js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170पिछले कोरोना काल में राजस्थान के कोविड प्रबंधन की पूरे देश में प्रशंसा हुई है. लेकिन एक बार फिर चीन से आ रही डरावनी तस्वीरें प्रदेश को पहले से ही अलर्ट कर रही है. यहीं वजह है कि राजस्थान का चिकित्सा महकमा फिर अलर्ट हो चुका है और कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन भी आ चुकी है. हालांकि गाइडलाइन में सख्ती जैसा कुछ नहीं है लेकिन गांव-गांव में डोर-टू-डोर सेंपलिंग करने के सख्त निर्देश है.
इसको लेकर जयपुर के स्वास्थ्य भवन में शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. पृथ्वी की अध्यक्षता में कोविड प्रबंधन की समीक्षा और विस्तृत तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जायेगी. ताकि राजस्थान के सभी जिलों में एक्टिव सर्विलेंस के माध्यम से प्रभावी घर-घर सर्वे कर आईएलआई रोगियों की पहचान कर वांछित कार्रवाई की जाए. साथ ही ओपीडी में आने वाले संदिग्ध रोगियों का सैंपल लेकर कोविड की जांच कराएं और ओपीडी में आने वाले SARI रोगियों की पहचान कर उनकी जांच और उपचार किया जाए.
इसके आलावा प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और निजी संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जीनोम सीक्वेसिंग के लिए सभी कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों के सैंपल की व्यवस्था हो. वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सब्जी मंडी, विद्यालय और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कोविड लक्षणों वाले संदिग्ध रोगियों की रेंडम सैंपलिंग करवाने के भी निर्देश है. साथ ही एक्टिव सर्वे और ओपीडी में आने वाले हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों की पहचान कर तुरंत उपचार करवाने के निर्देश है.
राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी सभी निर्देशों में स्क्रीनिंग, सैंपल कलेक्शन, रेंडम सैंपलिंग, उपचार, डिस्चार्ज की पालना के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में अन्य विभागों पुलिस, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, नगर-निगम, आयूष, आईएमए से अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए समय-समय पर आवश्यकतानुसार कोरोना वायरस की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समीक्षा करने के निर्देश गाइडलाइन में दिए गए है.
इसके लिए प्रत्येक संस्थान पर गठित रेपिड रिस्पॉन्स टीम को कार्यशील रहने के निर्देश दए हैं. इसके आलावा समस्त राजकीय चिकित्सा संस्थानों को लॉजिस्टिक और दवाईयों की उपलब्धता के साथ साथ घर-घर सर्वे के दौरान कोविड और अन्य मौसमी बिमारियों के लक्षण और उससे बचने के उपाय के साथ-साथ विभागीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का प्रचार-प्रसार कर आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए है. इसके लिए जिला और खण्ड पर स्थापित नियंत्रण कक्ष को कार्यशील रखते हुए आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए है.
