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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘इन्वेस्ट बीकानेर समिट’ का आयोजन बुधवार को होटल लक्ष्मी निवास में हुआ। इस दौरान 84 मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) तथा 36 लेटर और इंटेंट (एलओआई) हुए। जिनसे बीकानेर में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश होगा तथा लगभग 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए कृषि एवं पशुपालन मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री श्री लाल चंद कटारिया ने कहा कि पहली बार आयोजित हुए ऐसे कार्यक्रमों से जिलों में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कृतसंकल्प है तथा ऐसी योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं, जिनके दूरगामी अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में तीन नए औद्योगिक क्षेत्र शीघ्र विकसित होंगे, इससे भी औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

शिक्षा मंत्री डाॅ. बी. डी. कल्ला ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश में औद्योगिक निवेश के अनुकूल माहौल बना है। हमारे यहां भूमि, साधन और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता है तथा निवेश के प्रति इच्छा शक्ति है। राज्य सरकार की मंशा भी यही है कि यहां भरपूर निवेश हो। उन्होंने कहा कि पश्चिम राजस्थान में सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करने की अपार संभावना है। हमारा प्रदेश 1 लाख 42 हजार मेगावाट बिजली बना सकता है। अभी तक हम छह हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा के माध्यम से बनाकर देश में पहले स्थान पर हैं।

उद्योग मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत भी वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना और वन स्टाॅप शाॅप जैसी योजनाएं चल रही हैं। उद्यमी इनका लाभ उठाएं तथा यहां अधिक से अधिक उद्योग धंधे स्थापित करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उद्यमियों की प्रत्येक वाजिब समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन एवं सांख्यिकी विभाग मंत्री श्री गोविंद राम मेघवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत सदैव औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के पक्षधर रहे हैं।ऐसे समिट बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं तथा जिलों में हजारों करोड़ रुपये के नए निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे उद्यमियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देगी। प्रदेश में सभी निवेशकों को सार्थक और सकारात्मक माहौल मिलेगा।
संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने वर्चुअली जुड़ते हुए कहा कि सभी एमओयू की शीघ्र क्रियान्विति हो जिससे जिले को लाभ हो और दूसरे निवेशक भी निवेश के प्रति आकर्षित हो सकें।

जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि उद्यमशीलता बीकानेर की परम्परा रही है। यहां के अनेक उद्यमियों ने देश और दुनिया में बड़े औद्योगिक निवेश करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। इसके बावजूद इन उद्यमियों में बीकानेर की जड़ों के प्रति जुड़ाव है, जो कि अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि लगभग पंद्रह हजार करोड़ रुपये के निवेश से जिले के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

राजस्थान फाउण्डेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फाउण्डेशन का गठन किया गया है। फाउण्डेशन के प्रयासों से निवेशक राजस्थान की ओर आकर्षित हो रहे हैं तथा यहां के औद्योगिक विकास को गति मिली है।
उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक पीएन शर्मा ने कहा कि गत तीन वर्षों में सरकार ने अनेक अच्छी नीतियां लागू की हैं, जिनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने सरकार द्वारा अब तक किए गए प्रयासों के बारे में बताया।

इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्वलित करते हुए समिट का विधिवत शुभारम्भ किया। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। अतिथियों द्वारा समिट से संबंधित फोल्डर का विमोचन भी किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा ने आभार जताया। संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।

कार्यक्रम में नोखा विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सचिव मूलचंद, एसबीआई के उप महाप्रबंधक सुशील कुमार, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त एएच गौरी, रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण कुमार गुप्ता आदि अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

समारोह में जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी पी पचिसिया, बीकाजी समूह के दीपक अग्रवाल, वूलन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल कल्ला, बड़ी-पापड़ एसोसिएशन के रमेश अग्रवाल, करणी औद्योगिक क्षेत्र के महेश कोठारी आदि उद्यमी मौजूद रहे।

समिट के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी से संबंधित एमओयू प्रमुख रहे। इनमें साॅल्टन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सात हजार करोड़ रुपये, मेगा सूर्य ऊर्जा का 1 हजार 350 करोड़ तथा रेज पावर एक्सपट्र्स द्वारा 500 करोड़ रुपये मुख्य रहे। इनके अलावा श्रीराम मेगा फूड पार्क का 200 करोड़ रुपये, सिरेमिक्स ग्रेनिटो प्राइवेट लिमिटेड का 118.56 करोड़ रुपये, एक्मे क्लीनटेक सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीन हाइड्रोजन एवं ग्रीन अमोनिया से जुड़ा 100 करोड रुपये का एमओयू हुआ। एफोर्डेबल हाउसिंग से संबंधित धरती वेंचर का 33 करोड़ और 25.5 करोड़ रुपये के एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम के दौरान माइनिंग, मिनरल एवं सिरेमिक, डेयरी, वूल एवं कारपेट, ट्यूरिज्यम एवं होटल, आयुर्वेद, एग्रो फूड आदि क्षेत्रों के 120 एमओयू और एलओआई हुए। कार्यक्रम के दौरान बीकानेर में औद्योगिक संभावनाओं पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

