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विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर।जेएलएन स्थित वाॅर रुम में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम की बैठक कमेटी अध्यक्ष व जिला कलक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। जिसके आधार पर जिला कलक्टर द्वारा तैयारियों की समीक्षा की गई।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में ताऊ-ते तूफान से नागौर जिले पर होने वाले संभावित प्रभाव के संदर्भ में भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में 48 घंटे तक के लिए पेट्रोल व डीजल की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही एंबुलेंस 108, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन सप्लाई आदि की व्यवस्था भी अग्रिम रूप से सुव्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जेएलएन अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में लगी ऑक्सीजन सप्लाई की अन कवर्ड पाइप लाइन को सुरक्षित करने का भी निर्देश दिया, ताकि तूफान व अन्य परिस्थितियों में यह पाइपलाइन सुरक्षित रहे व क्षतिग्रस्त न हो।
बैठक के दौरान डाॅ सोनी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैकल्पिक रूप से एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी रखने का निर्देश दिया। इस दृष्टि से जेएलएन अस्पताल में भी दो अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की गई है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के माध्यम से सभी चिकित्सालयों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, स्विच, बिजली लाइन आदि विद्युत उपकरणों की सार संभाल के लिए सामुदायिक केंद्रों पर भी समय सारणी के अनुसार स्टाफ की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों के साथ साथ अन्य सभी अधिकारियों को अस्पताल व अन्य राजकीय भवनों की छतों का पर्यवेक्षण करने का भी निर्देश दिया, जिससे छत साफ-सुथरी स्थिति में रहे। जहां ऐसी कोई वस्तु न हो जो उड़कर या गिरकर किसी को भी नुकसान कर दे। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों से चिकित्सा से संबंधित उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर, आॅक्सीजन मशीन को चालू अवस्था में रखने का निर्देश दिया ताकि आपात स्थिति में तकनीकी रूप से चिकित्सा सुविधाओं को अन्यत्र भी सहजता से स्थानांतरित किया जा सके।
जिला कलक्टर ने वीडियो काॅफ्रेंस के दौरान डीडवाना अस्पताल में भर्ती कोविड-19 मरीज ओमप्रकाश तथा मौलासर अस्पताल में भर्ती रामनिवास से बात करके उनका उत्साहवर्धन किया तथा पीएमओ नागौर डॉ शंकरलाल के माध्यम से चिकित्सकीय मार्गदर्शन किया।

जिला कलक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को उप स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार डोर टू डोर सर्वे करने का भी निर्देश दिया। इसके तहत प्रत्येक सब-सेंटर के लिए प्रत्येक दिन 20 नागरिकों का सर्वे कर पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से उनका ऑक्सीजन लेवल चेक करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस सर्वे को नाम सहित पूर्ण विवरण के साथ आवश्यक डेटाबेस पर सुरक्षित रखने तथा कम ऑक्सीजन लेवल वाले नागरिकों के लिए जांच व आवश्यक सलाह एवं सुझाव देने का भी निर्देश दिया गया।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला कलक्टर द्वारा जिले में मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी का अभिनव प्रयोग 17 मई से प्रारंभ किया गया। उसी के तहत शहरी क्षेत्र में मेरा वार्ड, मेरी जिम्मेदारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके तहत अधिक पॉजिटिव केस वाले क्षेत्रों को छांटकर पॉजिटिव दर न्यूनतम करने की कार्य योजना बनाकर उसे क्रियान्वित करने का भी निर्देश दिया गया। जिला कलक्टर ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम को अग्रिम रूप से आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण की व्यवस्था से संबंधित अपेक्षित सामग्री की वित्तीय कार्य योजना शीघ्र ही प्रस्तुत करने व क्रियान्वित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में सभी चिकित्सा अधिकारियों को उपयोग में लिए गए मास्क, पीपीई किट, सीरींज आदि के निस्तारण के कार्य को और अधिक व्यवस्थित रुप से संपन्न करने का भी निर्देश दिया। चक्रवाती तूफान के नागौर पर संभावित प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सिविल डिफेंस टीम को भी और अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।