]]>संडे को होने वाले कर्फ्यू में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। इसके अलावा छूट वाली कैटेगरी को छोड़कर सभी बाजार, दुकानें, शॉपिंग मॉल, जिम, क्लब बंद रहेंगे। कोरोना की तीसरी लहर में पहली बार वीकेंड कर्फ्यू लगा है। संडे कर्फ्यू में आम जरूरत की चीजों की दुकानें खुली रहेंगी। दूध की दुकानें, डेयरी बूथ, फल-सब्जी दुकानें, किराना की दुकानें खुली रहेंगी। आम जरूरत की दुकानें रात 8 बजे तक ही खुली रहेंगी।
सेंचुरी और टाइगर रिजर्व भी रहेंगे बंद
वीकेंड कर्फ्यू के दिन प्रदेश भर के सेंचुरी और टाइगर रिजर्व और सफारी भी बंद रहेंगे। वन विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। जयपुर में लेपर्ड सफारी और नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क बंद रहेंगे। इसके अलावा संडे कर्फ्यू में छूट की कैटेगरी बनाई है। इनमें दूध की दुकान, डेयरी बूथ, फल-सब्जी मंडी की दुकानें, किराना की दुकानें, लगातार प्रोडक्शन वाली फैक्ट्रियां, नाइट शिफ्ट वाली फैक्ट्रियां, आईटी, टेलीकॉम सेवाएं, मेडिकल दुकान, शादी समारोह, इमरजेंसी सेवाओं वाले ऑफिस, माल लाने-ले जाने वाले सभी वाहनों के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को छूट रहेगी। वैक्सीनेशन के लिए आने-जाने वालों को छूट रहेगी। मेडिकल सेवाओं से जुड़े ऑफिस कर्फ्यू के दायरे से बाहर रहेंगे। स्ट्रीट वेंडर्स, थड़ी-ठेले वालों को छूट नहीं दी गई है। संडे कर्फ्यू में स्ट्रीट वेंडर्स सामान नहीं बेच सकेंगे।
घर पर रहने की हिदायत
वीकेंड कर्फ्यू में इमरजेंसी को छोड़ घर पर रहने की ही हिदायत दी गई है। बेवजह बाहर घूमने वालों के खिलाफ पुलिस महामारी एक्ट में कार्रवाई करेगी। गाइडलाइन में इसका प्रावधान है। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर लोगों से घरों में रहकर सहयोग करने की अपील की है। एक्सपर्टस का सुझाव है कि कोरोना की चैन तोड़ने के लिए मिनी लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध कारगर हो सकते हैं।



विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सात अप्रैल को जिले में कोरोना टीकाकरण महाअभियान का आयोजन किया गया। इसे लेकर जिला एवं उपखण्ड मुख्यालयों पर कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार बुधवार को संचालित किए गए कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत 176 जगहों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए।
कोरोना टीकाकरण महाअभियान के तहत लगाए गए टीकाकरण सत्रों का जिला एवं उपखण्ड तथा तहसील स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया और टीकाकरण करवाए गए आमजन से बातचीत भी की। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सात अप्रैल, बुधवार को पुराना अस्पताल परिसर में कोरोना वैक्सीनेशन महाअभियान के टीकाकरण सत्र की शुरूआत अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार ने की। अतिरिक्त जिला कलक्टर की मौजूदगी में यहां 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। उन्होंने यहां पर राहत का पहला मंगल टीका लगवाने वाले आमजन से बातचीत भी की और उन्हें अपने घर, समाज व आसपास के क्षेत्र में रहने वाले 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रेरित करने की अपील की। इस दौरान खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. महेन्द्रसिंह मीणा, एनएचएम के डीपीएम राजीव सोनी, डाॅ. रविन्द्र, बीपीएम प्रेमप्रकाश, बीएनओ मनोज व्यास आदि मौजूद रहे।

