js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन के सचिव राजकुमार पचीसिया ने बताया कि ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन की वीडियो कोंफ्रेंसिंग द्वारा देशभर के दाल मिलर्स की ज़ूम मीटिंग का आयोजन अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई |

जिसमें देशभर के दाल मिलर्स ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा आनाज, दाल एवं अन्य खाद्य पदार्थों पर 18 जुलाई से लगने वाले जीएसटी के विरोध में देशभर के दाल मिलर्स अपने प्रतिष्ठान 16 जुलाई को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से बंद रखेंगे | सभी मिलर्स ने यह भी निर्णय लिया कि अगर सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो आगे आन्दोलन को और तेज किया जाएगा | क्योंकि सरकार का यह निर्णय खाद्यान व दलहन व्यापार के लिए सही नहीं है और ना ही यह किसानों व आमजन के लिए हितकर है | साथ ही देश भर के दाल मिलर्स ने यह भी निर्णय लिया है कि सभी अपने अपने जिले के जिलाधीश के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे |


कथारंग के संपादक हरीश बी. शर्मा ने बताया कि गायत्री प्रकाशन द्वारा प्रकाशित कथारंग साहित्य वार्षिकी में देशभर के साहित्यकारों की रचनाएं हैं। 180 रचनाकारों के उत्कृष्ट सृजन की इस 480 पेज की कृति में प्रो.राधावल्लभ त्रिपाठी, डॉ. सीपी देवल, सुधीर चंद्र, देवीलाल पाटीदार, प्रेरणा श्रीमाली, नासिरा शर्मा, संजुक्तादास गुप्ता, यशपाल शर्मा, गीतांजलिश्री, रमेश सैनी, मोईद रशीदी और डॉ.फिरोज अहदम के साक्षात्कार शामिल हैं। इनसे डॉ.कौशल तिवारी, आशीष पुरोहित, प्रियदर्शन, प्रमोद गणपत्ये, मनीषा कुलश्रेष्ठ, प्रितपाल कौर, ऋतु शर्मा, मनीषा आर्य सोनी, प्रदीपसिंह, विनीता शर्मा, सीमा भाटी, नदीम अहमद नदीम ने साक्षात्कार लिये हैं।

इसी तरह ममता कालिया, सारा राय, अशोक पांडेय, ऋषिकेश सुलभ, संगीता गुंदेचा, कुणालसिंह, अरुण अर्नव खरे, डॉ.रूपासिंह, रंगनाथ द्विवेदी, कुलदीप मक्कड़, प्रदीप जिलवाने, उमा, डा.मदनगोपाल लढ़ा, राजेंद्र जोशी, सुमन वाजपेयी, मीना झा, रेणु फ्रांसिस, किरण राजपुरोहित नितिला, संजय जनागल, प्रियंका पाठक, निशांत, महेश कुमार केशरी, टी.शशि रंजन, दया शर्मा, अंजु शर्मा, सुरेश बरनवाला, डॉ.निधि अग्रवाल, डॉ.कुसुम अग्रवाल, मनोज चारण, सुषमा मुनींद्र, डॉ.जया आनंद, हिमांशु पाठक, प्रहलाद भूकर, डॉ.आरती लोकेश, शोभा पारीक की कहानियां हैं।