जिला कलक्टर ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में पात्र कोविड-19 मरीजों का पंजीकरण करवाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों व संबंधित स्वास्थ्य मार्गदर्शकों को भी इस संबंध में विशेष रूप से पाबंद करते हुए पंजीकृत मरीजों का डेटाबेस विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिससे बीमा कंपनी से शीघ्र ही पुर्नभुगतान की राशि प्राप्त की जा सके। इस संबंध में 13 मई को जारी नवीन गाइडलाइन के अनुसार कार्य योजना बनाकर शीघ्र ही क्रियान्वित करने का भी निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चैधरी, नागौर उपखंड अधिकारी अमित चैधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मेहराम महिया, पीएमओ डॉ शंकरलाल, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक सिकरामराम, सीडीपीओ दुर्गासिंह उदावत, डॉ. महेश पंवार, डॉ. सुनीता आर्य, डॉ. अभिषेक छरंग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


विनय एक्सप्रेस शैक्षणिक समाचार, बीकानेर। सात राज बटालियन के लगभग चार सौ कैडेट्स को जिला प्रशासन की ओर से ‘कोरोना वारियर्स’ के रूप में मनोनीत किया गया है। यह कैडेट्स शहर भर में आमजन को ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ के लिए प्रेरित करेंगे। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को इन कैडेट्स को कैप पहनाई तथा बैज लगाया तथा कहा कि सभी कैडेट्स पूर्व की भांति जीवन रक्षा के पुनीत उद्देश्य के साथ आमजन के बीच जाएं और उन्हें मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने तथा कोरोना से बचाव के प्रति प्रेरित करने का काम करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए जागरूक रहना तथा कोविड प्रोटोकॉल की पालना करना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन की जॉइंट एनफोर्समेंट टीमों द्वारा लगातार सख्ती बरती रहा है। इसके बावजूद आमजन को जागरूक करने के लिए आईईसी की गतिविधियों का भी सतत आयोजन किया जा रहा है। इस श्रृंखला में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड तथा सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि भी ‘कोरोना वारियर्स’ के रूप में काम करेंगे और आमजन को प्रेरित करेंगे।

नगर निगम आयुक्त ए.एच. गौरी ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स ने पूर्व में कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी प्रभावी सेवाएं दी थी। सभी एक बार फिर पूर्ण मनोयोग के साथ जुटें और जन-जन तक कोरोना से बचाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास करें।
जागरूकता अभियान समन्वयक राजेंद्र जोशी ने कहा कि जागरूकता अभियान की बदौलत पूर्व में भी कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश पाया गया था। एक बार फिर जागरूकता अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाएगा।