इसी प्रकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ईन्द्रजीतसिंह ने डेगाना ब्लाॅक के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में आयोजित टीकाकरण सत्रों का निरीक्षण किया और आमजन से अधिक से अधिक कोरोना का टीका लगवाने की अपील की। वहीं यूएनडीपी की प्रोग्राम ऑफिसर निर्मला पीटर ने डीएनओ भवानीसिंह हापावत के साथ पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बासनी में संचालित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। वहीं अतिरिक्त जिला कलक्टर डीडवाना रिछपालसिंह बुरड़क ने सुद्रासन, कायमसर, तहसीलदार सुभाषचंद्र चौधरी ने श्रीबालाजी, तहसीलदार मूण्डवा पी.आर. पूनिया ने मूूण्डवा, झुंझंडा, ग्वालू, खजवाना, उपखण्ड अधिकारी डेगाना मुकेश चौधरी ने लांगोद, आंतरौली खुर्द, तहसीलदार रामनिवास बाना ने हरसौर, पुण्डलौता, लाडनूं के उपखण्ड अधिकारी अनिल कुमार ने कस्बे के भूतोड़िया स्कूल व राजड़ भवन, मकराना के उपखण्ड अधिकारी सिराज अली जैदी ने प्रगति स्कूल, मदरसा अंजुमन, महेश पब्लिक स्कूल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मकराना में संचालित कोरोना टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। जैदी ने मकराना में उचित मूल्य के दुकानदारों की बैठक लेकर कोरोना टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।

सीएचसी मकराना में पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत सहित नगर परिषद के उप सभापति व पार्षदों ने भी कोरोना टीकाकरण करवाया और अपने क्षेत्र में 45 वर्ष से अधिक उम्र के आमजन से राहत का टीका लगवाने की अपील की। इसी प्रकार डीडवाना के उपखण्ड अधिकारी हनुमानराम चौधरी ने पाटवा व निम्बीकलां, निम्बीखुर्द, चोलेखां गांव में टीकाकरण में टीकाकरण सत्र का निरीक्षण करने के बाद सरदारपुरा में गणमान्यजनों से मुलाकात कर कोरोना टीकाकरण करवाने की अपील की। नावां के उपखण्ड अधिकारी ब्रहम्लाल जाट ने भी विभिन्न जगहों पर कोरोना टीकाकरण सत्रों का निरीक्षण किया।

वहीं दूसरी ओर से षिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कोरोना के संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम व 45 वर्ष से अधिक आयु के आमजन को कोरोना का टीका लगवाने के प्रति प्रेरित करने का काम किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आशा सहयोगिनी की ओर से गांवों में घर-घर पीले चांवल बांटकर 45 वर्ष से अधिक उम्र के आमजन से कोरोना टीकाकरण करवाने की अपील की। वहीं सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों व शिक्षकों ने भी अपने कार्यक्षेत्र में आमजन से कोरोना टीकाकरण करवाने की अपील की।
इसी प्रकार जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने वार्ड क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों से लेकर घरों तक 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से कोरोना की रोकथाम का टीका लगाने की अपील की गई। यही नहीं बाजार सहित रेलवे स्टेशन व बस स्टैण्ड क्षेत्रों में आमजन से माॅस्क पहनने, दो गज की दुरी और हैण्ड सेनेटाइजेशन का पालन करने की अपील भी आमजन से की गई।
अब दोनों पूर्णतया स्वस्थ हैं। निःसंदेह जिला और अस्पताल प्रशासन ने हमें बड़ी मुसीबत से निकलने में मदद की है।’
यह कहना है करणी नगर-पवनपुरी रहने वाले कांतेश आचार्य का। उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस बुरे वक्त को कभी नहीं भूल सकता। संकट के इस दौर में जिला कलक्टर की माॅनिटरिंग और चिकित्सकों का समर्पण सराहनीय रहा। वरना कोरोना पाॅजिटिव होने के बाद मम्मी-पापा का इलाज और उनकी देखभाल, उनके लिए खाना, चाय, गर्म पानी, दवाई आदि भेजना मुश्किल था, लेकिन सभी व्यवस्थाएं कोविड अस्पताल में ही हो गई और प्रशासन द्वारा की गई इन व्यवस्थाओं ने चिंता की लकीरों को हल्का कर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की इन प्रतिकूल परिस्थितियों में जिला प्रशासन एवं चिकित्सक अहम कड़ी के रूप में सामने आए।
कोविड अस्पताल में भर्ती रहे कांतेश के पिता रवि शंकर आचार्य ने बताया कि डाॅक्टर प्रतिदिन 10 बजे आ जाते। दोपहर और शाम को भी राउण्ड लगाते। सभी मरीजों को पूरे इतमिनान से देखते। दवाईयां और इंजेक्शंस की उपलब्धता भी प्रभावी रही। इसी कारण हाई शूगर और ब्लड प्रेशर जैसे रोग होने के बावजूद ठीक होकर लौट आया।