बीकानेर इंवेस्ट समिट का आयोजन कोविड गाइडलाइन की अनुपालना में दो सत्रों में हुआ। प्रत्येक सत्र में पचास से कम निवेशकों ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान डिसटेंसिंग और अन्य सावधानियों का विशेष ध्यान रखा गया।
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इसी प्रकार प्रशासन गांवों के संग अभियान में कम प्रगति होने के कारण श्रीकोलायत के उपखंड अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि दोनों अभियानों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सरकार की अपेक्षा के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



जिला कलक्टर के आदेशानुसार प्रतियोगिताओं में 10 फरवरी को राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में रंगोली, 12 फरवरी को राजकीय बोथरा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल, गंगाशहर में भाषण प्रतियोगिता, 15 फरवरी को राजकीय एमएम उच्च माध्यमिक विद्यालय में साइकिल रैली, 17 फरवरी को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिवबाडी में पोस्टर प्रतियोगिता, 19 फरवरी को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जस्सूसर गेट नंबर 15 में नुक्कड नाटक, 22 फरवरी को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पवनपुरी में निबंध प्रतियोगिता, 24 फरवरी को महात्मा गंाधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता व 26 फरवरी को राजकीय शार्दूल उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छता संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगा।
उन्होंने बताया कि सभी प्रतियोगिताओं की व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी और समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। अधिकारी आपस में कोआर्डिनेशन रखते हुए प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन करेंगें। उन्होंने सभी कार्यक्रमों के लिए नगर निगम के सहायक अभियंता ओमप्रकाश को समन्वय और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजकुमार शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी है साथ ही जिन स्कूलों में प्रतियोगिताएं होनी है उन स्कूलों के प्राचार्य अपने पास की स्कूलों से समन्वय करते हुए आसपास की स्कूलों की भागीदारी भी सुनिश्चित करेंगे।
जिला कलेक्टर मेहता द्वारा जारी आदेश अनुसार राजस्थान प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों सहित विभिन्न अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान के प्रभारी अधिकारी आयुक्त नगर निगम एएच गौरी होंगे इसी तरह उपायुक्त नगर निगम पंकज शर्मा तथा उपखंड अधिकारी बीकानेर मीनू वर्मा को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन सभी अधिकारियों के सहयोग के लिए तथा आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6 अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग कार्य संपादित करने के लिए निर्देशित किया गया है

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गौतम ने बुधवार को अपने कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सूरसागर तक बरसात और नालों का पानी ना पहुंचे इसके लिए पीडब्ल्यूडी और आरयूआईडीपी के अभियंताओं की मदद से जल्द से जल्द एक प्लान तैयार कर उसके अनुसार कार्य प्रारम्भ किया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि पानी की चोरी रोकने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेंडम आधार पर निरीक्षण की कार्यवाही करें। यदि कहीं भी मोटर, बूस्टर आदि के जरिए पानी चोरी पकड़ी जाए तो मोटर सीज करते हुए सम्बंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पानी से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लेकर सम्बंधित को राहत प्रदान की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी स्थान पर पेयजल आपूर्ति की किल्लत की सूचना मिले तो तुरंत प्रभाव से टैंकरों द्वारा सप्लाई सुनिश्चित करवाएं। पानी की टंकी के आसपास सुरक्षा इंतजाम रखें ताकि कोई उपर ना चढ़ सके और ऐसे क्षेत्रों में सम्बंधित कनिष्ठ या सहायक अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाए।
गौतम ने कहा कि आंधियों के मददेनजर बिजली आदि के तार टूटने की संभावना रहती है, बिजली तारों के कारण दुर्घटनाएं ना हो इसके निवारण के लिए सूचना तंत्र विकसित किया जाए। ब्लाॅक लेवल पर भी पोल, ट्रांसफार्मर आदि की उपलब्धता हो,जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 30 जून तक के लिए छूट दी गई है। अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों पर बिल जमा कराने के लिए अनावश्यक दबाव ना हो। 30 जून तक कोई कनेक्शन ना कटे यह भी सुनिश्चित किया जाए।
समस्त सीएचसी, पीएचसी के निरीक्षण का निर्देश
जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले की समस्त सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करने के लिए वन डे प्लान तैयार करें और इस निरीक्षण के दौरान इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा, शुद्ध पेयजल सहित समस्त आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सम्बंध में जांच हो। टीकाकरण, संस्थागत प्रसव सहित सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू चले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अतिरिक्त प्रयास प्रारम्भ करें। कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को रैफर करते हुए ध्यान रखें कि मरीज के साथ पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। यदि ऐसे लक्षणों का मरीज सीएचसी या पीएचसी पर आता है तो उसे तुरंत रैफर कर उसकी सेम्पलिंग सुनिश्चित करें।
गौतम ने कहा कि सभी अधिकारी अपने स्तर पर रोजाना सम्पर्क पोर्टल पर निस्तारित हो रहे प्रकरणों की समीक्षा करें और देखें कि निस्तारण में संतुष्टि स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए। छह माह से पुरानी एक भी शिकायत पेंडिंग ना रहे। अधिकारी अपने स्तर पर सम्पर्क प्रकरणों के निस्तारण की माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में समस्त अधिकारी प्रकरणों के निस्तारण में की गई कार्यवाही के सम्बंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
उचित मूल्य दुकानों में 9 जून तक हो जाए राशन वितरण
जिला कलक्टर ने कहा कि उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले राशन का वितरण की व्यवस्था में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वितरण के समय कोरोना एडवाइजरी की पालना होनी चाहिए। अधिक लोग एक ही समय पर उचित मूल्य की दूकान पर ना आए इसके लिए उचित मूल्य दुकानदार संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखेंगे तथा दुकान पर पानी, साबुन और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जिला रसद अधिकारी से कहा कि 9 जून मंगलवार तक सभी को राशन सामग्री मिल जाए इसके लिए सभी प्रवर्तन निरीक्षक और अन्य अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें।

जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कोविड-19 प्रबंधन की जानकारी दी और बताया कि जिले में अब तक 56 कोरोना पॉजिटिव रोगी पाए गए हैं, जिनमें से 3 की मौत हुई एवं 37 लोगांे के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बतासया कि 16 रोगी एडमिट है। जिले में अब तक 4 बार स्क्रीनिंग का कार्य हो चुका है। अब तक 51123 लोगों को होम क्वारेटाइन किया गया है जिनमें से अब 21934 लोगों को होम क्वारेटाइन की अवधि पूर्ण हो गई है, शेष 29189 लोग होम क्वारेटाइन हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 1112 लोगों में से 907 इंस्टिट्यूट तथा 205 स्टेट क्वारेंटाइन है। अब तक कुल 4236 व्यक्तियों के सैंपल लिए जा चुके हैं । उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रवासियों श्रमिकों हेतु जिले में 4 माइग्रेशन शिविर हैं, जिनमें 131 श्रमिक है। जिले में आए प्रवासी 32445 हैं एवं जाने वाले प्रवासी की संख्या 4344 है। उन्होंने बताया कि कोतवाली और कोटगेट थाना क्षेत्र के आंश्ेिाक क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में नाल, जामसर तथा गजनेर थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हुआ है।
रसद वितरण की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 18 मई तक 236.391 मै.टन दाल का वितरण हो चुका है तथा शेष चने की दाल का वितरण जारी है। उन्होंने बताया कि श्रमिक एवं जरूरमंद परिवारों के कुल 122838 परिवारों को 2500 रूपये सीधे ही खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बारे में भी जानकारी दी।
राज्य सरकार से 871.19 लाख रूपये कोविड-19 के बचाव व उपचार हेतु मिले- गौतम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) में लाॅकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजनध्राशन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है। आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के दानदाताओं द्वारा प्रधानमंत्री केयर फण्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष एवं जिला प्रशासन को दिनांक 18.मई 2020 तक 2 करोड़ 10 लाख 85 हजार रू. के चेक प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि 31 दानदाताओं ने प्रधानमंत्री केयर फण्ड में 33.25 लाख रू., मुख्यमंत्री केयर फण्ड के लिए 114 दानदाताओं द्वारा 51.65 लाख रू. प्राप्त हुए जिसे संबंधित कोष में जमा करवाए गए तथा जिला प्रशासन को 67 दानदाताओं ने 124.18 लाख रू. एवं नगर विकास न्यास, बीकानेर को 47 दानदाताओं द्वारा राशि रूपये 1.74 लाख प्राप्त हुए। जिला प्रशासन एवं नगर विकास न्यास को प्राप्त कुल रू. 125.91 लाख को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया गया।
जिला प्रशासन को कोविड-19 महामारी से बचाव व उपचार के लिए राज्य सरकार से कुल 871.19 लाख रू. प्राप्त हुए। जिनमें से राज्य आपदा मोचन निधी में 380.00 लाख रू. मुख्यमंत्री राहत कोष से 124.18 लाख रू., अनटाइड फण्ड में 30.00 लाख रू. तथा स्थानीय विधायक निधी मद में 337.01 लाख रू. प्राप्त हुए है।