मधु आचार्य ‘आशावादी’ का नाटक शामिल है। सुमन केशरी, लीलाधर मंडलोई, विनोद पदरज, हेमंत देवलेकर, अरुण देव, प्रेमशंकर शुक्ल, ओम नागर, कुमार अनुपम, निशांत उपाध्याय, अविनाश मिश्र, संजीव गुप्त, डॉ.दिग्विजय कुमार शर्मा, वाजदा खान, डॉ.कौशल तिवारी, उत्पल डेका, विजयसिंह नाहटा, मंगलसिंह नाचीज, डॉ.रेणुका व्यास नीलम, कुलदीपसिंह भाटी, डॉ.प्रकाशदान चारण, मीठेश निर्मोही, पूजा बहार, श्याम सी.टुडू, मीता दास, बाबूलाल छंगाणी, यजंत शर्मा, रजनी सुनील थानवी, रुचि गोस्वामी, शिल्पा रंगा, हिमाद्री समर्थ, डॉ.यजत भारद्वाज, आंचल गौड़, अशोक पारीक अनमोल, ममता आचार्य, अरुणा अभय शर्मा, नीलम पारीक की कविताएं शामिल हैं।
अनिरुद्ध उमट, मनीष पुष्कले, आशुतोष दुबे, रवि रंजन कुमार ठाकुर, गीत चतुर्वेदी, डॉ.शमशाद अली के विविध विषयों पर आलेख हैं। डॉ.राजेश कुमार व्यास का यात्रा वृत्तांत शामिल हैं। एक पूरा खंड किताबों की बात पर आधारित है, जिसमें चंद्र कुमार, अनिल गोयल, सृजना शर्मा, डॉ.संजू श्रीमाली, प्रयाग शुक्ल, मनोज कुमार पांडेय, डॉ.उर्मिला चौधरी ने समीक्षाएं की हैं। अजंता देव, दिलीप कुमार तेतरवे, मदनपाल सिंह के उपन्यास अंश साहित्य वार्षिकी में शामिल किये गए हैं।
हेमंत शेष, वंदना राग, कंचनलता शर्मा के संस्मरण हैं। सुनील गज्जाणी, अंजुमन आरा कादरू, राजशेखर चौबे, सरिता तिवारी, मोहम्मद रफीक पठान, गोविंद शर्मा, डॉ.गौरीशंकर प्रजापत, इला पारीक, गीता पुरोहित, डॉ.दिनेश पाठक शशि की लघुकथा शामिल है।
लालित्य ललित, रमेश सैनी, जयजीत अकलेचा, प्रमोद कुमार चमोली, टीकाराम सहू आजाद, डॉ.संजय कुमार, अरुणेंद्रनाथ वर्मा, छत्र छाजेड़ फक्कड़, की रचनाएं व्यंग्य खंड में शामिल हैं। ब्रजेश अंबर, डॉ.हेमंत चोपड़ेकर, नीतामणि बारदले, पूजा शर्मा, संजीव मंडल, मितुल दत्ता, पीयूष ठक्कर, सुनीता झाड़े, परगटसिंह सतौज ने अनुवाद किये हैं। इसके अलावा कुमार गणेश की नज्म, नगेंद्र नारायण किराड़ू व पंकज पाराशर की स्मृति, अश्विनी त्रिपाठी व इरशाद अजीज की गजल, सुदीप सोहनी का काव्यालेख, माणक तुलसीराम गौड़ के दोहे, श्याम सुंदर व्यास की अनुभव यात्रा, मोहन पुरी व कृष्णा आचार्य के गीत भी इसमें शामिल है।
इस साहित्य वार्षिकी में विश्व पुस्तक सप्ताह के तहत गायत्री प्रकाशन द्वारा देशभर के साहित्यकारों से किये गए ऑनलाइन संवाद को भी प्रकाशित किया गया है। इसमें ममता कालिया, सुमन केशरी, अनिरुद्ध उमट, मधु आचार्य ‘आशावादी’, अजंता देव, दीपचंद सांखला, प्रितपाल कौर, रमेश तिवारी, डॉ.कुमार गणेश, संगीता सेठी व दुलाराम सहारण शामिल हैं।
इससे पहले गायत्री प्रकाशन द्वारा चार कथारंग विशेषांको का लोकार्पण किया गया है। पिछले वर्ष कोरोनाकाल के सृजन पर आधारित साहित्य वार्षिकी का प्रकाशन किया गया था। इससे पहले बीकानेर के 75 फिर 150 कहानीकार और इसके बाद बीकानेर संभाग के 261 रचनाकारों की लघुकथाओं का अंक भी प्रकाशित किया गया है।