उनकी पत्नी तथा सेवानिवृत्त अध्यापिका भगवती देवी ने बताया कि वह ब्रोंकाइटिस, इाइपर टेंशन और यूरिन इंफेक्शन जैसी बीमारियों से ग्रसित है। कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने के बाद एक बारगी तो उनका आत्मविश्वास डगमगा गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की अच्छी व्यवस्थाओं के चलते उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और कुछ ही समय में वह स्वस्थ होकर घर लौट आई। उन्होंने वहां की बेहतरीन व्यवस्थाओं को इसका कारण बताया।

जिला कलक्टर ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जागरूकता की वजह से कोविड-19 रोगियों में कमी आई है, जिसे बनाया रखना हैं। बीकानेर शहर में जांच के सैम्पल की संख्या प्रतिदिन लगभग 1500 की जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन 400 से 500 जांच के लिए सैम्पल लिए जाएं। उन्होनें निर्देश दिए कि प्रत्येक बीसीएमओ को 50 से 60 सैम्पल लेने का लक्ष्य दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वैन से कोविड-19 जांच के सैम्पल संग्रहण की व्यवस्था की जाए। घर-घर सर्वे कर, ओक्सोमीटर से स्वास्थ्य कर्मी आमजन की जांच करेंगे, इसका प्रबंध किया जाए।
मेहता ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार कंटेनमेंट जोन 31 दिसम्बर तक रहेगा। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन का प्रभावी सीमांकन, संक्रमण के ट्रांसमिशन की श्रृखंला को तोड़ने और वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय है। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधिया ही अनुमत होगी तथा आवश्यकतानुसार सघन सम्पर्क ट्रेंसिंग, घर-घर निगरानी और आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सकीय गतिविधियां अमल में लायी जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो कोविड पाॅजिटिव पाये गये हैं, उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की सूची बनाई जाकर उनकी ट्रैकिंग, 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाये।

मेहता ने निर्देश दिए कि कोविड से ग्रसित रोगियों का इलाज सुविधा स्थलों पर व उनके घरों में गाईडलाईन की पालना करते हुए तुरन्त आईसोलेट किया जाए। चिकित्सा विभाग हर दिन सभी सकारात्मक मामलों की सूची संबंधित थानाधिकारी के साथ बीट कांस्टेबल द्वारा निगरानी प्रयोजन हेतु साझा करेंगे। बीट कांस्टेबल सकारात्मक मामलों की निगरानी के लिए ’राज कोवडिइनफो ऐप डाउनलोड करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि मरीज घर में ही रहता है और मरीज के फोन में भी यह एप डाउनलोड करायेगा।
नाइट कर्फ्यू को कड़ाई से लागू करवाएं– जिला कलक्टर ने बैठक में शादियों में भीड-भाड़ के संबंध में नियुक्त मजिस्ट्रेट से जानकारी ली और कहा कि सभी मजिस्ट्रेट नियमों की अवहेलना पर संबंधित थानाधिकारी का साथ लेकर चालान काटेंगे। उन्होंने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक से कहा कि रात सात बजे नाइट कर्फ्यू की पालना करवाने के लिए मार्केट को बंद करवाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय के बाद अगर बेवजह कोई बाहर घूमता मिले या फिर दुकान खुली मिले तो संबंधित का चालान कटवाना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद नाइट कर्फ्यू की पालना होनी ही चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चौधरी, सहायक कलक्टर (प्रशिक्षु आईएएस) कनिष्क कटारिया, सचिव यूआईटी मेघराज सिंह मीना, रजिस्ट्रार मुद्रांक एवं स्टाम्प ऋषिबाला श्रीमाली, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ.एसएस राठौड़, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डाॅ. परमेन्द्र सिरोही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना, डाॅ.