गौतम ने बताया कि राज्य आपदा मोचन निधी (एसडीआरएफ) में 380.00 लाख रू में से अब तक क्वारेंटाइन कैम्प में प्रवासित लोगों को भोजन, आवास व अन्य व्यवस्था पर 19.43 लाख रू. व्यय किए जा चुके है तथा इस मद में 10.00 लाख रू. के दायित्व बकाया हैं। इसके अलावा इस मद में 22.56 लाख रू. सेनेटाइजर, मास्क, पीपीई किट, मेडिकल, पेरा मेडिकल स्टाफ, जिला पुलिस व नगर निगम कार्मिकों को उपलब्ध करवाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से व्यय की गई है। इसी मद में 2.50 लाख रू. जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित वाहनों में पेट्रोल व डीजल पर खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में भामाशाहों से प्राप्त 124.18 लाख रू. में से नगर निगम द्वारा चिन्हीत गरीब, असहाय व्यक्तियों को सूखी राशन सामग्री किट वितरण हेतु 88.65 लाख रू.व्यय किए गए 35.53 लाख शेष हैं। खर्च राशि से 19796 राशन किट वितरित किए गए। प्रत्येक राशन किट में आटा, खाद्य तेल, दाल, चावल, नमक मय केरी बैग जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाया गया है।
अनटाइड फण्ड में प्राप्त 30.00 लाख रू में से जिले में प्रवासित श्रमिकों को जिले से बाहर भिजवाने तथा जिले में लाने हेतु यात्रा, भोजन आदि व्यवस्थाओं पर अब तक 13.96 लाख रू. का भुगतान किया जा चुका है तथा इस मद में 29.03 लाख रू के दायित्व बकाया है।
स्थानीय विधायक निधी कोष – इस मद में 337.01 लाख रू. की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें विधानसभा नोखा में 150.00 लाख के विरूद्ध 85.50 लाख, श्रीडूंगरगढ में 1.01 लाख, के विरूद्ध 0.51 लाख, खाजूवाला में 40.00 लाख, के विरूद्ध 17.20 लाख, कोलायत में 70.00 लाख, के विरूद्ध 45.25 लाख, बीकानेर पूर्व मंे 51.00 लाख, के विरूद्ध 41.00 लाख एवं विधानसभा पश्चिम में 25.00 लाख, के विरूद्ध 25.00 लाख रू कोविड-19 से बचाव एवं उपचार के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारियों द्वारा असहाय व निर्धन लोगों को सूखी राशन सामग्री किट, भोजन किट, मास्क व सेनेटाइजर एवं बेसहारा गौवंश को चारा उपलब्ध करवाने पर व्यय किया गया है।
गौतम ने अन्र्रराज्य प्रवासी व श्रमिक मूवमेन्ट के बारे में बताया कि देश के 18 राज्यों से जिले में 1737 लोग आएं है। साथ ही निजी वाहनों से 4245 लोग पहंुचे है। उन्होंने बताया कि गुजरात से 330, महाराष्ट्र से 401, हरियाणा से 70, कर्नाटक से 120, दिल्ली से 61, मध्य प्रदेश से 13, पंजाब से 10, उत्तर प्रदेश से 24, पश्चिम बंगाल से 42, तमिलानाडू से 121, तेलगांना से 41 तथा शेष अन्य राज्यों से लोग आएं है।
टिड्डी वर्तमान में जिले में नहीं- जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना की स्थिति में जिला व बाल ब्लॉक स्तर पर तत्काल टेडी नियंत्रण कक्ष की स्थापना की चुकी है। मुस्तैदी से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी की इसकी सूचना तत्काल दिने के निर्देश दिए जा चुके है। जिले में तहसील नोखा तहसील के पांचू ( नागौर जिले की सीमा पर), कोलायत की सियासर, दासुडी, छतरगढ़ के लालावाली, शेरपुरा, कृष्ण नगर व खारबारा, तथा लूणकनसर के महाजन फिल्ड फायरिंग रैंज व शेखसर ग्राम (आरडी 232 ) क्षेत्रों में टिड्डी ने प्रवेश किया था। वर्तमान में जिले में टिड्डी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुल 10 राजस्व गांव में यह आई थी।
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने लाॅक डाउन और कफ्र्यू के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव,जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, राजस्थान प्रशासननिक सेवा के अधिकारी शैलेन्द्र देवड़ा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना आदि उपस्थित थे।