब 21934 लोगों को होम क्वारेटाइन की अवधि पूर्ण हो गई है, शेष 29189 लोग होम क्वारेटाइन हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 1112 लोगों में से 907 इंस्टिट्यूट तथा 205 स्टेट क्वारेंटाइन है। अब तक कुल 4236 व्यक्तियों के सैंपल लिए जा चुके हैं । उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रवासियों श्रमिकों हेतु जिले में 4 माइग्रेशन शिविर हैं, जिनमें 131 श्रमिक है। जिले में आए प्रवासी 32445 हैं एवं जाने वाले प्रवासी की संख्या 4344 है। उन्होंने बताया कि कोतवाली और कोटगेट थाना क्षेत्र के आंश्ेिाक क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में नाल, जामसर तथा गजनेर थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हुआ है।
रसद वितरण की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 18 मई तक 236.391 मै.टन दाल का वितरण हो चुका है तथा शेष चने की दाल का वितरण जारी है। उन्होंने बताया कि श्रमिक एवं जरूरमंद परिवारों के कुल 122838 परिवारों को 2500 रूपये सीधे ही खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बारे में भी जानकारी दी।
राज्य सरकार से 871.19 लाख रूपये कोविड-19 के बचाव व उपचार हेतु मिले- गौतम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) में लाॅकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजनध्राशन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है। आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के दानदाताओं द्वारा प्रधानमंत्री केयर फण्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष एवं जिला प्रशासन को दिनांक 18.मई 2020 तक 2 करोड़ 10 लाख 85 हजार रू. के चेक प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि 31 दानदाताओं ने प्रधानमंत्री केयर फण्ड में 33.25 लाख रू., मुख्यमंत्री केयर फण्ड के लिए 114 दानदाताओं द्वारा 51.65 लाख रू. प्राप्त हुए जिसे संबंधित कोष में जमा करवाए गए तथा जिला प्रशासन को 67 दानदाताओं ने 124.18 लाख रू. एवं नगर विकास न्यास, बीकानेर को 47 दानदाताओं द्वारा राशि रूपये 1.74 लाख प्राप्त हुए। जिला प्रशासन एवं नगर विकास न्यास को प्राप्त कुल रू. 125.91 लाख को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया गया।
जिला प्रशासन को कोविड-19 महामारी से बचाव व उपचार के लिए राज्य सरकार से कुल 871.19 लाख रू. प्राप्त हुए। जिनमें से राज्य आपदा मोचन निधी में 380.00 लाख रू. मुख्यमंत्री राहत कोष से 124.18 लाख रू., अनटाइड फण्ड में 30.00 लाख रू. तथा स्थानीय विधायक निधी मद में 337.01 लाख रू. प्राप्त हुए है।
गौतम ने बताया कि राज्य आपदा मोचन निधी (एसडीआरएफ) में 380.00 लाख रू में से अब तक क्वारेंटाइन कैम्प में प्रवासित लोगों को भोजन, आवास व अन्य व्यवस्था पर 19.43 लाख रू. व्यय किए जा चुके है तथा इस मद में 10.00 लाख रू. के दायित्व बकाया हैं। इसके अलावा इस मद में 22.56 लाख रू. सेनेटाइजर, मास्क, पीपीई किट, मेडिकल, पेरा मेडिकल स्टाफ, जिला पुलिस व नगर निगम कार्मिकों को उपलब्ध करवाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से व्यय की गई है। इसी मद में 2.50 लाख रू. जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित वाहनों में पेट्रोल व डीजल पर खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में भामाशाहों से प्राप्त 124.18 लाख रू. में से नगर निगम द्वारा चिन्हीत गरीब, असहाय व्यक्तियों को सूखी राशन सामग्री किट वितरण हेतु 88.65 लाख रू.व्यय किए गए 35.53 लाख शेष हैं। खर्च राशि से 19796 राशन किट वितरित किए गए। प्रत्येक राशन किट में आटा, खाद्य तेल, दाल, चावल, नमक मय केरी बैग जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाया गया है।
अनटाइड फण्ड में प्राप्त 30.00 लाख रू में से जिले में प्रवासित श्रमिकों को जिले से बाहर भिजवाने तथा जिले में लाने हेतु यात्रा, भोजन आदि व्यवस्थाओं पर अब तक 13.96 लाख रू. का भुगतान किया जा चुका है तथा इस मद में 29.03 लाख रू के दायित्व बकाया है।