संजय कोचर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जिला कलक्टर ने अधीक्षक पीबीएम अस्पताल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वर्तमान में कोविड-19 का जो ट्रेंड चल रहा, इसमें रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पीबीएम अस्पताल में वर्तमान क्षमता के अतिरिक्त 200 रोगियों को रखने व्यवस्था और कर ली जाए ताकि पाॅजिटिव रोगी आए तो उन्हें वहां स्थानांतरित किया जा सके। इसी तरह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी क्वॉरेंटाइन सेंटर में रोगियों को भर्ती करने के लिए 1000 की व्यवस्था रखें ताकि किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हो। कुछ और भवनों को कोरेटिंन सेंटर के रूप में सृजित करना पड़ सकता है। अतः तत्काल कोरेटिंन सेंटर के लिए भवनों को चिन्हित करे उन्हें अधिग्रहण किया जावे।
जिला कलक्टर ने कहा कि अब पॉजिटिव आने वाले व्यक्ति के मोबाइल नंबर को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में इंद्राज की जायेगी और वहां उसके मोबाइल की लोकेशन निकाली जाएगी कि पॉजिटिव व्यक्ति होम कोरेटाईन होने के बाद घर से बाहर तो नहीं निकला। अगर मोबाइल में लोकेशन से उसके घर के बाहर की जानकारी प्राप्त हुई तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज की जाएगी।
जिला कलक्टर ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा से कहा कि वर्तमान में शाम 8 बजे से सुबह 6 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की हुई है। ऐसे में पुलिस अधिकारी रात के समय भ्रमण कर निषेधाज्ञा लागू रहे, यह भी सुनिश्चित करें । उन्होंने अधीक्षक पीबीएम डॉक्टर मोहम्मद सलीम से कहा कि हेल्प डेस्क को और अधिक प्रभावी बनाए जाए ताकि कोविड-19 में भर्ती रोगियों के परिजनों को तत्काल जानकारी मिल सकें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ए एच गौरी, जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीना, अधीक्षक पीबीएम डॉक्टर मोहम्मद सलीम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा सहित कोविड-19 के सभी एरिया मजिस्ट्रेट और जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय चिकित्सालयों के प्रभारी चिकित्सक उपस्थित थे।

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि सद्भाव और भाईचारे के कारण बीकानेर की अलग पहचान है। साम्प्रदायिक सद्भाव के चलते बीकानेर को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। मेहता ने कहा कि कोरोना काल में बीकानेर के लोगों की एकजुटता और सहयोग से प्रशासन को बहुत मदद मिली है। वे उम्मीद करते हैं कि आगामी त्योहारों के दौरान भी आमजन इस सौहार्द को बनाए रखते हुए कोरोना एडवाइजरी की पूरी अनुपालना करेंगे। मेहता ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक में यह बात कही।
मेहता ने कहा कि लोगों की अपनी-अपनी आस्थाएं हैं प्रत्येक समुदाय को अपनी आस्था व्यक्त करने का पूरा अधिकार है, परंतु वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर हमें कोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालना करते हुए अपने त्योहारों को पूरी श्रद्धा के साथ मनाना है। उन्होंने कहा कि शांति समिति के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों के साथ समझाइश करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामूहिक आयोजन नहीं हो और किसी भी परिस्थिति में 50 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्र ना हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई बड़ा आयोजन होता पाया जाए तो शांति समिति के सदस्य इसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें जिससे संक्रमण फैलने की किसी भी संभावना को रोका जा सके। मेहता ने कहा कि कानून व्यवस्था संधारण के साथ-साथ वर्तमान में कोरोना संक्रमण रोकथाम में भी आम लोगों की प्राथमिक भूमिका है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोग अपने क्षेत्र के लोगों के साथ समझाइश कर उन्हें कोरोना एडवाइजरी की अनुपालना के लिए प्रेरित करें। बकरईद पर मंडी नहीं लगे।

