js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170पिछले कोरोना काल में राजस्थान के कोविड प्रबंधन की पूरे देश में प्रशंसा हुई है. लेकिन एक बार फिर चीन से आ रही डरावनी तस्वीरें प्रदेश को पहले से ही अलर्ट कर रही है. यहीं वजह है कि राजस्थान का चिकित्सा महकमा फिर अलर्ट हो चुका है और कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन भी आ चुकी है. हालांकि गाइडलाइन में सख्ती जैसा कुछ नहीं है लेकिन गांव-गांव में डोर-टू-डोर सेंपलिंग करने के सख्त निर्देश है.
इसको लेकर जयपुर के स्वास्थ्य भवन में शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. पृथ्वी की अध्यक्षता में कोविड प्रबंधन की समीक्षा और विस्तृत तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जायेगी. ताकि राजस्थान के सभी जिलों में एक्टिव सर्विलेंस के माध्यम से प्रभावी घर-घर सर्वे कर आईएलआई रोगियों की पहचान कर वांछित कार्रवाई की जाए. साथ ही ओपीडी में आने वाले संदिग्ध रोगियों का सैंपल लेकर कोविड की जांच कराएं और ओपीडी में आने वाले SARI रोगियों की पहचान कर उनकी जांच और उपचार किया जाए.
इसके आलावा प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और निजी संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जीनोम सीक्वेसिंग के लिए सभी कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों के सैंपल की व्यवस्था हो. वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सब्जी मंडी, विद्यालय और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कोविड लक्षणों वाले संदिग्ध रोगियों की रेंडम सैंपलिंग करवाने के भी निर्देश है. साथ ही एक्टिव सर्वे और ओपीडी में आने वाले हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों की पहचान कर तुरंत उपचार करवाने के निर्देश है.
राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी सभी निर्देशों में स्क्रीनिंग, सैंपल कलेक्शन, रेंडम सैंपलिंग, उपचार, डिस्चार्ज की पालना के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में अन्य विभागों पुलिस, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, नगर-निगम, आयूष, आईएमए से अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए समय-समय पर आवश्यकतानुसार कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समीक्षा करने के निर्देश गाइडलाइन में दिए गए है.
इसके लिए प्रत्येक संस्थान पर गठित रेपिड रिस्पॉन्स टीम को कार्यशील रहने के निर्देश दए हैं. इसके आलावा समस्त राजकीय चिकित्सा संस्थानों को लॉजिस्टिक और दवाईयों की उपलब्धता के साथ साथ घर-घर सर्वे के दौरान कोविड और अन्य मौसमी बिमारियों के लक्षण और उससे बचने के उपाय के साथ-साथ विभागीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का प्रचार-प्रसार कर आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए है. इसके लिए जिला और खण्ड पर स्थापित नियंत्रण कक्ष को कार्यशील रखते हुए आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए है.
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इसी प्रकार तीसरे स्तर पर मेडिकल इमरजेंसी और अनुमत श्रेणी के अलावा एक शहर से दूसरे शहर, शहर से गांव, गांव से शहर तथा एक गांव से दूसरे गांव में आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रखना होगा। ग्राम स्तरीय निगरानी समितियों को इसमें अपनी विशेष भूमिका निभानी होगी। समस्त प्रदेशवासियों को इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए अपने सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि विवाह समारोह में भीड़ जुटना संक्रमण के प्रसार का एक बड़ा कारण रहा है। इसे देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर 30 जून तक विवाह स्थगित रखने की अपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा है कि लोग कोविड प्रोटोकॉल को आवश्यक रूप से अपने व्यवहार में शामिल करें ताकि स्थिति में सुधार होने पर लॉकडाउन की पाबंदियों में शिथिलता दी जा सके। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से कुछ तकलीफें जरूर होती हैं, लेकिन संक्रमण प्रसार की वर्तमान स्थितियों में प्रदेशवासियों की जीवनरक्षा के लिए ये प्रतिबंध लगाना जरूरी है।

विगत दिनों जयपुर जिले में संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में टेस्ट, ट्रेक एवं ट्रीट प्रोटोकॉल की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्णय किया गया था। जयपुर के लिए बनाए गए इस मॉडल को प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। इसके तहत आईएलआई लक्षणों वाले मरीजों का चिन्हीकरण, मेडिकल किट वितरण, जांच, होम आइसोलेशन एवं उपचार की नियमित निगरानी की जाएगी। डोर-टू-डोर सर्वे का काम इस प्रकार किया जाएगा जिससे प्रत्येक घर का सर्वे 10 दिन में हो जाए और यह प्रक्रिया प्रत्येक 10 दिवस में दोहरायी जाए।