स्थानीय विधायक निधी कोष – इस मद में 337.01 लाख रू. की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें विधानसभा नोखा में 150.00 लाख के विरूद्ध 85.50 लाख, श्रीडूंगरगढ में 1.01 लाख, के विरूद्ध 0.51 लाख, खाजूवाला में 40.00 लाख, के विरूद्ध 17.20 लाख, कोलायत में 70.00 लाख, के विरूद्ध 45.25 लाख, बीकानेर पूर्व मंे 51.00 लाख, के विरूद्ध 41.00 लाख एवं विधानसभा पश्चिम में 25.00 लाख, के विरूद्ध 25.00 लाख रू कोविड-19 से बचाव एवं उपचार के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारियों द्वारा असहाय व निर्धन लोगों को सूखी राशन सामग्री किट, भोजन किट, मास्क व सेनेटाइजर एवं बेसहारा गौवंश को चारा उपलब्ध करवाने पर व्यय किया गया है।
गौतम ने अन्र्रराज्य प्रवासी व श्रमिक मूवमेन्ट के बारे में बताया कि देश के 18 राज्यों से जिले में 1737 लोग आएं है। साथ ही निजी वाहनों से 4245 लोग पहंुचे है। उन्होंने बताया कि गुजरात से 330, महाराष्ट्र से 401, हरियाणा से 70, कर्नाटक से 120, दिल्ली से 61, मध्य प्रदेश से 13, पंजाब से 10, उत्तर प्रदेश से 24, पश्चिम बंगाल से 42, तमिलानाडू से 121, तेलगांना से 41 तथा शेष अन्य राज्यों से लोग आएं है।
टिड्डी वर्तमान में जिले में नहीं- जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना की स्थिति में जिला व बाल ब्लॉक स्तर पर तत्काल टेडी नियंत्रण कक्ष की स्थापना की चुकी है। मुस्तैदी से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी की इसकी सूचना तत्काल दिने के निर्देश दिए जा चुके है। जिले में तहसील नोखा तहसील के पांचू ( नागौर जिले की सीमा पर), कोलायत की सियासर, दासुडी, छतरगढ़ के लालावाली, शेरपुरा, कृष्ण नगर व खारबारा, तथा लूणकनसर के महाजन फिल्ड फायरिंग रैंज व शेखसर ग्राम (आरडी 232 ) क्षेत्रों में टिड्डी ने प्रवेश किया था। वर्तमान में जिले में टिड्डी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुल 10 राजस्व गांव में यह आई थी।
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने लाॅक डाउन और कफ्र्यू के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव,जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, राजस्थान प्रशासननिक सेवा के अधिकारी शैलेन्द्र देवड़ा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना आदि उपस्थित थे।

मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने की जंग ‘जन-प्रेरित’ है और जन-जन इस लड़ाई में सिपाही बनकर इसका नेतृत्व कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोग एक दूसरे की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं, और यह लड़ाई हम सब मिलकर देश की जनता के नेतृत्व में लड़ रहे हैं।’’ उन्होंने इस अभियान में कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने में मिली शुरुआती कामयाबी का जिक्र करते हुये देशवासियों को अति आत्मविश्वास में आने से बचने के प्रति आगाह भी किया। उन्होंने पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल देते हुये कहा, ‘‘हमारे यहां कहा भी गया है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में समाज के सभी वर्गों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक दूसरे की मदद के लिये हर गली में लोग आगे आ रहे हैं। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान इस संक्रमण के खिलाफ जनभावनाओं को समेकित करने के लिये ताली थाली बजाने और दीया मोमबत्ती जलाने के अभियान को मददगार बताते हुये कहा कि इन गतिविधियों ने जनभावनाओं को जज्बे में तब्दील कर दिया।

उन्होंने कहा कि हर गांव और शहर में लोगों ने कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। मोदी ने कहा, ‘‘महामारी के बीच किसान खेतों में मेहनत कर रहे हैं, शहरों में कोई किराया माफ कर रहा है, कोई अपनी पुरस्कार राशि पीएम केयर फंड में दान कर रहा है, कहीं मजदूर जिस स्कूल में क्वारंटाइन में हैं, उस स्कूल की रंगाई पुताई कर रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि यह सेवाभाव ही कोरोना के खिलाफ भारत को ताकत दे रहा है और इस लड़ाई को जनता के नेतृत्व वाली लड़ाई में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जन भावनाओं को वह आदरपूर्वक नमन करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई की दुनिया में जब कभी भी चर्चा होगी तब भारत की जंग को जनता के नेतृत्व (पीपुल्स ड्रिविन) वाली लड़ाई के रूप में याद किया जायेगा।’’ इस दौरान मोदी ने इस लड़ाई में कोविड वॉरियर बनने के लिये सरकार द्वारा शुरु किये गए नये प्लेटफार्म का जिक्र करते हुये कहा कि ‘‘कोविड वॉरियर डॉट जीओवी डॉट इन’’ नामक इस पोर्टल पर अब तक लगभग 1.25 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिये डाक्टर, नर्स, राष्ट्रीय केडिट कोर (एनसीसी) राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), आशा कर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता तथा अनगिनत वॉलेंटियर सेवा भाव के साथ आगे आ रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से ‘कोविड वॉरियर’ बनने की अपील करते हुये इस पोर्टल से जुड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये हाल ही में जारी अध्यादेश को जरूरी कदम बताते हुये कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवाओं को अबाध रूप से सुचारु बनाने के लिये लागू हुये अध्यादेश पर देश ने संतोष व्यक्त किया है।’’ उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश में स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हमलों के विरुद्ध सख्त सजा का प्रावधान है। समय की जरूरत को देखते हुये इसे लागू करना जरूरी था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बीमारी ने विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सोच को भी बदला है। उन्होंने कहा कि भले ही कारोबार हो, कार्यालय की संस्कृति हो, शिक्षा हो या चिकित्सा क्षेत्र हो, हर कोई कोरोना वायरस महामारी के बाद की दुनिया में बदलावों के अनुरूप खुद को ढाल रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘हर लड़ाई कुछ सबक देती है और नयी मंजिल की दिशा भी प्रदान करती है। इसी का नतीजा है कि भारत नयी संकल्प शक्ति के साथ नये तकनीकी बदलावों की ओर ‘टीम भावना’ से आगे बढ़ रहा है। इसमें हर इनोवेटर कुछ नया बना रहा है।’’ इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ राज्य सरकारों के योगदान की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने इस अभियान में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने केन्द्र, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की सराहना करते हुये कहा कि डाक विभाग से लेकर उड्ययन और रेल मंत्रालय सहित अन्य संबद्ध महकमे राहत एवं चिकित्सा सामग्री को देश के कोने कोने में जरुरतमंद लोगों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने संकट की इस घड़ी में कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिये जरूरतमंद देशों को दवाइयों की आपूर्ति करने के फैसले को मुसीबत में दूसरों का भी साथ देने की भारत की संस्कृति और मूल चरित्र पर आधारित बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब विश्व भर के नेता कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच सहायता मुहैया कराने के लिए भारत और उसके लोगों का धन्यवाद देते हुये ‘थेंक्यू इंडिया’ कहते हैं, तो गर्व का भाव बढ़ जाता है।’’
मोदी ने इस संकट के दौरान सभी वर्गों के लोगों द्वारा अपने पर्व घरों में ही मनाने की भी प्रशंसा करते हुये देशवासियों से रमजान के पवित्र माह में दुनिया को इस महामारी से मुक्ति दिलाने की दुआयें करने का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगली ‘मन की बात’ जब हम करेंगे तब कोरोना संकट से मुक्ति मिलने की चर्चा हो सकेगी।
गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 824 हो गई, वहीं संक्रमण के कुल मामले 26,496 हो गए हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अति आत्मविश्वास में आने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘इस महामारी के बीच आपके परिवार के सदस्य के नाते मैं कुछ सुझाव देना चाहता हूं। हम इस अति आत्मविश्वास में न पड़ जायें कि हमारे घर, गली, मुहल्ले या दफ्तर में कोरोना नहीं पहुंचा है तो आगे भी यह नहीं पहुंचेगा।
उन्होंने आगाह किया कि ‘‘हल्के में लेकर छोड़ दी गयी आग, कर्ज और बीमारी, मौका पाकर खतरनाक हो जाते हैं। इसलिये इनका पूरा इलाज जरूरी है।’’ उन्होंने ‘दो गज दूरी’ बनाये रखने का आह्वान दोहराते हुये कहा, अति उत्साह में कोई लापरवाही न हो । दो गज दूरी, बहुत है जरूरी। ऐसी कोई भूल बिल्कुल न करें, जिससे बीमारी को लौटने का मौका मिले। हमारे यहां कहा भी गया है कि ‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी।
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