मेहता ने कहा कि कोरोना संक्रमण धर्म देखकर नहीं फैलता इसलिए हमें अपनी आस्था का पूरा सम्मान करते हुए पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करना होगा जिससे स्थिति नियंत्रण में रहे। जिला कलेक्टर ने कहा कि आगामी सप्ताह में ईद, रक्षाबंधन जैसे त्यौहार हैं। उन्होंने लोगों से घरों में रहकर नमाज पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से घरों से ना निकले और बहुत आवश्यक होने पर ही घरों में निकले और कोरोना बचाव कें नियम अपनाएं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद सिंह कृष्णिया ने कहा कि गंगा जमुनी संस्कृति बीकानेर की पहचान रही है। सहयोग यहां की परंपराओं में है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब तक आमजन द्वारा कानून व्यवस्था को बनाए रखने में दिए गए सहयोग के प्रति पुलिस आभारी है और आम लोगों की मदद के लिए पुलिस सावधान और तत्पर है। पुलिस आगामी समय में भी समाज के प्रभावशाली लोगों से सहयोग की अपेक्षा रखती है। त्योहारों के दौरान भी लोग सरकार द्वारा जारी कोरोना एडवाइजरी की पूरी पालना करते हुए स्वयं, अपने परिवार और समाज को इस बीमारी से बचाए रखेंगे।
बैठक में नोखा में शांति समिति के प्रतिनिधि भीमराज उपाध्याय ने प्रशासन और पुलिस द्वारा कोरोना संक्रमण रोकने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कोरोना लॉकडाउन में आमजन का पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। उन्होंने नोखा क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के पुलिस की अतिरिक्त सक्रियता की बात कही। गंगा शहर शांति समिति के सदस्य द्वारा पीबीएम अस्पताल में सुधार की मांग की जिला कलेक्टर ने बताया कि पीबीएम अस्पताल में सुधार के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी समय-समय पर नियमित रूप से निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारेगी। कोविड-19 के मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए दैनिक आधार पर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। मेहता ने कहा कि लोगों की फीडबैक के आधार पर प्रशासन पीबीएम अस्पताल में और सुधार के लिए प्रयासरत है।
बैठक में समिति के जालवाली प्रतिनिधि बागेखां द्वारा जालवाली में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग पर जिला कलक्टर ने शीघ्र एक्शन लेने का आश्वासन दिया। अर्जुनसर से समिति के प्रतिनिधि ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एरिया खुला होने के चलते दुर्घटना होने की संभावनाओं के मद्देनजर तारबंदी करवाने की मांग की। कोलायत से शांति समिति के सदस्य द्वारा त्योहारों के मद्देनजर कोरोना एडवाइजरी की पूरी अनुपालन के लिए बाजारों में पुलिस के अतिरिक्त जवान नियुक्त करने, ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग की गई। जिला कलेक्टर ने कहा कि बीकानेर शांतिप्रिय क्षेत्र है और सभी समुदायों के लोग कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और प्रशासन यह उम्मीद करता है कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर इसकी तुरंत सूचना पुलिस और प्रशासन को दी जाएगी।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन एएच गौरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर सुनीता भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी कनिष्क कटारिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीना, सीओ सिटी सुभाष शर्मा, पवन कुमार सहित शांति समिति के प्रतिनिधि के रूप में बीकमपुर के रघुवीर सिंह भाटी, अरजनसर से लक्ष्मीनारायण, कोलायत से गणेशमल, घनश्याम पंचारिया, रामदयाल पंवार, पांचू से हनुमानराम गोदारा, जोगाराम, रणजीतपूरा बज्जू से नथूराम कस्वां, बींझासर सेरूणा नानूराम नैण, भागीरथ भूकर, पूगल से काशीराम जाखड़, खाजूवाला से जे एस संधु, सिटी कोतवाली बीकानेर से विनोद कुमार कोचर, बीकानेर से किशोर सिंह, अनिल कुमार सोनी, गंगाशहर से बच्छराज नाहटा, नयाशहर से अनंतराज पांण्डया उपस्थित थे।