त्रि-स्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन के तहत प्रमुख दिशा-निर्देश –
1 राज्य में 24 मई की प्रातः 5 बजे से 8 जून की प्रातः 5 बजे तक त्रि-स्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन रहेगा।
2 सार्वजनिक स्थल एवं कार्यस्थल पर फेस मास्क या फेसकवर नहीं लगाने पर जुर्माना राशि 500 से बढ़ाकर 1 हजार रूपए की गई है।
3 डेयरी एवं दूध की दुकानों, मंडियां, फल-सब्जी, फूल माला की दुकानों तथा फल-सब्जी का ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से विक्रय को छोड़कर बाजार शुक्रवार 28 मई दोपहर 12 बजे से मंगलवार 1 जून प्रातः 5 बजे तक तथा शुक्रवार 4 जून दोपहर 12 बजे से मंगलवार 8 जून प्रातः 5 बजे तक बंद रहेंगे।
4 राज्य में विवाह समारोह 30 जून, 2021 तक स्थगित रखे जाएं।
5 विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 30 जून तक नहीं होगी।
6 विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। जिसकी सूचना वेब पोर्टल ब्वअपकपदविण्तंरेंजींदण्हवअण्पद पर या हैल्प लाइन नम्बर 181 पर देनी होगी।
7 विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, टैन्ट या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी।
8 शादी के लिए टैन्ट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी।
9 मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे।
10 विवाह स्थल मालिकां, टैन्ट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को एडवांस बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।
11 किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी।
12 आमजन से अपील है कि पूजा-अर्चना, इबादत, प्रार्थना घर पर रहकर ही करें।
13 मेडिकल सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी परिवहन के साधन जैसे- बस, जीप आदि पूरी तरह बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टैम्पो, ट्रेक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी।
14 अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के भीतर माल का परिवहन करने वाले भारी वाहनों का आवागमन, माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग तथा इस कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति अनुमत हांगे।
15 राज्य में मेडिकल, अन्य इमरजेंसी एवं अनुमत श्रेणियों को छोड़कर एक जिले से दूसरे जिले, एक शहर से दूसरे शहर, शहर से गांव, गांव से शहर और एक गांव से दूसरे गांव में सभी प्रकार के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
16 वैक्सीनेशन के लिए लोग अपने निवास स्थान से संबंधित नगरीय निकाय या पंचायत समिति की सीमा में स्थित टीकाकरण स्थल पर ही जा सकेंगे।
17 राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को 72 घंटे के भीतर करवाई गई आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
18 यदि कोई यात्री नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे 15 दिन के लिए क्वारेंटीन किया जाएगा।
19 श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए उद्योगों एवं निर्माण से संबंधित सभी इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी।
20 श्रमिकों को आवागमन में असुविधा नहीं हो, इसके लिए ब्वअपकपदविण्तंरेंजींदण्हवअण्पद के माध्यम से ट्रांजिट पास सेल्फ जनरेट किया जा सकेगा। यह पास कार्यावधि से एक घंटे पहले तथा कार्यावधि खत्म होने के एक घंटे बाद तक घर से कार्य स्थल एवं कार्य स्थल से घर के लिए मान्य होगा।
21 उद्योग एवं निर्माण इकाई द्वारा श्रमिकों के आवागमन के लिए विशेष बस का संचालन अनुमत होगा। जिसकी सूचना ऑनलाइन वेब पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी।
22 निर्माण सामग्री से संबंधित दुकानें नहीं खुल सकेगी। माल के आवागमन के लिए दी गई छूट के अनुसार दूरभाष अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऑर्डर मिलने पर सामग्री की आपूर्ति की जा सकेगी।
23 खाद-बीज एवं कृषि उपकरण, पशु चारा एवं किराना की दुकान मंगलवार से शुक्रवार तक प्रातः 6 बजे से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी। ऑप्टीकल्स की दुकानें मंगलवार एवं शुक्रवार को प्रातः 6 बजे से 11 बजे तक खोली जा सकेंगी।
24 राशन की दुकानें प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक तथा मेडिकल की दुकानें प्रतिदिन 24 घंटे खोली जा सकेंगी।
25 फल-सब्जी का ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से विक्रय प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से शाम 5 बजे तक अनुमत होगा। मण्डियां, फल-सब्जी एवं फूल मालाओं की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खोली जा सकेंगी।
26 डेयरी एवं दूध की दुकानें प्रतिदिन सुबह 6 से 11 बजे तथा शाम 5 बजे से 7 बजे तक अनुमत होंगी। इंदिरा रसोई एवं प्रोसेस्ड फूड की होम डिलीवरी प्रतिदिन रात 9 बजे तक अनुमत होगी।

27 ई-मित्र सेवाएं शाम 4 बजे तक अनुमत होंगी।
28 मनरेगा कार्यां के लिए ग्रामीण विकास विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।
29 रबी की फसलों की मंडियों में आवक तथा समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की गतिविधियां कोविड प्रोटोकॉल की पालना के साथ अनुमत होगी। किसानों के मंडी पहुंचने एवं वापस आने के अलावा मंडी परिसर के बाहर आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। किसानों को मंडी जाते समय अपने माल का सत्यापन एवं वापस जाते समय ब्रिकी की रसीदें या बिल का सत्यापन करवाना होगा।
30 कुछ जिलों में संक्रमण के प्रसार की स्थिति में सुधार हुआ है। स्थिति और ठीक होने तथा लोगों द्वारा जन अनुशासन की प्रभावी पालना सुनिश्चित होने पर 1 जून से इन जिलों में व्यावसायिक गतिविधियों में और छूट दी जा सकती है।
31 व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के दौरान दुकानदार गोले बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करेंगे तो दुकानदार पर 500 रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