सात राज बटालियन के सूबेदार जी.बी. भाई ने कहा कि सभी कैडेट्स बुधवार से अलग-अलग क्षेत्रों में आमजन को जागरूक करेंगे तथा कोविड प्रोटोकॉल की अवहेलना करने वालों को ‘टोकेंगे’। इस दौरान जिला कलेक्टर ने एनसीसी कैडेट और सिविल डिफेंस के प्रतिनिधियों को बैज लगाए और कैप पहनाई।
विनय एक्सप्रेस समाचार बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता ने बुधवार को पी.बी.एम.अस्पताल का निरीक्षण कर, सम्पूर्ण व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही उन्होंने पीपीई किट को पहनकर कोविड-19 सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल की व्यवस्थाओं को देखा और उपचाराधीन रोगियों से पीपीकिट पहने इशारों में बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में भी पूछा।
जिला कलक्टर ने कोविड-19 सेन्टर को देखने के बाद कहा कि यहां सब कुछ बेहतर है। अधिकतर मरीजों में कोविड-19 लक्षण भी नहीं थे। साथ ही उन्होंने कहा कि भर्ती रोगी अगर अपने घर से भोजन मंगवाना चाहता है, उसे इसकी इजाजत दे दी जाए।
जिला कलक्टर ने पीबीएम अस्पताल में प्रथम तल पर बने नए आईसीयू मेडिसन भवन को भी देखा। इस भवन में भी सभी आधुनिक उपकरण लगाकर सुरक्षित रखने की बात कही। अगर भविष्य में और जरूरत पड़े अथवा ऐसे कोविड-19 के मरीज जो ठीक होने के बाद अन्यत्र शिफ्ट किए जा सकते हैं उन रोगियों को भी आईसीयू में रखने की व्यवस्था पर भी कार्य करने की बात प्राचार्य डॉ एसएस राठौड़ और अधीक्षक मोहम्मद सलीम को कही। उन्होंने कहा कि प्रायः देखने में आता है कि जिस रोगी की दो बार जांच में नेगेटिव आ जाता है उसे किसी पृथक वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाये तो उसे यह धीरे-धीरे विश्वास होने लगेगा कि वह अब ठीक हो गया है और जल्द ही घर लौट जाएगा , साथ ही गंभीर रोगों के साथ न रहने से और वहां स्थान रिक्त हो जाने से सुपर स्पेशलिटी में नए रोगियों को भी आसानी से एडमिट किया जा सकेगा। ऐसे में इस आईसीयू का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

मेहता ने पीबीएम अस्पताल के कैजुअल्टी और मेडिकल जूरिस्ट विभाग को भी देखा। उन्होंने यहां की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं बेहतर है। उन्होंने मेडिसन के 16 नंबर रूम जो कि टीबी अस्पताल के पास नए भवन में संचालित हो रहा है, उसका भी निरीक्षण किया।
जनाना अस्पताल भवन को देखा
जिला कलक्टर ने पीबीएम अस्पताल परिसर में बने जनाना अस्पताल भवन को भी देखा तथा प्राचार्य और अधीक्षक को निर्देश दिए कि इस भवन में बेड सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए ताकि जरूरत पड़ने पर इस परिसर में भी कोविड-19 के रोगियों को शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्राथमिकता रहेगी कि जहां तक हो सके इस अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव रोगियों को शिफ्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ती है और रोगियों की संख्या बढ़ती है तो हमें रोगियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए इस भवन का उपयोग भी लेना होगा। ऐसे में यहां सभी आधारभूत सुविधाएं जल्दी विकसित कर ली जाए ताकि आवश्यकता अनुसार यहां भी रोगियों को उपचार के लिए भर्ती किया जा सके।

जिला कलक्टर नमित मेहता ने कोविड-19 सेंटर पहुंच कर वहां पूरे प्रोटोकॉल के तहत पीपीई किट पहना और सुपर स्पेशलिटी विंग में वहां गए, जहां कोविड-19 के रोगियों का उपचार चल रहा है। उन्होंने संपूर्ण अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। कुछ रोगियों को शायद यह समझ में आ गया था कि जिला कलक्टर उनका हाल जानने उनके पास पहुंचे है, रोगियों ने भी बताया कि यहां सब कुछ ठीक है, जिला कलक्टर ने प्राचार्य और अधीक्षक से कहा कि यहां इलाज बेहतर चल रहा है, साथ ही सभी व्यवस्थाएं भी ठीक है। कुछ और गुणात्मक सुधार हो जाए तो बेहतर होगा।
जिला कलक्टर मेहता जब कोविड-19 सुपर स्पेशलिटी सेंटर देखने पहुंचे तो डॉ सुरेंद्र वर्मा, डॉ बी के गुप्ता और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा भी पीपीई किट पहने उनके साथ रहे।
निरीक्षण के दौरान सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध प्राचार्य डॉ एसएस राठौड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) एएच गौरी, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डॉक्टर मोहम्मद सलीम, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, डॉ बी के गुप्ता, डॉ अजय कपूर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बी एल मीना सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थे।